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                <title>Mumbai Local News - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Mumbai Local News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>BMC से क्यूआर कोड आईडी कार्ड मिलने के बाद भी फेरीवाले परेशान; पुलिस और बीएमसी के बीच समन्वय की कमी से उपजा भ्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">माहिम दरगाह लेन में बीएमसी द्वारा जारी क्यूआर कोड आईडी कार्ड मिलने के बाद भी कई फेरीवाले अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय की कमी और नियमों को लेकर बने भ्रम के कारण यह स्थिति पैदा हुई है, जबकि माहिम के अन्य इलाकों में फेरीवाले बिना किसी समस्या के काम कर रहे हैं। स्थानीय वेंडर्स ने संबंधित अधिकारियों से इस प्रक्रिया को तुरंत स्पष्ट करने की मांग की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50501/even-after-getting-qr-code-id-card-hawkers-remain-worried"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/inshot_20260701_141621323.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के जी-नॉर्थ (G-North) वार्ड में पात्र पथविक्रेताओं को डिजिटल क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र बांटने की मुहिम तो शुरू हो गई है, लेकिन जमीन पर इसका क्रियान्वयन अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। माहिम के अन्य इलाकों में जहां फेरीवाले बिना किसी रुकावट के काम कर रहे हैं, वहीं <strong>माहिम दरगाह लेन (Mahim Dargah Lane)</strong> के कई पात्र फेरीवाले पहचान पत्र मिलने के बाद भी अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">​स्थानीय फेरीवालों का आरोप है कि आधिकारिक क्यूआर कोड आईडी कार्ड होने के बावजूद पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच नियमों को लेकर गहरा भ्रम (Confusion) बना हुआ है, जिसके कारण उन्हें दुकान लगाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>एक ही वार्ड में दोहरा रवैया क्यों?</strong></p>
<p dir="ltr">​माहिम दरगाह लेन के प्रभावित फेरीवालों का कहना है कि जब मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश और बीएमसी की लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद उन्हें यह डिजिटल कार्ड सौंपा गया है, तो फिर उनके काम में रुकावट क्यों आ रही है? माहिम के ही अन्य क्षेत्रों में वेंडर्स सुचारू रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन दरगाह लेन जैसी व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़क पर वेंडिंग नियमों को लेकर स्थिति साफ नहीं की जा रही है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>भ्रम का मुख्य कारण: वेंडिंग जोन और पहचान का पेंच</strong></p>
<p dir="ltr">​हालिया प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, बीएमसी द्वारा जारी यह क्यूआर कोड आईडी कार्ड फेरीवाले की प्रामाणिकता और पात्रता का कानूनी सबूत है। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रवर्तन (Enforcement) टीमों के बीच इस बात को लेकर स्पष्टता नहीं है कि टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) द्वारा अंतिम वेंडिंग पिच (स्थान) अलॉट होने तक ये फेरीवाले अपनी पारंपरिक जगहों पर बैठ सकते हैं या नहीं। विशेषकर माहिम दरगाह जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थल के पास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस और बीएमसी के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा गरीब फेरीवालों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट प्रक्रिया (SOP) जारी करने की मांग</strong></p>
<p dir="ltr">​'रोकठोक लेखनी' और स्थानीय नागरिकों के माध्यम से हम <strong>बीएमसी जी-नॉर्थ वार्ड के सहायक आयुक्त</strong> और <strong>मुंबई पुलिस</strong> के वरिष्ठ अधिकारियों से यह पुरजोर मांग करते हैं कि:</p>
<ul>
<li><ul>
<li dir="ltr">​माहिम दरगाह लेन के फेरीवालों के संबंध में स्थिति को तुरंत स्पष्ट किया जाए।</li>
<li dir="ltr">​पुलिस और बीएमसी अधिकारियों के लिए एक संयुक्त गाइडलाइन या <strong>SOP (Standard Operating Procedure)</strong> जारी की जाए ताकि डिजिटल कार्ड धारक फेरीवालों को बेवजह परेशान न होना पड़े।</li>
<li dir="ltr">​जब तक अंतिम रूप से वेंडिंग जोन (Vending Zones) तय नहीं हो जाते, तब तक वैध कार्डधारकों को सम्मानजनक तरीके से आजीविका कमाने की अस्थाई अनुमति दी जाए।</li>
</ul></li>
</ul>
<blockquote>
<p dir="ltr">​<strong>कष्टकारियों का अधिकार:</strong> जब सरकार और कोर्ट फेरीवालों को डिजिटल कवच देकर उन्हें 'आत्मनिर्भर' और 'सुरक्षित' बनाने का दावा कर रहे हैं, तो जमीनी स्तर पर प्रशासनिक समन्वय की कमी के कारण उनकी उपजीविका पर संकट नहीं आना चाहिए।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:17:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बीएमसी जी-नॉर्थ वार्ड के फेरीवालों को मिला डिजिटल QR Code ID कार्ड, अब सम्मान से कर सकेंगे व्यवसाय</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई के माहिम और धारावी (BMC G-North वार्ड) के पात्र पथविक्रेताओं (फेरीवालों) के लिए एक राहत भरी खबर है। एक लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद, उन्हें डिजिटल QR Code आधारित आधिकारिक पहचान पत्र वितरित किए गए हैं। भाजपा पार्षद शीतल गंभीर और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ये कार्ड सौंपे गए, जिससे अब ये फेरीवाले बिना किसी उत्पीड़न के सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना व्यवसाय कर सकेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50499/mumbai-bmc-g-north-ward-hawkers-get-digital-qr-code-id"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/img-20260629-wa0019.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के माहिम और धारावी इलाके में अपनी आजीविका चलाने वाले पथविक्रेताओं (फेरीवालों) के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। एक लंबी और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, सरकार और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा इन पात्र फेरीवालों के लिए विशेष डिजिटल QR Code आधारित आइडेंटिटी कार्ड जारी कर दिए गए हैं। यह कदम स्थानीय फेरीवालों को एक कानूनी, सुरक्षित और आधिकारिक पहचान देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।</p>
<p dir="ltr">​<strong>जी-नॉर्थ वार्ड कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन</strong></p>
<p dir="ltr">​इन डिजिटल पहचान पत्रों के आधिकारिक वितरण के लिए बीएमसी के जी-नॉर्थ वार्ड कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस गरिमामयी अवसर पर भाजपा पार्षद शीतल गंभीर (Sheetal Gambhir) और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों और पार्षद के हाथों जब फेरीवालों को ये डिजिटल कार्ड सौंपे गए, तो वहां मौजूद सभी दुकानदारों और पथविक्रेताओं में एक अलग ही उत्साह और खुशी देखने को मिली।</p>
<p dir="ltr">​<strong>चेहरे पर दिखी राहत और स्वाभिमान की लहर</strong></p>
<p dir="ltr">​सरकारी नियमों के तहत वैध और आधिकारिक पहचान मिलने के बाद डिजिटल कार्ड हाथों में थामे फेरीवालों के चेहरों पर सुकून, संतुष्टि और स्वाभिमान का भाव साफ नजर आ रहा था। इस कार्ड के मिलने के बाद अब ये सभी मेहनती पथविक्रेते अधिकृत पहचान के साथ, पूरे हक और आत्मविश्वास से अपना व्यवसाय कर सकेंगे।</p>
<p dir="ltr">​<strong>बेवजह की परेशानियों और उत्पीड़न से मिलेगी मुक्ति</strong></p>
<p dir="ltr">​इस डिजिटल कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इसमें दिया गया <strong>QR Code</strong> है। इस कोड की बदौलत अब कोई भी अधिकारी या व्यक्ति उनकी प्रामाणिकता और वैधता को आसानी से स्कैन करके देख सकेगा। इससे फेरीवालों को रोजाना धंधा चलाने के दौरान होने वाली बेवजह की दिक्कतों और मानसिक या प्रशासनिक परेशानियों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही उनका रोजगार पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक हो जाएगा।</p>
<p dir="ltr">​प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे हर एक कष्टकरी पथविक्रेते के सम्मान, सुरक्षा और उनकी उपजीविका (Livelihood) के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा कटिबद्ध हैं।</p>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:43:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>महा टीईटी 2026 स्थगित: कथित पेपर लीक के बाद परीक्षा परिषद का बड़ा फैसला, MSCE ने जारी किया आधिकारिक नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 (Maha TET) को कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद आधिकारिक तौर पर स्थगित कर दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर परीक्षा टालने की घोषणा की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और नई परीक्षा तिथियों का ऐलान जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50430/maha-tet-2026-postponed-big-decision-of-examination-council-after"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/paper-leak-1719216770.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">​<strong>पुणे/मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने <strong>महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 (Maha TET)</strong> को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। यह बड़ा फैसला परीक्षा से ठीक पहले सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर कथित रूप से पेपर लीक (Paper Leak) होने की खबरें और शिकायतें सामने आने के बाद लिया गया है।</p>
<p dir="ltr">​एमएसआरसीई (MSCE) प्रबंधन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक आधिकारिक अधिसूचना (Official Notice) जारी कर परीक्षा को टालने की पुष्टि की है।</p>
<h3 dir="ltr">​आधिकारिक नोटिस में क्या कहा गया?</h3>
<p dir="ltr">​महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा जारी परिपत्रक के अनुसार, परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इस सत्र की परीक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<blockquote>
<p dir="ltr">​<strong>MSCE नोटिस का मुख्य अंश:</strong></p>
<p dir="ltr">"कतिपय केंद्रों और तकनीकी माध्यमों से परीक्षा प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उम्मीदवारों के व्यापक हित और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इस मामले की गहन जांच की जा रही है।"</p>
</blockquote>
<p> </p>
<h3 dir="ltr">​उम्मीदवारों में भारी नाराजगी और निराशा</h3>
<p dir="ltr">​इस साल महा टीईटी परीक्षा के लिए राज्य भर से करीब 3 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा के लिए महीनों से तैयारी कर रहे छात्रों में इस फैसले के बाद भारी आक्रोश है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा केंद्रों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 'कड़क कानून' के तहत कार्रवाई की मांग की है।</p>
<h3 dir="ltr">​नई तारीखों का ऐलान जल्द</h3>
<p dir="ltr">​एमएससीई के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस के साइबर सेल और शिक्षा विभाग की एक विशेष टीम इस कथित लीक मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने और सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने के बाद परीक्षा की <strong>नई समय सारणी (New Exam Schedule)</strong> जारी की जाएगी।</p>
<p dir="ltr">​उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट mahatet.in पर जारी होने वाले अपडेट्स पर ही भरोसा करें। नई परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने या अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी, पुराने हॉल टिकट और विवरण ही मान्य रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मरीजों को बड़ी राहत: निजी अस्पतालों के मनमाने बिलों पर लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ला रही नई नीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">महाराष्ट्र सरकार जल्द ही राज्य के निजी अस्पतालों (Private Hospitals) द्वारा वसूले जाने वाले मनमाने और भारी-भरकम बिलों पर लगाम लगाने के लिए एक ठोस नीति (Policy) लाने जा रही है। विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सरकार इस दिशा में काम कर रही है। इस नई नीति के तहत अस्पतालों को रेट कार्ड (Rate Card) प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा और मरीजों की आर्थिक लूट करने वाले संस्थानों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50406/big-relief-to-patients-maharashtra-government-is-bringing-a-new"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/istockphoto-1220415792-612x612.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>निजी अस्पतालों (Private Hospitals) में इलाज के नाम पर वसूले जाने वाले भारी-भरकम बिलों से आम जनता को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। महाराष्ट्र सरकार राज्य में निजी अस्पतालों द्वारा की जा रही लूट और मनमाने शुल्कों पर अंकुश लगाने के लिए एक ठोस नीति (Policy) और संभवतः एक नया नियामक कानून लाने की पूरी तैयारी कर रही है।</p>
<p dir="ltr">​हाल ही में समाप्त हुए महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस बहुप्रतीक्षित कदम की घोषणा की गई है, जिससे लाखों मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3 dir="ltr">​विधानसभा में उठा था 'लूट' का मुद्दा</h3>
<p dir="ltr">​विधानसभा सत्र के दौरान कई विधायकों ने निजी अस्पतालों, विशेष रूप से एनआईसीयू (NICU) और आपातकालीन देखभाल (Emergency Care) में वसूले जाने वाले अत्यधिक शुल्कों का मुद्दा उठाया था। सदन में जवाब देते हुए मंत्री प्रकाश आबिटकर (Prakash Abitkar) ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इन मनमाने बिलों को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही एक नीति पेश करेगी।</p>
<p dir="ltr">​इस नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने और इसे लागू करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की जाएगी।</p>
<h3 dir="ltr">​प्रस्तावित नीति की मुख्य विशेषताएं (Key Features)</h3>
<p dir="ltr">​प्रस्तावित नीति और सरकार द्वारा लाए जा रहे 'क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) बिल' के मसौदे के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बड़े सुधार किए जाने वाले हैं:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>रेट कार्ड दिखाना अनिवार्य:</strong> सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स को अपने रिसेप्शन डेस्क और वेबसाइट पर इलाज, सर्जरी और अन्य सेवाओं के शुल्कों का स्पष्ट 'रेट कार्ड' (Rate Card) प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>मानकीकृत दरें (Standardized Rates):</strong> सरकार विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए एक मानक दर तय करने पर विचार कर रही है ताकि मरीजों से मनमाना पैसा न वसूला जा सके।</li>
<li dir="ltr">​<strong>सख्त दंड और जुर्माना:</strong> जो अस्पताल या क्लीनिक इन नियमों का उल्लंघन करेंगे या मरीजों से तय सीमा से अधिक फीस वसूलेंगे, उन पर भारी जुर्माना (5 लाख रुपये तक) और संभवतः जेल की सजा का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>पारदर्शिता:</strong> इलाज के दौरान मरीजों के परिजनों को बिलिंग और अन्य अतिरिक्त खर्चों के बारे में पूरी पारदर्शिता रखनी होगी।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​सुप्रीम कोर्ट का निर्देश बना आधार</h3>
<p dir="ltr">​गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी देश भर में निजी और सरकारी अस्पतालों के इलाज के खर्च में मौजूद भारी अंतर पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। सर्वोच्च अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (Healthcare Providers) की फीस को विनियमित (Regulate) करने के लिए उचित और तत्काल कदम उठाएं।</p>
<h3 dir="ltr">​क्या होगा इसका असर?</h3>
<p dir="ltr">​स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) होने के बावजूद कई बार निजी अस्पताल मरीजों से 'को-पेमेंट' या अन्य हिडन चार्जेस के नाम पर भारी रकम वसूल लेते हैं। इस नीति के लागू होने से न केवल आम मरीजों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में व्याप्त अनिश्चितता और मुनाफे की संस्कृति पर भी लगाम लगेगी।</p>
<p dir="ltr">​हालांकि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जैसे संगठनों ने इस बिल के कुछ दंडात्मक प्रावधानों पर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं, लेकिन आम जनमानस के व्यापक हित को देखते हुए सरकार इसे जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:32:51 +0530</pubDate>
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