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                <title>Conspiracy - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Conspiracy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पुणे : केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़ साजिश की जानकारी होने के आरोप में रितेश हिंगे गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आया है। पुणे पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तार व्यक्ति को कथित तौर पर हत्या की साजिश की जानकारी पहले से थी, लेकिन उसने इसकी जानकारी पुलिस या पीड़ित पक्ष को नहीं दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51731/new-twist-in-pune-ketan-agarwal-murder-case-ritesh-hinge"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-07t135037.975.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे : </strong>चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आया है। पुणे पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तार व्यक्ति को कथित तौर पर हत्या की साजिश की जानकारी पहले से थी, लेकिन उसने इसकी जानकारी पुलिस या पीड़ित पक्ष को नहीं दी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रितेश हिंगे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, रितेश हिंगे मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का क्लासमेट और करीबी दोस्त है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसे मामले में सह-आरोपी बनाया है।</p>
<p> </p>
<p>लोहागढ़ किले में हुई थी हत्या पुलिस के अनुसार, केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को लोनावला स्थित लोहागढ़ किले में हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। इस मामले में अब तक केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।<br />इसके अलावा पुलिस घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को भी खंगाल रही है, ताकि हत्या की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। हत्या की वजह तलाश रही पुलिस केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस हत्या के पीछे की वजह को भी स्पष्ट करने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों के बीच क्या संबंध थे और किन परिस्थितियों में हत्या की योजना बनाई गई। न्यायिक हिरासत में हैं पहले गिरफ्तार आरोपी मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब रितेश हिंगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आगे बढ़ेगी जांच पुणे पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की जांच जारी है। रितेश हिंगे की गिरफ्तारी के बाद अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश कितनी बड़ी थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:51:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में एसआईआर विवाद: मुख्य निर्वाचन अधिकारी का सख्त बयान, शिकायतों को साजिश बताया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने दो पुलिस शिकायतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि विभिन्न प्रेस विज्ञप्तियों से इस कार्यालय को जानकारी मिली है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ पुलिस में दो शिकायतें दर्ज की गई हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46621/sir-controversy-in-west-bengal-chief-electoral-officers-strict-statement"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-31t202336.560.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने दो पुलिस शिकायतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि विभिन्न प्रेस विज्ञप्तियों से इस कार्यालय को जानकारी मिली है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ पुलिस में दो शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों को पहले से सोची-समझी साजिश, बिना किसी ठोस सबूत के और एसआईआर के कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रहे अधिकारियों को डराने-धमकाने की घटिया कोशिश करार दिया गया है।</p>
<p> </p>
<p>आधिकारिक बयान में आगे लिखा है कि चुनाव मशीनरी को डराकर झुकाने और पूरी प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए बनाई गई ऐसी धमकी भरी चालें निश्चित रूप से नाकाम रहेंगी। इन लगातार और मनगढ़ंत शिकायतों के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कानून का राज कायम रहेगा और सच्चाई की जीत होगी। राज्य की चुनाव मशीनरी जनहित में पूरी हिम्मत और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दो बुजुर्ग मतदाताओं की मौत की खबरें सामने आईं।</p>
<p>एक 82 वर्षीय पुरुलिया निवासी दुर्जन माझी और दूसरे पूर्व मिदनापुर के 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि एसआईआर सुनवाई नोटिस मिलने से मानसिक दबाव के कारण उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की। परिजनों ने सीईसी और सीईओ को मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एसआईआर प्रक्रिया नवंबर 2025 से शुरू हुई, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना, मृतकों, डुप्लिकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना है। दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट रोल में 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46621/sir-controversy-in-west-bengal-chief-electoral-officers-strict-statement</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 20:24:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली दंगे पर सुनवाई: गुलफिशा फातिमा बोलीं- सत्ता बदलने की साजिश का दावा चार्जशीट में नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट में 2020 के दिल्ली दंगे से जुड़े मुकदमे पर सुनवाई के दौरान गुलफिशा फातिमा ने अपनी दलील में कहा, 'रिजीम चेंज ऑपरेशन' का दावा दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में शामिल नहीं है।फरवरी 2020 के दंगों के मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कार्यकर्ता गुलफिशा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, आरोपी लगभग छह साल जेल में बिता चुकी हैं। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा, ट्रायल में देरी हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि ये काफी हैरान करने वाला मामला है और उनकी स्मृति में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45930/supreme-court-hearing-on-delhi-riots--gulfisha-fatima-said-%E2%80%93-there-is-no-claim-of-conspiracy-to-change-the-government-in-the-charge-sheet"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-02t174324.255.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>सुप्रीम कोर्ट में 2020 के दिल्ली दंगे से जुड़े मुकदमे पर सुनवाई के दौरान गुलफिशा फातिमा ने अपनी दलील में कहा, 'रिजीम चेंज ऑपरेशन' का दावा दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में शामिल नहीं है।फरवरी 2020 के दंगों के मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कार्यकर्ता गुलफिशा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, आरोपी लगभग छह साल जेल में बिता चुकी हैं। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा, ट्रायल में देरी हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि ये काफी हैरान करने वाला मामला है और उनकी स्मृति में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।</p>
<p> </p>
<p>एक्टिविस्ट गुलफिशा फातिमा ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा, दिल्ली पुलिस ने जिस कोऑर्डिनेटेड 'रिजीम चेंज ऑपरेशन' यानी सत्ता बदलने की साजिश किए जाने का दावा किया है, इसका चार्जशीट में कोई जिक्र नहीं है। वकील सिंघवी ने कहा, फातिमा की पैरवी कर रहे सीनियर वकील सिंघवी ने पूछा, 'आपने (दिल्ली पुलिस) अपनी चार्जशीट के सेंटर में रिजीम चेंज का आरोप कहां लगाया है?' उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष का ऐसा दावा कि 'असम को भारत से अलग करने' के लिए पूरे भारत में साजिश की गई है, पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा, पुलिस को बताना चाहिए कि</p>
<p><strong>ऐसे दावों का आधार क्या है?</strong><br />2021 में हाईकोर्ट से मिली जमानत का जिक्र कर सिंघवी ने दीं ये दलीलें<br />सिंघवी ने कहा, फातिमा के खिलाफ आरोप अभी तय नहीं हुए हैं। उन्हें 'अंतहीन तरीके से हिरासत' में नहीं रखा जा सकता। खासकर एक ऐसे मुकदमे में जहां 939 गवाहों का जिक्र किया गया हो। जून 2021 में हाईकोर्ट से मिली जमानत का हवाला देते हुए सिंघवी ने कहा, इस मामले के सह-आरोपी नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल तन्हा को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। फातिमा इस मुकदमे की अकेली महिला आरोपी हैं जो अभी भी जेल में हैं। कई आरोपियों को 2021 में ही जमानत मिल गई थी। इसे देखते हुए मेरा मामला बहुत छोटा है।</p>
<p><strong>दिल्ली में कब और कहां हुए दंगे, किन लोगों पर लगे आरोप?</strong><br />फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों में जेएनयू के छात्र उमर खालिद, शरजील इमाम और कई अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध किया। दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश वकील ने कहा, दिल्ली में दंगे कोई अचानक हुई घटना या हमला नहीं, देश की आजादी पर 'सोच-समझकर, योजनाबद्ध और अच्छी तरह से डिजाइन कर किया गया' हमला था।</p>
<p><strong>फातिमा की जमानत याचिका में दलील- 'सीक्रेट मीटिंग' का दावा भी गलत</strong><br />सिंघवी ने जमानत देने की अपील करते हुए कहा, फातिमा का 'सीक्रेट मीटिंग' में शामिल होने के आरोप वैसे ही हैं, जैसे सह-आरोपियों नरवाल और कलिता के खिलाफ लगाए गए थे। 'मिर्च पाउडर, एसिड या किसी और चीज के इस्तेमाल का कोई सबूत नहीं मिला है। कोई बरामदगी नहीं हुई। बैठक की जानकारी सोशल मीडिया पर अपलोड की गई है ऐसे में इसे गुप्त बैठक कैसे कहा जा सकता है। सिंघवी ने तर्क दिया कि दिल्ली पुलिस अपने आरोपों को साबित करने में विफल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45930/supreme-court-hearing-on-delhi-riots--gulfisha-fatima-said-%E2%80%93-there-is-no-claim-of-conspiracy-to-change-the-government-in-the-charge-sheet</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 17:44:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : ब्लास्ट को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई; खतरनाक विदेशी साजिश की ओर इशारा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए जोरदार कार धमाके को सरकार ने बुधवार आतंकी हमला माना। वहीं इस पूरे ब्लास्ट की अलग-अलग एंगल से जांच की जा रही है। अब तक इस ब्लास्ट को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है वह एक खतरनाक विदेशी साजिश की ओर इशारा कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे ब्लास्ट की साजिश की डोर तुर्किये में बैठे एक हैंडलर उकासा के हाथ में थी। इसी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर उमर उन नबी और उसकी टीम को भारत में स्पेक्टैकुलर अटैक्स की ट्रेनिंग और दिशा दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45444/the-reports-that-came-out-regarding-new-delhi-blast-point"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/20251111042l.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए जोरदार कार धमाके को सरकार ने बुधवार आतंकी हमला माना। वहीं इस पूरे ब्लास्ट की अलग-अलग एंगल से जांच की जा रही है। अब तक इस ब्लास्ट को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है वह एक खतरनाक विदेशी साजिश की ओर इशारा कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे ब्लास्ट की साजिश की डोर तुर्किये में बैठे एक हैंडलर उकासा के हाथ में थी। इसी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर उमर उन नबी और उसकी टीम को भारत में स्पेक्टैकुलर अटैक्स की ट्रेनिंग और दिशा दी।</p>
<p> </p>
<p>जांच एजेंसियों का मानना है कि तुर्किये में बैठे एक हैंडलर से उमर नबी लगातार संपर्क में था। हैंडलर का कोड नेम उकासा था। जांच में खुलासा हुआ है कि उमर 2022 में तुर्किये गया था, जहां उसने जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े लोगों के साथ सीक्रेट मीटिंग की। टेलीग्राम से शुरू हुई बातचीत एन्क्रिप्टेड ऐप्स तक पहुंची, और वहीं कारों में विस्फोटक भरकर दिल्ली और अयोध्या जैसे शहरों को दहलाने की साजिश रची गई।</p>
<p>सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, उकासा दिल्ली स्थित मॉड्यूल और प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसारगजत उल हिंद के हैंडलरों के बीच मुख्य कड़ी के रूप में काम करता था। अधिकारियों ने बताया कि यह साजिश 2022 की शुरुआत में तुर्की में रची गई थी, जहां उमर और तीन अन्य - जो सभी पाकिस्तान समर्थित दो समूहों से जुड़े थे, वहां गए थे। उमर मार्च 2022 में तुर्किये गया था और दो हफ्ते अंकारा में रहा था। एक अधिकारी ने बताया, उनकी बातचीत शुरू में टेलीग्राम पर शुरू हुई थी और बाद में एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर ट्रांसफर हो गई।</p>
<p>उकासा ने ही उन्हें सीक्रेट सेल बनाने और डिजिटल फुटप्रिंट से बचने का तरीका बताया था। कथित तौर पर इस ऑपरेशन के लिए तीन कारें - एक हुंडई i20, एक लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक मारुति ब्रेजा- खरीदी गई थीं। हालांकि 10 नवंबर को लाल किले के पास उमर की i20 में विस्फोट हो गया था, सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद से इकोस्पोर्ट बरामद कर ली है। गुरुवार तीसरी कार ब्रेजा भी बरामद कर ली गई।<br />सूत्रों ने बताया कि उमर का करीबी सहयोगी, डॉ. मुजम्मिल ( जो अल-फलाह विश्वविद्यालय से भी जुड़ा है) ने इस साल जनवरी में लाल किले की कई बार रेकी की थी। सूत्रों का कहना है कि वे 2026 में गणतंत्र दिवस समारोह पर संभावित हमले से पहले वहां की सिक्युरिटी का पूरा जायजा लेना चाहते थे। इस ग्रुप ने 2022 से अब तक भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जमा कर रखी थी, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट और आरडीएक्स के अंश शामिल थे। जांच से यह भी पता चला है कि दिल्ली के अलावा, अयोध्या भी उनकी हिट लिस्ट में था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 20:07:19 +0530</pubDate>
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