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                <title>Temple - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Temple RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : राम मंदिर डोनेशन विवाद पर उद्धव ठाकरे का ‘राम रक्षा’ आंदोलन, निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अयोध्या राम मंदिर में कथित डोनेशन हेराफेरी के मुद्दे को लेकर ‘राम रक्षा’ आंदोलन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में हैं और हिंदुत्व के नाम पर राजनीति की जा रही है। ठाकरे ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50573/uddhav-thackerays-ram-raksha-movement-demands-impartial-investigation-on-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/uddhav-thackeray.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अयोध्या राम मंदिर में कथित डोनेशन हेराफेरी के मुद्दे को लेकर ‘राम रक्षा’ आंदोलन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में हैं और हिंदुत्व के नाम पर राजनीति की जा रही है। ठाकरे ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।</p>
<p> </p>
<p>यह कार्यक्रम मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर के बाहर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने “हनुमान स्तोत्र”, “हनुमान चालीसा” और “राम रक्षा स्तोत्र” का पाठ भी किया। कार्यक्रम का माहौल धार्मिक और राजनीतिक दोनों रूपों में देखने को मिला, जहां उन्होंने धार्मिक भावनाओं के साथ अपने राजनीतिक संदेश भी दिए। अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के प्रसिद्ध नारे “गर्व से कहो हिंदू हैं” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है और इसे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या गलत इस्तेमाल से जोड़ना गलत है। ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह हिंदुत्व के नाम पर मंदिरों से जुड़े मामलों में गड़बड़ी करता है, तो उसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर से जुड़े डोनेशन मामलों में पारदर्शिता की कमी है और इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास बना रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने “BJP-मुक्त राम” का भी आह्वान किया और कहा कि भगवान राम किसी एक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे समाज और सभी लोगों के हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में यह भी कहा कि हिंदुत्व के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट या भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि यदि हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल किया गया तो हिंदू समाज स्वयं इसके खिलाफ खड़ा होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान 2022 में शिवसेना से जुड़े एक मामले में उस समय की लोकसभा सांसद नवनीत राणा को उनके घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के प्रयास के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस पुराने घटनाक्रम का संदर्भ भी राजनीतिक चर्चाओं में दोबारा सामने आया है।</p>
<p>रैली में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ठाकरे के बयानों का समर्थन करते हुए सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक भक्ति और राजनीतिक संदेशों का मिश्रण स्पष्ट रूप से देखा गया। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा दी है। जहां एक ओर ठाकरे ने धार्मिक मंच से राजनीतिक मुद्दे उठाए, वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से इस पर प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल इस मामले में किसी जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन उद्धव ठाकरे द्वारा उठाए गए सवालों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50573/uddhav-thackerays-ram-raksha-movement-demands-impartial-investigation-on-mumbai</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:36:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : उद्धव ठाकरे का बड़ा हमला: राम मंदिर चंदे में हेराफेरी और ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर केंद्र पर निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धाराशिव में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्र और सत्तारूढ़ व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “इन लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है, अब राम मंदिर में लूट हो रही है। उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए कहा कि जिस संस्था और व्यवस्था पर लोगों ने भरोसा किया था, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत सबूत सार्वजनिक रूप से नहीं दिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50466/mumbai-uddhav-thackerays-big-attack-on-center-regarding-manipulation-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/mumbai--india--19--2026---uddhav-thackeray--chief-_1782585124596.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धाराशिव में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्र और सत्तारूढ़ व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “इन लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है, अब राम मंदिर में लूट हो रही है। उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए कहा कि जिस संस्था और व्यवस्था पर लोगों ने भरोसा किया था, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत सबूत सार्वजनिक रूप से नहीं दिया।</p>
<p> </p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम और “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर भी केंद्र सरकार और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने और तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रयास केवल राजनीतिक नहीं बल्कि महाराष्ट्र की पहचान और मराठी अस्मिता को प्रभावित करने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में महाराष्ट्र से कई बड़े उद्योग अन्य राज्यों की ओर स्थानांतरित हुए हैं</p>
<p>और राज्य के औद्योगिक विकास पर असर पड़ा है। ठाकरे ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति और निवेश को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि बालासाहेब ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना को केवल संख्या के आधार पर नहीं आंका जा सकता, बल्कि उसकी विचारधारा और जनसमर्थन उसकी असली ताकत है।उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ गई है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:55:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बाबुलनाथ मंदिर के एक हिस्से रह रहा ‘साधु’ चार साल में जगह खाली करे : न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उच्चतम न्यायालय ने मुंबई के बाबुलनाथ मंदिर के एक हिस्से में रह रहे ‘साधु’ को चार साल के भीतर उस जगह को खाली करने का आदेश दिया। उच्चतम न्यायालय ने इसी के साथ मुंबई उच्च न्यायालय के बेदखली के आदेश को बरकरार रखा है। उच्चतम न्यायालय द्वारा किसी स्थान या परिसर को खाली करने के लिए इतनी लंबी अवधि देना दुर्लभ है, लेकिन सांसारिक जीवन का त्याग कर धार्मिक और आध्यात्म के रास्ते पर अग्रसर 75 वर्षीय साधु की उम्र को देखते हुए शीर्ष अदालत ने यह निर्णय लिया। यह विवाद मुंबई के गामदेवी में स्थित सदियों पुराने बाबुलनाथ मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों के एक चबूतरे पर स्थित एक छोटे से क्षेत्र को लेकर है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47775/sadhu-living-in-a-part-of-mumbai-babulnath-temple-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-16t132634.670.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>उच्चतम न्यायालय ने मुंबई के बाबुलनाथ मंदिर के एक हिस्से में रह रहे ‘साधु’ को चार साल के भीतर उस जगह को खाली करने का आदेश दिया। उच्चतम न्यायालय ने इसी के साथ मुंबई उच्च न्यायालय के बेदखली के आदेश को बरकरार रखा है। उच्चतम न्यायालय द्वारा किसी स्थान या परिसर को खाली करने के लिए इतनी लंबी अवधि देना दुर्लभ है, लेकिन सांसारिक जीवन का त्याग कर धार्मिक और आध्यात्म के रास्ते पर अग्रसर 75 वर्षीय साधु की उम्र को देखते हुए शीर्ष अदालत ने यह निर्णय लिया। यह विवाद मुंबई के गामदेवी में स्थित सदियों पुराने बाबुलनाथ मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों के एक चबूतरे पर स्थित एक छोटे से क्षेत्र को लेकर है। </p>
<p> </p>
<p>न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ जगन्नाथ गिरि की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसने कहा कि अदालत के समक्ष ऐसा कुछ भी नहीं लाया गया है जो लघु वाद न्यायालय और अपीलीय पीठ द्वारा तथ्यों और कानून के सुविचारित और सर्वसम्मत निष्कर्ष में हस्तक्षेप को उचित ठहराये और न ही संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में। </p>
<p>इसने पिछले साल छह नवंबर को उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ गिरि द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया। <br />अदालत ने यह आदेश इस तथ्य के बावजूद दिया कि मंदिर के उस हिस्से पर लगभग 1968 से लगातार कब्जा है और किराया भी चुकाया जा रहा है, लेकिन उसने इस बात पर भी गौर किया कि याचिकाकर्ता अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर है और धार्मिक एवं आध्यात्मिक जीवन व्यतीत कर रहा है। <br />पीठ ने कहा, ‘‘…हम याचिकाकर्ता को मंदिर के उक्त परिसर का कब्जा प्रतिवादी/वादी मंदिर ट्रस्ट को सौंपने के लिए चार साल की अवधि देने के इच्छुक हैं, ताकि याचिकाकर्ता वैकल्पिक आवास तलाश सके।’’ <br />उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जब तक साधु मंदिर परिसर में रहेंगे, वह शांतिपूर्वक रहेंगे और मंदिर परिसर के विकास में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे। <br />इसने यह भी निर्देश दिया गया कि मंदिर अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि याचिकाकर्ता द्वारा उपयोग किए जा रहे स्थान पर किसी तीसरे पक्ष को कब्जा करने की अनुमति न दी जाये और न ही उन्हें किसी प्रकार से परेशान किया जाये। <br />हाल में उच्चतम न्यायालय द्वारा अपलोड किए गए आदेश के अनुसार, गिरि मूल प्रतिवादी बाबा ब्रह्मानंदजी महाराज के कानूनी उत्तराधिकारी और प्रतिनिधि हैं, जिन्हें बाबुलनाथ मंदिर की मुख्य सीढ़ी के तल पर स्थित एक हिस्से का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी, और कहा जाता है कि उनका उक्त स्थान पर कब्जा 1968 से है। <br />यह परिसर 1927 में बाबा रामगिरि महाराज को किराये पर दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 13:27:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : शिरडी आने वाले भक्तों के लिए अच्छी खबर; 31 दिसंबर को श्रद्धालु पूरी रात साईं बाबा मंदिर में कर सकेंगे दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साईं बाबा से आशीर्वाद लेने शिरडी आने वाले भक्तों के लिए अच्छी खबर आई है। नए साल के जश्न को देखते हुए, यह तय किया गया है कि 31 दिसंबर को साईं बाबा मंदिर दर्शन के लिए पूरी रात खुला रहेगा। भीड़ की उम्मीद को देखते हुए, साईं बाबा ट्रस्ट ने खास इंतज़ाम किए हैं। 31 दिसंबर की शेजारती (शाम की आरती) और 1 जनवरी की काकड़ आरती (सुबह की आरती) रद्द कर दी गई है। साईं बाबा ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरख गाडिलकर ने यह जानकारी दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46583/good-news-for-the-devotees-coming-to-shirdi-mumbai-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-30t141909.792.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साईं बाबा से आशीर्वाद लेने शिरडी आने वाले भक्तों के लिए अच्छी खबर आई है। नए साल के जश्न को देखते हुए, यह तय किया गया है कि 31 दिसंबर को साईं बाबा मंदिर दर्शन के लिए पूरी रात खुला रहेगा। भीड़ की उम्मीद को देखते हुए, साईं बाबा ट्रस्ट ने खास इंतज़ाम किए हैं। 31 दिसंबर की शेजारती (शाम की आरती) और 1 जनवरी की काकड़ आरती (सुबह की आरती) रद्द कर दी गई है। साईं बाबा ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरख गाडिलकर ने यह जानकारी दी।</p>
<p> </p>
<p>नए साल के जश्न के लिए शिरडी में बड़ी संख्या में साईं बाबा के भक्तों के आने की उम्मीद को देखते हुए, साईं बाबा ट्रस्ट ने खास तैयारियां की हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ज़्यादा से ज़्यादा भक्त दर्शन कर सकें, साईं बाबा मंदिर 31 दिसंबर को पूरी रात खुला रहेगा। हालांकि, 31 दिसंबर की शेजारती और 1 जनवरी की सुबह की काकड़ आरती नहीं होगी।</p>
<p>यह जानकारी साईं बाबा ट्रस्ट ने दी। क्रिसमस की छुट्टियों और नए साल के जश्न के लिए लाखों साईं बाबा भक्तों के शिरडी आने की उम्मीद है। साईं बाबा ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा के लिए दर्शन, रहने और प्रसाद बांटने के खास इंतज़ाम किए हैं। भक्तों की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र पुलिस के अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को भी शिरडी में तैनात किया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46583/good-news-for-the-devotees-coming-to-shirdi-mumbai-on</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:19:56 +0530</pubDate>
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