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                <title>पनवेल : एक फुटओवर ब्रिज वाले इस स्टेशन पर पिछले चार साल में भीड़ डबल हो गई</title>
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                        <![CDATA[<p>मध्य रेलवे के पनवेल स्टेशन पर तेजी से बढ़ती भीड़ अब यात्रियों के लिए सिरदर्द हो गई है। केवल एक फुटओवर ब्रिज वाले इस स्टेशन पर पिछले चार साल में भीड़ डबल हो गई है। एक्स (एक्स) पर यात्री रविंद्र कलिंबेकर ने पोस्ट कर लिखा कि बुधवार सुबह 9:17 बजे पनवेल-सीएसएमटी ट्रेन लेट होने की वजह से स्टेशन पर भारी भीड़ हो गई। उनका कहना है कि एसी लोकल शुरू होने के बाद से ट्रेनें अक्सर देरी से चल रही हैं। जब ट्रेन समय पर नहीं आती, तो प्लैटफॉर्म पर भीड़ लगातार बढ़ती जाती है और अगली ट्रेन में यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47698/panvel-the-crowd-at-this-station-with-a-foot-over"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/images---2026-02-13t134555.428.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मध्य रेलवे के पनवेल स्टेशन पर तेजी से बढ़ती भीड़ अब यात्रियों के लिए सिरदर्द हो गई है। केवल एक फुटओवर ब्रिज वाले इस स्टेशन पर पिछले चार साल में भीड़ डबल हो गई है। एक्स (एक्स) पर यात्री रविंद्र कलिंबेकर ने पोस्ट कर लिखा कि बुधवार सुबह 9:17 बजे पनवेल-सीएसएमटी ट्रेन लेट होने की वजह से स्टेशन पर भारी भीड़ हो गई। उनका कहना है कि एसी लोकल शुरू होने के बाद से ट्रेनें अक्सर देरी से चल रही हैं। जब ट्रेन समय पर नहीं आती, तो प्लैटफॉर्म पर भीड़ लगातार बढ़ती जाती है और अगली ट्रेन में यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। </p>
<p> </p>
<p><strong>चार साल में 99.4% यात्री बढ़े</strong><br />मध्य रेलवे लाइन पर सीएसएमटी, दादर, घाटकोपर, ठाणे और कल्याण जैसे स्टेशन भीड़-भाड़ के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब हार्बर लाइन का पनवेल स्टेशन भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021-22 में पनवेल स्टेशन से प्रतिदिन औसतन 1,37,704 यात्री यात्रा करते थे, जो 2024-25 में बढ़कर 2,74,613 हो गए हैं। यानी चार साल में यहां 99.4% यात्री बढ़े हैं।</p>
<p><strong>रेलवे ने क्या बताया?</strong><br />कमर्शियल डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पनवेल की बढ़ती आबादी को देखते हुए एक और एफओबी का निर्माण किया जा रहा है। इसी के साथ ही इसे डेक के साथ जोड़ा जाएगा। लंबी दूरी की ट्ट्रेनों के लिए नए प्लेटफार्म का भी निर्माण किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण पनवेल - कर्जत सबअर्बन लाइन का काम भी अपने आखीरी चरण में है। </p>
<p><strong>स्टेशन पर है सिर्फ एक फुट ओवरब्रिज</strong><br />अमित नाम के एक अन्य यात्री का आरोप है कि पनवेल स्टेशन पर मैनेजमेंट बेहद कमजोर है। यहां भीड़ ज्यादा है, आरपीएफ की मौजूदगी कम दिखती है और प्लैटफॉर्म बदलने के लिए सिर्फ एक फुट ओवरब्रिज है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कमर्शियल डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पनवेल की बढ़ती आबादी को देखते हुए एक और एफओबी का निर्माण किया जा रहा है। इसी के साथ ही इसे डेक के साथ जोड़ा जाएगा।और लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए नए प्लेटफार्म का भी निर्माण किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण पनवेल - कर्जत सबअर्बन लाइन का काम भी अपने आखिरी चरण में है। </p>
<p><strong>कुंभ मेले से भीड़ की तुलना</strong><br />24 जनवरी को पनवेल स्टेशन का एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे लोग मीम मटेरियल तक बना रहे थे। कई यूजर्स ने स्टेशन की भीड़ की तुलना कुंभ मेले से की। विडियो में भारी भीड़ के कारण यात्रियों को धीरे-धीरे चलते देखा गया। वहीं लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने वाले कई यात्री बड़े सामान के साथ जूझते नज़र आए।</p>
<p><strong>इलाके का हो रहा विकास</strong><br />पनवेल और आसपास में इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हो रहा है। इसके चलते कई बड़े बिल्डर वहां प्रॉजेक्ट तैयार कर रहे हैं। जाहिर तौर पर इससे आबादी का भी नया ठिकाना पनवेल बन रहा है। नवी मुंबई एयरपोर्ट पास होने से गतिविधियां और भी बढ़ गई हैं। विकास का नया केंद्र होने की वजह से पनवेल में यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 13:46:51 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई :  रानी बाग में नए जानवरों के आने के बाद पर्यटकों की संख्या में वृद्धि </title>
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                        <![CDATA[<p>भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान और प्राणी उद्यान (रानी बाग) में पिछले कुछ वर्षों में नए जानवरों के आने के बाद पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। खासकर पेंगुइन के आने से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। अब बीएमसी ने रानीबाग में देशी-विदेशी सांपों को रखने के लिए सर्पालय (स्नेक हाउस) बनाने का निर्णय लिया है। इसमें देशी-विदेशी सांप रखे जाएंगे। रानीबाग के निदेशक डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया, स्नेक हाउस के लिए कंसल्टेंट द्वारा योजना तैयार की जा रही है और यह अंतिम चरण में है। अगले 2 महीनों में इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। टेंडर फाइनल होते ही काम शुरू हो जाएगा।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44528/increase-in-number-of-tourists-after-arrival-of-new-animals"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-09t103914.019.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान और प्राणी उद्यान (रानी बाग) में पिछले कुछ वर्षों में नए जानवरों के आने के बाद पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। खासकर पेंगुइन के आने से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। अब बीएमसी ने रानीबाग में देशी-विदेशी सांपों को रखने के लिए सर्पालय (स्नेक हाउस) बनाने का निर्णय लिया है। इसमें देशी-विदेशी सांप रखे जाएंगे। रानीबाग के निदेशक डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया, स्नेक हाउस के लिए कंसल्टेंट द्वारा योजना तैयार की जा रही है और यह अंतिम चरण में है। अगले 2 महीनों में इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। टेंडर फाइनल होते ही काम शुरू हो जाएगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>विदेश से भी आएंगे सांप</strong><br />डेढ़ से 2 साल में इसके तैयार होने की उम्मीद है। बीएमसी अधिकारी ने बताया, रानी बाग में सांपों का भी निवास स्थान था। हालांकि, समय के साथ सांपों की संख्या कम होती गई। वर्तमान में यहां केवल अजगर और धामन प्रजाति के 2 सांप बचे हैं। इसलिए यहां पहले से बने सर्पालय को तोड़कर उसका पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की मंजूरी मिल गई है। स्नेक हाउस बनाने के लिए एक सलाहकार भी नियुक्त किया गया है। यहां 15-15 देशी और विदेशी सांपों की प्रजातियों का जोड़ा रखा जाएगा।</p>
<p><strong>पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास</strong><br />मुंबई के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल वीरा माता जीजाबाई भोसले प्राणी उद्यान (रानीबाग) से पर्यटकों का मोह धीरे-धीरे भंग हो रहा है। इसलिए रानीबाग में पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई बीएमसी का राजस्व भी घट रहा है। बीएमसी खुद मानती है कि पेंग्विन के बाद रानीबाग में ऐसा कुछ नया नहीं आया, जिससे पर्यटक आकर्षित हों । पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बीएमसी लगातार प्रयास कर रही है। इसमें एक्वेरियम टनल स्नेक हाउस और विदेशी जानवरों के लिए रानीबाग का विस्तार जैसी योजना शामिल है।</p>
<p><strong>इन प्रजाति के सांप रखे जाएंगे स्नेक हाउस में</strong><br />बीएमसी अधिकारी ने बताया, स्नेक हाउस में कोबरा, इंडियन रॉक पाइथन, चेकर्ड किलबैक, रसेल वाइपर, समुद्री सांप, अजगर आदि रखने की योजना है। बता दें कि लगभग 53 एकड़ में फैले रानीबाग में जानवर, सरीसृप (रेप्टाइल्स) और दुर्लभ पक्षी हैं। रानी बाग में पेंगुइन पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन रहे हैं। 2017 में रानी बाग में पेंगुइन लाए गए थे। उस समय पेंगुइन की संख्या 8 थी। अब यह संख्या 21 तक पहुंच गई। रानी बाग में 32 प्रजातियों के 356 पशु-पक्षी हैं, इनमें 21 पेंगुइन भी हैं।</p>]]>
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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 10:40:15 +0530</pubDate>
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