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                <title>Controversy - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Controversy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: नीट विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी का धर्मेंद्र प्रधान पर हमला, बोलीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नीट परीक्षा विवाद को लेकर राजनीतिक घमासान लगातार जारी है। शिवसेना (यूबीटी)  की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि देश का युवा अब जागरूक हो चुका है और वह अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग तब तक कोई कार्रवाई नहीं करते, जब तक जनता और छात्र आंदोलन करने के लिए मजबूर न हो जाएं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50891/priyanka-chaturvedi-attacks-dharmendra-pradhan-on-mumbai-neet-controversy"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-23t105915.264.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>नीट परीक्षा विवाद को लेकर राजनीतिक घमासान लगातार जारी है। शिवसेना (यूबीटी)  की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि देश का युवा अब जागरूक हो चुका है और वह अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग तब तक कोई कार्रवाई नहीं करते, जब तक जनता और छात्र आंदोलन करने के लिए मजबूर न हो जाएं।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्री को अपने अंदर झांककर यह सवाल करना चाहिए कि क्या जो हो रहा है, वह सही है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से जनता नैतिक जिम्मेदारी की उम्मीद करती है और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई छात्रों और उनके परिवारों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था की विफलता के कारण कई युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठे छात्र और अभिभावक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को सुनने और उचित कदम उठाने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की चिंताओं को समझने के बजाय उन पर आरोप लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। NEET विवाद को लेकर संसद से लेकर सड़क तक राजनीति तेज हो गई है। विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:06:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : राम मंदिर डोनेशन विवाद पर उद्धव ठाकरे का ‘राम रक्षा’ आंदोलन, निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अयोध्या राम मंदिर में कथित डोनेशन हेराफेरी के मुद्दे को लेकर ‘राम रक्षा’ आंदोलन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में हैं और हिंदुत्व के नाम पर राजनीति की जा रही है। ठाकरे ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50573/uddhav-thackerays-ram-raksha-movement-demands-impartial-investigation-on-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/uddhav-thackeray.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अयोध्या राम मंदिर में कथित डोनेशन हेराफेरी के मुद्दे को लेकर ‘राम रक्षा’ आंदोलन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में हैं और हिंदुत्व के नाम पर राजनीति की जा रही है। ठाकरे ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।</p>
<p> </p>
<p>यह कार्यक्रम मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर के बाहर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने “हनुमान स्तोत्र”, “हनुमान चालीसा” और “राम रक्षा स्तोत्र” का पाठ भी किया। कार्यक्रम का माहौल धार्मिक और राजनीतिक दोनों रूपों में देखने को मिला, जहां उन्होंने धार्मिक भावनाओं के साथ अपने राजनीतिक संदेश भी दिए। अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के प्रसिद्ध नारे “गर्व से कहो हिंदू हैं” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है और इसे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या गलत इस्तेमाल से जोड़ना गलत है। ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह हिंदुत्व के नाम पर मंदिरों से जुड़े मामलों में गड़बड़ी करता है, तो उसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर से जुड़े डोनेशन मामलों में पारदर्शिता की कमी है और इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास बना रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने “BJP-मुक्त राम” का भी आह्वान किया और कहा कि भगवान राम किसी एक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे समाज और सभी लोगों के हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में यह भी कहा कि हिंदुत्व के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट या भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि यदि हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल किया गया तो हिंदू समाज स्वयं इसके खिलाफ खड़ा होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान 2022 में शिवसेना से जुड़े एक मामले में उस समय की लोकसभा सांसद नवनीत राणा को उनके घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के प्रयास के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस पुराने घटनाक्रम का संदर्भ भी राजनीतिक चर्चाओं में दोबारा सामने आया है।</p>
<p>रैली में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ठाकरे के बयानों का समर्थन करते हुए सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक भक्ति और राजनीतिक संदेशों का मिश्रण स्पष्ट रूप से देखा गया। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा दी है। जहां एक ओर ठाकरे ने धार्मिक मंच से राजनीतिक मुद्दे उठाए, वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से इस पर प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल इस मामले में किसी जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन उद्धव ठाकरे द्वारा उठाए गए सवालों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:36:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के पुत्र, एनसीपी सांसद पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद इसलिए उपजा है, क्योंकि वीएसआर वेंचर्स वही चार्टर कंपनी है जो 28 जनवरी को हुए उस दुखद विमान हादसे में शामिल थी, जिसमें उनके पिता उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49575/controversy-after-parth-pawar-travels-to-pune-in-private-jet"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(60).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के पुत्र, एनसीपी सांसद पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद इसलिए उपजा है, क्योंकि वीएसआर वेंचर्स वही चार्टर कंपनी है जो 28 जनवरी को हुए उस दुखद विमान हादसे में शामिल थी, जिसमें उनके पिता उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी। पार्थ पवार की वीएसआर वेंचर्स के जेट में यात्रा उनके चचेरे भाई और एनसीपी एसपी विधायक रोहित पवार के निजी जेट कंपनी पर गंभीर आरोप लगाने और सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन को उजागर करने के कुछ घंटों बाद हुई। हालांकि, पार्थ पवार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक स्तर की गलती थी और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। पार्थ पवार ने कहा कि वह संबंधित उड़ान बुक करने वाले एजेंट के साथ हुए समझौते को तुरंत रद्द कर रहे </p>
<p> </p>
<p><strong><em>पार्थ पवार ने क्या कहा</em></strong><br />पार्थ पवार ने कहा कि शरद पवार साहब से मिलने के लिए पुणे के मोदी बाग पहुंचने की तत्काल आवश्यकता के कारण उन्होंने अपने कार्यालय को एक उड़ान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में की गई व्यवस्थाओं के कारण, अनजाने में उनके लिए वीएसआर एविएशन की उड़ान बुक कर दी गई थी और उन्हें हवाई अड्डे पहुंचने और विमान में सवार होने तक इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि यह वीएसआर एविएशन की उड़ान है। उन्होंने कहा कि यह महज प्रशासनिक स्तर की गलती थी और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने आगे कहा कि वे संबंधित उड़ान बुक करने वाले एजेंट के साथ हुए समझौते को तुरंत रद्द कर रहे हैं। <br />उन्होंने कहा कि उनके कर्मचारियों और सहकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिक सतर्क रहें ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। वीएसआर एविएशन के प्रति उनका पहले वाला रुख आज भी वही है और उनका कड़ा विरोध है और यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है वह पूरी तरह निराधार, भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण है और वास्तविक स्थिति को समझे बिना इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।<br />रोहित पवार के सवाल<br />इससे पहले, रोहित पवार ने वीएसआर वेंचर्स पर निशाना साधते हुए कहा था कि दुर्घटना वाले दिन बारामती हवाई अड्डे पर दृश्यता कथित तौर पर आवश्यक 3 किमी से कम थी। मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर की चेतावनियों के बावजूद आरोप है कि कंपनी के मालिक ने चालक दल पर उड़ान भरने के लिए दबाव डाला। उन्होंने आगे कहा कि 25 अप्रैल, 2026 को वीएसआर लेयरजेट से जुड़ी एक और घटना हुई थी। दुबई जा रही (वीटी-वीआरआर) विमान फ्लैप में खराबी के कारण उड़ान भरने में विफल रही। इससे खस्ताहाल और खतरनाक विमानों के संचालन का पुराना पैटर्न और पुष्ट होता है।</p>
<p>रोहित पवार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान विमानन कंपनियों को सरकार द्वारा किए गए भुगतानों में भारी वृद्धि की ओर इशारा किया, जो कुल मिलाकर 210 करोड़ रुपये से अधिक थे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिलाया कि दुर्घटना के ठीक तीन दिन बाद (27-29 जनवरी) वीएसआर वेंचर्स को 145 करोड़ रुपये जारी किए गए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49575/controversy-after-parth-pawar-travels-to-pune-in-private-jet</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:37:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : केईएम हॉस्पिटल का नाम बदलने पर विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49523/controversy-over-changing-the-name-of-mumbai-kem-hospital"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t174139.558.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा चालकों को लिए मराठी अनिवार्य किए जाने के ऐलान पर जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ अब मुंबई में प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स के डॉक्टरों से बात की। जो कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>किशोरी पेडनेकर ने संभाला मोर्चा</strong><br />सोमवार को बीएमसी में नेता विपक्षा और शिवसेना की पार्षद किशोरी पेडनेकर डॉक्टरों से मिलने पहुंचीं। उनके साथ यूबीटी के विधायक अजय चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों ने हॉस्पिटल की डीन डॉ. संगीता रावत से मुलाकात की। मुंबई की मेयर रह चुकीं किशोर पेडनेकर से जब जब उनसे पूछा गया कि कहा कि शिवसेना ने 1995 में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई कर दिया था, लेकिन अब वे शहर के मशहूर किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम बदलकर कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य मेमोरियल हॉस्पिटल करने का विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि क्यों बदलना है नाम। बॉम्बे से मुंबई करने में सभी सहमति थी। शिवसेना UBT के नेताओं ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे विरासत को मिटाने की कोशिश बताया है, जबकि प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि यह आधुनिक समय में भारत की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को दर्शाता है।</p>
<p><strong>कैसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद?</strong><br />यह विवाद महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा बृहन्मुंबई नगर निगम को लिखे गए एक पत्र के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अस्पताल का नाम बदलकर 'कौशल्या एकलव्य मेमोरियल अस्पताल' रखने की सिफारिश की थी। स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भंडिरगे को संबोधित अपने 25 मार्च के पत्र में, लोढ़ा ने कहा कि भारत अपनी स्वदेशी विरासत को वापस पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई सार्वजनिक संस्थानों के नाम अभी भी औपनिवेशिक काल के हैं, जिन्हें उन्होंने विदेशी शासन के तहत देश के अतीत की याद दिलाने वाला बताया। लाेढ़ा की सिफारिश के बाद विरासत बनाम पहचान की बहस छिड़ गई है।</p>
<p><strong>विरोधियों की क्या है दलील</strong><br />नाम बदलने का विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे नामों को बदलने से इतिहास को संरक्षित करने के बजाय उसे मिटाने का खतरा पैदा हो जाता है। कई नागरिकों के लिए, केईएम अस्पताल सिर्फ एक नाम से कहीं ज्यादा है। यह मुंबई में दशकों के भरोसे, सेवा और चिकित्सा देखभाल का प्रतीक है। हॉस्पिटल का नाम बदलने का फैसला बीएमसी को लेना है। अब देखना है कि बीएमसी क्या निर्णय लेती है।</p>
<p><strong>केईएम ने पूरे किए हैं 100 साल</strong><br />मुंबई का प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल 22 जनवरी 1926 को स्थापित किया गया था। यह अस्पताल बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा संचालित किया जाता है और इसके साथ ही सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज भी चलता है। यह एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है जो मुख्य रूप से गरीब मरीजों को कम लागत में इलाज प्रदान करता है। यह मुंबई के परेल में स्थित है। 2026 में केईएम ने अपने 100 पूरे किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:43:02 +0530</pubDate>
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