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                <title>uncovered - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>भारत टैक्स पारदर्शिता में मजबूत अगुवा: विदेशी टैक्स चोरी पर 29 हजार करोड़ का हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ भारत की कोशिशों को वैश्विक स्तर पर बड़ी मान्यता मिली है। ओईसीडी की शीर्ष अधिकारी जायदा मैनाटा के मुताबिक, भारत की पारदर्शी टैक्स नीतियों और आयकर विभाग के हालिया अभियान से 29 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। भारत ने विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बात का दावा वैश्विक आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के एक शीर्ष अधिकारी ने की। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी टैक्स चोरी (ऑफशोर टैक्स एवेज़न) के खिलाफ पारदर्शिता लागू करने में दुनिया के मजबूत देशों में शामिल है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46198/india-is-a-strong-leader-in-tax-transparency-foreign-tax"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-14t201918.893.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ भारत की कोशिशों को वैश्विक स्तर पर बड़ी मान्यता मिली है। ओईसीडी की शीर्ष अधिकारी जायदा मैनाटा के मुताबिक, भारत की पारदर्शी टैक्स नीतियों और आयकर विभाग के हालिया अभियान से 29 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। भारत ने विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बात का दावा वैश्विक आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के एक शीर्ष अधिकारी ने की। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी टैक्स चोरी (ऑफशोर टैक्स एवेज़न) के खिलाफ पारदर्शिता लागू करने में दुनिया के मजबूत देशों में शामिल है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की पारदर्शी टैक्स नीतियों और आयकर विभाग के हालिया अभियान से 29 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। यह भारत की मजबूत वैश्विक भूमिका और सख्त टैक्स व्यवस्था को दर्शाता है।</p>
<p> </p>
<p>एक सक्षात्कार में ओईसीडी की टैक्स पारदर्शिता और सूचना आदान-प्रदान से जुड़े ग्लोबल फोरम की सचिवालय प्रमुख जायदा मैनाटा ने यह बात कही। वह हाल ही में 2 से 4 दिसंबर के बीच नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल फोरम की वार्षिक बैठक में शामिल होने भारत आई थीं। बता दें कि इस फोरम के 172 देश सदस्य हैं।</p>
<p><strong>अब समझिए भारत की तारीफ क्यों?</strong><br />विदेशी टैक्स चोरी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल करने के लिए भारत की तारिफ क्यों हुई? इस बात ऐसे समझा जा सकता है, क्योंकि मैनाटा ने कहा कि भारत 2009 से ही टैक्स पारदर्शिता के लिए ग्लोबल फोरम के काम में सक्रिय सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्स पारदर्शिता का मजबूत समर्थक है और ऑफशोर टैक्स चोरी के खिलाफ लगातार काम कर रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नई दिल्ली में 2025 की ग्लोबल फोरम बैठक की मेजबानी करना भी भारत की इसी प्रतिबद्धता को दिखाता है।</p>
<p> </p>
<p><strong>विदेशी खातों की जानकारी साझा करने की व्यवस्था</strong><br />ओईसीडी अधिकारी ने आगे बताया कि भारत ने ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन (एईओआई) और कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (सीआरएस) को लागू करने के लिए जरूरी कानूनी ढांचा तैयार कर लिया है और इसका सही तरीके से पालन भी कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग देशों की टैक्स एजेंसियां एक-दूसरे के साथ विदेशी बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी साझा करती हैं, ताकि टैक्स चोरी रोकी जा सके।<br /><br /></p>
<p><strong>एनयूडीजीई अभियान से हुआ बड़ा खुलासा</strong><br />इसके साथ ही मैनाटा ने भारत सरकार के एनयूडीजीई (नॉन-इंट्रूसिव यूज ऑफ डेटा टू गाइड एंड एनेबल) कार्यक्रम की खास तौर पर तारीफ की। उन्होंने बताया कि इस अभियान से विदेशी संपत्ति बताने वाले करदाताओं की संख्या में 45.17% की बढ़ोतरी हुई। साथ ही लगभग 29,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विदेशी संपत्तियां घोषित की गईं और 1,089 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विदेशी आय भी सामने आई। </p>
<p>गौरतलब है कि यह अभियान आयकर विभाग और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नवंबर 2024 में शुरू किया था। इसका उद्देश्य उन करदाताओं को सचेत करना था, जिनकी विदेशी संपत्तियों की जानकारी दूसरे देशों से भारत को मिली थी, लेकिन उन्होंने उसे अपने आयकर रिटर्न में नहीं दिखाया था। इस अभियान के तहत करीब 24,678 करदाताओं ने अपने रिटर्न दोबारा देखे और विदेशी संपत्तियों व आय का खुलासा किया।सीबीडीटी ने ऐसा ही दूसरा अभियान आकलन वर्ष 2025-26 के लिए भी शुरू कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 20:20:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे : रोजाना 60 एमएलडी पानी चोरी का खुलासा! 9 साल से जारी गोरखधंधे पर अधिकारियों की चुप्पी संदिग्ध</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भातसा नदी से उठाव किए जाने वाले पानी की रोजाना 60 एमएलडी चोरी होने का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस-शरदचंद्र पवार पक्ष के जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर पानीचोरी संभव ही नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर एक हफ्ते के भीतर पानीचोरों और संबंधित अधिकारियों पर अपराध दर्ज नहीं किया गया, तो हम मौके पर जाकर जलवाहिनी पर लगाए गए सभी अवैध टैंप उखाड़ फेंकेंगे।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45606/thane-60-mld-water-theft-every-day-revealed-silence-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-19t110605.058.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>भातसा नदी से उठाव किए जाने वाले पानी की रोजाना 60 एमएलडी चोरी होने का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस-शरदचंद्र पवार पक्ष के जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर पानीचोरी संभव ही नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर एक हफ्ते के भीतर पानीचोरों और संबंधित अधिकारियों पर अपराध दर्ज नहीं किया गया, तो हम मौके पर जाकर जलवाहिनी पर लगाए गए सभी अवैध टैंप उखाड़ फेंकेंगे।"</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि कल मनोज प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पार्टी द्वारा गठित समिति ने पिसे से टेमघर के बीच कई जगहों पर अवैध टैपिंग का बड़ा नेटवर्क पकड़ लिया है। ठाणे शहर में पिछले कुछ महीनों से चल रही पानी कटौती के कारणों की खोज इस समिति ने की थी, जिसके दौरान इस बड़े पानीचोरी रैकेट का पर्दाफाश हुआ। प्रधान ने कहा कि पिसे लघुधरण से टेमघर जलशुद्धीकरण केंद्र तक लाई जाने वाली लाइन में सोनाले, चौधरपाड़ा, बापगांव, मुठवल, सावद, आमनेपाड़ा, किरवली, पिसे और देवरूंग गांव आते हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया, "इन गांवों के पास एअर वॉल्व पर अवैध रूप से लगाए गए टैंप के जरिए रोजाना बड़ी मात्रा में पानी चुराया जा रहा है। जहां आधा इंच की पाइप की अनुमति है, वहां चार इंच की अवैध जोड़नी लगाई गई है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 11:07:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> मुंबई: मेडिकल कोर्स में दाखिले का बड़ा रैकेट; कई छात्रों ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश आवेदन भरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य में मेडिकल कोर्स में दाखिले का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। पता चला है कि राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल (सीईटी सेल) द्वारा आयोजित एमबीबीएस कोर्स के तीसरे राउंड के लिए दूसरे राज्यों के कई छात्रों ने फर्जी ईमेल, टेलीफोन नंबर और निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश आवेदन भरे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, सीईटी सेल ने इन छात्रों से अपने मूल दस्तावेज जमा करने को कहा था। केवल एक छात्र ने दस्तावेज जमा किए हैं। इसलिए, सीईटी सेल अब शेष 151 छात्रों को अगले राउंड के प्रवेश में शामिल होने से रोक देगा। इन सभी छात्रों के दस्तावेजों की जाँच की जाएगी और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी से इस बारे में जानकारी माँगी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44780/big-racket-of-admission-in-mumbai-medical-course-many-students"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-18t221410.364.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>राज्य में मेडिकल कोर्स में दाखिले का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। पता चला है कि राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल (सीईटी सेल) द्वारा आयोजित एमबीबीएस कोर्स के तीसरे राउंड के लिए दूसरे राज्यों के कई छात्रों ने फर्जी ईमेल, टेलीफोन नंबर और निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश आवेदन भरे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, सीईटी सेल ने इन छात्रों से अपने मूल दस्तावेज जमा करने को कहा था। केवल एक छात्र ने दस्तावेज जमा किए हैं। इसलिए, सीईटी सेल अब शेष 151 छात्रों को अगले राउंड के प्रवेश में शामिल होने से रोक देगा। इन सभी छात्रों के दस्तावेजों की जाँच की जाएगी और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी से इस बारे में जानकारी माँगी गई है।</p>
<p> </p>
<p>'उनके' दस्तावेजों की जाँच में क्या पता चला? सीईटी सेल द्वारा मेडिकल कोर्स के तीसरे राउंड की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद, नए उम्मीदवारों को भी नए सिरे से प्रवेश आवेदन पत्र भरने का मौका दिया गया। सीईटी सेल को शिकायतें मिली थीं कि दूसरे राज्यों के छात्रों ने महाराष्ट्र का निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करके प्रवेश प्रक्रिया में अपने आवेदन जमा किए थे। सीईटी सेल ने इन छात्रों के दस्तावेजों की जाँच की। पाया गया कि 152 छात्रों ने गलत दस्तावेज जमा किए थे।</p>
<p><strong>क्या ये प्रमाण पत्र भी फर्जी हैं? </strong><br />छात्रों द्वारा जमा किए गए निवास प्रमाण पत्र पर अलग-अलग नाम होने, राज्य सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के प्रारूप या अक्षरों में न होने और प्रमाण पत्र का केवल आधा हिस्सा दिखाई देने जैसी त्रुटियाँ थीं। सूत्रों ने यह भी अनुमान लगाया कि इनमें से कुछ प्रमाण पत्र फर्जी थे। हालाँकि, अधिकारियों ने कहा कि छात्रों द्वारा अपना पक्ष रखने के बाद ही और स्पष्टता आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 22:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 325 करोड़ रुपये से अधिक का एक बड़ा कॉरपोरेट घोटाला; पुलिस की EOW में शिकायत दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:left;">मुंबई के शिपिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में 325 करोड़ रुपये से अधिक का एक बड़ा कॉरपोरेट घोटाला सामने आया है. रुशभ सीलिंक एंड लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के निदेशक विशाल मेहता ने इस संदर्भ में मुंबई पुलिस की EOW में शिकायत दर्ज कराई है. इस शिकायत के आधार पर EOW ने जांच शुरू कर दी है. सूत्रों ने बताया कि मेहता ने शिकायत में ALX शिपिंग एजेंसीज़ इंडिया प्रा. लि. (ऑलकॉर्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड की सहायक कंपनी), दुबई स्थित अलादीन एक्सप्रेस DMCC और OEL एक्सप्रेस इंडिया प्रा. लि. पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के अनुसार, इन कंपनियों ने विशाल मेहता को जहाज संचालन में निवेश के लिए यह आश्वासन दिया था कि उन्हें निश्चित मुनाफा मिलेगा. शुरुआती लेन-देन में भरोसा कायम किया गया, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये नए सौदों के नाम पर हड़प लिए गए.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44339/mumbai--a-major-corporate-scam-worth-over-rs-325-crore-has-been-uncovered--police-have-filed-a-complaint-with-the-eow"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-02t111527.392.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :  </strong>मुंबई के शिपिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में 325 करोड़ रुपये से अधिक का एक बड़ा कॉरपोरेट घोटाला सामने आया है. रुशभ सीलिंक एंड लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के निदेशक विशाल मेहता ने इस संदर्भ में मुंबई पुलिस की EOW में शिकायत दर्ज कराई है. इस शिकायत के आधार पर EOW ने जांच शुरू कर दी है. सूत्रों ने बताया कि मेहता ने शिकायत में ALX शिपिंग एजेंसीज़ इंडिया प्रा. लि. (ऑलकॉर्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड की सहायक कंपनी), दुबई स्थित अलादीन एक्सप्रेस DMCC और OEL एक्सप्रेस इंडिया प्रा. लि. पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के अनुसार, इन कंपनियों ने विशाल मेहता को जहाज संचालन में निवेश के लिए यह आश्वासन दिया था कि उन्हें निश्चित मुनाफा मिलेगा. शुरुआती लेन-देन में भरोसा कायम किया गया, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये नए सौदों के नाम पर हड़प लिए गए.<br /><br /></p>
<p><strong>Leela Mombasa से जुड़ा घोटाला क्या है?</strong></p>
<p>सबसे बड़ा घोटाला Leela Mombasa और XXH-2 नामक जहाजों से जुड़ा बताया गया है. Leela Mombasa को 1 अगस्त 2025 को न्हावा शेवा पहुंचना था लेकिन यह 13 अगस्त को डॉक हुई और जिबूती जाने की बजाय ओमान भेज दी गई, जिसमें 130 करोड़ रुपये का माल भरा था. इसी दौरान 26 अगस्त को विशाल मेहता से कथित तौर पर 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) की जबरन वसूली की गई.</p>
<p>आरोप है कि ALX और अलादीन एक्सप्रेस के अधिकारियों ने कहा कि जहाजों को आगे बढ़ाने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं. भुगतान के बाद भी जहाज समय पर नहीं पहुंचे. Leela Mombasa 15 सितंबर को जिबूती पहुंची, जबकि XXH-2 को जेद्दा से कराची मोड़ दिया गया और 10 दिन तक रोके रखा गया. </p>
<p><strong>सुरक्षा चेक भी हो गए बाउंस</strong><br />इतना ही नहीं, ALX शिपिंग एजेंसीज़ इंडिया प्रा. लि. और OEL एक्सप्रेस इंडिया प्रा. लि. द्वारा दिए गए सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गए. एक चेक अपर्याप्त राशि के कारण और दूसरा सिग्नेचर में गलती के कारण अस्वीकार कर दिया गया. नतीजा यह हुआ कि 290 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का माल अभी भी आरोपियों के नियंत्रण में है और निर्यातकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है.</p>
<p><strong>सुनियोजित कॉरपोरेट साजिश-विशाल मेहता</strong><br />रुशभ सीलिंक एंड लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के निदेशक विशाल मेहता का कहना है कि यह एक सुनियोजित कॉरपोरेट साजिश है जिसमें भारतीय और विदेशी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. शिकायत में ALX शिपिंग एजेंसीज़ इंडिया प्रा. लि., ऑलकॉर्गो लॉजिस्टिक्स लि., अलादीन एक्सप्रेस DMCC और OEL एक्सप्रेस इंडिया प्रा. लि. के साथ-साथ उनके शीर्ष प्रतिनिधियों के नाम दर्ज किए गए हैं, जिनमें संदीप बक्शी, रवि जाखर, विकस खान, अली खान, विंग किट त्सोई (मिस्टर एंडी), अब्दुल्ला और मोहम्मद रिज़वान शेख शामिल हैं.</p>
<p><strong>लॉजिस्टिक्स उद्योग की विश्वसनीयता का सवाल-विशाल मेहता</strong><br />विशाल मेहता ने ABP न्यूज़ से कहा, "यह सिर्फ़ एक कंपनी का मामला नहीं है बल्कि भारत की शिपिंग और लॉजिस्टिक्स उद्योग की विश्वसनीयता का सवाल है. हमारी शिकायत में सभी तथ्य अधिकारियों के सामने रखे गए हैं. इस मामले में ALX शिपिंग एजेंसीज़ (ऑलकॉर्गो लॉजिस्टिक्स की सहायक कंपनी) और अलादीन एक्सप्रेस DMCC जैसी कंपनियों की संलिप्तता, जहाँ ऑलकॉर्गो लॉजिस्टिक्स, हचिसन पोर्ट और विकस खान जैसे हितधारक जुड़े होने की बात सामने आई है, यह दिखाता है कि मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का है. </p>
<p><strong>निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की उम्मीद</strong><br />उन्होंने कहा, ''हमें पूरा विश्वास है कि आर्थिक अपराध शाखा और संबंधित प्राधिकरण निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेंगे.'' वहीं, EOW सूत्रों ने बताया कि इस मामले में प्रारंभिक जांच दर्ज कर ली गई है और जिन-जिन पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें अपने पक्ष रखने के लिए संबंधित दस्तावेज़ों के साथ बुलाया गया है ताकि उनका बयान दर्ज किया जा सके.</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 11:18:20 +0530</pubDate>
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