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                <title>gang - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई में महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबल चोरी का बड़ा मामला, सक्रिय गिरोह का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबलों की चोरी का मामला शहर में लगातार सामने आ रहा है। पुलिस जांच में एक सक्रिय गिरोह की संलिप्तता का खुलासा हुआ है, जो पूरे मुंबई में केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का नेतृत्व 38 वर्षीय अब्दुल सिद्दी कामद शेख और कुर्ला स्थित कबाड़ व्यवसायी 44 वर्षीय ललितकुमार भंवरलाल जैन द्वारा किया जा रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49640/major-case-of-copper-cable-theft-of-mahanagar-telephone-nigam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t133121.098.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबलों की चोरी का मामला शहर में लगातार सामने आ रहा है। पुलिस जांच में एक सक्रिय गिरोह की संलिप्तता का खुलासा हुआ है, जो पूरे मुंबई में केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का नेतृत्व 38 वर्षीय अब्दुल सिद्दी कामद शेख और कुर्ला स्थित कबाड़ व्यवसायी 44 वर्षीय ललितकुमार भंवरलाल जैन द्वारा किया जा रहा था। हाल ही में अंधेरी एमआईडीसी इलाके में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े 3.5 लाख रुपये मूल्य के महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबल बरामद किए हैं।</p>
<p> </p>
<p>जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले से ही एक पुराने मामले में शामिल रहे हैं, जो 31 दिसंबर को नवघर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। उस मामले में भी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड केबल चोरी की घटना सामने आई थी। फिलहाल अब्दुल शेख जमानत पर बाहर है, जबकि ललितकुमार जैन ने अग्रिम जमानत ले रखी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल शेख कथित तौर पर ललितकुमार जैन की मदद से मुंबई में एक संगठित नेटवर्क चला रहा था, जो अलग-अलग इलाकों से केबल चोरी कर उन्हें कबाड़ के रूप में बेचता था।</p>
<p>एफआईआर के अनुसार, 31 दिसंबर की तड़के लगभग 2:30 बजे पुलिस कांस्टेबल सुरेश हीराम निकुंभ (51) गश्त पर थे। इस दौरान उन्होंने मुलुंड ईस्ट के नवघर रोड स्थित टाटा कॉलोनी में कुछ संदिग्ध लोगों को एक टेम्पो में महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबल लोड करते हुए देखा। पुलिस को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में यह भी पता चला कि यह गिरोह शहर के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय था और लंबे समय से केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी किए गए केबल किस नेटवर्क के माध्यम से बेचे जा रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संचार ढांचे को नुकसान पहुंचाने से भी जुड़ा हुआ है, जिससे सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और सबूत जुटाए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:32:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रामगढ़ : 24 राज्यों में 274 साइबर अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय की “आई फोर सी” परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की जानकारी सामने आई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49605/ramgarh-gang-committing-274-cyber-crimes-in-24-states-exposed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-30t174140.872.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामगढ़ : </strong>झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय की “आई फोर सी” परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की जानकारी सामने आई।</p>
<p> </p>
<p>भारतीय स्टेट बैंक के एक करंट अकाउंट पर नजर गई, जिसके जरिए लगातार अलग-अलग राज्यों से रकम जमा की जा रही थी। सूचना मिलते ही एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी निगरानी शुरू हुई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, एक परत दर परत खुलती चली गई। पता चला कि ‘गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से एमएसएमई परियोजना के तहत खुलवाया गया यह खाता असल में ठगी के पैसे इकट्ठा करने का माध्यम था। पुलिस ने छापेमारी कर राहुल गुप्ता (37), रवि कुमार वर्मा (34), रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना (40) और सोनू कुमार झा (34) को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि खाते खोलने से लेकर उसे ऑपरेट करने तक एक सुनियोजित तंत्र काम कर रहा था। कुछ आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते खुलवाते थे, जबकि अन्य सदस्य ओटीपी, मोबाइल बैंकिंग और खातों की डिटेल्स व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर ठगी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके राष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49605/ramgarh-gang-committing-274-cyber-crimes-in-24-states-exposed</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:42:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : धार्मिक पहचान से जुड़ी गाड़ी जलाने और वीडियो बनाने मुंबई गए थे दोनों आरोपी, सरगना ने दिया था बड़ा लालच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सरगना ने लालच दिया था कि ऐसे वीडियो को वायरल करेंगे जिससे काफी पैसा आएगा। उसमें (आरोपियों) हिस्सा भी दिया जाएगा। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए लोकेश उर्फ पपला और विकास को हिंदू लिखी (धार्मिक पहचान से जुड़ी) गाड़ी जलाने और उसका वीडियो बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सरगना ने लालच दिया था कि ऐसे वीडियो को वायरल करेंगे जिससे काफी पैसा आएगा। उसमें (आरोपियों) हिस्सा भी दिया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48983/both-the-accused-had-gone-to-mumbai-to-burn-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(38).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सरगना ने लालच दिया था कि ऐसे वीडियो को वायरल करेंगे जिससे काफी पैसा आएगा। उसमें (आरोपियों) हिस्सा भी दिया जाएगा। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए लोकेश उर्फ पपला और विकास को हिंदू लिखी (धार्मिक पहचान से जुड़ी) गाड़ी जलाने और उसका वीडियो बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सरगना ने लालच दिया था कि ऐसे वीडियो को वायरल करेंगे जिससे काफी पैसा आएगा। उसमें (आरोपियों) हिस्सा भी दिया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>जब एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार किया तो ग्रामीणों को उनकी सच्चाई पता चली और उनकी गतिविधियों की चर्चा गांव में होने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों के व्यवहार में बदलाव देखा गया था। दोनों को कुछ माह पहले मुंबई भी भेजा गया था लेकिन वहां आग लगाने की घटना को अंजाम नहीं दे सके।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि लोकेश मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है जबकि विकास बुलंदशहर के शिकारपुर गांव का है। दोनों के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। लोकेश के पिता विकलांग हैं और किसी व्यक्ति के यहां मुंशी का काम करते थे जबकि विकास के पिता चालक हैं। </p>
<p>बताया जा रहा है कि दोनों मेरठ के अगवानपुर गांव निवासी साकिब और अरबाब के संपर्क में थे। वे इन दोनों को ट्रेनिंग दे रहे थे। इनको गाड़ी जलाने और उसका वीडियो बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। सरगना साकिब ने बताया था कि उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर काफी फॉलोवर्स हैं जिस पर वीडियो अपलोड करने पर काफी पैसा आएगा। उसने दोनों को ऑनलाइन कुछ पैसे भी भेजे थे। ग्रामीणों का कहना है कि 3-4 माह पहले दोनों को मुंबई भी भेजा गया था। उन्हें वहां किसी स्थान पर आगजनी करने के लिए कहा गया था लेकिन आरोपी बिना कुछ किए वापस आ गए।</p>
<p><strong>खुलासे से हैरान हैं परिजन</strong><br />लोकेश उर्फ पपला का परिवार छपरौला गांव की राम विहार कॉलोनी में रहता है। उसके पिता रोहतास शर्मा ने करीब 20 साल पहले अपना मकान बनाया था जो जो सड़क स्तर से नीचे पड़ गया है। दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। लोकेश की मां करिश्मा का कूल्हा टूटा है और सिर में चोट लगी है। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। लोकेश घर से एक-एक सप्ताह के लिए लापता रहता था। नशा भी करता है। 28 मार्च को पुलिस छपरौला चौकी पर बात करने के लिए कहकर घर से ले गई थी। वह बेलदारी व शादी समारोह में वेटर का काम भी करता है। घर का खर्च बड़ा बेटा लकी शर्मा संभाल रहा है जो पढ़ाई के साथ-साथ मेहनत मजदूरी भी करता है। आरोपी लोकेश हर साल कांवड़ भी लेकर आता था लेकिन आतंकी नेटवर्क से जुड़ने की बात से पिता व भाई हैरान हैं। </p>
<p><strong>छपरौला में आरोपी विकास का नहीं मिला मकान</strong><br />बुलंदशहर निवासी आरोपी विकास छपरौला में किराये पर रहता था लेकिन किसी को उसके मकान व रहने के बारे में जानकारी नहीं है। स्थानीय पुलिस इसका पता लगा रही है। मोहल्ले के निवासी उसे देखने और पहचाने से भी इन्कार कर रहे हैं। पुलिस ने विकास के फोटो के साथ मकान की तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। एक मकान में विकास नाम का युवक मिला लेकिन वह दूसरा था। पुलिस का कहना है कि विकास 15 साल तक हरियाणा में रहा था। कुछ माह पहले ही छपरौला में किराये पर मां के साथ रह रहा था। उसकी मां घरों में काम करती है लेकिन मकान की जानकारी नहीं हो सकी है। </p>
<p><strong>झांकी में सुदामा बनता था पपला</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि लोकेश उर्फ पपला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की झांकी में सुदामा बनता था और नृत्य भी करता था, लेकिन पिछले साल के कार्यक्रम में उसने हिस्सा नहीं लिया था। अब उसके देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने से सभी अचंभित हैं। उनका कहना है कि इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि वह नशे का आदि हो गया था। रुपये के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:29:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दिल्ली-मुंबई साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: 11 गिरफ्तार, वरिष्ठ नागरिक से 22.67 लाख की ठगी का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली पुलिस के साउथ-वेस्ट जिले की साइबर थाना टीम ने एक बड़े ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह दिल्ली और मुंबई से मिलकर काम कर रहा था और लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था. पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने एक 60 साल के वरिष्ठ नागरिक को फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन दिखाकर अपने जाल में फंसाया और उनसे ₹22.67 लाख की ठगी कर ली. <br />शिकायतकर्ता ए. श्रीनिवासन ने पुलिस को बताया कि उन्हें फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखा, जिसमें वित्त मंत्री के भाषण का दुरुपयोग करते हुए एआय आधारित ट्रेडिंग से ज्यादा मुनाफे का दावा किया गया था. विज्ञापन में दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद कुछ लोगों ने खुद को इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताकर फोन और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48666/mumbai-delhi-mumbai-cyber-fraud-gang-busted-11-arrested-fraud-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t121704.141.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दिल्ली पुलिस के साउथ-वेस्ट जिले की साइबर थाना टीम ने एक बड़े ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह दिल्ली और मुंबई से मिलकर काम कर रहा था और लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था. पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने एक 60 साल के वरिष्ठ नागरिक को फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन दिखाकर अपने जाल में फंसाया और उनसे ₹22.67 लाख की ठगी कर ली. <br />शिकायतकर्ता ए. श्रीनिवासन ने पुलिस को बताया कि उन्हें फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखा, जिसमें वित्त मंत्री के भाषण का दुरुपयोग करते हुए एआय आधारित ट्रेडिंग से ज्यादा मुनाफे का दावा किया गया था. विज्ञापन में दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद कुछ लोगों ने खुद को इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताकर फोन और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया. </p>
<p> </p>
<p>उन्होंने शिकायतकर्ता को मुद्रोन एप और 9प्रो प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर कराया और क्रेओवियाह टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पैसा निवेश कराने को कहा. कुछ समय तक मुनाफे का लालच दिखाने के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया और शिकायतकर्ता को पता चला कि उनके साथ ठगी हो चुकी है. </p>
<p><strong>दिल्ली में खुला फर्जी दफ्तर</strong><br />मामले की जांच के लिए साइबर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई. डिजिटल डाटा, कॉल डिटेल और मनी ट्रेल की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रोहिणी और नेताजी सुभाष प्लेस  में इस गैंग का नेटवर्क चल रहा है. पुलिस ने दोनों जगह छापेमारी कर तजिंदर सिंह उर्फ लकी, आशीष सैनी, शिव दयाल सिंह, शिवा और गिरिराज किशोर को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि एनएसपी में इन लोगों ने फर्जी ऑफिस बना रखा था, जहां से नकली बैंक खाते खोलकर उन्हें साइबर ठगों को सप्लाई किया जाता था. </p>
<p><strong>मुंबई और राजस्थान से भी जुड़े तार</strong><br />पूछताछ में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम कई खातों से होते हुए मुंबई के एक बैंक खाते में पहुंचती थी. इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के बिजाई नगर (ब्यावर) में छापेमारी कर रामदेव सांगला, प्रवीण कुमावत, दीपक मेवाड़ा और त्रिलोक चंद नायक को भी गिरफ्तार किया. ये लोग फर्जी बैंक खाते जुटाकर उन्हें मुंबई में बैठे PK नाम के व्यक्ति को देते थे, जिसके जरिए ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर किया जाता था. </p>
<p><strong>विदेशी साइबर ठगों से भी कनेक्शन</strong><br />पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों के लिए भारत में बैंक खातों का इंतजाम करता था, जिनके जरिए ठगी की रकम घुमाई जाती थी. पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग सामान बरामद किया है. जिनमें 40 मोबाइल फोन, 92 फर्जी सिम कार्ड, 39 पासबुक और चेकबुक, 27 एटीएम कार्ड,4 पैन कार्ड ,1 लैपटॉप और 1 डेस्कटॉप, 2पीओएस मशीन,6 यूपीआई स्कैनर 1 प्रिंटर शामिल है. बैंक खाते खोलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फर्जी दस्तावेज भी पुलिस ने बरामद किए है. </p>
<p><strong>दिल्ली पुलिस की जांच अभी जारी</strong><br />दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह मामला एफआईआर दर्ज किया गया है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने देशभर में कई लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है.</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:18:10 +0530</pubDate>
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