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                <description>10% RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई: गर्मियों में एसटी का सफर होगा महंगा, टिकट दरों में 10% की 'सीजनल' बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य परिवहन निगम ने सीजनल 10 प्रतिशत किराए बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही हर टिकट पर 2 रुपये का स्वच्छता अधिभार यानी सैनिटेशन सरचार्ज भी लगाने का फैसला किया है। नया किराया इसी महीने की 14 अप्रैल से लागू होगा। इस किराया बढ़ोतरी को परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि हर साल गर्मी शुरू होने से पहले किराया बढ़ाया जाता है। इस साल भी बढ़ाया जा रहा है। 15 जून को यह बढ़ोतरी वापस ले लेंगे लेकिन दो रुपये स्वच्छता अधिभार लागू रहेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49071/st-travel-will-be-expensive-in-mumbai-summer-seasonal-increase"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(97).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>राज्य परिवहन निगम ने सीजनल 10 प्रतिशत किराए बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही हर टिकट पर 2 रुपये का स्वच्छता अधिभार यानी सैनिटेशन सरचार्ज भी लगाने का फैसला किया है। नया किराया इसी महीने की 14 अप्रैल से लागू होगा। इस किराया बढ़ोतरी को परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि हर साल गर्मी शुरू होने से पहले किराया बढ़ाया जाता है। इस साल भी बढ़ाया जा रहा है। 15 जून को यह बढ़ोतरी वापस ले लेंगे लेकिन दो रुपये स्वच्छता अधिभार लागू रहेगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>यात्री किराए में 10 परसेंट की बढ़ोतरी</strong><br />राज्य परिवहन प्राधिकरण ने राज्य परिवहन निगम को इस साल गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों के दौरान किराया में 30 परसेंट तक बढ़ोतरी की पहले ही मंज़ूरी दे दी है। इसने 2026 के गर्मी के मौसम के लिए यात्री किराए में 10 परसेंट की बढ़ोतरी करने का फ़ैसला किया है। इसके मुताबिक, किराए में बढ़ोतरी 14 अप्रैल की आधी रात के बाद लागू होगी। गर्मी के किराए में बढ़ोतरी सिर्फ़ दो महीने के लिए है और सफाई सरचार्ज परमानेंट रहेगा। </p>
<p><strong>सरचार्ज से इन्हें मिली है राहत</strong><br />राज्य परिवहन निगम में सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है इसलिए, एसटी बस, स्टॉप और डिपो की सफाई के लिए कॉन्ट्रैक्टर रखा जाएगा। निगम ने यात्रियों को साफ रखने की इस पहल के लिए हर टिकट पर 2 रुपये का सफाई सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। यह सरचार्ज 14 अप्रैल की आधी रात से लगाया जाएगा। यह सरचार्ज महिला सम्मान योजना, सीनियर सिटीजन, अमृत सीनियर सिटीजन और दूसरे रियायती यात्रियों पर लागू नहीं होगा।</p>
<p><strong>हर बस पर 50 रुपये का सरचार्ज</strong><br />यात्रा योजना के तहत जहां चाहें वहां चार और सात दिन के पास दिए जाते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए 5 रुपये का सरचार्ज लगेगा। यह रकम यात्रियों से पास जारी करते समय ली जाएगी। एडवांस रिजर्वेशन से जारी पास पर कोई सफाई सरचार्ज नहीं लगेगा। एसीटी प्रशासन ने साफ किया है कि जो लोग एसटी बसें किराए पर लेंगे, उन्हें हर बस पर 50 रुपये का सरचार्ज देना होगा। मुंबई और पुणे के बीच एक साधारण एसटी यात्रा का किराया 281 रुपये है। 15 अप्रैल को कुल 312 रुपये और दो रुपये का सरचार्ज लगेगा, जिससे कुल 314 रुपये हो जाएंगे।</p>
<p><strong>ई-बसें बाहर</strong><br />एसटी किराए में बढ़ोतरी 15 अप्रैल से 15 जून तक के समय के लिए लागू होगी। किराए में बढ़ोतरी सिर्फ़ आम बसों के लिए होगी। हिरकणी, शयनयान, शिवशाही, जन शिवनेरी, शिवनेरी समेत ई-बसों को किराए में बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है। कॉर्पोरेशन के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. माधव कुसेकर ने गर्मी के मौसम के लिए एडवांस रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों से यात्रा के दौरान अंतर की रकम वसूलने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>नई दिल्ली : चार साल तक केंद्रीय कर्मियों-पेंशनरों को होगा 10% का आर्थिक नुकसान, सैलरी पर पड़ सकता है असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>क्या चार साल तक 49 लाख कर्मियों व 69 लाख पेंशनरों को होगा 10 प्रतिशत वेतन का नुकसान, उनकी सेलरी में लगेगी सेंध, इस सवाल ने कर्मियों की परेशानी बढ़ा दी है। डीए/डीआर तो गत वर्ष ही पचास फीसदी के पार हो गया था। नियम है कि इस स्थिति में डीए/डीआर का मूल वेतन और पेंशन में विलय कर दिया जाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46145/new-delhi-central-government-employees-and-pensioners-will-suffer-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download-(86).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>क्या चार साल तक 49 लाख कर्मियों व 69 लाख पेंशनरों को होगा 10 प्रतिशत वेतन का नुकसान, उनकी सेलरी में लगेगी सेंध, इस सवाल ने कर्मियों की परेशानी बढ़ा दी है। डीए/डीआर तो गत वर्ष ही पचास फीसदी के पार हो गया था। नियम है कि इस स्थिति में डीए/डीआर का मूल वेतन और पेंशन में विलय कर दिया जाए। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का कहना है कि सरकार, ऐसा कोई विलय नहीं करेगी। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने एक विशेष बातचीत में कहा, ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का दस प्रतिशत पैसा हर माह बचा लिया है। इसे यूं भी कह सकते हैं कि पिछले दो साल से दस प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन हड़पा जा रहा है। पेंशन भी हड़पी जा रही है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद भी दो साल बाद ही कर सकते हैं। ऐसे में चार साल तक कर्मियों को हर माह दस प्रतिशत वेतन का नुकसान उठाना पड़ेगा। अब सरकार कह रही है कि डीए को मूल वेतन में मर्ज नहीं करेंगे। यह बात समझ नहीं आ रही है कि सरकार, कर्मचारी को उसका आर्थिक फायदा देने से क्यों कतरा रही है।   </p>
<p> </p>
<p><strong>आठवें वेतन आयोग से जुड़े अहम सवाल </strong><br />पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग का फायदा मिलेगा या नहीं, इस बाबत कर्मचारी और पेंशनधारकों के संगठन, चिंतित हैं। पुरानी पेंशन, क्या इसकी बहाली होगी या अब यूपीएस ही चलेगा। 'गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अवित्तपोषित लागत', आठवें वेतन आयोग की 'संदर्भ की शर्तें' यानी टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) में शामिल इस पंक्ति को हटवाने के लिए क्यों लामबंद हो रहे कर्मचारी। आज डिजिटल का युग है, बहुत सारी डिटेल एक क्लिक पर मिल जाती है तो फिर सरकार ने आठवें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय क्यों दिया है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर न्यूनतम बेसिक वेतन कितना हो सकता है। सरकार ने कहां पर कैंची चलाकर सरकारी कर्मियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा दिया है। जब आयोग का गठन हुआ तो कहा गया था कि पहली जनवरी 2026 से वेतन आयोग लागू होगा, अब संसद में वित्त राज्य मंत्री का कहना है कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लागू होने की तारीख का निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने अमर उजाला डॉट कॉम के साथ एक विशेष बातचीत में ऐसे कई अहम सवालों का जवाब दिया है।  </p>
<p><strong>क्या पेंशन में विभेद कर सकती है सरकार </strong><br />डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने बताया, 'गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अवित्तपोषित लागत', आठवें वेतन आयोग की 'संदर्भ की शर्तों' से इस बात को हटाने के लिए मांग की गई। अब इस मुद्दे पर स्थिति साफ हो गई है। पहले यह बात सामने आई कि पेंशनर को टीओआर में शामिल नहीं किया गया। पिछले दिनों संसद में वित्त मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि आठवें वेतन आयोग से पेंशनर भी लाभान्वित होंगे। अब यह मुद्दा खत्म हो गया है। अवित्तपोषित लागत, इस बाबत डॉ. पटेल ने कहा, 25 मार्च 2025 को संसद में 'पेंशन लायबिलिटी बिल' पास किया गया था। उसमें कहा गया था कि भारत सरकार, एक विशिष्ट तिथि से पहले के रिटायर्ड कर्मचारियों और उसके बाद के रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में विभेद कर सकती है। इसका मतलब, इन दोनों स्थितियों में पेंशनरों को अलग-अलग लाभ मिलेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 18:35:23 +0530</pubDate>
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