<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/3528/ganeshotsav" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Ganeshotsav - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/3528/rss</link>
                <description>Ganeshotsav RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : गणेश गली और खेतवाड़ी में गणेशोत्सव की भव्य तैयारियां; अमरावती में बप्पा की अनोखी मूर्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की भव्य तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं. अमरावती में मूर्तिकार नरेश जोहरे द्वारा बनाई जा रही विशेष थीम और पर्यावरण के अनुकूल प्रतिमाओं की मांग महाराष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश और तेलंगाना तक है. यहां बाल गणेश, पशुपतिनाथ और तूतारी रूप में बप्पा की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51599/grand-preparations-for-ganeshotsav-in-mumbai-ganesh-gali-and-khetwadi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-29t092359.053.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की भव्य तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं. अमरावती में मूर्तिकार नरेश जोहरे द्वारा बनाई जा रही विशेष थीम और पर्यावरण के अनुकूल प्रतिमाओं की मांग महाराष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश और तेलंगाना तक है. यहां बाल गणेश, पशुपतिनाथ और तूतारी रूप में बप्पा की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं.</p>
<p> </p>
<p>मुंबई के गणेश गली स्थित 'मुंबई का राजा' पंडाल में इस बार 99वें वर्ष के अवसर पर महाराष्ट्र के संतों की परंपरा दर्शाई जा रही है. वहीं खेतवाड़ी की 11वीं गली में 'मुंबई का महाराजा' के तहत भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार में 47 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे मूर्तिकार सुनील वराड़कर ने तैयार किया है.</p>
<p>इसके अलावा खेतवाड़ी की 4वीं गली में 'किसान बचाओ' थीम पर पंडाल और 32 फीट ऊंची लंबोदर प्रतिमा स्थापित की गई है. परेल की कार्यशाला में मुंबई के प्रमुख पूजा पंडालों के लिए 24 घंटे मूर्तियों का निर्माण कार्य जारी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51599/grand-preparations-for-ganeshotsav-in-mumbai-ganesh-gali-and-khetwadi</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51599/grand-preparations-for-ganeshotsav-in-mumbai-ganesh-gali-and-khetwadi</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 09:27:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/images---2026-08-29t092359.053.jpg"                         length="39683"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लालबाग गणेश गली के ‘मुंबईचा राजा’ की झांकी में दिखेगी महाराष्ट्र की संत परंपरा, ‘वैष्णवांची वारी’ होगी थीम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लालबाग गणेश गली के प्रसिद्ध ‘मुंबईचा राजा’ गणपति मंडल ने अपने 99वें उत्सव से पहले इस वर्ष की थीम ‘वैष्णवांची वारी’ घोषित की है। झांकी के जरिए महाराष्ट्र की संत परंपरा और वारकरी संस्कृति को दर्शाया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51587/the-saint-tradition-of-maharashtra-will-be-seen-in-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/untitled-design-19.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई के लालबाग गणेश गली स्थित प्रसिद्ध ‘मुंबईचा राजा’ गणपति मंडल अपने 99वें उत्सव की तैयारियों में जुट गया है। इस वर्ष मंडल ने महाराष्ट्र की समृद्ध संत परंपरा और वारकरी संस्कृति को समर्पित ‘वैष्णवांची वारी’ थीम चुनी है।</p>
<p>मंडल की झांकी में महाराष्ट्र के संतों की परंपरा, भक्ति आंदोलन और पंढरपुर की वारी से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ राज्य की लोक और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराना है।</p>
<h6>‘वैष्णवांची वारी’ होगी इस वर्ष की थीम</h6>
<p>‘मुंबईचा राजा’ मंडल की इस वर्ष की थीम महाराष्ट्र में सदियों से चली आ रही वारकरी परंपरा पर आधारित होगी। वारी के दौरान श्रद्धालु भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए पंढरपुर की यात्रा करते हैं और संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम सहित कई संतों की शिक्षाओं को आगे बढ़ाते हैं।</p>
<p>झांकी में वारकरी संप्रदाय की भक्ति, सामूहिक यात्रा और संत परंपरा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को कलात्मक रूप से दिखाया जाएगा। मंडल की ओर से थीम को प्रभावी और श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ाव वाला बनाने की तैयारी की जा रही है।</p>
<h6>99वें गणेशोत्सव की तैयारियां</h6>
<p>लालबाग गणेश गली का ‘मुंबईचा राजा’ मुंबई के प्रमुख गणपति मंडलों में शामिल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंडल का 99वां गणेशोत्सव विशेष महत्व रखता है और इसके लिए आयोजन समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।</p>
<p>उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंडल प्रशासन स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देगा।</p>
<h6>संत परंपरा और वारकरी संस्कृति का संदेश</h6>
<p>‘वैष्णवांची वारी’ थीम के माध्यम से मंडल महाराष्ट्र की संत परंपरा में निहित समानता, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश देना चाहता है। वारकरी परंपरा में जाति और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सामूहिक भक्ति को महत्व दिया जाता है।</p>
<p>आयोजकों के अनुसार, गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की कला, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इस वर्ष की झांकी के जरिए श्रद्धालुओं को संतों के विचारों और वारी की आध्यात्मिक भावना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51587/the-saint-tradition-of-maharashtra-will-be-seen-in-the</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51587/the-saint-tradition-of-maharashtra-will-be-seen-in-the</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 20:51:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/untitled-design-19.jpg"                         length="176873"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: इको-फ्रेंडली गणेशोत्सव की तैयारी, मुंबई मनपा ने बनाई मेगा रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गणेशोत्सव पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाने के लिए मुंबई मनपा ने एक करोड़ रुपए का मेगा प्लान बनाया है। गणेशोत्सव 2026 के लिए गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले मूर्तिकारों को 25 हजार 400 लीटर पर्यावरण अनुकूल रंग मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए मुंबई मनपा एक करोड़ रुपये खर्च करेगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल पर्यावरण अनुकूल रंगों की आपूर्ति दोगुनी से अधिक बढ़ाई गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50707/mumbai-municipal-corporation-prepares-mega-strategy-for-eco-friendly-ganeshotsav"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-13t110754.181.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>गणेशोत्सव पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाने के लिए मुंबई मनपा ने एक करोड़ रुपए का मेगा प्लान बनाया है। गणेशोत्सव 2026 के लिए गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले मूर्तिकारों को 25 हजार 400 लीटर पर्यावरण अनुकूल रंग मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए मुंबई मनपा एक करोड़ रुपये खर्च करेगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल पर्यावरण अनुकूल रंगों की आपूर्ति दोगुनी से अधिक बढ़ाई गई है।</p>
<p> </p>
<p>प्रदूषण मुक्त गणेशोत्सव अभियान के तहत पिछले वर्ष मूर्तिकारों को कुल 10 हजार 800 लीटर पर्यावरण अनुकूल रंगों का मुफ्त वितरण किया गया था। इस प्रयोग के सफल रहने के बाद इस वर्ष प्रशासन ने आपूर्ति बढ़ाकर 25 हजार 400 लीटर रंग खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है। रंगों की आपूर्ति के लिए मनपा ने 'एकता एंटरप्राइजेज' का चयन किया है। खरीद प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी मिलते ही अगले महीने से मूर्तिकारों को रंगों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। </p>
<p>मुंबई में गणेशोत्सव का पर्व हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश प्रतिमाएं शाडू मिट्टी, कागज के पल्प, धातु तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनाई जाती हैं। मुंबई मनपा हर वर्ष मूर्तिकारों को शाडू मिट्टी मुफ्त उपलब्ध कराती है। हालांकि, प्रतिमाओं पर इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक रंग पर्यावरण के अनुकूल नहीं होते। इनमें सीसा, कैडमियम, क्रोमियम और पारा जैसी हानिकारक भारी धातुएं होती हैं। प्रतिमा विसर्जन के बाद ये धातुएं पानी में घुलकर समुद्री जीवों और जलीय पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन जाती हैं। इसका हल निकालने के मनपा के पर्यावरण विभाग ने मूर्तिकारों को सीधे पर्यावरण अनुकूल रंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50707/mumbai-municipal-corporation-prepares-mega-strategy-for-eco-friendly-ganeshotsav</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50707/mumbai-municipal-corporation-prepares-mega-strategy-for-eco-friendly-ganeshotsav</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 11:08:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/images---2026-07-13t110754.181.jpg"                         length="35402"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : जी.एस.बी सेवा मंडल ने गणेशोत्सव के लिए 474.46 करोड़ रुपये का बीमा करवाया; अब तक का सबसे बड़ा बीमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में मनाए जाने वाले गणपति उत्सव में कई जगहों पर गणेश मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं. इनमें से कुछ बहुत मशहूर हैं, जिनके नाम दुनिया भर में जाने जाते हैं. इनमें लालबाग चा राजा, जीएसबी गणपति, खेतवाड़ी गणराज और गिरगांव चा राजा शामिल हैं. जीएसबी गणपति को भारत का सबसे अमीर गणपति माना जाता है. इसके पीछे बहुत खास कारण है. हर साल इस गणपति को सोने और चाँदी से सजाया जाता है, जिसकी क़ीमत करोड़ों में होती है. इस साल बप्पा को 69 किलो सोना और 336 किलो चाँदी से सजाया गया था. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43626/mumbai--gsb-seva-mandal-insures-rs-474-46-crore-for-ganeshotsav--the-biggest-insurance-ever"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-04t133136.612.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में मनाए जाने वाले गणपति उत्सव में कई जगहों पर गणेश मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं. इनमें से कुछ बहुत मशहूर हैं, जिनके नाम दुनिया भर में जाने जाते हैं. इनमें लालबाग चा राजा, जीएसबी गणपति, खेतवाड़ी गणराज और गिरगांव चा राजा शामिल हैं. जीएसबी गणपति को भारत का सबसे अमीर गणपति माना जाता है. इसके पीछे बहुत खास कारण है. हर साल इस गणपति को सोने और चाँदी से सजाया जाता है, जिसकी क़ीमत करोड़ों में होती है. इस साल बप्पा को 69 किलो सोना और 336 किलो चाँदी से सजाया गया था. </p>
<p> </p>
<p>मुंबई के किंग्स सर्कल स्थित जी.एस.बी सेवा मंडल ने इस साल गणेशोत्सव के लिए 474.46 करोड़ रुपये का बीमा करवाया था, जो अब तक का सबसे बड़ा बीमा है. पिछले साल यह बीमा 400 करोड़ रुपये का था और 2023 में 360.40 करोड़ रुपये का था. आपको बता दें कि, गणपति के विसर्जन से पहले जीएसबी गणपति को पहनाए गए गहने और मुकुट उतार लिए जाते हैं. इन्हें फिर से अगले साल गहने बनाने और अन्य कामों, जैसे समाज सेवा, में उपयोग किया जाता है. केवल मूर्ति का ही जल में विसर्जन किया जाता है. </p>
<p>इस साल 375 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा स्वयंसेवकों, पुजारियों, रसोइयों, सुरक्षा गार्डों आदि के लिए करवाया गया है. इसके अलावा 67 करोड़ रुपये का बीमा गणपति जी के सोने-चांदी के गहनों के लिए किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 24 करोड़ रुपये अधिक है. जीएसबी गणपति की शुरुआत 1954 में हुई थी, यानी आज से 71 साल पहले। पहली बार 14 इंच की गणपति मूर्ति स्थापित की गई थी. इस साल मूर्ति का आकार 14 फीट था, और मुकुट व सिंहासन सहित कुल ऊँचाई 18 फीट रही. </p>
<p>गणपति की मूर्ति के सिर पर पहनाया गया मुकुट भी असली सोने का बनाया गया था. इसके अलावा कान और हाथ भी सोने के थे, इसी तरह कई अलग-अलग हिस्सों को सोने और चाँदी से सजाया गया था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43626/mumbai--gsb-seva-mandal-insures-rs-474-46-crore-for-ganeshotsav--the-biggest-insurance-ever</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43626/mumbai--gsb-seva-mandal-insures-rs-474-46-crore-for-ganeshotsav--the-biggest-insurance-ever</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Sep 2025 13:33:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-09/download---2025-09-04t133136.612.jpg"                         length="19335"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        