<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/31224/parth" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Parth - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/31224/rss</link>
                <description>Parth RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के पुत्र, एनसीपी सांसद पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद इसलिए उपजा है, क्योंकि वीएसआर वेंचर्स वही चार्टर कंपनी है जो 28 जनवरी को हुए उस दुखद विमान हादसे में शामिल थी, जिसमें उनके पिता उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49575/controversy-after-parth-pawar-travels-to-pune-in-private-jet"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(60).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के पुत्र, एनसीपी सांसद पार्थ पवार के वीएसआर वेंचर्स के निजी जेट से पुणे यात्रा करने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद इसलिए उपजा है, क्योंकि वीएसआर वेंचर्स वही चार्टर कंपनी है जो 28 जनवरी को हुए उस दुखद विमान हादसे में शामिल थी, जिसमें उनके पिता उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी। पार्थ पवार की वीएसआर वेंचर्स के जेट में यात्रा उनके चचेरे भाई और एनसीपी एसपी विधायक रोहित पवार के निजी जेट कंपनी पर गंभीर आरोप लगाने और सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन को उजागर करने के कुछ घंटों बाद हुई। हालांकि, पार्थ पवार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक स्तर की गलती थी और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। पार्थ पवार ने कहा कि वह संबंधित उड़ान बुक करने वाले एजेंट के साथ हुए समझौते को तुरंत रद्द कर रहे </p>
<p> </p>
<p><strong><em>पार्थ पवार ने क्या कहा</em></strong><br />पार्थ पवार ने कहा कि शरद पवार साहब से मिलने के लिए पुणे के मोदी बाग पहुंचने की तत्काल आवश्यकता के कारण उन्होंने अपने कार्यालय को एक उड़ान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में की गई व्यवस्थाओं के कारण, अनजाने में उनके लिए वीएसआर एविएशन की उड़ान बुक कर दी गई थी और उन्हें हवाई अड्डे पहुंचने और विमान में सवार होने तक इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि यह वीएसआर एविएशन की उड़ान है। उन्होंने कहा कि यह महज प्रशासनिक स्तर की गलती थी और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने आगे कहा कि वे संबंधित उड़ान बुक करने वाले एजेंट के साथ हुए समझौते को तुरंत रद्द कर रहे हैं। <br />उन्होंने कहा कि उनके कर्मचारियों और सहकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिक सतर्क रहें ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। वीएसआर एविएशन के प्रति उनका पहले वाला रुख आज भी वही है और उनका कड़ा विरोध है और यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है वह पूरी तरह निराधार, भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण है और वास्तविक स्थिति को समझे बिना इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।<br />रोहित पवार के सवाल<br />इससे पहले, रोहित पवार ने वीएसआर वेंचर्स पर निशाना साधते हुए कहा था कि दुर्घटना वाले दिन बारामती हवाई अड्डे पर दृश्यता कथित तौर पर आवश्यक 3 किमी से कम थी। मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर की चेतावनियों के बावजूद आरोप है कि कंपनी के मालिक ने चालक दल पर उड़ान भरने के लिए दबाव डाला। उन्होंने आगे कहा कि 25 अप्रैल, 2026 को वीएसआर लेयरजेट से जुड़ी एक और घटना हुई थी। दुबई जा रही (वीटी-वीआरआर) विमान फ्लैप में खराबी के कारण उड़ान भरने में विफल रही। इससे खस्ताहाल और खतरनाक विमानों के संचालन का पुराना पैटर्न और पुष्ट होता है।</p>
<p>रोहित पवार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान विमानन कंपनियों को सरकार द्वारा किए गए भुगतानों में भारी वृद्धि की ओर इशारा किया, जो कुल मिलाकर 210 करोड़ रुपये से अधिक थे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिलाया कि दुर्घटना के ठीक तीन दिन बाद (27-29 जनवरी) वीएसआर वेंचर्स को 145 करोड़ रुपये जारी किए गए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49575/controversy-after-parth-pawar-travels-to-pune-in-private-jet</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49575/controversy-after-parth-pawar-travels-to-pune-in-private-jet</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:37:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/images-%2860%29.jpg"                         length="8582"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे लैंड डील केस में पार्थ पवार को क्लीनचिट, जानिए समिति ने रिपोर्ट में क्या कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के चर्चित पुणे लैंड स्कैम मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) नेता पार्थ पवार को बड़ी राहत मिली है। समिति ने पार्थ पवार को क्लीन चिट देते हुए दो सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खरगे की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने पाया कि जमीन सौदे में पार्थ पवार की सीधी अनियमितता साबित नहीं होती, हालांकि सौदे की प्रक्रिया में शामिल दो अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।  रिपोर्ट में हवेली के तहसीलदार सूर्यकांत येवले और असिस्टेंट रजिस्ट्रार रविंद्र तारू के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। दोनों अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47818/clean-chit-to-parth-pawar-in-pune-land-deal-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-18t120104.802.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे : </strong>महाराष्ट्र के चर्चित पुणे लैंड स्कैम मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) नेता पार्थ पवार को बड़ी राहत मिली है। समिति ने पार्थ पवार को क्लीन चिट देते हुए दो सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खरगे की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने पाया कि जमीन सौदे में पार्थ पवार की सीधी अनियमितता साबित नहीं होती, हालांकि सौदे की प्रक्रिया में शामिल दो अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।  रिपोर्ट में हवेली के तहसीलदार सूर्यकांत येवले और असिस्टेंट रजिस्ट्रार रविंद्र तारू के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। दोनों अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं। </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है पुणे जमीन खरीद घोटाला</strong><br />यह जमीन पुणे के मुंढवा इलाके में स्थित है, जिसे अजित पवार और सुनेत्रा पवार के पुत्र पार्थ पवार की ‘अमेडिया’ कंपनी ने खरीदा था। आरोप था कि करीब 1800 करोड़ रुपए बाजार मूल्य वाली जमीन मात्र 300 करोड़ रुपए में खरीदी गई और 21 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी भी माफ कर दी गई। मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।</p>
<p><strong>राजनीतिक विवाद पकड़ा था तूल</strong><br />विवाद बढ़ने पर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस सौदे को रद्द करने की घोषणा की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। अब जांच रिपोर्ट राजस्व मंत्री को सौंप दी गई है और जल्द ही इसे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। </p>
<p><strong>बावनकुले को सौंपी गई जांच रिपोर्ट</strong><br />लगभग 1800 करोड़ रुपए मूल्य की महार वतन जमीन को 300 करोड़ रुपए में खरीदे जाने के आरोपों की जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट सोमवार को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को सौंप दी।  रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। जहां पार्थ पवार को मिली राहत को उनके समर्थक बड़ी जीत मान रहे हैं, वहीं विपक्ष का कहना है कि मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। आने वाले दिनों में सरकार की कार्रवाई और रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। </p>
<p><strong>अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज</strong><br />वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डीपी रागित की अदालत ने लैंड केस में पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) धारक शीतल तेजवानी और निलंबित उप रजिस्ट्रार रविंद्र बी तारू की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जिला अदालत की वेबसाइट पर जारी एक अपडेट में पुष्टि की गई कि दोनों जमानत याचिकाएं 16 फरवरी को खारिज कर दी गई थीं। जिला सरकारी वकील प्रमोद बॉम्बटकर ने टीओआई को बताया कि अदालत के आदेश की कॉपी मिलने के बाद आगे कार्रवाई करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47818/clean-chit-to-parth-pawar-in-pune-land-deal-case</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47818/clean-chit-to-parth-pawar-in-pune-land-deal-case</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 12:06:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-18t120104.802.jpg"                         length="5598"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अजित पवार के बेटे पार्थ पवार पर 1800 करोड़ की जमीन घोटाले का आरोप, मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार एक बड़े जमीन सौदे को लेकर विवादों में घिर गए हैं। शिवसेना (उद्धव) नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया है कि पार्थ पवार की कंपनी ने महार वतन की 1 हजार आठ सौ करोड़ रुपए की जमीन मात्र 300 करोड़ में खरीदी। दानवे का आरोप है कि इस सौदे में केवल 500 रुपए का स्टांप शुल्क भरा गया। आम तौर पर इतने बड़े सौदे पर लगभग 21 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती है, लेकिन उसे सिर्फ 48 घंटे में पूरी तरह माफ कर दिया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45285/mumbai-ajit-pawars-son-parth-pawar-accused-of-land-scam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-07t132608.040.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार एक बड़े जमीन सौदे को लेकर विवादों में घिर गए हैं। शिवसेना (उद्धव) नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया है कि पार्थ पवार की कंपनी ने महार वतन की 1 हजार आठ सौ करोड़ रुपए की जमीन मात्र 300 करोड़ में खरीदी। दानवे का आरोप है कि इस सौदे में केवल 500 रुपए का स्टांप शुल्क भरा गया। आम तौर पर इतने बड़े सौदे पर लगभग 21 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती है, लेकिन उसे सिर्फ 48 घंटे में पूरी तरह माफ कर दिया गया। इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्राथमिक तौर पर पुणे के तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। हालांकि पार्थ ने अपनी किसी भी संदिग्ध भूमिका से इनकार किया है। यह सौदा पुणे के कोरेगांव पार्क में स्थित 40 एकड़ जमीन का है। क्या है ‘महार वतन’ जमीन मामला? जिस जमीन की खरीद को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह ‘महार वतन’ की जमीन बताई जा रही है।</p>
<p> </p>
<p>ब्रिटिश काल और उससे पहले के समय में “महार वतन” प्रणाली के तहत महार समाज के लोगों को ग्राम सुरक्षा, संदेशवाहन और अन्य जिम्मेदारियों के बदले जमीन दी जाती थी। समय के साथ यह व्यवस्था शोषणकारी साबित हुई। इसीलिए महाराष्ट्र सरकार ने साल 1958 में ‘बॉम्बे इन्फीरियर विलेज वतन एबॉलिशन एक्ट’ लागू किया। सरकार की अनुमति के बिना ऐसी जमीन को न तो बेचा जा सकता है और न ही ट्रांसफर किया जा सकता है। क्या है अंबादास दानवे का आरोप है? शिवसेना (उद्धव) नेता अंबादास दानवे ने पार्थ पवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्थ की कंपनी ने यह जमीन सरकारी अनुमति के बिना खरीदी, यानी कानून का उल्लंघन किया गया है। दानवे ने अजित पवार पर तंज कसते हुए कहा कि हाल ही में अजित ने किसानों से कहा था, आपको सब कुछ फ्री में मिलता है। लेकिन आपको (अजित) 1 हजार 800 सौ करोड़ रुपये की जमीन 300 करोड़ रुपये में क्यों मिलती है? आपको स्टाम्प ड्यूटी क्यों माफ करनी पड़ती है? उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीर जांच की जरुरत है।</p>
<p>मामले की जांच के आदेश दिए- फडणवीस इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मैंने इस प्रकरण की पूरी जानकारी मांगी है। राजस्व विभाग, आईजीआर और लैंड रिकॉर्ड विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर यह मामला गंभीर प्रतीत होता है। इसकी विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार खुद इसका बचाव करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे के तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। साथ ही मुद्रांक अधीक्षक पुणे की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी सात दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। असली सौदा किसने किया? साल 2025 में इस जमीन का सौदा अमेडिया होल्डिंग कंपनी नाम की एक नई कंपनी ने किया। इस कंपनी की कुल पूंजी निवेश मात्र 1 लाख रुपए है। फिर भी इस कंपनी ने 300 करोड़ रुपए में यह जमीन खरीदी। इस कंपनी के दो डायरेक्टर हैं। जिनमें पार्थ पवार और दिग्विजय अमरसिंह पाटील हैं। कंपनी ने दावा किया कि वह जमीन पर आईटी पार्क बनाएगी, जिससे स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ हो गई।</p>
<p>अजित पवार ने दी सफाई पार्थ पवार पर लगे आरोपों पर बोलते हुए अजित पवार ने कहा, मेरा इस मामले से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। मैं इस बारे में सारी जानकारी लूंगा और बाद में बोलूंगा। आज तक मैंने अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए एक भी अफसर को फोन नहीं किया। अगर कोई मेरे नाम का इस्तेमाल करके कुछ गलत कर रहा है, तो मैं उसका सपोर्ट नहीं करूंगा। मुख्यमंत्री को जांच करनी चाहिए, यह उनका हक है। सब कुछ नियमों के हिसाब से होना चाहिए। यह पता पार्थ के नाम पर है, मेरे नाम पर नहीं। जांच होने तक इस्तीफा दें अजित पवार- खड़से राकांपा (शरद) नेता एकनाथ खड़से ने अजित पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्थ पर लगे आरोप काफी गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि आरोप अजित पवार के परिवार पर लगे हैं, इसलिए अजित को जांच होने तक इस्तीफा दे देना चाहिए।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45285/mumbai-ajit-pawars-son-parth-pawar-accused-of-land-scam</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/45285/mumbai-ajit-pawars-son-parth-pawar-accused-of-land-scam</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 13:27:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-11/download---2025-11-07t132608.040.jpg"                         length="13098"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        