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                <title>MMR - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>MMR RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री पार, मुंबई, एमएमआर, कोकण और विदर्भ में गर्मी से हाहाकार, आईएमडी अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने शनिवार को मुंबई ही नहीं, बल्कि एमएमआर, कोकण और विदर्भ तक हाहाकार मचाया। उमस भरी गर्मी में लोग पसीने से तरबतर नजर आए। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने कुछ कदम पैदल चलने के बाद लोगों को छांव तलाशने पर मजबूर कर दिया। मुंबई में कई जगह पारा 40 डिग्री, तो एमएमआर में 43 डिग्री सेल्सियस से पार चला गया। वही, कोकण और विदर्भ में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होने पर लोगों की हालत पस्त हो गई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49499/mumbai-temperature-crossed-45-degrees-in-many-areas-of-maharashtra"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-26t131437.584.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने शनिवार को मुंबई ही नहीं, बल्कि एमएमआर, कोकण और विदर्भ तक हाहाकार मचाया। उमस भरी गर्मी में लोग पसीने से तरबतर नजर आए। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने कुछ कदम पैदल चलने के बाद लोगों को छांव तलाशने पर मजबूर कर दिया। मुंबई में कई जगह पारा 40 डिग्री, तो एमएमआर में 43 डिग्री सेल्सियस से पार चला गया। वही, कोकण और विदर्भ में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होने पर लोगों की हालत पस्त हो गई।</p>
<p> </p>
<p>मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंसके चलते इतनी भीषण गर्मी पड़ने की बात कही है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आने वाले एक-दो दिन टेंपरेचर मौजूदा आंकड़ों के इर्द- गिर्द ही रहेगा।</p>
<p><strong>धूप में खूब तपी आमची मुंबई</strong><br />कोकण समेत पूरे राज्य में भीषण लू चल रही है, जिसका असर मुंबई शहर, एमएमआर में भी महसूस किया गया। शनिवार को तेज धूप मुंबईकरों के लिए भारी परेशानी का सबब बनी। सेंट्रल सबर्ब में मुलुंड, भांडुप, विक्रोली और आसपास तापमान 40 डिग्री के इर्द-गिर्द रहा, हालांकि दादर (34डिग्री), जुहू (33.9डिग्री), कोलाबा (33.7डिग्री) में स्थिति थोड़ी सामान्य थी, लेकिन यहां ह्यूमिटी से लोग हलकान दिखे।</p>
<p><strong>एमएमआर में हालत पस्त</strong><br />एमएमआर क्षेत्र में चिलचिलाती धूप से नागरिको की हालत पस्त हो गई। अंबरनाथ (43.8डिग्री), मनोर (43.7डिग्री), तलोजा (43.4डिग्री), कल्याण (43.3डिग्री), मोरबे (43.2डिग्री), बदलापुर (43.1डिग्री) और डोंबिवली (43डिग्री) में भीषण गर्मी पड़ी। वही, नवी मुंबई के खारघर (42.9डिग्री), दीघा (42.7डिग्री), ऐरोली (42.5डिग्री), पनवेल (41.5डिग्री), कोपरखैरणे (41.2डिग्री) और इंटरनैशनल एयरपोर्ट (40डिग्री) में पारा पीक पर रहा। इसके अलावा ठाणे के कलवा-दिवा (42.1डिग्री), ठाणे शहर (41.7डिग्री) पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया। तटीय क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत नियंत्रित रहा। बेलापुर (38.8), विरार (37.9डिग्री), नेरुल (37.7डिग्री), डहाणू (36.6), उत्तान (36.3डिग्री), रत्नागिरी (36डिग्री) और हार्ने (33.6डिग्री) में अपेक्षाकृत कम तापमान दर्ज किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 13:16:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र पर जलवायु संकट! कहीं बारिश तो कहीं हीट स्ट्रोक का साया, मुंबई एमएमआर में फिर चढ़ा पारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में कहीं बढ़ती गर्मी तो कहीं अचानक हो रही बारिश अब केवल मौसमी बदलाव नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच जलवायु संकट का साया मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी लगातार बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र में अल नीनो का खतरा भी बढ़ गया है। दो दिन पहले राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48637/climate-crisis-on-mumbai-maharashtra-somewhere-rain-and-somewhere-shadow"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-23t125239.866.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देश में कहीं बढ़ती गर्मी तो कहीं अचानक हो रही बारिश अब केवल मौसमी बदलाव नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच जलवायु संकट का साया मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी लगातार बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र में अल नीनो का खतरा भी बढ़ गया है। दो दिन पहले राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ गया। </p>
<p> </p>
<p><strong>ठाणे में कई स्थानों पर मुफ्त पेयजल सुविधा</strong><br />महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। स जिले के कराड दक्षिण क्षेत्र से एक अलग तस्वीर सामने आई है। जहां हर साल इस समय तेज गर्मी पड़ती थी, वहीं इस बार अचानक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया। तेज आंधी, ओलों और मूसलाधार बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई फसलें खराब हो गई हैं, जिससे नववर्ष और नवरात्रि का उत्साह भी फीका पड़ गया है। वहीं जालना जिले में भी अचानक हुई ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p><strong>जलवायु परिवर्तन के संकेत</strong><br />विशेषज्ञों के अनुसार तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण अचानक बारिश या अत्यधिक गर्मी की घटनाएं बढ़ रही हैं। बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। फसलों के साथ-साथ सब्जियों और फलों को भी नुकसान हुआ है। इस साल आम के पेड़ों पर अच्छे बौर आए थे, लेकिन बेमौसम बारिश और तेज आंधी के कारण पेड़ों पर लगे बौर झड़ गए हैं, जिससे बागवानों में चिंता का माहौल है।</p>
<p><strong>मुंबई में गर्मी का प्रकोप</strong><br />देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। कई जगहों पर तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से 5 से 7 डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई, कोंकण समेत कई जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही हैं। </p>
<p><strong>राज्य के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर</strong><br />मुंबई एमएमआर के साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर तेजी से दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है और कुछ क्षेत्रों में यह 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में ज्यादा गर्मी के कारण बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। मौसम विभाग ने अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में भी गर्मी का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक रहने की संभावना है। सामान्य तापमान के लिए प्रसिद्ध पुणे में भी इस समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है। </p>
<p><strong>ठाणे स्टेशन पर मुफ्त पेयजल की सुविधा</strong><br />मुंबई-ठाणे में बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल की समस्या भी सामने आने लगी है। ऐसे में कुछ संस्थाएं आगे आकर यात्रियों के लिए मुफ्त पेयजल की व्यवस्था कर रही हैं। ठाणे नगर निगम द्वारा जेवीएम चैरिटेबल ट्रस्ट और येस ट्रस्ट के सहयोग से ठाणे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास मुफ्त बिसलेरी पेयजल सुविधा शुरू की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 12:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई : जनवरी से नवंबर तक मुंबई समेत MMR में 5,508 सड़क हादसों में 1,428 लोगों की चली गई जान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>साल के पहले 11 महीनों में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में हर दिन कम से कम चार लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिससे यह सवाल उठता है: क्या मुंबई के आसपास के कस्बों और शहरों को जगाने वाला विकास का रथ इंसानी कीमत पर असर डाल रहा है?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46585/from-january-to-november-1428-people-lost-their-lives-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-30t142048.552.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> साल के पहले 11 महीनों में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में हर दिन कम से कम चार लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिससे यह सवाल उठता है: क्या मुंबई के आसपास के कस्बों और शहरों को जगाने वाला विकास का रथ इंसानी कीमत पर असर डाल रहा है? स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से नवंबर तक मुंबई समेत MMR में 5,508 सड़क हादसों में 1,428 लोगों की जान चली गई। स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से नवंबर तक मुंबई समेत MMR में 5,508 सड़क हादसों में 1,428 लोगों की जान चली गई। </p>
<p> </p>
<p>यह 2024 में इसी समय के दौरान 5,448 एक्सीडेंट में 1,403 मौतों और 2023 में 5,450 एक्सीडेंट में 1,376 मौतों से थोड़ी ज़्यादा थी।मुंबई (326) के बाद, सबसे  दा मौतें नवी मुंबई (257) में हुईं, उसके बाद पालघर (246) का नंबर था। लेकिन, जहां तक ​​एक्सीडेंट की बात है, मुंबई 2,381 के साथ सबसे ऊपर रहा, उसके बाद ठाणे 900 और ठाणे-शहर 745 के साथ दूसरे नंबर पर रहा।भले ही पिछले तीन सालों से ये नंबर काफी हद तक एक जैसे रहे हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स अर्बन प्लानिंग, रोड सेफ्टी में सिस्टम की नाकामियों और हर साल रजिस्टर होने वाली गाड़ियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी को लेकर खतरे की घंटी बजा रहे हैं।MMR रीजन में मुंबई, ठाणे, मीरा भयंदर, वसई विरार, नवी मुंबई, पालघर और रायगढ़ के कुछ शहर शामिल हैं। स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के जारी किए गए डेटा से पता चलता है कि मुंबई में हर स्क्वेयर किलोमीटर पर 753 गाड़ियां हैं, और अकेले मुंबई में 15 लाख से ज़्यादा रजिस्टर्ड गाड़ियां हैं।गाड़ी चलाने वालों की जान को खराब सड़कें, ड्राइवर का बर्ताव और गाड़ी की कंडीशन जैसे फैक्टर्स खतरे में डालते हैं। और गहराई से देखने पर, कुछ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सरकार जितना ज़्यादा रोड इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती है, शहर में उतनी ही ज़्यादा गाड़ियां आती हैं। और वे कहते हैं कि इससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट टीम के प्रोग्राम हेड धवल अशर कहते हैं, “MMR में डेवलपमेंट का आधार पूरे इलाके में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए हाई-स्पीड इंफ्रास्ट्रक्चर है। लेकिन सड़क इस्तेमाल करने वाले बहुत अलग-अलग तरह के लोग होते हैं।</p>
<p>साइकिल, मोटरसाइकिल और पैदल चलने वाले सभी उसी सड़क पर चलते हैं जिस पर तेज़ रफ़्तार कार या डंपर चलते हैं। यह अलग-अलग तरह का होना, अगर इसके लिए प्लान न बनाया जाए, तो हमेशा एक हाई-रिस्क वाली सिचुएशन बनी रहेगी। हमें इस मौजूदा बदलाव के दौर में, जिसमें हम हैं, सबसे कमज़ोर सड़क इस्तेमाल करने वालों के लिए प्लान बनाने की ज़रूरत है।”ड्राइवर का बर्ताव और इंसानी गलती भी इसमें काफी हद तक योगदान दे रही है। मुंबई में जॉइंट पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) अनिल कुंभारे मानते हैं, “बहुत सारे ड्राइवर बेसिक ट्रैफिक नियमों को नज़रअंदाज़ करते हैं।” उन्होंने कहा, “कई एक्सीडेंट भारी गाड़ियों या पब्लिक और यूटिलिटी गाड़ियों से होते हैं, जहाँ ड्राइवर अक्सर लापरवाह या अनट्रेंड होते हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:21:41 +0530</pubDate>
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