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                <title>Devendra Fadnavis News - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Devendra Fadnavis News RSS Feed</description>
                
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                <title>ठाणे की 8 झीलों को Wetland दर्जा न मिलने पर CM फडणवीस सख्त, फ्लेमिंगो आवास को लेकर जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे की 8 झीलों को Wetland दर्जा न मिलने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए। फ्लेमिंगो आवास को लेकर बढ़ी चिंता।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49837/thane-lakes-wetland-status-inquiry-devendra-fadnavis"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/untitled-design-2026-05-12t210934.591.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने ठाणे जिले की आठ महत्वपूर्ण झीलों को Wetland (आर्द्रभूमि) का दर्जा न दिए जाने के मामले में जांच के आदेश जारी किए हैं। इन झीलों में वे क्षेत्र भी शामिल हैं जिन्हें प्रवासी फ्लेमिंगो पक्षियों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। इस फैसले के बाद पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। </p>
<p><br />रिपोर्ट्स के अनुसार, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों ने आरोप लगाया था कि ठाणे की कई झीलों को जानबूझकर Wetland सूची से बाहर रखा गया। उनका कहना है कि इससे इन संवेदनशील जलाशयों के आसपास निर्माण गतिविधियों और अतिक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। </p>
<p><br />विशेषज्ञों के अनुसार, Wetland का दर्जा मिलने से किसी भी झील या जलाशय को कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है। इससे वहां निर्माण, भूमि भराव और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाया जा सकता है। ठाणे की जिन झीलों का मामला सामने आया है, वे जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। खासतौर पर फ्लेमिंगो पक्षियों की बड़ी संख्या हर साल इन क्षेत्रों में देखी जाती है। </p>
<p><br />पर्यावरणविदों का कहना है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जलस्रोतों और मैंग्रोव क्षेत्रों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में Wetland संरक्षण और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि ये क्षेत्र बाढ़ नियंत्रण, भूजल संरक्षण और जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इन झीलों को Wetland सूची से बाहर रखने के पीछे क्या कारण थे और क्या नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। </p>
<p><br />इस मामले ने पर्यावरण संरक्षण बनाम शहरी विकास के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। स्थानीय नागरिक और पर्यावरण समूह अब मांग कर रहे हैं कि सभी संवेदनशील झीलों और फ्लेमिंगो आवास क्षेत्रों को तत्काल कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 21:21:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: यौन अपराधियों को पैरोल पर रोक लगाने की तैयारी, CM फडणवीस के सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार यौन अपराधियों को पैरोल देने पर रोक लगाने के लिए नया सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। CM फडणवीस ने कहा कि अधिकतर ऐसे आरोपी पैरोल पर बाहर आकर फिर अपराध करते हैं, इसलिए यह कदम जरूरी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49714/maharashtra-no-parole-sexual-offenders-law-fadnavis-cabinet-decision"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/maharashtra-devendra-fadnavis-condoles-loss-of-lives-in-gondia-road-accident.webp" alt=""></a><br /><p><br />मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र सरकार ने यौन अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कैबिनेट बैठक में निर्देश दिया है कि यौन अपराधों के आरोपियों को पैरोल (अस्थायी रिहाई) देने पर रोक लगाने के लिए नया कड़ा कानून तैयार किया जाए। </p>
<p><br />सरकार का यह फैसला पुणे जिले के नसरापुर में एक बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले के बाद आया है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया। इस घटना के बाद कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ सख्ती को लेकर दबाव बढ़ गया था। <br /><br />मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि आंकड़ों के अनुसार 80–90% यौन अपराधों के आरोपी ऐसे होते हैं जो पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार हो चुके होते हैं और पैरोल पर बाहर आने के बाद फिर से अपराध करते हैं। इसी वजह से सरकार इस loophole को बंद करना चाहती है। <br /><br />उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2014–2019 के दौरान ऐसा ही एक कानून लागू किया गया था, लेकिन बाद में अदालत ने उसे रद्द कर दिया था। अब सरकार और ज्यादा मजबूत और कानूनी रूप से टिकाऊ कानून लाने की तैयारी में है, ताकि ऐसे अपराधियों को दोबारा मौका न मिले। <br /><br />सरकार का कहना है कि इस कदम से दोबारा अपराध करने की घटनाओं पर लगाम लगेगी और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 17:53:05 +0530</pubDate>
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