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                <title>मुंबई को मिली नई बीएमसी कमिश्नर, अश्विनी भिड़े के हाथों में सौंपी गई कमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई महानगरपालिका को नई कमिश्नर मिल गई हैं. महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े को BMC की नई कमिश्नर नियुक्त किया है. प्रशासनिक अनुभव और सख्त कामकाज शैली के लिए पहचानी जाने वाली अश्विनी भिड़े को सरकार के भरोसेमंद और मजबूत चेहरों में से एक है. अश्विनी भिड़े मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की करीबी आईएएस अधिकारियों में शामिल रही हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48849/mumbai-gets-new-bmc-commissioner-ashwini-bhide-command-handed-over"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-31t132634.787.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई महानगरपालिका को नई कमिश्नर मिल गई हैं. महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े को BMC की नई कमिश्नर नियुक्त किया है. प्रशासनिक अनुभव और सख्त कामकाज शैली के लिए पहचानी जाने वाली अश्विनी भिड़े को सरकार के भरोसेमंद और मजबूत चेहरों में से एक है. अश्विनी भिड़े मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की करीबी आईएएस अधिकारियों में शामिल रही हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>अश्विनी निभा चुकीं ये जिम्मेदारियां</strong><br />इससे पहले वह मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, जहां उन्होंने अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली थीं. मुंबई के महत्वाकांक्षी भूमिगत मेट्रो प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभालते हुए अश्विनी भिड़े ने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.</p>
<p><strong>शहरी व्यवस्था की गहरी समझ</strong><br />उनके नेतृत्व में परियोजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन को लेकर उनकी कार्यशैली को काफी सख्त माना गया. इसके अलावा, BMC में एडिशनल कमिश्नर के रूप में भी उनका कार्यकाल रहा है, जिससे उन्हें नगर प्रशासन, शहरी व्यवस्था और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली की गहरी समझ है. उनके इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें मुंबई महानगरपालिका जैसे अहम संस्थान की कमान सौंपी गई है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:27:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : उद्धव ठाकरे की वो गलती, जिसने छीन ली बीएमसी की गद्दी, वरना अभी कहानी कुछ और होती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है. बीएमसी मेंं अब ठाकरे की बादशाहत खत्म हो गई. भाजपा ने अपने 25 साल का वनवास खत्म कर बीएमसी चुनाव में विजय पताका लहरा दिया. बीएमसी यानी बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनावों में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति ने शानदार जीत दर्ज की है. देवेंद्र फडणवीस की रणनीति के आगे उद्धव ठाकरे पानी भरते नजर आए. महायुति ने बीएमसी की कुल 227 सीटों में से 118 सीटें जीतीं. यह बीएमसी में बहुमत के 114 के आंकड़े से ज्यादा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47049/that-mistake-of-mumbai-uddhav-thackeray-which-took-away-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images-(77).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है. बीएमसी मेंं अब ठाकरे की बादशाहत खत्म हो गई. भाजपा ने अपने 25 साल का वनवास खत्म कर बीएमसी चुनाव में विजय पताका लहरा दिया. बीएमसी यानी बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनावों में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति ने शानदार जीत दर्ज की है. देवेंद्र फडणवीस की रणनीति के आगे उद्धव ठाकरे पानी भरते नजर आए. महायुति ने बीएमसी की कुल 227 सीटों में से 118 सीटें जीतीं. यह बीएमसी में बहुमत के 114 के आंकड़े से ज्यादा है. भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 89 सीटें हासिल कीं, जबकि शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं. यह जीत भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ी कामयाबी है, क्योंकि उन्होंने मुंबई की सबसे अमीर निकाय पर कब्जा कर लिया, जहां सालाना बजट हजारों करोड़ का होता है. मगर उद्धव ठाकरे का प्रदर्शन भी उतना बुरा नहीं है, जितना शुरू में लगा था.</p>
<p> </p>
<p>यह सच है कि इस चुनाव की कहानी उद्धव ठाकरे के लिए दुखद है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना को बीएमसी में 65 सीटों से संतोष करना पड़ा. उद्धव की शिवसेना को 2017 में 84 सीटें मिली थीं. उद्धव ठाकरे ने इस चुनाव में अपने भाई राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाया था. हालांकि, उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन का उतना फायदा नहीं मिला, क्योंकि मनसे ने महज 6 सीटें जीतीं. इस तरह उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन महज 71 सीटों पर समिट गया. हालांकि, उद्धव ठाकरे चाहते तो यह कहानी कुछ और हो सकती थी. अगर वह विधानसभा वाली रणनीति ही अपनाते तो शायद नतीजे कुछ और हो सकते थे.</p>
<p><strong>उद्धव से हो गई एक चूक</strong><br />अब सवाल है कि आखिर उद्धव ठाकरे से कौन सी चूक हो गई, जिसने बीएमसी की गद्दी छीन ली? अगर उद्धव ठाकरे वह चूक नहीं करते तो क्या उनकी बादशाहत कायम रहती? अगर मौजूदा रिजल्ट को देखेंगे तो यह लगेगा कि उद्धव ठाकरे ही नहीं, कांग्रेस से भी चूक हुई है. जी हां, अगर उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ गठबंधन करते तो नतीजे अलग हो सकते थे. कांग्रेस ने इस चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला किया और 24 सीटें जीतीं. अगर उद्धव ठाकरे कांग्रेस को मनाने में कामयाब रहते और एमवीए यानी महा विकास अघाड़ी को फिर से एकजुट करते, तो शायद वोटों का बंटवारा कम होता और बीएमसी में सीटें ज्यादा मिल सकती थीं.</p>
<p><strong>डेटा से समझिए कैसे बदल सकता था खेल</strong><br />आइए बीएमसी चुनाव 2026 के फाइनल रिजल्ट्स के डेटा से इसे समझते हैं. बीएमसी कुल वोटों की बात करें तो भाजपा को 1,179,273 वोट मिले, जो 45.22% हैं. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 717,736 वोट (27.52%) और कांग्रेस को 242,646 वोट (4.44 फीसदी) मिले. अगर उद्धव ठाकरे और कांग्रेस साथ होते तो उनके वोट कुल 960,382 हो जाते, जो भाजपा के करीब पहुंचते. नतीजों से पता चलता है कि कई वार्डों में जहां महायुति जीती, वहां उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के वोट अलग-अलग पड़ने से फायदा महायुति को हुआ. अगर उद्धव ठाकरे अपने भाई राज ठाकरे के साथ भी कांग्रेस को मिला लेते तो भी स्थिति मौजूदा से बेहतर हो सकती थी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 10:31:14 +0530</pubDate>
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