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                <title>agitation - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>agitation RSS Feed</description>
                
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                <title>जालना : अब पानी और इलाज लेने से भी इनकार, 12 को मुंबई कूच का ऐलान, जालना में मनोज जरांगे पाटील का आंदोलन और तेज हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण आंदोलन एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। कोटा की मांग कर रहे कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन पानी और सलाइन लेना बंद कर दिया और मेडिकल इलाज कराने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी सभी मांगों को लागू किए जाने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत को एक तरह से फिर से शुरू कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51707/jalna-now-refuses-to-even-take-water-and-treatment-announces"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/jalna--india--july-21--2024--maratha-activist-mano_1756062754372.webp" alt=""></a><br /><p><strong>जालना : </strong>मराठा आरक्षण आंदोलन एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। कोटा की मांग कर रहे कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन पानी और सलाइन लेना बंद कर दिया और मेडिकल इलाज कराने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी सभी मांगों को लागू किए जाने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत को एक तरह से फिर से शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले ही जारांगे ने मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल के इस आश्वासन पर पानी और सलाइन लेने पर सहमति जताई थी कि कुछ मुख्य मांगों पर दो दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>
<p>बिना किसी ठोस फैसले के वह समय-सीमा बीत जाने के बाद, जारांगे ने अपना रुख कड़ा कर लिया और अपनी जांच करने आई मेडिकल टीम को वापस लौटा दिया। मनोज जारांगे ने कहा कि जब तक सरकार वास्तव में हमारी सभी मांगों को लागू नहीं करती, तब तक मैं कुछ भी नहीं लूंगा और न ही इलाज कराऊंगा।<br />जहां से शुरू हुआ था मनोज जरांगे आंदोलन, फिर वहीं पहुंचा<br />मनोज जरांगे के पानी, सलाइन और इलाज लेने से इनकार करने और उनके मुंबई मार्च की समय-सीमा पास आने के कारण, यह गतिरोध एक बार फिर वहीं पहुंच गया है जहां से शुरू हुआ था। इससे पहले हफ्ते की शुरुआत में, जरांगे राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद पानी पीने और नसों के जरिए तर‍ल लेने के लिए सहमत हो गए थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी सहमति वापस ले ली है। उन्होंने यहां अंतरवाली सराटी में विरोध स्थल पर डॉक्टरों से चिकित्सा जांच कराने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक उनकी मांगें असल में पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वह कोई इलाज नहीं कराएंगे।</p>
<p><strong>12 सितंबर को मुंबई कूच तय</strong><br />जरांगे ने हालांकि कहा है कि मांगें पूरी होने तक वह अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह 12 सितंबर को मुंबई जाने के अपने फैसले पर कायम रहेंगे। जरांगे ने मांग की है कि 12 सितंबर तक पात्र मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर सरकार शासनादेश (जीआर) जारी करे। इससे समुदाय के सदस्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।</p>
<p><strong>मनोज जरांगे की मांगें</strong><br />सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने संकेत दिया है कि मांगों पर अंतिम फैसला अगले एक या दो दिनों में बताया जा सकता है। हालांकि, जारांगे ने साफ कर दिया है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 12 सितंबर को मुंबई तक मार्च करने के अपने फैसले पर अडिग रहेंगे। इस आंदोलन की मुख्य मांग है कि जस्टिस शिंदे समिति द्वारा पहचाने गए 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर तुरंत कुनबी सर्टिफिकेट जारी किए जाएं और मराठवाड़ा में योग्य मराठों को कुनबी दर्जा देने के लिए हैदराबाद गजेटियर के प्रावधानों को लागू किया जाए।</p>
<p><strong>मनोज जरांगे की मांगे ये भी</strong><br />मनोज जारांगे पाटील ने सतारा और कोल्हापुर रियासतों और औंध-पुणे-बॉम्बे सरकार के गजेटियर में शामिल प्रावधानों को लागू करने के लिए सरकारी आदेश जारी करने और जाति वैधता प्रमाण पत्र की प्रक्रियाओं पर स्पष्टता की भी मांग की है। अन्य मुख्य मांगों में सगे-सोयरे (खून के रिश्तेदार) नोटिफिकेशन को तुरंत लागू करना, पूरे महाराष्ट्र में मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों (जिनमें अंतरवाली सराटी आंदोलन से जुड़े मामले भी शामिल हैं) को वापस लेना और एक अलग मराठा और कुनबी मंत्रालय बनाना शामिल है।</p>
<p>उन्होंने योग्य आवेदकों के लिए तुरंत कुनबी सर्टिफिकेट और जिन्हें पहले ही कुनबी दर्जा मिल चुका है, उनके लिए जाति वैधता प्रमाण पत्र की मांग की है। उन्होंने मराठा समुदाय को ओबीसी सुविधाएं और रियायतें देने वाले सरकारी आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की है। मनोज जरांगे यह भी चाहते हैं कि सारथी की सभी लंबित योजनाएं लागू की जाएं, डॉ. पंजाबराव देशमुख स्कॉलरशिप के लिए फंड जारी किया जाए और हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए नौकरी और आर्थिक मदद की भी मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:00:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: मनोज जरांगे ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी, कहा- मुंबई में प्रदर्शन किया तो न ट्रेन चलेगी और ना उड़ेंगे प्लेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा समुदाय को धमकाने का आरोप लगाकर महाराष्ट्र सरकार को गंभीर नतीजों की चेतावनी देते हुए, मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को कहा कि यदि वह मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय करते हैं, तो 80 से 90 लाख युवा उनके साथ जुड़ेंगे और न तो हवाई जहाज उड़ने देंगे और न ही ट्रेनें चलने देंगे। हालांकि, जरांगे ने ये भी कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय को उनका हक दे देती है, तो उन्हें मुंबई में प्रदर्शन करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51567/mumbai-manoj-jarange-again-warned-of-agitation-said-if"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-27t103316.448.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मराठा समुदाय को धमकाने का आरोप लगाकर महाराष्ट्र सरकार को गंभीर नतीजों की चेतावनी देते हुए, मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को कहा कि यदि वह मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय करते हैं, तो 80 से 90 लाख युवा उनके साथ जुड़ेंगे और न तो हवाई जहाज उड़ने देंगे और न ही ट्रेनें चलने देंगे। हालांकि, जरांगे ने ये भी कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय को उनका हक दे देती है, तो उन्हें मुंबई में प्रदर्शन करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।</p>
<p> </p>
<p><strong>29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे जरांगे</strong><br />बता दें कि मनोज जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में आने वाले 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है और महाराष्ट्र सरकार के पुनर्विचार की अपील को ठुकरा दिया है। इसके साथ ही, जरांगे ने अपनी मांगों को लागू करने के लिए समयसीमा 28 अगस्त की तय की है।</p>
<p><strong>क्या है मनोज जरांगे का आरोप?</strong><br />मनोज जरांगे ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र सरकार, मराठा समुदाय के योग्य सदस्यों को जारी किए जाने वाले कुनबी जाति प्रमाण-पत्रों की संख्या कम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने डिमांड की कि पहले पहचाने गए 58 लाख रिकॉर्ड के आधार पर सर्टिफिकेट जारी किए जाएं।</p>
<p><strong>जरांगे ने दी ट्रेन की पटरी उखाड़ने की धमकी</strong><br />वहीं, मुंबई पुलिस के पब्लिक रैली पर रोक लगाने वाले कथित आदेश के बारे में पूछे जाने पर मनोज जरांगे ने कहा, "अगर मराठा समुदाय के लोग मुंबई में इकट्ठा होने का निर्णय करेंगे, तो वे रेलवे ट्रैक उखाड़ देंगे और विमानों की उड़ान रोक देंगे। सरकार को मनमाना व्यवहार नहीं करना चाहिए।"</p>
<p><strong>अपनी पसंद की जगह पर करेंगे प्रदर्शन- जरांगे</strong><br />जरांगे ने ये भी कहा कि यदि मराठा समुदाय के लोग मुंबई जाने का निर्णय करते हैं, तो वे अपनी पसंद की जगहों पर प्रोटेस्ट करेंगे, जैसे कि आजाद मैदान, शिवाजी पार्क या 'वर्षा' यानी मुख्यमंत्री का सरकारी आवास के बाहर। इससे पहले, मनोज जरांगे ने चेतावनी दी थी कि अगर मराठा आरक्षण पर विश्वासघात हुआ तो चुनावों में उन्हें धूल चटा देंगे। आरक्षण के लिए उनका संघर्ष महाराष्ट्र भर के मराठों के लिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 10:34:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र : मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा; आंदोलन से पहले रखी बड़ी मांग, 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे **मनोज जरांगे पाटिल** ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। उन्होंने पात्र मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग दोहराते हुए **29 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल** शुरू करने की घोषणा की है। इससे पहले वह मराठवाड़ा और विदर्भ के विभिन्न इलाकों का दौरा कर समुदाय के लोगों से संपर्क करेंगे। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51436/6a83fc5cd9372"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-18t120105.710.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे **मनोज जरांगे पाटिल** ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। उन्होंने पात्र मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग दोहराते हुए **29 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल** शुरू करने की घोषणा की है। इससे पहले वह मराठवाड़ा और विदर्भ के विभिन्न इलाकों का दौरा कर समुदाय के लोगों से संपर्क करेंगे। </p>
<p> </p>
<p>जरांगे ने सरकार के सामने एक प्रमुख मांग रखते हुए कहा है कि मराठा समुदाय से जुड़े जिन लोगों के **58 लाख रिकॉर्ड** मिले हैं, उनके आधार पर पात्र लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन रिकॉर्ड की संख्या कम करने की कोशिश कर रही है। हालांकि यह जरांगे का आरोप है और सरकार का विस्तृत पक्ष इस पर महत्वपूर्ण रहेगा।</p>
<p><strong>29 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन </strong><br />मनोज जरांगे ने स्पष्ट किया है कि मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों का समाधान नहीं होने पर वह 29 अगस्त से फिर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इससे पहले **20 से 25 अगस्त** के बीच वह मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों का दौरा करने वाले हैं। उनका प्रयास आंदोलन से पहले मराठा समुदाय को एकजुट करने का है। उन्होंने समुदाय के लोगों से अपनी मांगों को लेकर मजबूती से खड़े रहने और किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के दबाव में नहीं आने की अपील की है।</p>
<p>जरांगे पहले भी मराठा आरक्षण को लेकर कई बार अनशन कर चुके हैं। उनके आंदोलनों के कारण महाराष्ट्र की राजनीति में आरक्षण का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। क्या है 58 लाख रिकॉर्ड का मामला? इस बार आंदोलन का एक प्रमुख मुद्दा **58 लाख कथित रिकॉर्ड** हैं। जरांगे का कहना है कि सरकार की जांच में ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे बड़ी संख्या में मराठा समुदाय के लोगों की कुनबी पहचान से संबंधित दावे सामने आते हैं। </p>
<p>उनकी मांग है कि इन रिकॉर्ड के आधार पर जो लोग निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक कसौटियों पर पात्र पाए जाते हैं, उन्हें कुनबी जाति प्रमाणपत्र दिया जाए, ताकि वे ओबीसी आरक्षण के तहत मिलने वाले लाभ प्राप्त कर सकें। जरांगे ने चेतावनी दी है कि वह इन रिकॉर्ड की संख्या को कथित तौर पर कम किए जाने को स्वीकार नहीं करेंगे। कुनबी प्रमाणपत्र क्यों है महत्वपूर्ण? महाराष्ट्र में कुनबी समुदाय ओबीसी श्रेणी में शामिल है। इसी कारण मराठा आरक्षण आंदोलन में कुनबी प्रमाणपत्र का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 12:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  मराठा आंदोलन पर विराम; मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में जारी मराठा आंदोलन पर जल्द ही विराम लगने वाला है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार GR यानी सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद आजाद मैदान को खाली कर दिया जाएगा। खास बात है कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन के लिए मुंबई की सड़कों को रोकने पर आपत्ति जताई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43605/mumbai--maratha-agitation-ends--manoj-jarange-patil-accepts-state-government-s-proposal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-03t101507.476.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में जारी मराठा आंदोलन पर जल्द ही विराम लगने वाला है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार GR यानी सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद आजाद मैदान को खाली कर दिया जाएगा। खास बात है कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन के लिए मुंबई की सड़कों को रोकने पर आपत्ति जताई थी। मंगलवार को ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे से मुलाकात की थी। उन्होंने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि मराठाओं को कुनबी प्रमाण पत्र देने के लिए हैदराबाद गजट लागू किया जाएगा, एक महीने के अंदर ही ऐसा ही फैसला सतारा रियासत को लेकर भी लिया जाएगा। साथ ही सितंबर के अंत तक मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा प्रस्ताव में आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने की बात भी शामिल है।</p>
<p> </p>
<p><br />जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे हैं और ओबीसी समूह के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। दरअसल, हैदराबाद गजट पर जरांगे इसलिए जोर दे रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि साबित करता है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में रह रहे मराठाओं को आधिकारिक तौर पर कुनबी माना गया था।</p>
<p>महाराष्ट्र में कुनबी समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण मिलता है। खास बात है कि मौजूदा मराठवाड़ा क्षेत्र पहले हैदराबाद राज्य का हिस्सा हुआ करता था। जरांगे ने समर्थकों से कहा, 'हम आपकी ताकत से जीत गए हैं। आज मैंने गरीब की ताकत को समझ लिया है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 10:16:50 +0530</pubDate>
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