<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/33539/-free" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>-free - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/33539/rss</link>
                <description>-free RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता साफ करने की मनपा की मुहिम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता साफ करने की मनपा की मुहिम अब गरीब फेरीवालों की रोजी-रोटी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान का समर्थन विभिन्न दलों के पार्षदों ने किया है, लेकिन कार्रवाई के तरीके पर उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि वार्ड स्तर पर अभियान का अमल मनमाना है और नियमों की मार सीधे छोटे फेरीवालों पर पड़ रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51390/mumbai-municipal-corporations-campaign-to-free-the-footpaths-from-encroachment"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-16t120712.109.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई के फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता साफ करने की मनपा की मुहिम अब गरीब फेरीवालों की रोजी-रोटी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान का समर्थन विभिन्न दलों के पार्षदों ने किया है, लेकिन कार्रवाई के तरीके पर उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि वार्ड स्तर पर अभियान का अमल मनमाना है और नियमों की मार सीधे छोटे फेरीवालों पर पड़ रही है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्यूआर आईडी देकर अब कार्रवाई क्यों?</strong><br />शिवसेना  की नगरसेविका दीपमाला भाड़े ने मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षदों की मौजूदगी में फेरीवालों को क्यूआर-कोड वाले पहचान पत्र जारी किए गए थे। अब उन्हीं फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यदि पहचान पत्र जारी करने के बाद भी फेरीवालों को सुरक्षा नहीं मिलती, तो फिर ऐसे कार्ड बांटने का उद्देश्य क्या था? मनपा की नीति को लेकर फेरीवालों में असमंजस पैदा हो गया है। भाजपा नगरसेवक शीतल गंभीर ने कहा कि तय सीमा से अधिक जगह घेरने वाले फेरीवालों को पहले अतिक्रमण कम करने की चेतावनी दी जानी चाहिए। बार-बार जुर्माना गरीबों पर भारी पड़ रहा है। कई फेरीवाले जुर्माना भरने के लिए उधार मांगने लौट रहे हैं। कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।<br />‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’, लेकिन व्यवस्था कितनी तैयार?<br />भाजपा नगरसेवक प्रीति सातम ने जेसीबी मशीनों की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देशव्यापी जेसीबी अनुबंध ९ अगस्त को समाप्त हो गया। पी साउथ वार्ड में केवल एक जेसीबी से कार्रवाई वैâसे होगी? वहीं मकरंद नार्वेकर ने कहा कि फुटपाथ मुक्त अभियान को लेकर वरिष्ठ स्तर पर इच्छाशक्ति है, लेकिन निचले स्तर पर तत्परता नहीं।<br />वर्षों से कारोबार करने वालों पर भी कार्रवाई<br />कांग्रेस नगरसेवक ट्यूलिप मिरांडा ने कहा कि वर्षों से मुंबई में कारोबार कर रहे फेरीवालों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने क्यूआर-कोड वाली आईडी की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इन पहचान पत्रों से फेरीवालों को कोई सुरक्षा नहीं मिल रही है तो इन्हें जारी करने का मतलब ही क्या है? उनके मुताबिक, नियम और प्रावधान तो बनाए गए हैं, लेकिन उनका पालन शून्य है।<br />मनपा की सफाई<br />बीएमसी ने चुनिंदा कार्रवाई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्कूल, अस्पताल और मेट्रो स्टेशनों के आसपास फुटपाथ खाली कराने के निर्देश हैं। अनधिकृत फेरीवालों पर समान कार्रवाई और निगरानी के लिए डैशबोर्ड बनाया गया है। हालांकि, पहचान पत्र जारी करने के बावजूद फेरीवालों पर कार्रवाई से अभियान की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51390/mumbai-municipal-corporations-campaign-to-free-the-footpaths-from-encroachment</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51390/mumbai-municipal-corporations-campaign-to-free-the-footpaths-from-encroachment</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:08:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/images---2026-08-16t120712.109.jpg"                         length="15164"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 'गड्ढामुक्त सड़कें बनाने के लिए क्या 20 साल और चाहिए', बॉम्बे हाई कोर्ट की बृहन्मुंबई नगर निगम  को कड़ी फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में सड़कों की खराब स्थिति वहां रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में बीते सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की सड़कों की खस्ता हालत और रोड सेफ्टी को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बीएमसी से सीधे शब्दों में पूछा कि आखिर मुंबई की सभी सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए नागरिक निकाय को और कितने साल लगेंगे? </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50470/mumbai-do-we-need-20-more-years-to-make-pothole"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/mumbai-pothole-pti-1533105526.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई। </strong>मुंबई में सड़कों की खराब स्थिति वहां रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में बीते सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की सड़कों की खस्ता हालत और रोड सेफ्टी को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बीएमसी से सीधे शब्दों में पूछा कि आखिर मुंबई की सभी सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए नागरिक निकाय को और कितने साल लगेंगे? </p>
<p> </p>
<p>मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों की हालत बेहद खराब है। अगर हम यह मान भी लें कि सड़कों पर गड्ढे नहीं हैं, तो भी वहां लाखों ऊबड़-खाबड़ बम्प्स (झटके देने वाले हिस्से) मौजूद हैं।</p>
<p><strong>सड़कों की स्थिति पर हाई कोर्ट नाराज</strong><br />हाई कोर्ट की बेंच ने कड़े शब्दों में कहा कि कभी हाई कोर्ट सड़क के रास्ते आकर देखिए कि कितनी बदतर हालत है। आपको काम करने के लिए कितने साल चाहिए? बीएमसी को 20 साल दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।</p>
<p><strong>हाई कोर्ट ने बीएमसी और टीएमसी को दिए सख्त निर्देश</strong><br />मामले में कोर्ट ने बीएमसी और ठाणे नगर निगम दोनों को अगले सोमवार तक अपने ऑनलाइन सिस्टम का पूरा डेटा पेश करने का आदेश दिया है। इसके तहत बीएमसी को कोर्ट के सामने शिकायतों पर की गई कार्रवाई के 'पहले और बाद' के फोटो सबूत पेश करने होंगे। इसके अलावा ठाणे नगर निगम को यह बताना होगा कि उन्होंने उस पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया या नहीं, जिन्होंने मैनहोल की वजह से अपने मासूम बच्चे को खो दिया था।</p>
<p><strong>सालों से कागजों पर ही हैं आदेश</strong><br />गौरतलब है कि यह पूरी सुनवाई मुंबई की सड़कों की बदहाली पर कोर्ट द्वारा खुद संज्ञान लिए गए मामले और वकील रुजू ठक्कर की एक याचिका पर हो रही थी। याचिका में मांग की गई है कि पिछले एक दशक से मुंबई की सड़कों को गड्ढामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए जो आदेश दिए जा रहे हैं, उन्हें सख्ती से लागू किया जाए।</p>
<p>वकील रुजू ठक्कर ने साल 2023 के उस आदेश की याद दिलाई, जिसमें खुले मैनहोल पर लोहे की सुरक्षा ग्रिल (जालियां) लगाने को कहा गया था। उस समय बीएमसी ने काम पूरा करने के लिए एक साल का समय मांगा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50470/mumbai-do-we-need-20-more-years-to-make-pothole</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50470/mumbai-do-we-need-20-more-years-to-make-pothole</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:00:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/mumbai-pothole-pti-1533105526.jpg"                         length="76625"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई बनेगी झोपड़ी मुक्त, एसआरए बनाएगी 5 लाख घर, टूटेगा 30 साल का रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई को झोपड़ी मुक्त बनाने की दिशा में अब सबसे बड़ा कदम उठाया गया है। स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी ने साल 2030 तक 5 लाख घर बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि इससे पिछले करीब 30 वर्षों में बने कुल एसआरए घरों का रिकॉर्ड टूट सकता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49571/mumbai-will-become-slum-free-sra-will-build-5-lakh"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(58).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई को झोपड़ी मुक्त बनाने की दिशा में अब सबसे बड़ा कदम उठाया गया है। स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी ने साल 2030 तक 5 लाख घर बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि इससे पिछले करीब 30 वर्षों में बने कुल एसआरए घरों का रिकॉर्ड टूट सकता है।<br /></p><p><br /></p><p><strong>अब तक क्या हुआ, अब क्या होगा</strong><br />1996 में SRA की स्थापना के बाद से अब तक करीब 2.75 लाख घर ही बन पाए हैं। लेकिन अब एजेंसी ने काम की गति बढ़ाने का प्लान तैयार किया है। एसआरए के सीईओ डॉ. महेंद्र कल्याणकर के अनुसार, इस समय 3 लाख से ज्यादा घर अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में निर्माणाधीन हैं और इन्हें तय समय में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। यानी जो काम तीन दशक में हुआ, उसे अब महज पांच साल में दोगुना करने की तैयारी है।<br /><strong></strong></p><p><strong>तेज रफ्तार के लिए क्या बदला जा रहा है</strong><br />इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एसआरए ने कई अहम बदलाव किए हैं। अब प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे फाइलों में देरी कम होगी। ड्रोन सर्वे और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे उपायों से जमीन और लाभार्थियों की सही जानकारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और काम तेजी से आगे बढ़ेगा। इसके अलावा, लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं, ताकि निर्माण में रुकावट न आए।<br /><strong></strong></p><p><strong>बिल्डरों पर सख्ती, निवासियों को फायदा</strong><br />सरकार ने बिल्डरों की जवाबदेही तय करने के लिए नियमों को और कड़ा किया है। अब अगर बिल्डर तय समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं करते या स्लम निवासियों को किराया नहीं देते, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि लोग वर्षों तक अस्थायी घरों में रहने को मजबूर न रहें और उन्हें समय पर उनका स्थायी घर मिल सके।<br /></p><p><strong>मुंबई के लिए क्यों है यह योजना अहम</strong><br />मुंबई की लगभग आधी आबादी आज भी झोपड़पट्टियों में रहती है। ऐसे में 5 लाख घरों का यह लक्ष्य न सिर्फ लाखों परिवारों को बेहतर आवास देगा, बल्कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई दिशा देगा। बेहतर घर मिलने से लोगों की जीवनशैली, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।<br /></p><p><strong>झोपड़ी मुक्त मुंबई का सपना</strong><br />अगर यह योजना तय समय में पूरी होती है, तो मुंबई की तस्वीर काफी हद तक बदल सकती है। “झोपड़ी मुक्त  मुंबई” का सपना, जो सालों से चर्चा में है, अब जमीन पर उतरता हुआ नजर आ सकता है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49571/mumbai-will-become-slum-free-sra-will-build-5-lakh</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49571/mumbai-will-become-slum-free-sra-will-build-5-lakh</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:30:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/images-%2858%29.jpg"                         length="13857"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : स्ट्रेस फ्री जोन, नेचुरल पाथवे और अर्बन फॉरेस्ट, मुंबई के अंधेरी में तैयार हो रहा अनोखा पार्क, जानें खास बातें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48237/mumbai-stress-free-zone-natural-pathway-and-urban-forest-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-07t115138.179.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>मियावॉकी पद्धति पर हो रहा काम</strong><br />बीएमसी द्वारा पिछले कुछ सालों से पर्यावरण संतुलन को लेकर तेजी से प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए सघन जंगल के लिए मियावॉकी पद्धति । से काम किया जा रहा है। यह पहल समूचे क्षेत्र में हरियाली बढ़ा रही है।</p>
<p><strong>नए अनोखे पार्क में मिलेंगी ये सुविधाएं</strong><br />• देशी घास के मैदान । पब्लिक अर्बन फॉरेस्ट में कई तरह की सुविधाएं होगी, जो कि संभवतः मुंबई में पहली बार एक ही जगह पर होगी। यहा वन भ्रगण और देशी घास के मैदान भी होंगे।<br />• योग जोन : प्राकृत्तिक वातावरण में योग, श्वास अभ्यास और ध्यान के लिए अलग क्षेत्र।<br />• साइलेंट जोन : मानसिक शांति, आत्म-चितन और आतरिक सुकून प्रदान करने के लिए कम डिस्डरबेस वाला क्षेत्र।<br />• बी विथ यू जोन : यहां भावनात्मक विश्राम, एकात और शहरी तनाव से दूर रहने के लिए बनाए गए विशेष स्थान।<br />· वेलनेस जोन : प्रकृति से जुड़ा एक ऐसा क्षेत्र होगा, जो मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ समत्र कल्याण में नदद करेगा।<br />• देवराई वन : भारत के जैव विविधता और प्रकृति के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव को बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण देशी पेड़ लगेंगे।<br />• संस्कृतिक वन: भारतीय शास्त्रो, संस्कृति और विरासत में वर्णित पेड़ो का पौधरोपण होगा, यहां लोगों की जानकारी के लिए बोर्ड भी लगाए जाएगे।<br />तितली उद्यान : तितलियों, मधुमक्खियों के लिए डिजाइन किया गया देशी फूलो का एक बगीया होगा, जहां वे आकर्षित होगे। इनके रहने के लिए लकड़ी,<br />बांस, पातियों और मिट्टी के घर भी होगे।<br />• औषधीय उद्यान : आयुर्वेद में उपयोग की जाने वाली औषधि जड़ी-बूटियों और पेड़ों का पौधरोपण, जो पारंपरिक उपचार को बढ़ावा देता है।<br />• नेचुरल पाथवे। प्राकृतिक सामग्री जैसे रेत, बजरी, छोटी लकड़ी और पत्थर से बने चलने वाले रास्ते, जो प्रकृति के बीच लोगो को चलने का एक अलग अनुभव देगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48237/mumbai-stress-free-zone-natural-pathway-and-urban-forest-a</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48237/mumbai-stress-free-zone-natural-pathway-and-urban-forest-a</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:55:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-07t115138.179.jpg"                         length="14983"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        