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                <title>.Delhi - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाई; बंगाल सरकार और DGP से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करा रहा है। मतदाता सूची से जुड़ा यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने आज इस मामले में अहम दिशा-निर्देश दिए। चीफ जस्टिस ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का भी निर्देश दिया। सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन एक सप्ताह और बढ़ाई जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47607/new-delhi-supreme-court-extended-the-deadline-of-sir-by"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/sir-in-wb-should-be-transparent-sc-to-ec_202601201215021494_h@@ight_720_w@@idth_1280.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करा रहा है। मतदाता सूची से जुड़ा यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने आज इस मामले में अहम दिशा-निर्देश दिए। चीफ जस्टिस ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का भी निर्देश दिया। सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन एक सप्ताह और बढ़ाई जा रही है।</p>
<p> </p>
<p><strong>डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाई गई</strong><br />सुप्रीम कोर्ट ने कहा, निर्वाचन आयोग को पश्चिम बंगाल एसआईआर प्रक्रिया के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने के लिए और समय दिया जा रहा है। एसआईआर की डेडलाइन 14 फरवरी से एक हफ्ते आगे बढ़ाई जा रही है।</p>
<p><strong>तीन जजों की पीठ ने बंगाल सरकार को दिए अहम आदेश</strong><br />तारीख बढ़ाने का आदेश पारित करने से पहले चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में लगे सभी अधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) को रिपोर्ट करेंगे। कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और एनवी अंजरिया भी शामिल हैं।<br />महिला वकील की दलील पर नाराज हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत<br />दरअसल, ममता बनर्जी की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा, बीते चार फरवरी को अदालत ने नोटिस जारी किया, जिसमें कई टिप्पणियां थीं। बीते हफ्ते में कई बदलाव हुए हैं। इसी बीच सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी के हस्तक्षेप पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि ये कोई बाजार नहीं है। कोर्ट में अनुशासन और गरिमा बनाए रखें।  मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि मंदिरों की देखरेख करने वाले एक संगठन ने एक याचिका दायर की है। उनका इस मामले में क्या हित हो सकता है? उनकी इस दलील पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, बारी-बारी से सुनते हैं। अगर अनुशासन बनाए नहीं रखा गया तो आपको चीफ जस्टिस के का स्वभाव पता होना चाहिए। तल्ख लहजे में जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा- आप किसी बाजार में बैठे हैं या अदालत में हैं?</p>
<p><strong>बंगाल के डीजीपी को हलफनामा दायर करने का निर्देश</strong><br />सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि कुछ बदमाशों / असामाजिक तत्वों ने अपने नोटिस जला डाले। इस आरोप पर कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ और बातों पर भी जोर दिया। कोर्ट की टिप्पणियों पर बिंदुवार एक नजर:<br />किसी को भी पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर में रुकावट डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।</p>
<p>राज्य सरकार ने चुनाव आयोग को 8,505 ग्रुप B अधिकारियों की लिस्ट दी है। उन्हें ट्रेनिंग देकर SIR की प्रक्रिया में लगाया जा सकता है।<br />चुनाव आयोग के आरोपों पर पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक हलफनामा दाखिल करें। निर्वाचन आयोग ने फॉर्म 7 (आपत्ति फॉर्म) जलाने का आरोप लगाया है। डीजीपी इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दें और बताएं कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं।<br />बदमाशों के खिलाफ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने का चुनाव आयोग का आरोप चिंताजनक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:38:35 +0530</pubDate>
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