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                <title>Delhi: - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>नई दिल्ली : अभी खत्म नहीं हुई शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें, हाईकोर्ट के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में दी गई चुनौती</title>
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                        <![CDATA[<p>इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम मामले में अग्रिम जमानत दिए जाने के कुछ दिनों बाद, इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। यह अपील मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दायर की है। उन्होंने उच्च न्यायालय के 25 मार्च के आदेश को चुनौती दी है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48759/new-delhi-shankaracharya-avimukteshwaranandas-troubles-are-not-over-yet-high"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-27t174538.411.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम मामले में अग्रिम जमानत दिए जाने के कुछ दिनों बाद, इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। यह अपील मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दायर की है। उन्होंने उच्च न्यायालय के 25 मार्च के आदेश को चुनौती दी है।</p>
<p> </p>
<p><strong>आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं हुआ</strong><br />शिकायतकर्ता ने कहा है कि उच्च न्यायालय ने स्वामी के खिलाफ आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया। याचिका में यह भी कहा गया है कि सरस्वती मामले के गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को अग्रिम जमानत दी थी। न्यायालय ने जोर दिया था कि जांच बाहरी प्रभाव के बिना आगे बढ़नी चाहिए। 27 फरवरी को, उच्च न्यायालय ने सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। न्यायालय ने निर्देश दिया था कि नाबालिग बच्चों के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में आदेश सुनाए जाने तक उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आवेदकों को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया गया था।</p>
<p><strong>कई बटुकों के कथित यौन शोषण का आरोप </strong><br />यह मामला प्रयागराज के झूसी पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। यह प्राथमिकी यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम अदालत के निर्देशों के बाद दर्ज की गई थी। इसमें आरोपी द्वारा कई बटुकों (युवा शिष्यों) के कथित यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि आरोपों की गंभीरता को अनदेखा किया गया है।</p>
<p><strong>गवाहों को प्रभावित करने की आशंका</strong><br />याचिका में मुख्य चिंता यह भी जताई गई है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इस आशंका के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। सर्वोच्च न्यायालय से इस पहलू पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता ने न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। </p>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:46:52 +0530</pubDate>
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                <title>नई दिल्ली : शराब घोटाला: अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर केस चलेगा या नहीं, 27 फरवरी को होगा फैसला?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े CBI केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ेंगी या राहत मिलेगी. इस पर अब 27 फरवरी को दिल्ली की निचली अदालत अपना फैसला सुनाएगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने को लेकर आदेश सुरक्षित रख लिया है. यह केस दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. CBI का आरोप है कि इस नीति को बनाते और लागू करते समय चुनिंदा कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इसके बदले रिश्वत और अवैध फंडिंग हुई. इस पूरी प्रक्रिया एक आपराधिक साजिश का हिस्सा थी.</p>
<p> </p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47678/decision-on-whether-case-will-be-filed-against-arvind-kejriwal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-12t165410.852.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े CBI केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ेंगी या राहत मिलेगी. इस पर अब 27 फरवरी को दिल्ली की निचली अदालत अपना फैसला सुनाएगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने को लेकर आदेश सुरक्षित रख लिया है. यह केस दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. CBI का आरोप है कि इस नीति को बनाते और लागू करते समय चुनिंदा कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इसके बदले रिश्वत और अवैध फंडिंग हुई. इस पूरी प्रक्रिया एक आपराधिक साजिश का हिस्सा थी.</p>
<p> </p>
<p><strong>कोर्ट में क्या हुआ?</strong><br />राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों समेत सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने पर आदेश सुरक्षित रख लिया. CBI ने अदालत में दलील दी कि इस मामले को अलग-अलग घटनाओं में नहीं, बल्कि पूरी साजिश के रूप में देखा जाना चाहिए. आरोप तय करने के स्तर पर सबूतों की अंतिम सत्यता तय नहीं की जाती. <br />यह आकलन ट्रायल के दौरान होगा. रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री और दस्तावेज आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं. CBI का कहना है कि इस स्तर पर केवल यह देखा जाना है कि क्या प्रथम दृष्टया आरोप बनते हैं या नहीं.</p>
<p><strong>बचाव पक्ष का रुख</strong><br />वहीं, केजरीवाल और सिसोदिया की ओर से पेश वकीलों ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. नीति से जुड़े फैसले सामूहिक और वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए थे. केवल आरोपों के आधार पर ट्रायल शुरू करना कानून के खिलाफ होगा.</p>
<p><strong>27 फरवरी को क्या तय होगा?</strong><br />27 फरवरी को कोर्ट यह फैसला करेगा कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होंगे या नहीं. यदि आरोप तय होते हैं, तो केस पूरे ट्रायल में जाएगा और यदि आरोप खारिज होते हैं, तो आरोपियों को बड़ी राहत मिल सकती है. यह फैसला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम माना जा रहा है.</p>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:55:08 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>  नई दिल्ली : सरकार ला रही है नया ऑटोमैटिक नंबर प्लेट स्कैन सिस्टम, क्या खत्म हो जाएगी फास्टैग की जरूरत?</title>
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                        <![CDATA[<p><strong> </strong>केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऑटोमैटिक टोल वसूली प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रहा है। यह नई व्यवस्था मार्च 2026 से कुछ चुनिंदा मार्गों पर शुरू हो सकती है। प्रस्तावित सिस्टम के तहत हाईवे पर लगाए गए कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे और तय दूरी के आधार पर टोल राशि सीधे ड्राइवर के खाते से काट ली जाएगी। </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47659/new-delhi-government-is-bringing-new-automatic-number-plate-scan"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-11t174909.288.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली : </strong>केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऑटोमैटिक टोल वसूली प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रहा है। यह नई व्यवस्था मार्च 2026 से कुछ चुनिंदा मार्गों पर शुरू हो सकती है। प्रस्तावित सिस्टम के तहत हाईवे पर लगाए गए कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे और तय दूरी के आधार पर टोल राशि सीधे ड्राइवर के खाते से काट ली जाएगी। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>वर्तमान में टोल वसूली कैसे होती है?</strong></div>
<div>फिलहाल देश के लगभग 1.5 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे नेटवर्क में से करीब 45,000 किलोमीटर पर टोल वसूला जाता है। देशभर में 1,000 से अधिक टोल प्लाजा हैं, जहां अक्सर लंबी कतारें लग जाती हैं। खासकर तब जब वाहन में FASTag (फास्टैग) न हो या उसका खाता निष्क्रिय या ब्लॉक हो, तो यात्रियों को अधिक इंतजार करना पड़ता है। </div>
<div> </div>
<div><strong>नया सिस्टम कैसे काम करेगा?</strong></div>
<div>सरकार की योजना के अनुसार, भौतिक टोल बैरियर हटाकर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक लागू की जाएगी।</div>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47659/new-delhi-government-is-bringing-new-automatic-number-plate-scan</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:49:58 +0530</pubDate>
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