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                <title>hasan mushrif - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>hasan mushrif RSS Feed</description>
                
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                <title>‘गोकुल’ मिल्क यूनियन एडमिनिस्ट्रेटर अपॉइंटमेंट केस पर कल सुनवाई, कोल्हापुर कोर्ट के फैसले पर फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गोकुळ दूध संघ में प्रशासक नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच में सुनवाई होगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49896/gokul-milk-union-administrator-hearing-kolhapur"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/state-govt-appoints-a-five-member-administrative-board-for-gokul.jpg" alt=""></a><br /><p>कोल्हापुर के चर्चित Gokul Milk Union में प्रशासक नियुक्ति मामले पर मंगलवार को मुंबई हाईकोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई पर पूरे कोल्हापुर जिले की नजरें टिकी हुई हैं। <br /><br />मामला उस प्रशासनिक मंडल की नियुक्ति से जुड़ा है जिसे राज्य सरकार ने ‘गोकुळ’ दूध संघ के निदेशक मंडल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नियुक्त किया था। पूर्व निदेशकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना उचित सूचना दिए कानून का सहारा लेकर प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। इसके खिलाफ उन्होंने अदालत में याचिका दायर की है। <br /><br />रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘गोकुळ’ दूध संघ के निदेशकों का कार्यकाल 3 मई 2026 को समाप्त हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रशासकीय मंडल नियुक्त किया। इस फैसले को राष्ट्रवादी कांग्रेस, शिंदे गुट और अन्य समूहों से जुड़े पूर्व निदेशकों ने पहले सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें हाईकोर्ट में जाने की सलाह दी। <br /><br />इसके बाद पूर्व निदेशकों और पुगांव स्थित स्वामी समर्थ सहकारी दूध संस्था की ओर से कोल्हापुर सर्किट बेंच में याचिका दाखिल की गई। पिछली सुनवाई में अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को सोमवार तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। अब मंगलवार को होने वाली सुनवाई में अदालत का फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। <br />L<br />यह विवाद केवल प्रशासनिक नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘गोकुळ’ दूध संघ की आगामी चुनाव प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सहकारी चुनाव प्रक्रिया और सदस्य संस्थाओं की सूची को लेकर भी विवाद बना हुआ है। इसी कारण चुनाव प्रक्रिया में देरी होने की संभावना जताई जा रही है। <br /><br />राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा काफी गर्म है। राज्य के मंत्री Hasan Mushrif ने हाल ही में दावा किया था कि प्रशासक मंडल आने के बाद दूध संकलन में करीब 60 हजार लीटर की कमी आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और चारे की कमी भी इसका कारण हो सकती है। </p>
<p><br />‘गोकुळ’ दूध संघ के 63 साल के इतिहास में पहली बार प्रशासक नियुक्त किया गया है। इस वजह से मामला सहकार और राजनीति दोनों दृष्टि से संवेदनशील बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत प्रशासक नियुक्ति को वैध मानती है या उस पर रोक लगाती है। अदालत का फैसला आने वाले दिनों में ‘गोकुळ’ दूध संघ की राजनीति और चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राकांपा नेता हसन मुशरिफ पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले ED ने कसा शिकंजा, दोबारा बुलाया पूछताछ के लिए...</title>
                                    <description><![CDATA[ED द्वारा दर्ज धन शोधन मामले में जांच का सामना कर रहे महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता हसन मुशरिफ ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें 20 मार्च को आगे की पूछताछ के लिए बुलाया है। उन्होंने बुधवार शाम पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। मुशरिफ ने कहा, “मुझसे (बुधवार को) आठ घंटे तक ईडी कार्यालय में पूछताछ हुई और मैंने उनके सवालों का संतोषजनक जवाब देने की कोशिश की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19037/ed-tightens-money-laundering-case-on-ncp-leader-hasan-mushrif--called-again-for-questioning"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-03/download-(7)7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई  : </strong>ED द्वारा दर्ज धन शोधन मामले में जांच का सामना कर रहे महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता हसन मुशरिफ ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें 20 मार्च को आगे की पूछताछ के लिए बुलाया है। उन्होंने बुधवार शाम पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। मुशरिफ ने कहा, “मुझसे (बुधवार को) आठ घंटे तक ईडी कार्यालय में पूछताछ हुई और मैंने उनके सवालों का संतोषजनक जवाब देने की कोशिश की।</p>
<p>उन्होंने मुझे सोमवार को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है।” कोल्हापुर के कागल विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुशरिफ राज्य की पिछली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री थे। ईडी ने पश्चिमी महाराष्ट्र शहर में उनके परिसरों पर छापेमारी की थी और उन्हें पेशी के लिए समन जारी किया था। ईडी ने दावा किया था कि दो कंपनियों ने सर सेनापति संताजी घोरपड़े शुगर फैक्टरी लिमिटेड को संदिग्ध रूप से करोड़ों रुपये की धनराशि दी थी। सर सेनापति संताजी घोरपड़े शुगर फैक्टरी लिमिटेड में मुशरिफ के बेटे नाविद, आबिद और साजिद निदेशक या हितधारक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Mar 2023 18:52:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>बकरा ईद की कुर्बानी को लेकर मचा घमासान मुस्लिम समाज के जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से समाज में असंतोष</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <blockquote><p><strong>सिंबॉलिक (Symbolic) कुर्बानी का मतलब पूछता है मुस्लिम समाज</strong></p></blockquote> <p>मुंबई, आगामी 21 जुलाई को मुस्लिम समाज का महत्वपूर्ण त्यौहार बकरा ईद मनाया जाने वाला है। सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना के चलते घरों में ही नमाज पढ़ने और त्यौहार मनाने की सलाह और सूचना दी गई है। सिंबॉलिक शब्द का इस्तेमाल किया गया । सिंबॉलिक शब्द से मुस्लिमो में हैरानी है आखिर सरकार क्या कहना छाती है ।  इस संबंध में मुस्लिम समाज के नेता व आम जनमानस में घमासान मचा हुआ है l।</p> <p> मुस्लिम कोटे से मंत्री बनाए गए श्री नवाब मलिक से पत्रकारों ने बकरा ईद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/5531/indifference-of-the-representatives-of-the-muslim-over-the-sacrifice-of-goat-bakri-eid-eid"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2021-07/1625595170266.jpg" alt=""></a><br /><p></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <blockquote><p><strong>सिंबॉलिक (Symbolic) कुर्बानी का मतलब पूछता है मुस्लिम समाज</strong></p></blockquote> <p>मुंबई, आगामी 21 जुलाई को मुस्लिम समाज का महत्वपूर्ण त्यौहार बकरा ईद मनाया जाने वाला है। सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना के चलते घरों में ही नमाज पढ़ने और त्यौहार मनाने की सलाह और सूचना दी गई है। सिंबॉलिक शब्द का इस्तेमाल किया गया । सिंबॉलिक शब्द से मुस्लिमो में हैरानी है आखिर सरकार क्या कहना छाती है ।  इस संबंध में मुस्लिम समाज के नेता व आम जनमानस में घमासान मचा हुआ है l।</p> <p> मुस्लिम कोटे से मंत्री बनाए गए श्री नवाब मलिक से पत्रकारों ने बकरा ईद के संबंध में कुर्बानी को लेकर सवाल किया जिस पर उन्होंने फिल्मी डायलॉग चिपका दिया, उन्होंने कहा अल्लाह को प्यारी है कुर्बानी… इसी तरह से हसन मुश्रीफ जो काफी वरिष्ठ नेता है उनसे भी कुर्बानी को लेकर सवाल किए तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और भागते नज़र आए ।</p> <p>आपको बता दें कि मुस्लिम समाज के अग्रणी नेता आबू असिम आज़मी ने बाकायदा बैनर बाजी करके कुर्बानी हमारा मूलभूत अधिकार है इसे ना छीना ना जाए… इस तरह के नारे लगाकर, सरकार से कुर्बानी की परमिशन मांगी परंतु सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, इससे समाज के लोगों में असंतोष फैलता दिखाई दे रहा है।</p> <p>इसी तरह बांद्रा के विधायक जीशान सिद्दीकी ने भी सरकार से कुर्बानी की परमिशन दिए जाने की मांग की और कहा कि मुस्लिम समाज के इस महत्वपूर्ण त्योहार को पहले की तरह मनाने दिया जाए परंतु सरकार की गाइडलाइन से लोगों में भ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है।</p> <p><br /> </p> <p></p> <p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jul 2021 23:46:53 +0530</pubDate>
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