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                <title>Vada - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Vada RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : तुकाराम मुंढे की सख्ती का असर! मुंबई के वड़ा पाव स्टॉल बदले, अब खाने के तेल पर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की पहचान सिर्फ उसकी लोकल ट्रेन और तेज रफ्तार जिंदगी से नहीं बल्कि वड़ा पाव से भी जुड़ी है. हर दिन लाखों लोग इस लोकप्रिय स्ट्रीट फूड का स्वाद लेते हैं. लेकिन अब स्वाद के साथ-साथ साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा भी चर्चा का विषय बन गई है. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की लगातार कार्रवाई का असर अब छोटे फूड स्टॉल्स और स्थानीय दुकानों तक पहुंचने लगा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51482/mumbai-effect-of-strictness-of-tukaram-mundhe-vada-pav-stalls"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/vada-pav-1-1786487915821_d.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की पहचान सिर्फ उसकी लोकल ट्रेन और तेज रफ्तार जिंदगी से नहीं बल्कि वड़ा पाव से भी जुड़ी है. हर दिन लाखों लोग इस लोकप्रिय स्ट्रीट फूड का स्वाद लेते हैं. लेकिन अब स्वाद के साथ-साथ साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा भी चर्चा का विषय बन गई है. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की लगातार कार्रवाई का असर अब छोटे फूड स्टॉल्स और स्थानीय दुकानों तक पहुंचने लगा है.</p>
<p> </p>
<p><strong>वड़ा पाव दुकानों में दिखा हाइजीन का नया मॉडल</strong><br />मुंबई के प्रसिद्ध सुरभि स्वीट्स में फूड हाइजीन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला. यहां काम करने वाले कर्मचारी ग्लव्स और हेड कैप पहनकर खाद्य पदार्थ तैयार कर रहे हैं. ग्राहकों को वड़ा पाव टिश्यू और पेपर प्लेट में परोसा जा रहा है.</p>
<p>सबसे बड़ा बदलाव किचन और स्टोरेज व्यवस्था में दिखाई दे रहा है. खाद्य सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखा जा रहा है और कोल्ड स्टोरेज पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. दुकान परएफएसएसएआई लाइसेंस साफ तौर पर प्रदर्शित किया गया है. ग्राहकों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि भोजन तैयार करने में ग्राउंडनट ऑयल का इस्तेमाल होता है.</p>
<p><strong>दुकानदार बोले, नियमों का हो रहा पालन</strong><br />सुरभि स्वीट्स के मैनेजर ललित शर्मा के अनुसार दुकान में फूड सेफ्टी के सभी जरूरी मानकों का पालन किया जा रहा है. उनका कहना है कि तलने में इस्तेमाल होने वाला तेल दिन में दो बार बदला जाता है. कर्मचारियों के लिए ग्लव्स और हेड कैप अनिवार्य कर दिए गए हैं ताकि भोजन की गुणवत्ता बनी रहे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 11:18:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई का जंबो वड़ा पाव फास्ट फूड ब्रान्ड्स को दे रहा है कड़ी टक्कर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>वड़ा पाव पूरे देश में मशहूर है। मुंबईकरों का यह सबसे पॉपुलर नाश्ता है। मुंबई की हर गली में वड़ा पाव जरूर मिल जाएगा। आज हम जंबो वड़ा पाव की चर्चा कर रहे हैं। आइये जानते हैं जंबो वड़ा पाव की कैसे और किसने स्थापना की और कैसे मुंबई का ब्रांड बन गया। अभी तक आपने अमेरिकी फास्ट फूड ब्रान्ड्स बर्गर किंग, केएफसी और मैकडोनाल्ड के नाम सुने होंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44863/mumbai-s-jumbo-vada-pav-is-giving-tough-competition-to-fast-food-brands"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-22t113315.538.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>वड़ा पाव पूरे देश में मशहूर है। मुंबईकरों का यह सबसे पॉपुलर नाश्ता है। मुंबई की हर गली में वड़ा पाव जरूर मिल जाएगा। आज हम जंबो वड़ा पाव की चर्चा कर रहे हैं। आइये जानते हैं जंबो वड़ा पाव की कैसे और किसने स्थापना की और कैसे मुंबई का ब्रांड बन गया। अभी तक आपने अमेरिकी फास्ट फूड ब्रान्ड्स बर्गर किंग, केएफसी और मैकडोनाल्ड के नाम सुने होंगे। इन सबके बीच मुंबई का जंबो वड़ा पाव ऐसे ब्रांड को कड़ी टक्कर दे रहा है। मुंबई का वड़ा पाव वैसे भी देश-विदेश तक मशहूर है। </p>
<p> </p>
<p>आमतौर पर मुंबई की हर गली में आपको वड़ा पाव की दुकान जरूर मिल जाएगी। यह यहां का लोकप्रिय नाश्ता है। मुंबईकरों का तो वड़ा पाव से सबेरा होता है। यह किसी लंच से भी कम नहीं है। मुंबई में जंबो किंग के कई आउटलेट्स खुले हुए हैं। आइये जानते हैं वड़ा पाव के बीच जंबो किंग कैसे मशहूर हो गया। </p>
<p>दरअसल, आज भी वड़ा पाव गरीबों को अपनी भूख मिटाने के लिए सबसे बड़ा कारगर हथियार है। वड़ा पाव को जंबो बनाने में धीरज गुप्ता का सबसे बड़ा योगदान है। न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक, धीरज गुप्ता अपने परिवार के तीसरी पीढ़ी के बिजनेसमैन हैं। उनका परिवार होटल, केटरिंग और मिठाई के कारोबार में है। धीरज ने सिम्बायोसिस, पुणे से एमबीए किया। इसके बाद उन्होंने मिठाइयों को दुबई जैसे देशों में निर्यात करने की तैयारी की, यहां भारतीय लोगों की आबादी ज्यादा है, लेकिन ये प्लान सफल नहीं हुआ। धीरज को यह बिजनेस बंद करना पड़ा।</p>
<p><strong>साल 2001 में जंबो किंग की स्थापना</strong><br />मिठाई के बिजनेस के बाद धीरज मुंबई के स्ट्रीट फूड बिजनेस की ओर रूख किया। मुंबई के उपनगरीय इलाके मलाड में उन्होंने चाट फैक्ट्री नाम से एक आउटलेट खोला। बिजनेस बढ़ा, तो पता चला कि सबसे ज्यादा बिकने वाला आइटम वड़ापाव ही है। बस, यहीं से जंबो किंग की शुरुआत हुई। 23 अगस्त 2001 में पहला स्टोर खोला और वड़ा पाव की कीमत 5 रुपये रखी। ये वे दौर था, मुंबई की सड़कों पर वड़ा पाव 2 रुपये का मिलता था। लेकिन जंबो वड़ा पाव 2 रुपये के वड़ा पाव से तीन गुना बड़ा था। आज भी जंबो वड़ा पाव फुटपाथ पर मिलने वाले वड़ा पाव से काफी बड़ा है। इसलिए इसे जंबो वड़ा पाव कहा गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 11:34:07 +0530</pubDate>
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