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                <title>; Underworld - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई पुलिस के लिए चुनौतियां;  एक बार फिर अंडरवर्ल्ड सक्रिय हो रहा है, एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए धमकी</title>
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                        <![CDATA[<p>एक बार फिर अंडरवर्ल्ड सक्रिय हो रहा है। लेकिन, इस बार ये गैंगस्टर टेक सेवी हैं। खौफ फैलाने या धमकाने का इनका तौर-तरीका पारंपरिक फोन कॉल या आमने-सामने धमकी देने की बजाए अब एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दिया जा रहा है, जो मुंबई पुलिस के लिए चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।  सिग्नल ऐप से कॉल, टेलीग्राम पर मैसेज, फेसबुक पोस्ट और प्रोटोन कॉल्स के जरिए हस्तियों को धमकियां दी जा रही हैं, जो इनके नए तकनीक आधारित हथियार बन गए हैं। पुलिस के सामने उभरता हुआ यह 'डिजिटल थ्रेट' न सिर्फ चुनौती बन रही हैं बल्कि दोषियों को गिरफ्तार करना और सजा दिलाने के लिए डिजिटल एविडेंस जुटाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन जैसा लग रहा है। </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47763/challenges-for-mumbai-police-underworld-once-again-becoming-active-threats"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/images---2026-02-16t115217.923.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एक बार फिर अंडरवर्ल्ड सक्रिय हो रहा है। लेकिन, इस बार ये गैंगस्टर टेक सेवी हैं। खौफ फैलाने या धमकाने का इनका तौर-तरीका पारंपरिक फोन कॉल या आमने-सामने धमकी देने की बजाए अब एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दिया जा रहा है, जो मुंबई पुलिस के लिए चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।  सिग्नल ऐप से कॉल, टेलीग्राम पर मैसेज, फेसबुक पोस्ट और प्रोटोन कॉल्स के जरिए हस्तियों को धमकियां दी जा रही हैं, जो इनके नए तकनीक आधारित हथियार बन गए हैं। पुलिस के सामने उभरता हुआ यह 'डिजिटल थ्रेट' न सिर्फ चुनौती बन रही हैं बल्कि दोषियों को गिरफ्तार करना और सजा दिलाने के लिए डिजिटल एविडेंस जुटाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन जैसा लग रहा है। </p>
<p> </p>
<p><strong>निशाने पर फिल्मी हस्तियां, सबूत जुटाना मुश्किल</strong><br />हाल के महीनों में कई सेलिब्रिटीज को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों और गैंगस्टरों के नाम से ऑनलाइन धमकी मिली है। इनमें अभिनेता सलमान खान, कॉमेडियन कपिल शर्मा, अभिनेत्री दिशा पाटनी, अभिनेता आयुष शर्मा, निर्देशक रोहित शेट्टी और गायिका-अभिनेत्री हिमांशी खुराना जैसे नाम शामिल हैं। दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या से पहले भी उन्हें डिजिटल थ्रेट मिले थे।</p>
<p>धमकी वाले मैसेज विदेशी नंबरों, इंटरनेट कॉलिंग, वीपीएन या फर्जी अकाउंट से भेजे गए, ताकि सेंडर का लोकेशन और पहचान छिपी रहे। साइबर एक्सपर्ट गोविंद रॉय के अनुसार, अपराधी एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल इसलिए कर रहे हैं ताकि इन प्लेटफॉर्म पर बातचीत का ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। कई बार धमकी देने के बाद तुंरत अकाउंट डिलीट कर दिया जाता है, जिससे जांच अधिकारियों को डिजिटल सबूत जुटाना मुश्किल हो जाता है। पुलिस को भी जांच की दिशा ट्रेडीशनल की बजाए टेक्नोलॉजी आधारित करनी चाहिए। </p>
<p><strong>पुलिस अलर्ट, सुरक्षा कड़ी हिदायतें जारी</strong><br />डिजिटल थ्रेट से निपटने के लिए मुंबई पुलिस ने साइबर सेल और खुफिया इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा है। सूत्र बताते हैं कि कुछ नामचीन फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है और उन्हें एडवांस में संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित कर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। हालांकि, रिटायर्ड एसीपी कैलाश आव्हाड का कहना है कि वर्चुअल या अप्रत्यक्ष धमकियों का मकसद वसूली नहीं, बल्कि गैंगस्टर द्वारा डर और असुरक्षा का माहौल बनाना भी है। इससे निपटने के लिए इंटरपोल और साइबर क्राइम एजेंसियो की मदद ली जा सकती हैं। लेकिन,भविष्य में डिजिटल क्राइम की लड़ाई सड़कों से ज्यादा डिजिटल दुनिया में लड़ी जाएगी, इसमें दो राय नहीं है।</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:53:31 +0530</pubDate>
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