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                <title>Latest Political News - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Latest Political News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>OBC आरक्षण को लेकर लक्ष्मण हाके का हमला, रोहित पवार और सरकार दोनों पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>OBC नेता लक्ष्मण हाके ने आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और रोहित पवार के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने OBC समाज के अधिकारों की सुरक्षा और आरक्षण नीति को लेकर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है। #LaxmanHake #OBCReservation #DevendraFadnavis #RohitPawar #MaharashtraPolitics #BreakingNews #MaharashtraNews</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50152/laxman-hawkes-attack-on-obc-reservation-raises-questions-on-both"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/copy-of-db-temp-cover-marathi-2026-06-07t184219090_1780838013.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र में OBC आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। OBC आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक लक्ष्मण हाके ने आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर सरकार के साथ-साथ विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा है। हालिया बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और NCP (Sharad Pawar) नेता Rohit Pawar के रुख पर सवाल उठाए।</p>
<p>लक्ष्मण हाके का कहना है कि OBC समाज के अधिकारों और आरक्षण की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि OBC समुदाय की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और समाज के हितों से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>हाके ने यह भी कहा कि OBC आरक्षण से जुड़े फैसलों पर लगातार भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उनके अनुसार, सरकार को आरक्षण व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति सामने रखनी चाहिए ताकि विभिन्न समुदायों के बीच टकराव की स्थिति न बने।</p>
<p>वहीं, दूसरी ओर सत्तापक्ष के नेताओं का दावा है कि राज्य सरकार ने OBC आरक्षण को सुरक्षित रखने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। भाजपा नेताओं ने पूर्व में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों को OBC आरक्षण की बहाली और संरक्षण से जोड़ा है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनावों और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए OBC आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। इस विषय पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है।</p>
<p>फिलहाल OBC आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सरकार तथा राजनीतिक दल इस संवेदनशील मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 16:24:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>राज्यसभा के लिए छगन भुजबल का नाम चर्चा में, समीर भुजबल को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की अटकलें तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर छगन भुजबल का नाम प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। वहीं उनके भतीजे समीर भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। हालांकि NCP ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। #ChhaganBhujbal #SameerBhujbal #NCP #RajyaSabha #MaharashtraPolitics #BreakingNews #MaharashtraNews</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50119/chhagan-bhujbals-name-in-discussion-for-rajya-sabha-speculations-intensify"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/chagan-bhujbal.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल का नाम संभावित उम्मीदवारों में प्रमुखता से सामने आ रहा है। साथ ही, उनके भतीजे समीर भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।</p>
<p>राज्यसभा की यह सीट उपमुख्यमंत्री और NCP नेता Sunetra Pawar के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। इस सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर पार्टी के भीतर कई नामों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें छगन भुजबल का नाम सबसे चर्चित माना जा रहा है।</p>
<p>राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, छगन भुजबल लंबे समय से राज्यसभा जाने के इच्छुक रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यदि उन्हें राज्यसभा भेजा जाता है, तो उनके स्थान पर समीर भुजबल को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग भी उठ सकती है। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।</p>
<p>NCP के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आने की खबरें हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी को संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए, जबकि समर्थकों का तर्क है कि अन्य नेताओं के परिवारों को भी राजनीतिक जिम्मेदारियां मिली हैं, इसलिए भुजबल परिवार के मामले में अलग मानदंड नहीं होना चाहिए।</p>
<p>वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पार्टी नेतृत्व अभी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा है और उम्मीदवार के नाम पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। राज्यसभा उपचुनाव और विधान परिषद चुनावों को देखते हुए महायुति के भीतर राजनीतिक समीकरणों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p>फिलहाल छगन भुजबल के राज्यसभा जाने और समीर भुजबल के मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर केवल अटकलें और चर्चाएं हैं। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की सहमति के बाद ही सामने आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:50:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>ममता बनर्जी की पार्टी में बगावत के संकेत, 60 विधायकों के समर्थन के दावों से बढ़ी सियासी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी को 59 विधायकों के समर्थन के साथ नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी की पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50083/signs-of-rebellion-in-mamata-banerjees-party-political-stir-increased"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/9df3c72337e80f515249cf9407bd43c5178048906506293_original.webp" alt=""></a><br /><p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक मतभेदों की खबरों के बीच पार्टी में बगावत के संकेत मिलने लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के एक बागी गुट को करीब 58 से 60 विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर अलग पहचान की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद TMC नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है और पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।</p>
<p>राजनीतिक संकट के बीच TMC ने राज्य की कई प्रमुख संगठनात्मक इकाइयों और फ्रंटल संगठनों को भंग करने का फैसला लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी में बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करने और संगठन पर नेतृत्व की पकड़ मजबूत करने की कोशिश हो सकता है।</p>
<p>इसी बीच, अभिषेक बनर्जी को लेकर भी राजनीतिक विवाद जारी है। हाल के दिनों में उन पर हुए हमले और विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर TMC लगातार केंद्र सरकार और विपक्ष पर निशाना साध रही है। ममता बनर्जी ने भी सार्वजनिक मंचों से पार्टी नेताओं पर हुए हमलों और राजनीतिक दबाव के मुद्दे उठाए हैं।</p>
<p>हालांकि, बागी गुट से जुड़े कुछ नेताओं ने यह भी संकेत दिया है कि वे अभी भी ममता बनर्जी को पार्टी का प्रमुख चेहरा मानते हैं, लेकिन संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व शैली को लेकर असहमति रखते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर संघर्ष केवल नेतृत्व परिवर्तन का नहीं बल्कि संगठनात्मक नियंत्रण का भी है।</p>
<p>फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालात तेजी से बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि TMC इस आंतरिक संकट से कैसे निपटती है और क्या बागी गुट अलग राजनीतिक पहचान बनाने में सफल होता है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:11:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके 6 जून को भारत लौटेंगे, शिक्षा मंत्री के खिलाफ करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके 6 जून को बोस्टन से भारत लौटकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन छात्रों से जुड़े परीक्षा विवादों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50056/cockroach-janata-party-founder-abhijeet-deepke-will-return-to-india"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/untitled-design-2026-05-22t131513.911.jpg" alt=""></a><br /><p>सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह 6 जून को बोस्टन से भारत लौटेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित करने की योजना है।</p><p>अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों, युवाओं और अपने समर्थकों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। उनका आरोप है कि हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े विवादों, पेपर लीक और मूल्यांकन संबंधी समस्याओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। इसी मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।</p><p>दीपके ने कहा कि वह 6 जून को दिल्ली पहुंचने के बाद पहले संबंधित अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं का समर्थन उन्हें मिल रहा है।</p><p>हालांकि, दीपके ने यह भी आशंका जताई है कि भारत लौटने पर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। इसके बावजूद उन्होंने कहा है कि उनका आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण रहेगा तथा इसका उद्देश्य केवल छात्रों की समस्याओं को सामने लाना है।</p><p>'कॉकरोच जनता पार्टी' हाल ही में सोशल मीडिया पर एक चर्चित युवा आंदोलन के रूप में उभरी है। बेरोजगारी, महंगाई, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर यह समूह चर्चा में रहा है और कम समय में बड़ी संख्या में ऑनलाइन समर्थक जुटाने में सफल रहा है।</p><p>फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से दीपके की प्रस्तावित वापसी और प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:48:20 +0530</pubDate>
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