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                <title>dwellers - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>dwellers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> 'आदिवासियों को वनवासी कहना संविधान और बिरसा मुंडा का अपमान', गुजरात में बोले राहुल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुजरात दौरे पर गए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि जब भी वह जाति जनगणना की बात करते हैं, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका विरोध करते हैं। वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन को संबोधित करते कांग्रेस सांसद दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आदिवासियों को वनवासी कहना संविधान और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा का अपमान है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48659/calling-tribals-as-forest-dwellers-is-an-insult-to-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-23t172424.383.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>गुजरात दौरे पर गए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि जब भी वह जाति जनगणना की बात करते हैं, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका विरोध करते हैं। वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन को संबोधित करते कांग्रेस सांसद दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आदिवासियों को वनवासी कहना संविधान और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा का अपमान है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल आदिवासी समाज की पहचान को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की विरासत और उनके विचारों पर हमला किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि कुछ लोग संविधान की बात करते हैं, लेकिन वही लोग आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर कर रहे हैं।</p>
<p><strong>अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर भी बोले राहुल</strong><br />इसके साथ ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पहली बार भारत का कृषि क्षेत्र अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल दिया गया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस फैसले से देश के किसानों पर असर पड़ सकता है और उनकी सुरक्षा कमजोर हो सकती है।</p>
<p><strong>संविधान सिर्फ किताब नहीं- राहुल गांधी</strong><br />सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि यह देश की सोच और हर नागरिक के अधिकारों की गारंटी है, जिसमें हजारों साल पुराने विचार शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के नेता एक तरफ महान नेताओं की मूर्तियों के सामने सम्मान दिखाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। </p>
<p><strong>राहुल गांधी ने लगाए आरोप</strong><br />इस दौरान राहुल गांधी ने इस बात पर भी जोर दिया कि आदिवासियों को वनवासी कहना उनकी पहचान पर हमला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी जमीन, जल और जंगल छीनकर कॉर्पोरेट्स को दिए जा रहे हैं, जो संविधान और बिरसा मुंडा के आदर्शों के खिलाफ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:25:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : धारावी के झोपड़ा धारकों को आखिरी मौका... एसआरए ने 15 दिनों की मोहलत दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने वाले निवासियों को स्लम पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) ने अंतिम नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के तहत झुग्गीवासियों को पात्रता तय करने के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी जमा करने के लिए अंतिम 15 दिनों की मोहलत दी गई है। एसआरए ने 16 मार्च को जारी इस नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और सर्वेक्षण के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 2024 में घर-घर सर्वेक्षण किया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48512/sra-gives-15-days-last-chance-to-slum-dwellers-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/ee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने वाले निवासियों को स्लम पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) ने अंतिम नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के तहत झुग्गीवासियों को पात्रता तय करने के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी जमा करने के लिए अंतिम 15 दिनों की मोहलत दी गई है। एसआरए ने 16 मार्च को जारी इस नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और सर्वेक्षण के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 2024 में घर-घर सर्वेक्षण किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए और नवंबर 2025 में विशेष सहायता शिविर भी आयोजित किए गए ताकि निवासी व्यक्तिगत रूप से दस्तावेज जमा कर सकें। इसके बावजूद कई परिवारों ने अब तक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई संरचनाओं का सर्वेक्षण अनुपस्थिति घर बंद होने या पारिवारिक विवाद जैसे कारणों से नहीं हो सका। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियान भी चलाए गए जिनका आंशिक ही प्रभाव पड़ा। एसआरए ने कहा कि यह अंतिम नोटिस प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप जारी किया गया है, ताकि पात्रता निर्धारण से पहले निवासियों को अंतिम अवसर दिया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48512/sra-gives-15-days-last-chance-to-slum-dwellers-of</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 13:08:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : धारावी में 436 झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को फडणवीस सरकार का बड़ा तोहफा, देवनार में जमीन देने का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने मुंबई के धारावी में रहने वालों को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। फडणवीस सरकार धारावी में लगी आग में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए 27 साल बाद बड़ी राहत लेकर आई है। इन सभी धारावी में रहने वालों को अब उनके हक का घर दिया जाएगा। आग में अपने घर गंवाने वाले 436 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को देवनार में जमीन देने का एक अहम फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस बारे में एक अहम फैसला लिया गया है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48227/fadnavis-governments-decision-to-give-land-in-deonar-a-big"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-06t114033.303.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने मुंबई के धारावी में रहने वालों को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। फडणवीस सरकार धारावी में लगी आग में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए 27 साल बाद बड़ी राहत लेकर आई है। इन सभी धारावी में रहने वालों को अब उनके हक का घर दिया जाएगा। आग में अपने घर गंवाने वाले 436 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को देवनार में जमीन देने का एक अहम फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस बारे में एक अहम फैसला लिया गया है। </p>
<p> </p>
<p><strong>436 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को फायदा</strong><br />रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने धारावी में 436 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को 11,659 स्क्वायर मीटर सरकारी जमीन देने का प्रस्ताव पेश किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसलिए आग में अपने घर गंवाने वाले 436 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को उनके हक का घर मिल जाएगा। इस बैठक में धारावी की झुग्गी-झोपड़ियों में राजीव गांधी SRA कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के बारे में फैसला लिया गया।</p>
<p><strong>घरकुल को लेकर क्या बोले मंत्री जयकुमार</strong><br />इस बीच रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर जयकुमार गोर ने घरकुल को लेकर जरूरी जानकारी दी। यह देश के हर परिवार को घर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बड़ी पहल है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र सरकार ने यह पक्का करने के मकसद से एक बड़ा प्रोग्राम लागू किया है कि देश में कोई भी परिवार बिना घर के न रहे। यह योजना महाराष्ट्र में भी अच्छे से लागू की जा रही है और पिछले साल राज्य में करीब चार लाख घरकुल बनाए गए। यह जानकारी रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर जयकुमार गोर ने विधान परिषद में सवाल-जवाब के दौरान दी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 11:42:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 11.20 लाख झोपड़ियों का पुनर्वसन; झोपडीधारकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>झोपडीधारकों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। वषों से अटके पड़े पुनर्वसन को अब क्लस्टर पुनर्विकास योजना के तहत मंजूरी मिल गई है। नया जीआर जारी करके सरकार ने साफ किया है कि सीआरजेड जोन-1 और जोन-2 में आने वाली सभी झोपड़ियों को एक साथ मिलाकर 5 किमी की परिधि में किसी सुरक्षित जगह पर पुनर्वसित किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45534/mumbai-rehabilitation-of-1120-lakh-huts-announcement-of-big-relief"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-17t113857.979.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>झोपडीधारकों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। वषों से अटके पड़े पुनर्वसन को अब क्लस्टर पुनर्विकास योजना के तहत मंजूरी मिल गई है। नया जीआर जारी करके सरकार ने साफ किया है कि सीआरजेड जोन-1 और जोन-2 में आने वाली सभी झोपड़ियों को एक साथ मिलाकर 5 किमी की परिधि में किसी सुरक्षित जगह पर पुनर्वसित किया जाएगा। हालांकि यह घोषणा पुनर्वसन की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है, लेकिन नए जीआर के प्रावधानों को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर तीखा विरोध भी शुरू हो गया है। </p>
<p> </p>
<p><strong>मुंबई में अब भी 11.20 लाख झोपड़ी संरचनाएं पुनर्वसन की प्रतीक्षा में</strong><br />मुंबई में कुल 13.80 लाख झोपड़ी संरचनाएं हैं। जिनमें से 2.60 लाख का अब तक पुनर्वसन किया जा चुका है। लगभग 11.20 लाख झोपड़ियों का पुनर्वसन अभी बाकी है। इसमें से 5,67,267 झोपड़ियों का पुनर्वसन प्रस्तावित है, जबकि 3,26,733 पात्र झोपडीधारक आवास आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सबसे जटिल वह हिस्सा है, जिसमें 2.26 लाख झोपड़ी संरचनाएं वैधानिक या नीतिगत बाधाओं के कारण अटकी हैं। </p>
<p>इनमें से 1.41 लाख संरचनाएं केंद्रीय सरकारी जमीन पर हैं, जिनके लिए केंद्र की मंजूरी अनिवार्य है। कोई स्पष्ट नीति न होने के कारण इनका पुनर्वसन वर्षों से ठप पड़ा था। इन्हीं में से 85 हजार झोपड़ियां सीआरजेड क्षेत्र में आती हैं। समुद्री तटीय नियमों के कारण इन झोपड़ियों का इन-सीटू (उसी जगह) पुनर्वसन संभव नहीं था। इसी वजह से यह परियोजना लंबे समय से रुकी हुई थी। अब नए जीआर के बाद यह बाधा हटती दिखाई दे रही है।</p>
<p><strong>वर्षों से अटके पुनर्वसन को क्लस्टर योजना की मंजूरी</strong><br />राज्य के हाउसिंग डिपार्टमेंट ने हाल ही में जारी निर्णय में कहा है कि सीआरजेड-1 और सीआरजेड-2 क्षेत्री की झोपड़ियी की मिलाकर क्लस्टर पुनर्विकास के दायरे में शामिल किया जाएगा पुनर्वसन सीआरजेड जमीन पर नहीं होगा, बल्कि 5 किमी के दायरे में किसी उपयुक्त स्थान पर किया जाएगा। सीआरजेड-1 से झोपड़ियों को हटाने के बाद बची जमीन पर पार्क, गार्डन जैसी सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, सीआरजेड-2 में डेवलपरों को सेल कंपोनेट (विक्रय योग्य हिस्सा) विकसित करने की अनुमति मिलेगी, सरकार का दावा है कि इन कदमों से समुद्र किनारे रहने वाले हजारों परिवारों को सुरक्षित, स्थायी और व्यवस्थित आवास मिल सकेगा।</p>
<p><strong>विरोध के स्वर तेज</strong><br />हालांकि, इस जीआर के बाद राजनीतिक धमासान भी शुरू हो गया है, विपक्ष ने इसे लोगों के संवैधानिक अधिकारी पर हमला बताते हुए कड़ी आलोचना की है। स्थानीय समुदायों, खासकर कोलीवाड़ा और पारंपरिक बस्तियों में भी चिंता बढ़ी है कि कहीं उन्हें झोपडपट्टी घोषित कर जबरन पुनर्विकास में न जोड़ा जाए। सांसद और कांग्रेस मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि यह सरकार अक्सर “घर में घुसकर मारेंगे’ की भाषा बोलती है, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि पड़ोसी देश नहीं, आपके अपने ही घर पर वार करने की तैयारी है। </p>
<p>नया जीआर लोगों का अपने घर पर अधिकार खत्म करने जैसा है, सरकार चाहे तो कल दक्षिण मुंबई के आर्ट डेको डिस्ट्रिक्ट में भी क्लस्टर डेवलपमेंट लागू कर दे और निवासियों की सहमति ही खत्म कर दे। सरकार कोलीवाड़ा और पारंपरिक बस्तियों को झोपड़पट्टी बताकर नोटिस भेज रही है। ये बस्तियां दशकों से मौजूद है। अब इन्हें पीएम और सीएम के दोस्तों को जमीन देने के लिए उखाड़ा जाएगा? यह किसी कथित अवैध बस्ती की बात नहीं है, यह आपके लोकतांत्रिक अधिकार छीनने की बात है। आज स्लम है। कल सोसायटी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45534/mumbai-rehabilitation-of-1120-lakh-huts-announcement-of-big-relief</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 11:39:25 +0530</pubDate>
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