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                <title>festive - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>festive RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> मुंबई : फेस्टिव सीजन में खुलेंगे रोजगार के नए द्वार अस्थायी नौकरियों में होगी बड़ी बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले देश के रोजगार बाजार में तेजी आने की उम्मीद है। ई-कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और कस्टमर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अस्थायी नौकरियां निकल सकती हैं। इंडस्ट्री से जुड़े अनुमानों के मुताबिक इस साल फेस्टिव सीजन के दौरान अस्थायी नौकरियों में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51334/new-doors-of-employment-will-open-in-mumbai-festive-season"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-13t112354.775.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले देश के रोजगार बाजार में तेजी आने की उम्मीद है। ई-कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और कस्टमर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अस्थायी नौकरियां निकल सकती हैं। इंडस्ट्री से जुड़े अनुमानों के मुताबिक इस साल फेस्टिव सीजन के दौरान अस्थायी नौकरियों में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।</p>
<p> </p>
<p><strong>ई-कॉमर्स और रिटेल सेक्टर में बढ़ेगी मांग</strong><br />त्योहारी सीजन में ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ कंपनियों को अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, रिटेल स्टोर और डिलीवरी कंपनियां ऑर्डर की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती कर सकती हैं। खास तौर पर डिलीवरी एग्जीक्यूटिव, वेयरहाउस स्टाफ, पैकिंग कर्मचारी, सेल्स स्टाफ और कस्टमर सपोर्ट से जुड़े पदों पर मांग बढ़ने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके</strong><br />फेस्टिव सीजन की अस्थायी नौकरियां उन युवाओं के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती हैं, जो कम अवधि में काम का अनुभव और अतिरिक्त आय हासिल करना चाहते हैं। इन नौकरियों में कई पदों के लिए लंबे अनुभव या विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं होती। कंपनियां सीजनल मांग के आधार पर कुछ सप्ताह या कुछ महीनों के लिए कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को आगे स्थायी अवसर भी मिल सकते हैं। </p>
<p><strong>लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी में सबसे ज्यादा अवसर</strong><br />त्योहारी खरीदारी बढ़ने का सीधा असर लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सेक्टर पर पड़ता है। ऑनलाइन ऑर्डर की संख्या बढ़ने के साथ सामान की छंटाई, पैकिंग, परिवहन और अंतिम चरण की डिलीवरी के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत होती है। इसी वजह से फेस्टिव सीजन में अस्थायी रोजगार की सबसे ज्यादा मांग इन्हीं क्षेत्रों में देखने को मिल सकती है। कंपनियों को भी मिलेगा फायदा सीजनल हायरिंग से कंपनियां बढ़ती मांग के अनुरूप अपने कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ा सकती हैं। इससे उन्हें स्थायी कर्मचारियों पर अतिरिक्त लागत बढ़ाए बिना फेस्टिव सीजन के दौरान कारोबार संभालने में मदद मिलती है। वहीं कर्मचारियों के लिए यह कम अवधि में आय अर्जित करने और नए कौशल सीखने का अवसर बन सकता है।</p>
<p><strong>रोजगार बाजार के लिए सकारात्मक संकेत</strong><br />अस्थायी नौकरियों में 15-20 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी रोजगार बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। फेस्टिव सीजन के दौरान बढ़ती खपत से जुड़े क्षेत्रों में भर्ती तेज होने की उम्मीद है। अगर त्योहारी मांग मजबूत रहती है, तो इसका फायदा रिटेल से लेकर लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स और सर्विस सेक्टर तक कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 11:25:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद भी लखनऊ-मुंबई रूट पर तत्काल में भी अक्सर वेटिंग;  रेगुलर ट्रेनों में स्लीपर और थर्ड एसी कोच बढ़ाए जाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजधानी से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों में त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद भी वेटिंग कम नहीं हो रही। हालत यह है कि अब सामान्य दिनों में भी सीटें मिलनी मुश्किल हो गई हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। इसमें वेटिंग के कारण, उसके निवारण और नई ट्रेनें चलाने अथवा रेगुलर ट्रेनों में बोगियां बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विस्तृत विवरण मांगा गया है। वीआईपी ट्रेन पुष्पक एक्सप्रेस में अगले हफ्ते तक स्लीपर क्लास पूरी तरह रिग्रेट है, जबकि थर्ड एसी में पूरे सप्ताह 70 तक वेटिंग चल रही है। सीतापुर-एलटीटी की स्लीपर में 170, और थर्ड एसी में 80 वेटिंग है। इसी तरह गोरखपुर-पनवेल, कुशीनगर, अवध एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45536/even-after-the-end-of-the-mumbai-festival-season-sleeper"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-17t114028.234.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>राजधानी से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों में त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद भी वेटिंग कम नहीं हो रही। हालत यह है कि अब सामान्य दिनों में भी सीटें मिलनी मुश्किल हो गई हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। इसमें वेटिंग के कारण, उसके निवारण और नई ट्रेनें चलाने अथवा रेगुलर ट्रेनों में बोगियां बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विस्तृत विवरण मांगा गया है। वीआईपी ट्रेन पुष्पक एक्सप्रेस में अगले हफ्ते तक स्लीपर क्लास पूरी तरह रिग्रेट है, जबकि थर्ड एसी में पूरे सप्ताह 70 तक वेटिंग चल रही है। सीतापुर-एलटीटी की स्लीपर में 170, और थर्ड एसी में 80 वेटिंग है। इसी तरह गोरखपुर-पनवेल, कुशीनगर, अवध एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। </p>
<p> </p>
<p>दिल्ली रूट पर चेयरकार की सीटें खाली मिल रही हैं और हावड़ा रूट की गाड़ियों में भी टिकट कन्फर्म मिल रहे हैं, लेकिन मुंबई रूट लगातार फुल है। यह स्थिति पूरे वर्ष होली से लेकर दीपावली और अन्य त्योहारों तक लगभग समान बनी रहती है। </p>
<p><strong>नहीं मिलतीं तत्काल की सीटें</strong><br />लखनऊ से दिल्ली सहित कई रूटों पर तत्काल कोटे में टिकट आसानी से मिल जाते हैं, पर लखनऊ-मुंबई रूट पर तत्काल में भी अक्सर वेटिंग ही मिलती है। इस रूट की ट्रेनों में तत्काल कोटे में 1,200 से अधिक सीटें होने के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिल पा रही है।</p>
<p><strong>रेलवे बोर्ड ने दिए निर्देश- बढ़ाएं बोगियां</strong><br />सूत्रों के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने अफसरों से कहा है कि मुंबई रूट पर चलने वाली रेगुलर ट्रेनों में स्लीपर और थर्ड एसी कोच बढ़ाए जाएं। जरूरत पड़ने पर नई ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं। इसके लिए संबंधित प्रस्ताव तैयार करके बोर्ड को भेजे जाएंगे। </p>
<p><strong>डुप्लीकेट पुष्पक और नई ट्रेन की मांग</strong><br />दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल के अनुसार, लंबे समय से डुप्लीकेट पुष्पक एक्सप्रेस चलाने और गोमतीनगर से मुंबई के लिए नई ट्रेन शुरू करने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रस्तावों पर गंभीरता नहीं दिखाने से यात्री परेशानी झेल रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45536/even-after-the-end-of-the-mumbai-festival-season-sleeper</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 11:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : त्यौहारी सीजन में मिलावट खोरों के खिलाफ मुहिम; मिठाई की दुकानों, क्लाउड किचन, होटलों, दूध में मिलावट जैसी हर चीज की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने त्यौहारी सीजन में मिलावट खोरों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। लेकिन एफडीए अधिकारियों के कमी के कारण मिलावट पर अंकुश लगाने में प्रशासन असहज महशूस कर रहा है। एफडीए आयुक्त राजेश नार्वेकर का खुद मानना है कि राज्य में 1100 अधिकारियों की जरूरत है, जबकि फील्ड पर 130 ही कार्यरत हैं और 194 प्रशिक्षण ले रहे हैं। नार्वेकर के अनुसार एफडीए पिछले कुछ वर्षों से रेहड़ी-पटरी वालों और महिला बचत गुटों समूहों को प्रशिक्षण दे रहा है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44827/campaign-against-adulteration-in-mumbai-festival-season-monitoring-of-everything"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-20t123453.126.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने त्यौहारी सीजन में मिलावट खोरों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। लेकिन एफडीए अधिकारियों के कमी के कारण मिलावट पर अंकुश लगाने में प्रशासन असहज महशूस कर रहा है। एफडीए आयुक्त राजेश नार्वेकर का खुद मानना है कि राज्य में 1100 अधिकारियों की जरूरत है, जबकि फील्ड पर 130 ही कार्यरत हैं और 194 प्रशिक्षण ले रहे हैं। नार्वेकर के अनुसार एफडीए पिछले कुछ वर्षों से रेहड़ी-पटरी वालों और महिला बचत गुटों समूहों को प्रशिक्षण दे रहा है। </p>
<p> </p>
<p>मिठाई की दुकानों, क्लाउड किचन, होटलों, दूध में मिलावट जैसी हर चीज की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण है. पिछले दो महीनों में एफडीए ने मुंबई शहर में 10 हजार 875 किलो की खान- पान की वस्तुएं जब्त की है, जिसकी कीमत 18 लाख 69 हजार के आसपास है. इसमें मिलावटी पनीर, दूध, ड्राई फ्रूट्स, मिठाई, मावा, रिफाइन तेल शामिल है। त्योहार के सीजन में मिलावटखोरों की तादाद बढ़ जाती है. दूध, पनीर, तेल, मिठाई व अन्य चीजों की डिमांड अधिक होती है। </p>
<p>शहर में डेढ़ करोड़ से अधिक लोग रहते है, ऐसे में त्योहार आते ही खाद्य पदार्थ की मांग बाजार में बढ़ जाती है। डेयरी, मिठाई की दुकान, किराने की दुकान हर जगह मिलावटी सामान पहुंचता है। एफडीए अधिकारियों के अनुसार अगस्त से 15 अक्टूबर के दौरान शहर भर के 324 दुकानों में छापेमारी की। इनमें से 299 दुकानों से सैंपल लिया गया। लिए गए सैंपल में खोआ, दूध, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स, वरई व मिठाई सहित अन्य खाने की चीज शामिल थी। सैंपल की जांच करने के बाद 195 दुकानदारों को अपने खाद्य पदार्थ में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा 8 दुकानदारों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44827/campaign-against-adulteration-in-mumbai-festival-season-monitoring-of-everything</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 12:36:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : त्योहारी सीजन में जीएसटी सुधारों के कारण खरीदारी को मिला बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>जीएसटी सुधारों के कारण त्योहारी सीजन में खरीदारी को बढ़ावा मिला है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। इससे त्योहारी खर्चों में सहूलियत और परिवारों के बजट में राहत की उम्मीद है। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कमी का निर्णय जनता के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। नई दरें लागू होने से रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं जैसे गेहूं, चावल, दाल, तेल, बिस्कुट, काजू, बादाम, पिस्ता, नमकीन, तुवर दाल, और घरेलू उपकरण जैसे टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज सस्ते हो गए हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44687/mumbai-shopping-gets-a-boost-in-the-festive-season-due"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-15t121715.848.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> जीएसटी सुधारों के कारण त्योहारी सीजन में खरीदारी को बढ़ावा मिला है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। इससे त्योहारी खर्चों में सहूलियत और परिवारों के बजट में राहत की उम्मीद है। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कमी का निर्णय जनता के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। नई दरें लागू होने से रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं जैसे गेहूं, चावल, दाल, तेल, बिस्कुट, काजू, बादाम, पिस्ता, नमकीन, तुवर दाल, और घरेलू उपकरण जैसे टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज सस्ते हो गए हैं। </p>
<p> </p>
<p>इससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है और बाजारों में रौनक लौट आई है। पहले ऊंची जीएसटी दरों के कारण लोग सीमित खरीदारी करते थे, जिससे व्यापारियों की बिक्री प्रभावित होती थी, लेकिन अब टैक्स में कमी के बाद दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। कोलकाता के एक दुकानदार अजय मदनानी ने कहा, “जीएसटी रेशनलाइजेशन के बाद कीमतों में कमी से ग्राहकों की खरीदारी बढ़ी है। 22 सितंबर के बाद से ग्राहकों को सस्ते दामों में सामान मिल रहा है, जिससे उनकी संख्या में इजाफा हुआ है। रोजमर्रा की जरूरी चीजों की खरीदारी में सुविधा होने से बिक्री बढ़ रही है और हमें उम्मीद है कि इससे कारोबार में और वृद्धि होगी।” एक अन्य ग्राहक, बिस्वदीप सरकार ने कहा, “जीएसटी में कमी से बाजार में चीजों के दाम 5 प्रतिशत तक कम हुए हैं। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।</p>
<p>अगर आप 100 रुपए में 10 रुपए बचा पाते हैं तो उस पैसे को कहीं और निवेश कर सकते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।” मुंबई की कमला ने भी जीएसटी सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि इससे व्यापार को नई दिशा मिली है। इस बार दीपावली पर बाजारों में उत्साह दोगुना है और लोग बड़ी संख्या में खरीदारी कर रहे हैं। कारोबारियों का मानना है कि यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा। मुंबई की एक गृहिणी हेमलता देसाई ने भावुक होकर कहा, “पहले ऊंची जीएसटी दरों के कारण घर का बजट बिगड़ जाता था, लेकिन जीएसटी कम होने से रसोई का सामान और अन्य जरूरी चीजें सस्ती हो गई हैं। इस बार दिवाली की तैयारियां खास हैं, क्योंकि घर में सभी जरूरतें पूरी हो रही हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूं।”</p>
<p>मुंबई की गृहिणी सीमा माने ने कहा, “जीएसटी में कमी से घर का खर्च संतुलित हुआ है। पहले महंगे दामों के कारण जरूरी सामान सीमित मात्रा में खरीदना पड़ता था। अब सस्ते दामों में रसोई का सामान और अन्य जरूरतें पूरी हो रही हैं। इस बार की दिवाली हमारे लिए खास होगी।” इसी तरह एक अन्य गृहिणी विद्या पोद्दार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “जीएसटी कम होने से घर का बजट संभालना आसान हो गया है। अब त्योहारों की तैयारियां बिना किसी दबाव के हो रही हैं। मैं सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूं।” आम जनता के प्रतिनिधि दरोगा चौबे ने कहा, “जीएसटी में कमी से बाजार में चीजों के दाम कम हुए हैं। यह आम लोगों के लिए राहत की बात है। बचाए हुए पैसों को हम दूसरी जरूरतों में लगा सकते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।” मुंबई के दुकानदार मोहनलाल कुमावत ने कहा, “जीएसटी में कमी से व्यापार को नई दिशा मिली है। ग्राहक अब ज्यादा उत्साह के साथ खरीदारी कर रहे हैं। इस बार दिवाली पर बाजारों में रौनक दोगुनी है। हम सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44687/mumbai-shopping-gets-a-boost-in-the-festive-season-due</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 12:18:24 +0530</pubDate>
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