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                <title>Maharashtra latest news - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Maharashtra latest news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 116 गिरफ्तार, ₹1.47 करोड़ की जब्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र आबकारी विभाग ने एक सप्ताह के विशेष अभियान में 116 लोगों को गिरफ्तार कर ₹1.47 करोड़ मूल्य की अवैध शराब और अन्य सामग्री जब्त की है। राज्यभर में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर रोक लगाना है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50111/major-action-against-illicit-liquor-in-maharashtra-116-arrested-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/screenshot_2026-06-05-23-27-23-028_com.android.chrome-edit.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>महाराष्ट्र राज्य आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। एक सप्ताह तक चले राज्यव्यापी अभियान में 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया और लगभग 1.47 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध शराब तथा अन्य सामग्री जब्त की गई।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान राज्य में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया। विभिन्न जिलों में एक साथ छापेमारी कर कई मामलों का खुलासा किया गया, जिनमें बिना लाइसेंस शराब का उत्पादन और बिक्री शामिल है।</p>
<p>कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में देशी और विदेशी शराब, कच्चा माल, निर्माण उपकरण तथा परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन भी जब्त किए गए। आबकारी विभाग का कहना है कि इस अभियान से अवैध शराब नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।</p>
<p>हाल के दिनों में जहरीली शराब से जुड़ी घटनाओं के बाद विभाग ने निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में राज्यभर में विशेष जांच और छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं।</p>
<p>आबकारी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन नेटवर्कों के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और उनकी सप्लाई चेन किन क्षेत्रों तक फैली हुई है।</p>
<p>विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 23:29:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने मस्जिद की लाउडस्पीकर याचिका खारिज की, कहा—किसी धर्म में आवाज़-बढ़ाने वाले उपकरण अनिवार्य नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मस्जिद की लाउडस्पीकर याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी भी धर्म में आवाज़-बढ़ाने वाले उपकरण का उपयोग अनिवार्य नहीं है। शोर-प्रदूषण नियम लागू रहेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46008/nagpur-bench-of-bombay-high-court-rejected-the-loudspeaker-petition-of-the-mosque--said-%E2%80%93-voice-enhancing-equipment-is-not-mandatory-in-any-religion"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/loudspeaker-case.gif" alt=""></a><br /><p>मुंबई :  बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने मस्जिद गौसिया, गोंदिया की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें नमाज़ के लिए लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार भारतीय संविधान में सुरक्षित है, लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक शांति और नागरिकों की निजता से ऊपर नहीं हो सकता।</p>
<p><br />---</p>
<p>लाउडस्पीकर धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं: हाई कोर्ट</p>
<p>अदालत ने कहा कि किसी भी धर्म के अनुष्ठान के लिए लाउडस्पीकर या किसी भी तरह की आवाज़-बढ़ाने वाली मशीनरी का उपयोग अनिवार्य नहीं है। जजों ने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि लाउडस्पीकर का उपयोग धार्मिक अधिकारों के दायरे में नहीं आता। याचिकाकर्ता इस बात का कोई धार्मिक या कानूनी प्रमाण नहीं दे सका कि नमाज़ के लिए लाउडस्पीकर आवश्यक है।</p>
<p><br />---</p>
<p>सार्वजनिक शांति और स्वास्थ्य को प्राथमिकता</p>
<p>हाई कोर्ट ने कहा कि लाउडस्पीकर से अनियंत्रित शोर पैदा होता है, जो शोर-प्रदूषण और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। छोटी उम्र के बच्चे, बुजुर्ग, अस्पताल में भर्ती मरीज और मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोग इस शोर से अधिक प्रभावित होते हैं। इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि-नियमन नियमों का पालन जरूरी है।</p>
<p><br />---</p>
<p>राज्य सरकार को नियमों के सख्त पालन का निर्देश</p>
<p>अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन को निर्देश दिया कि Noise Pollution Rules का कड़ाई से पालन करवाया जाए। धार्मिक स्थानों पर ऐसे उपकरणों का उपयोग तभी हो जब निर्धारित समय और डेसिबल सीमा के भीतर हो। अदालत ने कहा कि धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक हित के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।</p>
<p><br />---</p>
<p>फैसले का व्यापक प्रभाव</p>
<p>हालांकि यह मामला विशेष मस्जिद से संबंधित था, लेकिन न्यायालय के तार्किक आधार हर धार्मिक स्थल पर समान रूप से लागू हो सकते हैं—चाहे वह मंदिर हो, गुरुद्वारा हो या चर्च। अदालत ने संकेत दिया कि धार्मिक आज़ादी का अर्थ यह नहीं कि दूसरों की शांति, स्वास्थ्य या अधिकारों का उल्लंघन किया जाए।</p>
<p><br />---</p>
<p>निष्कर्ष</p>
<p>हाई कोर्ट का यह फैसला सामाजिक जिम्मेदारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य और संवैधानिक मूल्यों को सर्वोपरि रखने वाला है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धार्मिक गतिविधियाँ सभी की शांति और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए ही संचालित होनी चाहिए। यह निर्णय शोर-प्रदूषण नियंत्रण और समुदाय-सहअस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 06:54:02 +0530</pubDate>
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