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                <title>agitation - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>agitation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई :  मराठा आंदोलन पर विराम; मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में जारी मराठा आंदोलन पर जल्द ही विराम लगने वाला है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार GR यानी सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद आजाद मैदान को खाली कर दिया जाएगा। खास बात है कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन के लिए मुंबई की सड़कों को रोकने पर आपत्ति जताई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43605/mumbai--maratha-agitation-ends--manoj-jarange-patil-accepts-state-government-s-proposal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-03t101507.476.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में जारी मराठा आंदोलन पर जल्द ही विराम लगने वाला है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार GR यानी सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद आजाद मैदान को खाली कर दिया जाएगा। खास बात है कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन के लिए मुंबई की सड़कों को रोकने पर आपत्ति जताई थी। मंगलवार को ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे से मुलाकात की थी। उन्होंने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि मराठाओं को कुनबी प्रमाण पत्र देने के लिए हैदराबाद गजट लागू किया जाएगा, एक महीने के अंदर ही ऐसा ही फैसला सतारा रियासत को लेकर भी लिया जाएगा। साथ ही सितंबर के अंत तक मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा प्रस्ताव में आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने की बात भी शामिल है।</p>
<p> </p>
<p><br />जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे हैं और ओबीसी समूह के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। दरअसल, हैदराबाद गजट पर जरांगे इसलिए जोर दे रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि साबित करता है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में रह रहे मराठाओं को आधिकारिक तौर पर कुनबी माना गया था।</p>
<p>महाराष्ट्र में कुनबी समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण मिलता है। खास बात है कि मौजूदा मराठवाड़ा क्षेत्र पहले हैदराबाद राज्य का हिस्सा हुआ करता था। जरांगे ने समर्थकों से कहा, 'हम आपकी ताकत से जीत गए हैं। आज मैंने गरीब की ताकत को समझ लिया है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 10:16:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : गणपति उत्सव और मराठा आरक्षण आंदोलन को देखते हुए पुलिसकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गणपति उत्सव और मराठा आरक्षण आंदोलन को देखते हुए मुंबई पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। मुंबई पुलिस के लोकल आर्म्स विभाग में तैनात सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। पुलिस बल पर बढ़ते दबाव और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया है। मुंबई पुलिस के सशस्त्र बल नायगांव (लोकल आर्म्स डिवीजन) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी कर यह जानकारी दी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43493/mumbai--policemen-s-leave-cancelled-with-immediate-effect-in-view-of-ganpati-festival-and-maratha-reservation-agitation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-30t105618.109.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>गणपति उत्सव और मराठा आरक्षण आंदोलन को देखते हुए मुंबई पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। मुंबई पुलिस के लोकल आर्म्स विभाग में तैनात सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। पुलिस बल पर बढ़ते दबाव और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया गया है। मुंबई पुलिस के सशस्त्र बल नायगांव (लोकल आर्म्स डिवीजन) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी कर यह जानकारी दी गई है। आदेश में साफ कहा गया है कि जो पुलिसकर्मी चिकित्सीय अवकाश, अर्जित अवकाश, साधारण अवकाश या किसी भी कारण से गैरहाजिर हैं, उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p> </p>
<p><strong>हालातों को देखते हुए छुट्टियां हुई रद्द</strong><br />राज्यभर में गणपति उत्सव की धूम के साथ-साथ मराठा आरक्षण आंदोलन भी तेज होता जा रहा है। हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग मुंबई की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में महानगर में कानून और व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस हालात को देखते हुए पुलिस बल पर भारी दबाव बढ़ गया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पहले से ही लंबे समय तक काम कर रहे हैं और अब अतिरिक्त भीड़, रैलियों और जुलूसों के कारण पुलिस की संख्या बढ़ाना आवश्यक है, इसीलिए वरिष्ठ अधिकारियों ने फैसला लिया है कि फिलहाल किसी भी पुलिसकर्मी को छुट्टी नहीं दी जाएगी।</p>
<p><strong>सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम</strong><br />पुलिस विभाग के अनुसार, यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक गणेशोत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न नहीं हो जाता और मराठा आंदोलन से जुड़ी स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। आदेश में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। गौरतलब है कि मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान भारी संख्या में लोग सार्वजनिक पंडालों और झांकियों में शामिल होते हैं। इसके साथ ही मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलनों के कारण बड़े प्रदर्शन और सभाएं भी हो रही हैं। मुंबई पुलिस ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों से संपर्क कर उन्हें शीघ्र ड्यूटी पर बुलाएं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 10:58:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंकों में मराठी का इस्तेमाल करें...नहीं तो तेज होगा आंदोलन, राज ठाकरे की सीधी चेतावनी !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनसे नेताओं द्वारा बुधवार को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) को सौंपे गए पत्र में ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि बैंक अपनी सेवाओं में तीन भाषा फार्मूले — अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा (महाराष्ट्र के मामले में मराठी) का पालन नहीं करते हैं तो कानून- व्यवस्था खराब होने के लिए बैंक स्वयं जिम्मेदार होंगे। ठाकरे ने आईबीए को लिखे पत्र में कहा कि आप बैंकों को (सेवाओं में) मराठी का उपयोग करने के लिए आवश्यक निर्देश दें, अन्यथा मनसे अपना आंदोलन तेज करेगी और उसके बाद कानून- व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित बैंकों की होगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39688/use-marathi-in-banks-otherwise-the-agitation-will-intensify--direct-warning-from-raj-thackeray"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> तमिलनाडु के बाद अब महाराष्ट्र में भी भाषा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शीर्ष बैंक निकाय से कहा है कि वह बैंकों को निर्देश दे कि वे आरबीआई के मानदंडों के अनुसार अपनी सेवाओं में मराठी का उपयोग करें, अन्यथा मनसे अपना आंदोलन तेज करेगी।<br /><br />मनसे नेताओं द्वारा बुधवार को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) को सौंपे गए पत्र में ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि बैंक अपनी सेवाओं में तीन भाषा फार्मूले — अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा (महाराष्ट्र के मामले में मराठी) का पालन नहीं करते हैं तो कानून- व्यवस्था खराब होने के लिए बैंक स्वयं जिम्मेदार होंगे।<br /><br />ठाकरे ने आईबीए को लिखे पत्र में कहा कि आप बैंकों को (सेवाओं में) मराठी का उपयोग करने के लिए आवश्यक निर्देश दें, अन्यथा मनसे अपना आंदोलन तेज करेगी और उसके बाद कानून- व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित बैंकों की होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सार्वजनिक क्षेत्र और निजी बैंकों में क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग के बारे में एक परिपत्र जारी किया है, लिहाजा बैंकों में बोर्ड तीन भाषाओं -हिंदी, अंग्रेजी और उस राज्य की क्षेत्रीय भाषा में होने चाहिए। पत्र में कहा गया है कि यहां तक ​​कि सेवाएं भी तीन भाषाओं में होनी चाहिए।<br /><br />इससे पहले, ठाकरे ने शनिवार को मनसे कार्यकर्ताओं से बैंकों और अन्य प्रतिष्ठानों में मराठी के उपयोग को लागू करने के लिए आंदोलन को फिलहाल रोकने के लिए कहा था। ठाकरे ने कहा था कि हमने इस मुद्दे पर पर्याप्त जागरूकता पैदा कर दी है।<br /><br />आंदोलन के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर कहा कि मनसे कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले लोग बैंक शाखाओं में जाकर कर्मचारियों को धमका रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च को अपनी गुड़ी पड़वा रैली में, ठाकरे ने आधिकारिक कामकाज के लिए मराठी को अनिवार्य बनाने के अपनी पार्टी के रुख को दोहराया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 13:38:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अभी के लिए आंदोलन बंद करो, लेकिन इस मुद्दे पर ध्यान मत भटकने दो - राज ठाकरे </title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज ठाकरे ने कहा कि, ‘कल राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं देंगे. हम भी ऐसा नहीं चाहते, लेकिन चूंकि आप कानून के संरक्षक हैं, तो क्या रिजर्व बैंक के नियमों को लागू कराना आपका काम नहीं है? आपको बैंकों और अन्य प्रतिष्ठानों में मराठी का सम्मान स्थापित करना चाहिए, फिर हम निश्चित रूप से कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के सैनिकों, अभी के लिए आंदोलन बंद करो, लेकिन इस मुद्दे पर ध्यान मत भटकने दो. सरकार को नियमों का पालन करवाना चाहिए.’</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39560/mumbai--stop-the-agitation-for-now--but-do-not-let-the-attention-be-diverted-from-this-issue---raj-thackeray"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/01raj1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>राज ठाकरे ने कहा कि, ‘कल राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं देंगे. हम भी ऐसा नहीं चाहते, लेकिन चूंकि आप कानून के संरक्षक हैं, तो क्या रिजर्व बैंक के नियमों को लागू कराना आपका काम नहीं है? आपको बैंकों और अन्य प्रतिष्ठानों में मराठी का सम्मान स्थापित करना चाहिए, फिर हम निश्चित रूप से कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के सैनिकों, अभी के लिए आंदोलन बंद करो, लेकिन इस मुद्दे पर ध्यान मत भटकने दो. सरकार को नियमों का पालन करवाना चाहिए.’</p>
<p> </p>
<p>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शनिवार को मराठी भाषा को लेकर कार्यकर्ताओं को आंदोलन बंद करने का आदेश दिया है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के नाम एक पत्र जारी कर यह निर्देश दिया है. इसमें उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र में मराठी के मुद्दे पर मजबूत आवाज उठाने के लिए बधाई भी दी है. ठाकरे ने कहा कि अब इस आंदोलन को रोकना ठीक है, क्योंकि हमने इस बारे में पर्याप्त जागरूकता पैदा कर दी है. लेकिन इस मुद्दे पर ध्यान मत भटकने दो.</p>
<p>दरअसल, राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में सभी बैंकों में मराठी भाषा में कामकाज अनिवार्य करने को लेकर आंदोलन छेड़ा है. मनसे के कार्यकर्ता मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र भर में उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि महाराष्ट्र में संचालित सभी बैंकों को मराठी भाषा में भी सेवाएं देनी चाहिए. मामला और बढ़ गया जब मराठी न बोलने को लेकर मनसे कार्यकर्ताओ ने कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिए. इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वो मराठी भाषा का सम्मान करते हैं लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है.</p>
<p><strong>‘मराठी लोगों को कोई भी हल्के में नहीं ले सकता’</strong><br />राज ठाकरे ने अपने पत्र में लिखा, ‘गुड़ी पड़वा के अवसर पर मैंने आपको आदेश दिया था कि आप जांच करें कि महाराष्ट्र के बैंकों में मराठी में लेनदेन हो रहा है या नहीं, यदि नहीं तो बैंक प्रशासन को इसकी जानकारी दें. अगले दिन से आप पूरे महाराष्ट्र के बैंकों में गए और वहां मराठी पर जोर दिया, जो बहुत अच्छा था. इससे न केवल यह संदेश गया कि मराठी भाषा और मराठी लोगों को कोई भी हल्के में नहीं ले सकता, बल्कि इससे पार्टी की संगठनात्मक ताकत भी सामने आई, जो हर जगह मौजूद है.’</p>
<p>उन्होंने कहा कि लेकिन अब इस आंदोलन को रोकने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि हमने इन मुद्दों पर पर्याप्त जागरूकता पैदा कर दी है, और यह झलक भी दिखा दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या हो सकता है. अब मराठी लोगों को खुद ही जोर देना चाहिए, और अगर हमारे मराठी समाज को ही ठेस पहुंची है, तो फिर हमें ये विरोध प्रदर्शन क्यों करने चाहिए? और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की है. वे रिजर्व बैंक के नियमों को जानते हैं और अब उन नियमों को लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 19:30:03 +0530</pubDate>
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