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                <title>Money laundering - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>Money laundering RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के दो पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">कस्टडी की मांग वाली दलीलों के दौरान, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेटने कोर्ट के सामने आरोप लगाया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल से पब्लिक फंड निकालने के लिए एक “पहले से सोची-समझी और अच्छी तरह से प्लान की गई स्कीम” थी, जिसके तहत कॉर्पोरेट लोन की आड़ में अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप द्वारा कथित तौर पर बनाई और कंट्रोल की गई शेल या पेपर कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49259/mumbai-enforcement-directorate-arrested-two-former-officials-of-anil-dhirubhai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/erw8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से फंड डायवर्जन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। इस डेवलपमेंट से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप ने कहा कि झुनझुनवाला अब उससे जुड़े नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमिताभ झुनझुनवाला पहले रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस कैपिटल के वाइस चेयरमैन के तौर पर काम कर चुके हैं। अमित बापना रिलायंस फाइनेंस में सीनियर लीडरशिप पोजीशन पर थे। दोनों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट , 2002 के सेक्शन 19 के तहत, सेक्शन 3 के तहत बताए गए और सेक्शन 4 के तहत सज़ा वाले अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था, और उन्हें दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कस्टडी की मांग वाली दलीलों के दौरान, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेटने कोर्ट के सामने आरोप लगाया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल से पब्लिक फंड निकालने के लिए एक “पहले से सोची-समझी और अच्छी तरह से प्लान की गई स्कीम” थी, जिसके तहत कॉर्पोरेट लोन की आड़ में अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप द्वारा कथित तौर पर बनाई और कंट्रोल की गई शेल या पेपर कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस स्कीम से बैंकों, शेयरहोल्डर्स, इन्वेस्टर्स और दूसरे पब्लिक इंस्टीट्यूशन्स के साथ धोखाधड़ी की गई। एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपियों को उन शेल एंटिटीज़ के बारे में पता था जिन्हें कॉर्पोरेट लोन मंज़ूर किए गए थे। इसने आगे आरोप लगाया कि बापना ने झुनझुनवाला समेत सीनियर मैनेजमेंट से मंज़ूरी लेकर लोन मंज़ूर करने और बांटने में अहम ऑपरेशनल भूमिका निभाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 12:07:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समीर वानखेड़े की गिरफ्तारी से राहत 27 मार्च तक बढ़ा दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ईसीआईआर ईडी द्वारा दर्ज की गई शिकायत की एक औपचारिक प्रविष्टि है। वानखेड़े ने ईसीआईआर को बॉम्बे एचसी में चुनौती दी है और अपने खिलाफ मामले को रद्द करने की मांग की है। इसके अलावा, बॉम्बे HC ने वानखेड़े के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के साथ मामले की सुनवाई उसी तारीख को सूचीबद्ध की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29068/bombay-high-court-extends-relief-from-arrest-of-sameer-wankhede-in-money-laundering-case-till-march-27"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को दी गई गिरफ्तारी से राहत शुक्रवार को 27 मार्च तक बढ़ा दी। अदालत ने मामले को 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ ईडी की प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को चुनौती देने वाली समीर वानखेड़े की याचिका पर संक्षिप्त जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगने के बाद मामला स्थगित कर दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ईसीआईआर ईडी द्वारा दर्ज की गई शिकायत की एक औपचारिक प्रविष्टि है। वानखेड़े ने ईसीआईआर को बॉम्बे एचसी में चुनौती दी है और अपने खिलाफ मामले को रद्द करने की मांग की है। इसके अलावा, बॉम्बे HC ने वानखेड़े के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के साथ मामले की सुनवाई उसी तारीख को सूचीबद्ध की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत को बताया गया कि सॉलिसिटर जनरल उस तारीख पर दोनों मामलों में खुद पेश होंगे। इससे पहले 10 फरवरी को, प्रवर्तन निदेशालय ने वानखेड़े के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला शुरू किया था, जिसमें सीबीआई की एफआईआर को स्वीकार करते हुए अभिनेता शाहरुख खान के परिवार से उनके बेटे को क्रूज़ ड्रग्स मामले में बख्शने के लिए 25 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग का आरोप लगाया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/29068/bombay-high-court-extends-relief-from-arrest-of-sameer-wankhede-in-money-laundering-case-till-march-27</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Mar 2024 14:18:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एनसीबी मुबंई के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाईकोर्ट का किया रुख... </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ईडी ने मादक पदार्थ संबंधी मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे को बरी करने के लिए उनके परिवार से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के संबंध में सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर संज्ञान लेते हुए यह मामला दर्ज किया। भारतीय राजस्व सेवा में सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर काडर के 2008 बैच के अधिकारी वानखेड़े ने अपनी याचिका में कहा कि ईडी का मामला दुर्भावना और प्रतिशोध से युक्त है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/28500/former-regional-director-of-ncb-mumbai--sameer-wankhede-took-the-high-court-s-stand-in-the-money-laundering-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-02/download5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>एनसीबी मुबंई के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने उनके खिलाफ ईडी द्वारा दर्ज किये गए मनी लॉन्ड्रिंग मामले के खिलाफ बंबई हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया कि उनके द्वारा एनसीबी के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद बदले की भावना से यह मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने मादक पदार्थ संबंधी मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे को बरी करने के लिए उनके परिवार से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के संबंध में सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर संज्ञान लेते हुए यह मामला दर्ज किया। भारतीय राजस्व सेवा में सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर काडर के 2008 बैच के अधिकारी वानखेड़े ने अपनी याचिका में कहा कि ईडी का मामला दुर्भावना और प्रतिशोध से युक्त है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता करण जैन, स्नेहा सनप और आदित्य तड़गे के माध्यम से 6 फरवरी को दायर याचिका में ईडी के मामले को रद्द करने और उन्हें किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करते हुये एक अंतरिम आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है। वानखेड़े ने यह भी अनुरोध किया है कि जब तक सीबीआई के मामले के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई और फैसला नहीं हो जाता, तब तक ईडी द्वारा की जा रही जांच पर रोक लगा दी जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई और ईडी के खिलाफ उनकी याचिकाएं सुनवाई के लिए 15 फरवरी को न्यायमूर्ति पी. डी. नाइक की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश की जा सकती हैं। वानखेड़े को सीबीआई मामले में पिछले साल उच्च न्यायालय की ओर से दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई थी। <br /><br />वानखेड़े ने ईडी मामले के खिलाफ दायर याचिका में दावा किया कि ईसीआईआर (प्रवर्तन सूचना रिपोर्ट) पिछले साल दर्ज की गई थी, जबकि वानखेड़े द्वारा पिछले माह दिल्ली की एक अदालत में एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराने के बाद अब जाकर मादक पदार्थ रोधी एजेंसी के कई अधिकारियों को समन जारी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वानखेड़े ने दावा किया कि दिल्ली और मुंबई पुलिस दोनों ही सिंह के खिलाफ उनकी शिकायत की जांच करने में विफल रहीं, ऐसे में उन्हें दिल्ली में अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। दिल्ली की एक अदालत ने 6 फरवरी को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त को नोटिस जारी कर वानखेड़े की शिकायतों पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।<br /><br />वानखेड़े ने ईडी के मामले के खिलाफ दायर अपनी याचिका में कहा कि सिंह और सत्ता में बैठे कुछ प्रभावशाली लोगों ने किसी मामले में फंसाने के लिए सीबीआई, ईडी और एनसीबी जैसी सभी एजेंसियों को उनके पीछे लगा दिया। याचिका में कहा गया है कि ‘‘याचिकाकर्ता (वानखेड़े) द्वारा जनवरी 2024 में आईपीएस अधिकारी ज्ञानेश्वर के खिलाफ दायर शिकायत का बदला लेने के लिए ईडी की ओर यह मामला दर्ज किया गया।’’</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें यह भी आरोप लगाया कि वानखेड़े को एक फोन कॉल आया था जिसमें उन्हें सिंह के खिलाफ दी गई शिकायतें वापस लेने और आईआरएस अधिकारी के पद से इस्तीफा देने की धमकी दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Feb 2024 19:27:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ED को गिरफ्तारी का अधिकार, मनी लॉन्ड्रिंग कानून में बदलाव सही...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारों और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने कहा है कि ईडी को गिरफ्तारी का अधिकार है। अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है, ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में कोई खामी नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और PMLA को लेकर दायर 240 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने कहा कि 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में जो बदलाव किए गए थे, वह सही हैं। यही नहीं कोर्ट ने कहा कि एजेंसी की ओर से गिरफ्तारी करना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/12407/supreme-court-s-big-decision--ed-has-the-right-to-arrest--change-in-money-laundering-law-is-right"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-07/dfdsf1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारों और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने कहा है कि ईडी को गिरफ्तारी का अधिकार है। अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है, ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में कोई खामी नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और PMLA को लेकर दायर 240 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने कहा कि 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में जो बदलाव किए गए थे, वह सही हैं। यही नहीं कोर्ट ने कहा कि एजेंसी की ओर से गिरफ्तारी करना और आरोपियों से पूछताछ करने में कुछ भी गलत नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि शीर्ष अदालत ने यह जरूर कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत जमानत के नियमों में थोड़ी ढील होनी चाहिए। याचिकाकर्ताओं की एक और मांग पर अदालत ने कहा कि ईडी ने कोई शिकायत दर्ज की है तो उसकी कॉपी आरोपी को देना जरूरी नहीं है। इसके अलावा सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी की ओर से बंद किए गए मामले को भी ईडी अपने हाथ में लेकर जांच कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में मनी बिल के तहत बदलाव किए जाने के सवाल को अदालत ने 7 जजों की बेंच के सामने भेजने का फैसला लिया है। दायर की गई याचिकाओं में ईडी की ओर से रेड, गिरफ्तारी के अधिकारी, संपत्ति को जब्च करने और बेल की कठिन शर्तों पर विचार करने की अपील की गई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 27 Jul 2022 11:22:28 +0530</pubDate>
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