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                <title>मुंबई: मालेगांव से मिरा भाईंदर पहुंचा टीपू सुल्तान विवाद, मीरा रोड के पास की चाैक का नाम बदलने की मांग</title>
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                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान विवाद पर जहां राजनीति गरमाई हुई है तो वहीं अब इस मामले ने मुंबई से सटे मीरा भाईंदर में एंट्री ले ली है। ऐसे में यह मामला मालेगांव से शुरू होकर मीरा भाईंदर नगर निगम में आ गया है। दरअसल राज्य में साढ़े तीन साल के अंतराल के बाद नगरमहापालिकाओं में निर्वाचित प्रतिनिधियों की वापसी हुई है। मीरा भाईंदर नगर निगम की पहली आम सभा से पहले सुल्तान चौक नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47823/tipu-sultan-controversy-reached-mira-bhayander-from-mumbai-malegaon-demand"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-18t121014.419.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान विवाद पर जहां राजनीति गरमाई हुई है तो वहीं अब इस मामले ने मुंबई से सटे मीरा भाईंदर में एंट्री ले ली है। ऐसे में यह मामला मालेगांव से शुरू होकर मीरा भाईंदर नगर निगम में आ गया है। दरअसल राज्य में साढ़े तीन साल के अंतराल के बाद नगरमहापालिकाओं में निर्वाचित प्रतिनिधियों की वापसी हुई है। मीरा भाईंदर नगर निगम की पहली आम सभा से पहले सुल्तान चौक नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है। इस मुद्दे पर आम सभा में टकराव तय माना जा रहा है। मीरा भाईंदर की पहली आम सभा बुधवार यानी 18 फरवरी को होगी। महराष्ट्र में टीपू सुल्तान पर मचे घमासान के बीच उद्धव ठाकरे की पार्टी का कहना है कि औरंगजेब और अफजल खान की तरह मैसूर के टीपू सुल्तान को फिर से कब्र से बाहर निकाला जा रहा है, लेकिन मीरा भाईंदर में सामने आए प्रस्ताव पर नए सिरे राजनीति तूल पकड़ सकती है। </p>
<p> </p>
<p><strong>मीरा रोड के पूर्व में है चौक</strong><br />मीरा भाईंदर में सत्ताधारी भाजपा ने एक साथ कई ऐसे प्रस्ताव पेश कर दिए हैं। जिसने राजनीति को गरमा दिया है। इसमें हजरत टीपू सुल्तान चौक का नाम बदलने से लेकर उत्तन में कत्लखाना खत्म करने के प्रस्ताव शामिल हैं। मीरा रोड पूर्व में आने वाले नयानगर में हजरत टीपू सुल्तान चौक है। का नाम बदलने का प्रस्ताव सबसे ज्यादा चर्चा में है। साला 2016 को आमसभा में इस चौक का नामकरण किया गया था। नगर निगम प्रशासन 2021 के निर्णय का हवाला देते हुए नाम परिवर्तन को असंभव बता रही है। बीजेपी का तर्क है कि पूर्व में नाट्यगृह के नामकरण में बदलाव का उदाहरण मौजूद है।</p>
<p><strong>मालेगांव से शुरू हुआ विवाद</strong><br />मीरा भाईंदर में यह सब ऐसे वक्त पर हुआ है जब राज्य में मैसूर के शासक रहे टीपू सुल्तान को लेकर एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति गर्म। यह पूरा विवाद मालेगांव नगर निगम की डिप्टी मेयर व समाजवादी नेता शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने से शुरू हुआ था। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से कर इसे और हवा दे दी। इस पर सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सपकाल को जम कर फटकार लगाई थी।</p>
<p><strong>उद्धव ठाकरे ने किया पलटवार</strong><br />बीजेपी ने उद्धव ठाकरे को घेर लिया था। इसके बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी के मुखपत्र सामना में प्रतिक्रिया सामने आई थी। इसमें लिखा गया था कि टीपू सुल्तान को पाकिस्तान में 'हीरो' माना जाता है, लेकिन उसी पाकिस्तान के साथ भारत क्रिकेट मैच खेल रहा है। हैरानी की बात यह है कि सीएम फडणवीस व बीजेपी के नेता इसका विरोध नहीं कर रहे हैं। मैच के सूत्रधार गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह हैं।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 12:13:49 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : विधायक सुनील प्रभु ने राज्य सरकार के समक्ष बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर “मुंबई उच्च न्यायालय” किए जाने की मांग की</title>
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                        <![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर “मुंबई उच्च न्यायालय” किए जाने की मांग दिंडोशी के शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने राज्य सरकार के समक्ष पत्र के माध्यम से रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील को भेजे पत्र में आग्रह किया है कि आगामी नागपुर शीतकालीन अधिवेशन में इस संबंध में एक विशेष सरकारी प्रस्ताव विधानसभा में पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45951/mumbai-mla-sunil-prabhu-demands-renaming-of-bombay-high-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-03t111933.120.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर “मुंबई उच्च न्यायालय” किए जाने की मांग दिंडोशी के शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने राज्य सरकार के समक्ष पत्र के माध्यम से रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील को भेजे पत्र में आग्रह किया है कि आगामी नागपुर शीतकालीन अधिवेशन में इस संबंध में एक विशेष सरकारी प्रस्ताव विधानसभा में पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। </p>
<p> </p>
<p><strong>20 वर्षों से लंबित है नामांतरण का मामला</strong><br />विधायक प्रभु ने पत्र में उल्लेख किया है कि पिछले बीस वर्षों से बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर “मुंबई उच्च न्यायालय” करने की मांग विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष उठाई जा रही है, परंतु अभी तक इस विषय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण नामांतरण का प्रश्न आज भी लंबित है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को हाईकोर्ट पेटेंट 1862 के अनुसार आवश्यक संशोधन करना होगा, और इसी दिशा में महाराष्ट्र सरकार को ठोस पहल कर केंद्र का ध्यान आकृष्ट करणे आवश्यक है। </p>
<p><strong>सरकार की निष्क्रियता पर सवाल; मराठी को अभिजात भाषा का उदाहरण</strong><br />अपने पत्र में प्रभु ने राज्य सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के नामांतरण पर अब तक कोई प्रभावी कदम न उठाया जाना खेदजनक है। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि महाराष्ट्र सरकार ने मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव विधानसभा में पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था और मराठी भाषा के हित में यह ऐतिहासिक निर्णय व्यापक संघर्ष तथा सातत्यपूर्ण प्रयासों के बाद ही संभव हुआ। इसी प्रकार, अन्य कई प्रस्ताव भी विधानमंडल में पारित होकर सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं। इसलिए बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर मुंबई उच्च न्यायालय करना ही प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप सही कदम होगा। </p>
<p><strong>8 दिसंबर को विशेष सरकारी प्रस्ताव लाने की मांग</strong><br />सुनील प्रभु ने पत्र में आग्रह किया है कि 8 दिसंबर को नागपुर में आरंभ होने वाले शीतकालीन अधिवेशन में  इस विषय पर विशेष सरकारी प्रस्ताव पेश किया जाए।<br />उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव विधानसभा में सर्वसम्मति से मंजूर कर तुरंत केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए,ताकि नामांतरण पर आवश्यक कार्रवाई शीघ्र शुरू हो सके। </p>
<p><strong>प्रभु की भूमिका: “मुंबई की पहचान से मेल खाता न्यायालय का नाम आवश्यक” </strong><br />विधायक प्रभु का कहना है की “मुंबई महाराष्ट्र का सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र है। ऐसे में न्यायपालिका को भी स्थानीय पहचान दिए जाने के उद्देश्य से बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर ‘मुंबई उच्च न्यायालय’ करना आवश्यक है। सरकार को इस दिशा में तुरंत पहल करनी चाहिए।”</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 11:20:41 +0530</pubDate>
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