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                <title>Indian cinema - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>आदिपुरुष बनेगी भारतीय सिनेमा की नई पहचान... निर्देशक ओम राउत की मेहनत को मेरा प्रणाम- कृति सेनन </title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हिंदी</strong> सिनेमा में इन दिनों अगर किसी एक अभिनेत्री के पास विविधतापूर्ण किरदारों का पूरा गुलदस्ता है तो उनमें कृति सेनन का नाम सबसे ऊपर आता है। उनकी आने वाली फिल्मों  ‘आदिपुरुष’,  ‘भेड़िया’,  ‘गणपत’  और  ‘शहजादा’ से भी उनके चाहने वालों को काफी उम्मीदें हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पराक्रमी राम पर बन रही उनकी फिल्म ‘आदिपुरुष’ उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म है और इसका इंतजार सिर्फ भारतीय दर्शक ही नहीं बल्कि भारतीय मूल के वे करोड़ों दर्शक भी कर रहे हैं जो दुनिया के तमाम दूसरे देशों में रह रहे हैं। करीब 20 हजार स्क्रीन्स पर इसे रिलीज करने की तैयारी है और कृति को</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/12397/adi-purush-will-become-the-new-identity-of-indian-cinema----my-salute-to-director-om-raut-s-hard-work---kriti-sanon"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-07/fgf1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिंदी</strong> सिनेमा में इन दिनों अगर किसी एक अभिनेत्री के पास विविधतापूर्ण किरदारों का पूरा गुलदस्ता है तो उनमें कृति सेनन का नाम सबसे ऊपर आता है। उनकी आने वाली फिल्मों  ‘आदिपुरुष’,  ‘भेड़िया’,  ‘गणपत’  और  ‘शहजादा’ से भी उनके चाहने वालों को काफी उम्मीदें हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पराक्रमी राम पर बन रही उनकी फिल्म ‘आदिपुरुष’ उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म है और इसका इंतजार सिर्फ भारतीय दर्शक ही नहीं बल्कि भारतीय मूल के वे करोड़ों दर्शक भी कर रहे हैं जो दुनिया के तमाम दूसरे देशों में रह रहे हैं। करीब 20 हजार स्क्रीन्स पर इसे रिलीज करने की तैयारी है और कृति को पता है कि ये फिल्म उनके लिए कितनी अहम है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृति सेनन कहती हैं, ‘फिल्म ‘आदिपुरुष’ हम सबके लिए खास फिल्म है और इसमें सीता का किरदार बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है। मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे ऐसा किरदार निभाने का मौका मिल रहा है। फिल्म के निर्देशक ओम राउत ने इस फिल्म को जिस तरह से तैयार किया है, वह किसी प्रेरणा से कम नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी मेहनत को मैं प्रणाम करती हूं। उन्होंने इस फिल्म में सीता की जो छवि गढ़ी है, वह अब तक छोटे परदे या फिल्मों में दिखी उनकी छवियों से काफी अलग है। मुझे पूरा यकीन है कि फिल्म ‘आदिपुरुष’ भारतीय सिनेमा की एक नई पहचान बनकर उभरेगी।’</p>
<p style="text-align:justify;">कृति की पिछली दो फिल्में ‘बच्चन पांडे’ और ‘हम दो हमारे दो’ खास कमाल नहीं कर पाईं। लेकिन, इन दोनों फिल्मों में कृति ने अपने किरदार को लेकर काफी मेहनत की। वह कहती हैं, ‘फिल्म का बॉक्स ऑफिस नतीजा क्या होगा, ये तो फिल्म बनाते समय किसी को नहीं पता होता। हमारे बस में होता है हर फिल्म के लिए अपना सौ फीसदी समर्पण दिखाना। किसी भी किरदार को करने के लिए, उसको जीने के लिए जो कुछ भी जरूरी होता है। मैं करती हूं।’</p>
<p style="text-align:justify;">बचपन से ही माधुरी दीक्षित की दीवानी रहीं कृति सेनन पेशे से इंजीनियर रही हैं। पिता राहुल सेनन सीए हैं और मां फिजिक्स की प्रोफेसर। बहन नुपूर का भी मॉडलिंग और एक्टिंग में खासा नाम है। निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘पानीपत’ को कृति अपने करियर का टर्निंग प्वाइंट मानती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वह कहती हैं, ‘पानीपत की लड़ाई पर आधारित एक फिल्म मे अगर एक युवती का किरदार उभर कर आ जाए तो वही अपने आप में बड़ी बात है। युद्ध आधारित फिल्मों में अक्सर ऐसा होता नहीं है लेकिन फिल्म ‘पानीपत’ में ऐसा हुआ। एक अभिनेत्री के तौर पर मुझे लगता है कि मुझे वहां बहुत सराहा गया और इसके बाद ही मुझे खुद भी अंदर से महसूस हुआ कि मैं अब इससे भी चुनौतीपूर्ण कुछ कर सकती हूं।’</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म ‘मिमी’ के लिए दर्जनों पुरस्कार जीत चुकीं कृति सेनन इस फिल्म के बारे में चर्चा चलने पर कहती हैं, ‘कहीं न कहीं मैं ढूंढ रही थी ऐसा कोई किरदार। कई बार हम अंदर से किसी काम को करने के लिए तैयार होते हैं और आपको वही करने का मौका मिल जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">‘लुकाछिपी’ में काम करने के चलते ही मुझे ये फिल्म मिली थी। ‘लुकाछिपी’ हालांकि बहुत ही हल्की फुल्की फिल्म थी जबकि ‘मिमी’ बहुत ही भावुक फिल्म है। ‘लुकाछिपी’ में एक बहुत ही इमोशनल सीन था, जिसे देखने के बाद मुझे ‘मिमी’ का चुनौतीपूर्ण रोल सौंपा गया।’</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Wed, 27 Jul 2022 11:00:19 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय सिनेमा के सबसे चहेते अभिनेताओं में शुमार दिलीप कुमार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई</title>
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                        <![CDATA[<p></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p>मुंबई : भारतीय सिनेमा के सबसे चहेते अभिनेताओं में शुमार दिलीप कुमार को बुधवार को यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्दे खाक कर दिया गया और इस तरह भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत हो गया।</p> <p>दिलीप कुमार का लंबी बीमारी के बाद बुधवार सुबह निधन हो गया। 98 वर्षीय कुमार को उनकी पत्नी सायरा बानो और अन्य परिजनों की मौजूदगी में अपराह्न 4:45 बजे सुपुर्दे खाक किया गया।</p> <p>सांताक्रूज के जुहू कब्रिस्तान में कुमार को रस्मी गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कब्रिस्तान के अंदर 25-30 से अधिक लोगों को आने की अनुमति नहीं थी, लेकिन</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/5553/dilip-kumar-one-of-the-most-loved-actors-of-indian-cinema-was-given-a-final-farewell-with-full-state-honors"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2021-07/651248e0-df10-11eb-bf77-983a82d3bef7.jpeg" alt=""></a><br /><p></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p>मुंबई : भारतीय सिनेमा के सबसे चहेते अभिनेताओं में शुमार दिलीप कुमार को बुधवार को यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्दे खाक कर दिया गया और इस तरह भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत हो गया।</p> <p>दिलीप कुमार का लंबी बीमारी के बाद बुधवार सुबह निधन हो गया। 98 वर्षीय कुमार को उनकी पत्नी सायरा बानो और अन्य परिजनों की मौजूदगी में अपराह्न 4:45 बजे सुपुर्दे खाक किया गया।</p> <p>सांताक्रूज के जुहू कब्रिस्तान में कुमार को रस्मी गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कब्रिस्तान के अंदर 25-30 से अधिक लोगों को आने की अनुमति नहीं थी, लेकिन वहां मीडियाकर्मियों और दिलीप कुमार के चाहने वालों का तांता लगा था। पुलिस को करीब 100 लोगों की भीड़ को संभालना पड़ा। अनेक लोग अपने चहेते अभिनेता की एक झलक पाने के लिए छतों पर जमा हुए।</p> <p>दिलीप कुमार के पारिवारिक मित्र फैसल फारूकी के अनुसार कुमार के भतीजे अयूब खान और सायरा बानो के भतीजे समेत अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के लोग उपस्थित थे। दिलीप कुमार के अंतिम संस्कार के बाद अभिनेता अमिताभ बच्चन और उनके पुत्र अभिषेक बच्चन ने जुहू कब्रिस्तान जाकर कुमार को श्रद्धांजलि दी। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के प्रोटोकॉल के अनुसार कुमार की पार्थिव देह को उनके पाली हिल स्थित आवास पर तिरंगे में लपेटा गया और फिर उनका जनाजा कब्रिस्तान लाया गया।</p> <p>उनके आवास पर 60 से अधिक पुलिस वाले थे। कुमार के घर जाने वाली सड़क पर लोगों को आने से रोकने के लिए पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त किये थे। देश के विभाजन से पूर्व पेशावर (अब पाकिस्तान में) में 11 दिसंबर, 1922 को यूसुफ खान के रूप में जन्मे कुमार को उनके भावप्रवण अभिनय की बदौलत फिल्मों में ‘ट्रैजेडी किंग’ की पहचान मिली। दिलीप कुमार की ‘सौदागर’ और ‘करमा’ जैसी फिल्मों के निर्देशक सुभाष घई भी अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे लेकिन कोविड प्रोटोकॉल की वजह से अंदर नहीं जा सके।</p> <p>इससे पहले दिलीप कुमार के दोस्तों, सहकर्मी और प्रशंसकों ने उनके घर पर जाकर उनके अंतिम दर्शन किये। इनमें धर्मेंद्र, शाहरुख खान, शबाना आजमी, विद्या बालन और निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर आदि शामिल थे।</p> <p><br /> </p> <p></p> <p></p>]]>
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                <pubDate>Wed, 07 Jul 2021 21:48:50 +0530</pubDate>
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