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                <title>Azad Maidan Protest - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Azad Maidan Protest RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई के आजाद मैदान में दूसरे दिन भी नर्सों का प्रदर्शन, ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ आंदोलन तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की सरकारी नर्सें प्रशासनिक ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में मुंबई के आजाद मैदान में दूसरे दिन भी प्रदर्शन कर रही हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49907/maharashtra-nurses-protest-azad-maidan-transfer-policy"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/images---2026-05-19t203114.291.jpeg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र की सरकारी नर्सों का मुंबई के आजाद मैदान में प्रशासनिक ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। राज्यभर से बड़ी संख्या में नर्सें इस प्रदर्शन में शामिल हुईं और सरकार से ट्रांसफर नीति वापस लेने की मांग की। <br /><br />महाराष्ट्र स्टेट नर्सेस एसोसिएशन (MSNA) के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही प्रशासनिक ट्रांसफर नीति के कारण हजारों नर्सों और उनके परिवारों पर मानसिक और सामाजिक दबाव बढ़ रहा है। संगठन का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं का है, जिन्हें नौकरी के साथ परिवार, बच्चों और बुजुर्गों की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ती है। <br /><br />प्रदर्शनकारी नर्सों ने कहा कि फिलहाल सभी नर्सें नियमित रूप से अस्पतालों में अपनी ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन अगर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 22 मई के बाद राज्यव्यापी ‘काम बंद आंदोलन’ शुरू किया जा सकता है। <br /><br />MSNA की महासचिव सुमित्रा टोटे ने कहा कि नर्सिंग कर्मचारियों के लिए पहले से ही विभागीय स्तर पर हर तीन साल में ट्रांसफर की व्यवस्था मौजूद है, ऐसे में अतिरिक्त प्रशासनिक ट्रांसफर की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बार-बार ट्रांसफर होने से नर्सों के पारिवारिक जीवन, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक स्थिरता पर असर पड़ता है। <br /><br />नर्सिंग संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से उनकी विभिन्न मांगें लंबित हैं। इनमें रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, भत्तों में बढ़ोतरी, संविदा भर्ती बंद करना और सेवा शर्तों में सुधार शामिल हैं। संगठन का कहना है कि सरकार हर बार केवल आश्वासन देती है लेकिन ठोस फैसला नहीं लिया जाता। <br /><br />प्रदर्शनकारी नर्सों ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी सेवाओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि महामारी के कठिन समय में नर्सों ने जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की थी, लेकिन आज भी उनकी मूल मांगें अधूरी हैं। <br /><br />आजाद मैदान में यह आंदोलन 20 मई तक जारी रहने की संभावना है। यदि सरकार और नर्सिंग संगठनों के बीच बातचीत सफल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 20:32:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>दादर कबूतरखाना विवाद पर बड़ी खबर: जैन मुनि का अनशन 15 दिन के लिए रुका, क्या निकलेगा समाधान?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शीर्षक:</strong> मुंबई: दादर कबूतरखाना को फिर से खोलने की मांग, जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय का अनिश्चितकालीन अनशन 15 दिनों के लिए स्थगित</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45208/big-news-on-dadar-pigeon-khana-dispute-jain-monks-fast"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/images---2025-11-04t144524.731.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"> </p>
<p dir="ltr">​<strong>rokthoklekhani.com</strong></p>
<p dir="ltr">​<strong>मुंबई</strong>​ : मुंबई के दादर (Dadar) में स्थित ऐतिहासिक कबूतरखाना को बंद करने के बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के फैसले के खिलाफ चल रहा बड़ा विरोध प्रदर्शन फिलहाल 15 दिनों के लिए टाल दिया गया है। जैन धर्मगुरु मुनि नीलेशचंद्र विजय (Jain Muni Nileshchandra Vijay) ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को सरकारी प्रतिनिधियों से ठोस आश्वासन मिलने के बाद स्थगित करने का फैसला किया है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>विरोध का कारण: आस्था बनाम स्वास्थ्य</strong></p>
<p dir="ltr">​यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश और आम नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए बीएमसी ने दादर सहित कई स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने वाले स्थानों (Kabutarkhanas) को बंद कर दिया। निवासियों ने कबूतरों के अत्यधिक जमावड़े और उनके मल से फैलने वाली श्वसन संबंधी बीमारियों (respiratory ailments) को लेकर चिंता जताई थी।</p>
<p dir="ltr">​हालांकि, जैन समुदाय (Jain Community) इसे अपनी धार्मिक आस्था और अहिंसा के सिद्धांत के खिलाफ मानता है। मुनि नीलेशचंद्र विजय का तर्क है कि दादर का कबूतरखाना 100 साल से अधिक पुराना है और यह केवल एक जगह नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है। उन्होंने बीएमसी द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक स्थानों को भी अव्यावहारिक बताया था।</p>
<p dir="ltr">​<strong>आजाद मैदान में शुरू हुआ था आमरण अनशन</strong></p>
<p dir="ltr">​इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए मुनि नीलेशचंद्र विजय ने मुंबई के आजाद मैदान में आमरण अनशन (Indefinite Hunger Strike) शुरू कर दिया था। इस विरोध प्रदर्शन ने न सिर्फ मुंबई, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में जैन समुदाय के बीच एक व्यापक हलचल पैदा कर दी थी।</p>
<p dir="ltr">​<strong>15 दिन का मिला समय, समाधान की उम्मीद</strong></p>
<p dir="ltr">​मंगलवार को सरकारी अधिकारियों और मुनि नीलेशचंद्र विजय के बीच कई दौर की बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने मुनि को आश्वासन दिया है कि अगले 15 दिनों के भीतर इस जटिल मुद्दे पर एक स्वीकार्य और स्थायी समाधान (acceptable solution) खोजने की दिशा में गंभीरता से काम किया जाएगा। इसी भरोसे पर, मुनि ने अस्थायी रूप से अपना अनशन समाप्त कर दिया है।</p>
<p dir="ltr">​यदि 15 दिनों की अवधि में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है या कोई हल नहीं निकलता है, तो जैन मुनि ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपना आंदोलन और भी बड़े स्तर पर दोबारा शुरू करेंगे। अब देखना यह है कि राज्य सरकार आस्था और जन स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाते हुए क्या रास्ता निकालती है।</p>
<p dir="ltr">​</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 14:46:51 +0530</pubDate>
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