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                <title>Crime - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Crime RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49166/refuses-to-criminalize-looking-at-and-staring-at-mumbai-womans"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t131948.232.jpg" alt=""></a><br /><p><br /><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। </p>
<p> </p>
<p><strong>दफ्तर के माहौल का किया जिक्र</strong><br />हाईकोर्ट के जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि यह प्रावधान ताक-झांक के अपराध को परिभाषित करता है और उसके लिए सजा तय करता है। इसमें किसी महिला को कोई निजी काम करते हुए देखना, उसकी तस्वीरें लेना या उन्हें फैलाना शामिल है, जब उसे यह उम्मीद हो कि उसकी निजता बनी रहेगी। यह उन स्थितियों पर लागू होता है जहां शरीर के निजी अंग खुले हों, कोई महिला शौचालय का इस्तेमाल कर रही हो, या कोई ऐसा कृत्य कर रही हो जो आमतौर पर सार्वजनिक रूप से नहीं किया जाता। दफ्तर के माहौल में घूरना इस श्रेणी में नहीं आता।</p>
<p><strong>बीमा एक्जीक्यूटिव को बड़ी राहत</strong><br />कोर्ट ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने एक बीमा कंपनी के एग्जीक्यूटिव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कानून के शब्दों का मतलब उनके सीधे-सादे अर्थ से ज़्यादा नहीं निकाला जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को आगे बढ़ाना कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा। गौरतलब हो कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मीटिंग के दौरान आरोपी उससे नजरें नहीं मिलाता था, बल्कि उसके शरीर के अंगों को घूरता था और गलत टिप्पणियां करता था। कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति ने पहले ही इस मामले में आरोपी को बरी कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:20:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बर्थडे पर पीएम के नाम से फर्जी लेटर और उगाही की कोशिश... मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो को दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में प्रधानमंत्री के नाम और फर्जी हस्ताक्षर वाले लेटर के जरिए उगाही की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर एक सामाजिक कार्यकर्ता को झांसे में लिया और उस पर चार लाख रुपये देने का दबाव बनाया. शिकायत मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और वर्ली इलाके से दोनों को धर दबोचा.  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48995/mumbai-crime-branch-caught-two-people-for-sending-fake-letter"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(4).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> मुंबई में प्रधानमंत्री के नाम और फर्जी हस्ताक्षर वाले लेटर के जरिए उगाही की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर एक सामाजिक कार्यकर्ता को झांसे में लिया और उस पर चार लाख रुपये देने का दबाव बनाया. शिकायत मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और वर्ली इलाके से दोनों को धर दबोचा.  </p>
<p> </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की पहचान तौसीफ पटेल (44) और सिद्धिनाथ पांडे उर्फ सुनील (43) के रूप में हुई है. दोनों गोरेगांव इलाके के रहने वाले हैं और खुद को पत्रकार बताकर लोगों को झांसे में लेते थे. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मार्च महीने में सोशल मीडिया के जरिए एक सामाजिक कार्यकर्ता से संपर्क किया, जो एक एनजीओ चलाते हैं और गरीब बच्चों की पढ़ाई, वृद्धाश्रम और अनाथालयों की मदद करते हैं. </p>
<p>आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर पहले भरोसा जीता और फिर प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन पर खास बधाई पत्र दिलाने का लालच दिया. इसके बाद तौसीफ पटेल ने व्हाट्सऐप पर वॉयस नोट भेजकर ‘सेटिंग' होने का दावा किया और 20 मार्च को प्रधानमंत्री के नाम से फर्जी सिग्नेचर वाला बधाई पत्र भी भेज दिया. </p>
<p><strong>शक हुआ तो खुली पोल</strong><br />शुरुआत में पीड़ित इस झांसे में आ गया और उसने वह लेटर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर दिया. हालांकि दोस्तों ने लेटर पर शक जताया, जिसके बाद उसने पोस्ट हटा दी. इसी दौरान आरोपियों ने असली खेल शुरू किया और 4 लाख रुपये की मांग करते हुए लगातार कॉल, मैसेज और वॉयस नोट के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. </p>
<p><strong>पुलिस ने बिछाया जाल, गिरफ्तार</strong><br />लगातार हो रहे दबाव से परेशान होकर पीड़ित ने वर्ली पुलिस से संपर्क किया. केस दर्ज होने के बाद जांच क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंपी गई. AEC की टीम ने प्लान बनाकर जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पैसे लेने वर्ली इलाके में पहुंचे, दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:26:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : क्राइम ब्रांच ने दो फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गैर-कानूनी तरीके से क्लिनिक चलाने और मरीजों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी बिना किसी मेडिकल डिग्री या लाइसेंस के लोगों का इलाज कर रहे थे, जिससे मरीजों की सेहत गंभीर खतरे में पड़ सकती थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48937/mumbai-crime-branch-took-action-against-two-fake-doctors"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-03t174947.824.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गैर-कानूनी तरीके से क्लिनिक चलाने और मरीजों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी बिना किसी मेडिकल डिग्री या लाइसेंस के लोगों का इलाज कर रहे थे, जिससे मरीजों की सेहत गंभीर खतरे में पड़ सकती थी। सूचना मिली कि शिवाजीनगर और गोवंडी इलाके में कुछ लोग क्लिनिक चला रहे थे और मरीजों का इलाज कर रहे थे, जबकि उनके पास मेडिकल पढ़ाई या किसी भी मेडिसिन ब्रांच में योग्यताएँ नहीं थीं। इस जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच यूनिट 6 ने कार्रवाई शुरू की।</p>
<p> </p>
<p>यूनिट 6 की टीम ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (M-ईस्ट वार्ड), देवनार के एक असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर के सहयोग से शिवाजीनगर में दो क्लिनिकों पर छापा मारा। रेड के दौरान आरोपी राजीव कपिलदेव रंजन (34) और कुबेरनाथ गोमती यादव (56) को मरीजों की जांच और इलाज करते हुए पकड़ा गया। जांच में पता चला कि ये दोनों बिना वैध मेडिकल लाइसेंस के डॉक्टर के तौर पर काम कर रहे थे और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड नहीं थे।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि आरोपी खुद को योग्य डॉक्टर बताते थे और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों से मोटी फीस वसूलते थे। इस प्रकार वे न केवल मरीजों को गुमराह कर रहे थे, बल्कि उनकी जान और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे थे। रेड के दौरान अधिकारियों ने पंचनामा के तहत क्लिनिक में मौजूद मेडिकल सप्लाई ज़ब्त की। इसमें इंजेक्शन की शीशियां, सिरिंज, एंटीबायोटिक टैबलेट और अन्य दवाइयाँ शामिल थीं। यह ज़ब्ती आगे की जांच और सबूत के तौर पर इस्तेमाल की जाएगी।</p>
<p>इस मामले में शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1961 की धारा 33 और 36 के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। यूनिट 6 के पुलिस इंस्पेक्टर भरत घोणे ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनके साथ अन्य ऑफिसर और स्टाफ भी थे। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है और संभवत: और भी जानकारी सामने आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी डॉक्टरों की गतिविधियाँ न केवल मरीजों की सेहत के लिए खतरा हैं, बल्कि मेडिकल सिस्टम की विश्वसनीयता और सुरक्षा के लिए भी गंभीर समस्या पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई करना बेहद जरूरी है, ताकि नागरिक सुरक्षित रहें और किसी को धोखा न मिले।</p>
<p>मुंबई पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी अनजान या संदिग्ध डॉक्टर के क्लिनिक में इलाज कराने से पहले उनकी योग्यताओं और रजिस्ट्री की जांच करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित स्वास्थ्य विभाग को दें। इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सतर्क हैं और किसी भी तरह की अवैध या जोखिमपूर्ण मेडिकल प्रैक्टिस को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 17:50:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिक्‍कों के साथ हवाई सफर है गुनाह? जान लीजिए कस्‍टम के ये नियम, नहीं तो जाना पड़ सकता है जेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 3 सिक्‍कों की वजह से एक पैसेंजर को अरेस्‍ट कर लिया गया. यह पैसेंजर लंदन से वर्जिन अटलांटिक एयरलाइंस की फ्लाइट वि.एस.-354 से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा था. कस्‍टम की तलाशी में इस पैसेंजर के कब्‍जे से तीन सिक्‍के बरामद किए गए. तीन सिक्‍कों में दो सिक्‍के सोने के और एक चांदी का था. कस्‍टम का दावा है कि जांच के दौरान जब्त किए गए सिक्‍के बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व वाले हैं, जो अलग-अलग कालखंडों से जुड़े हुए हैं. ये सिक्‍के भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत को भी दर्शाते हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47916/699aa5e1e7d8d"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/images---2026-02-22t121359.505.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 3 सिक्‍कों की वजह से एक पैसेंजर को अरेस्‍ट कर लिया गया. यह पैसेंजर लंदन से वर्जिन अटलांटिक एयरलाइंस की फ्लाइट वि.एस.-354 से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा था. कस्‍टम की तलाशी में इस पैसेंजर के कब्‍जे से तीन सिक्‍के बरामद किए गए. तीन सिक्‍कों में दो सिक्‍के सोने के और एक चांदी का था. कस्‍टम का दावा है कि जांच के दौरान जब्त किए गए सिक्‍के बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व वाले हैं, जो अलग-अलग कालखंडों से जुड़े हुए हैं. ये सिक्‍के भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत को भी दर्शाते हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>पैसेंजर से बरामद हुए सिक्‍कों में क्‍या है खास?</strong><br />- पहला सिक्‍का ईस्ट इंडिया कंपनी के बंगाल प्रेसिडेंसी की मोहर है, जिसे 12.37 ग्राम सोने से तैयार किया गया है. इस सिक्‍के की ढलाई मुर्शिदाबाद मिंट में हुई थी.<br />-यह सिक्का मुगल सम्राट शाह आलम 2 के नाम पर जारी किया गया था और उस पर एएच 1202 / आरवाई 19 दर्ज है.<br />-एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तरह के गोल्ड मोहर ऐतिहासिक और कलेक्टर्स मार्केट में काफी हाई वैल्यू रखते हैं.<br />-मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात कस्‍टम की टीम के अनुसार, 8 ग्राम सोने से बना दूसरा कॉइन एंशिएंट कुशान एम्पायर के शासक हुषिश्का का गोल्ड दिनार है.<br />-कुशान काल भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दौर माना जाता है, और उस समय जारी किए गए गोल्ड दिनार अपनी कला, डिजाइन और ऐतिहासिक महत्व के कारण बेहद कीमती माने जाते हैं.<br />-यह कॉइन भी न्यूमिस्मैटिक वैल्यू के लिहाज से काफी अहम है. चांदी से बना तीसरा कॉइन 11.44 ग्राम का है.<br />-यह मुगल बादशाह जहांगीर के दौर का चांदी से तैयार किया गया सिक्‍का है, जिस पर कर्क राशि की तस्‍वीर गुदी हुई है.</p>
<p>जहांगीर द्वारा जारी किए गए जोडिएक सीरीज के सिक्के दुनिया भर में मशहूर हैं और कलेक्टर्स के बीच इनकी काफी डिमांड रहती है. यह खास सिल्वर कॉइन अहमदाबाद मिंट में ढाला गया था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47916/699aa5e1e7d8d</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 12:14:49 +0530</pubDate>
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