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                <title>Dengue - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Dengue RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : मच्छर जनित बीमारियों का खतरा; डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। मानसून अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन डेंगू और मलेरिया के शुरुआती आंकड़े ही चिंता पैदा करने के लिए काफी हैं। हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की ओर से कई अभियान चलाने और सख्त निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़े और मौजूदा हालात इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते नजर आते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49190/mumbai-is-in-danger-of-mosquito-borne-diseases-increase-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t110336.531.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। मानसून अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन डेंगू और मलेरिया के शुरुआती आंकड़े ही चिंता पैदा करने के लिए काफी हैं। हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की ओर से कई अभियान चलाने और सख्त निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़े और मौजूदा हालात इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते नजर आते हैं। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि अगर अभी से ठोस और सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले मानसून में मुंबई को मच्छर जनित बीमारियों के बड़े प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p> </p>
<p><strong>साल की शुरुआत में ही बढ़े मामले</strong><br />मुंबई मनपा और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष २०२६ की शुरुआत से ही डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। सामान्यत: इन बीमारियों के मामले मानसून के दौरान ज्यादा देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार बरसात से पहले ही मरीज सामने आने लगे हैं।<br />.</p>
<p>जनवरी – ७ मार्च २०२६ (मनपा के आंकड़े)<br />मलेरिया- ९१८, इनमें २२२ मामले प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के।<br />डेंगू- १८२, मामलों में लगातार बढ़ोतरी।<br />चिकनगुनिया- ९, सीमित लेकिन खतरा मौजूद।</p>
<p>हालांकि, राहत की बात यह है कि इस अवधि के दौरान इन बीमारियों से किसी भी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल शुरुआती संकेत हैं और असली चुनौती मानसून के दौरान सामने आती है।</p>
<p>पांच साल के आंकड़े खोल रहे सच्चाई<br />पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ दिखाई देता है कि मच्छर जनित बीमारियां मुंबई में लगातार गंभीर समस्या बनती जा रही हैं। महामारी के दौरान मामलों में कुछ कमी जरूर आई थी, लेकिन जैसे ही शहर सामान्य स्थिति में लौटा, डेंगू और मलेरिया के मामलों ने फिर से तेजी पकड़ ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:05:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वसई-विरार में डेंगू और टाइफाइड का कहर... स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वसई-विरार में मॉनसून की शुरुआत के साथ ही डेंगू और टाइफाइड के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। जिसने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों के चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने निवारक उपाय और जागरूकता अभियान तेज कर दिए हैं। 21 से 24 जून के बीच शहर में डेंगू के 53 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 42 मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में दर्ज हुए, जबकि 11 निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। इसी अवधि में टाइफाइड के भी 7 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट की समस्या) का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41676/health-department-on-alert"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(2)5.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>विरार :</strong> वसई-विरार में मॉनसून की शुरुआत के साथ ही डेंगू और टाइफाइड के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। जिसने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों के चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने निवारक उपाय और जागरूकता अभियान तेज कर दिए हैं। 21 से 24 जून के बीच शहर में डेंगू के 53 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 42 मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में दर्ज हुए, जबकि 11 निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। इसी अवधि में टाइफाइड के भी 7 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट की समस्या) का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।<br /><br />क्षेत्र के एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान, तुलिंज अस्पताल से प्राप्त आंकड़े इस प्रकोप की भयावहता को और भी स्पष्ट करते हैं। 10 जून से 24 जून तक की दो सप्ताह की अवधि में, अस्पताल में किए गए कुल 165 रैपिड डेंगू टेस्ट में से 37 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए। इन मामलों में 14 एनएस 1 पॉजिटिव, 7 आईजीएम पॉजिटिव और 22 आईजीजी पॉजिटिव शामिल थे, जो बीमारी के विभिन्न चरणों को दर्शाते हैं। इसी अवधि के दौरान, तुलिंज अस्पताल में 197 विडाल टेस्ट किए गए, जिनमें से 17 व्यक्तियों में टाइफाइड की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त, 65 एलिसा आईजीएम टेस्ट में से एक मरीज में डेंगू पॉजिटिव पाया गया।<br /><br />मामलों में यह तेज वृद्धि स्पष्ट रूप से मानसूनी बीमारियों के संभावित प्रसार की ओर इशारा करती है। जलभराव और मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण, खासकर बोतलें, प्लास्टिक या थर्माकोल की डिश और नारियल के छिलके जैसे भंगार में जमा होने वाला थोड़ा सा पानी भी मच्छरों की ब्रीडिंग के लिए पर्याप्त होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Jun 2025 09:18:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मुंबई में शहर में जीका, डेंगू, मलेरिया और लेप्टो जैसी अन्य बीमारियों का बोलबाला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में इस समय मुंबई मनपा का मानसून ऑफर शुरू है, जिसके तहत मौसमी बीमारियों की सेल लगी है। आपको पढ़ने में यह भले ही मजाक लगे, लेकिन शहर में जीका, डेंगू, मलेरिया और लेप्टो जैसी अन्य बीमारियों का बोलबाला शुरू है, जिन्हें रोकने में मनपा पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। इसके अलावा सर्दी-खांसी और बुखार ने भी लोगों की नाक में दम कर रखा है। यही नहीं जीका ने भी दस्तक देकर लोगों की टेंशन को और भी बढ़ा दिया है और मनपा है कि उसे कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/34633/mumbai-is-plagued-by-zika--dengue--malaria-and-other-diseases-like-lepto-in-the-city"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-10/mosquito.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में इस समय मुंबई मनपा का मानसून ऑफर शुरू है, जिसके तहत मौसमी बीमारियों की सेल लगी है। आपको पढ़ने में यह भले ही मजाक लगे, लेकिन शहर में जीका, डेंगू, मलेरिया और लेप्टो जैसी अन्य बीमारियों का बोलबाला शुरू है, जिन्हें रोकने में मनपा पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। इसके अलावा सर्दी-खांसी और बुखार ने भी लोगों की नाक में दम कर रखा है। यही नहीं जीका ने भी दस्तक देकर लोगों की टेंशन को और भी बढ़ा दिया है और मनपा है कि उसे कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है।</p>
<p>मुंबई मनपा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में मलेरिया के १,२६१, डेंगू के १,४५६, गैस्ट्रो के ४६६, चिकनगुनिया के १५६, लेप्टो के ७५, हेपेटाइटिस के १२९, स्वाइन फ्लू के ६२ और जीका के मरीज मिले हैं। दूसरी तरफ पिछले महीने में मलेरिया के १,१७१, डेंगू के १,०१३, गैस्ट्रो के ६९४, लेप्टो के २७२, हेपेटाइटिस के १६९, चिकनगुनिया के १६४ और स्वाइन फ्लू के १७० मरीज मिले हैं। जुलाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो डेंगू के ५३५, मलेरिया के ७९७, गैस्ट्रो के १२३९, लेप्टो के १४१, स्वाइन फ्लू के १६१, चिकनगुनिया के २५ और हेपेटाइटिस के १४६ मामले दर्ज किए गए। </p>
<p><strong>जीका का मिला पहला मरीज</strong><br />मुंबई में जीका वायरस का पहला मामला सामने आया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ८७ वर्षीय एक व्यक्ति में जीका संक्रमण का पता चला है। बीमारी के लक्षण वाले एक बुजुर्ग के रक्त का नमूना पुष्टि के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी लैब में भेजा गया था। रिपोर्ट में बीमारी का पता चला है। मनपा स्वास्थ्य विभाग से इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है कि क्या बुजुर्ग अपनी बीमारी से ठीक हो गए हैं या वे प्रभावित क्षेत्रों से आए हैं। मनपा का स्वास्थ्य विभाग इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। इस साल राज्य में जीका वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या १३० तक पहुंच गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Oct 2024 10:41:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भायंदर शहर पर डेंगू-मलेरिया का खतरा; एक माह के अंदर मरीजों की संख्या चार गुना </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मीरा-भायंदर शहर में डेंगू और मलेरिया की बीमारी फैलने लगी है। खुलासा हुआ है कि पिछले महीने में संक्रमित मरीजों की संख्या चार गुना से ज्यादा बढ़ गई है. इसलिए नागरिकों से अनुरोध है कि वे नगर पालिका की ओर से विशेष सावधानी बरतें। मीरा भयंदर नगर पालिका शहर में डेंगू और मलेरिया जैसी महामारी रोगों के प्रसार को रोकने के लिए विभिन्न उपायों की योजना बना रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/34155/bhayander-city-is-at-risk-of-dengue-and-malaria--number-of-patients-quadrupled-within-a-month"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-09/f89d89.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भायंदर: </strong>मीरा-भायंदर शहर में डेंगू और मलेरिया की बीमारी फैलने लगी है। खुलासा हुआ है कि पिछले महीने में संक्रमित मरीजों की संख्या चार गुना से ज्यादा बढ़ गई है. इसलिए नागरिकों से अनुरोध है कि वे नगर पालिका की ओर से विशेष सावधानी बरतें। मीरा भयंदर नगर पालिका शहर में डेंगू और मलेरिया जैसी महामारी रोगों के प्रसार को रोकने के लिए विभिन्न उपायों की योजना बना रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें मुख्य रूप से दवा का छिड़काव, जल शुद्धिकरण और स्वच्छता शामिल है। हालांकि, यह देखा जा रहा है कि डेंगू और मलेरिया महामारी से प्रभावित लोगों की संख्या में वृद्धि जारी है। जुलाई माह में शहर में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या 22 थी. लेकिन अगस्त के अंत तक यह संख्या 67 तक पहुंच गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह जुलाई माह में मलेरिया के 19 संदिग्ध मरीज थे और अगस्त माह में यह संख्या 72 तक पहुंच गई है। इसलिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नागरिकों से अपील करते हैं कि वे बिना डरे समय पर इलाज कराएं। इसे प्रमोद पडवाल ने किया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/34155/bhayander-city-is-at-risk-of-dengue-and-malaria--number-of-patients-quadrupled-within-a-month</link>
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                <pubDate>Sun, 15 Sep 2024 18:59:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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