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                <title>-Mumbai - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर मध्य प्रदेश में फिर पत्थरबाजी, दो दिन में कई गाड़‍ियों को बनाया निशाना </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी का खतरा फिर सिर उठाने लगा है। सोमवार रात झाबुआ से रतलाम लौट रहे रोटरी इंटरनेशनल मंडल डिस्ट्रिक्ट 3040 के गवर्नर संस्कार कोठारी की कार पर बदमाशों ने माही नदी की पुलिया के पास बड़ा पत्थर फेंका। पत्थर सामने के कांच पर ड्राइवर की दूसरी ओर लगा और कांच चकनाचूर होकर कोठारी के ऊपर तथा कार के भीतर बिखर गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51760/stone-pelting-again-in-madhya-pradesh-on-delhi-mumbai-expressway-many"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-09t101502.809.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रतलाम:</strong> दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी का खतरा फिर सिर उठाने लगा है। सोमवार रात झाबुआ से रतलाम लौट रहे रोटरी इंटरनेशनल मंडल डिस्ट्रिक्ट 3040 के गवर्नर संस्कार कोठारी की कार पर बदमाशों ने माही नदी की पुलिया के पास बड़ा पत्थर फेंका। पत्थर सामने के कांच पर ड्राइवर की दूसरी ओर लगा और कांच चकनाचूर होकर कोठारी के ऊपर तथा कार के भीतर बिखर गया। </p>
<p> </p>
<p>गनीमत रही कि चालक ने कार रोकी नहीं, वरना तेज रफ्तार एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा हो सकता था। इसी दौरान तीन अन्य कारों पर भी पत्थर फेंके गए। घटना थांदला से करीब 15 किलोमीटर रतलाम की ओर, माही नदी की पुलिया के पास रेस्ट एरिया के नजदीक हुई। <br />कोठारी के अलावा तीन अन्य कारों पर भी बदमाशों ने पत्थर बरसाए। सभी ने टोल बूथ पर आकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस को नाइट विजन ड्रोन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन कुछ माह से ड्रोन से निगरानी बंद कर दी गई है। </p>
<p>कोठारी सोमवार शाम करीब 5 बजे रोटरी के काम से फोर्ड एमजे कार (एमपी 09 डब्ल्यूएच 5373) से झाबुआ गए थे। रात करीब 11 से 12 बजे के बीच रतलाम लौटते समय अचानक जोरदार आवाज हुई और पत्थर कांच पर आकर लगा। कार ड्राइवर विजय सिंह राठौर ने कार रोकने के बजाय गति बनाए रखते हुए सीधे धामनोद टोल पहुंचाया। <br />रास्ते में 1033 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी गई, जहां से 112 पर सूचना देने को कहा गया। इसके बाद 112 पर भी सूचना दी। धामनोद टोल पहुंचने पर कोठारी ने एटलेन के अधिकारियों को घटना बताई। पुलिस और एक्सप्रेस-वे अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शिकायत दर्ज की, जबकि पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में लिखित आवेदन देने को कहा। रात अधिक होने के कारण कोठारी मंगलवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे और शिकायत दी। <br />लगातार हो रही वारदात<br />दो दिन पहले थांदला की ओर से रतलाम आ रही एक कार पर भी इसी क्षेत्र में पत्थरबाजी हुई थी। इसके अलावा रतलाम से थांदला की ओर जा रही दो-तीन कारों पर पत्थर फेंके गए, जिनके चालक थांदला में उतर गए। लगातार हो रही घटनाओं से वाहन चालकों में भय है। बदमाश झाबुआ-रतलाम सीमा पर पहाड़ियों से नीचे सड़क पर पत्थर फेंक रहे हैं और नीचे माही नदी बहती है। रतलाम पुलिस झाबुआ पुलिस से भी संपर्क कर रही है। <br />एक्सप्रेस-वे सुविधा के लिए या खतरे के लिए</p>
<p>कोठारी ने रात में टोल पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि पत्थर लगने के बाद कार नहीं रोकने से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक्सप्रेस-वे लोगों की सुविधा और सुरक्षित सफर के लिए बनाया गया है या वाहन चालकों को नुकसान और लूटपाट के खतरे के लिए। घटना के बाद अब भी मन में डर बना हुआ है। एटलेन पर पहले भी पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। </p>
<p>इन्हें रोकने के लिए ड्रोन से निगरानी भी शुरू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद घटनाएं थम नहीं रही हैं। रेस्ट एरिया और माही नदी की पुलिया के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग की जरूरत है।वाहन चालक भारी टोल चुकाकर सुरक्षित सफर की उम्मीद करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं सुरक्षा के दावों को कटघरे में खड़ा कर रही हैं। 25 किमी के अंतराल पर मेंटनेंस कंपनी की गश्त रहती है, लेकिन बावजूद इसके पत्थरबाजी रूक नहीं रही है।</p>
<p>कोठारी के अलावा तीन अन्य कारों पर भी बदमाशों ने पत्थर बरसाए। सभी ने टोल बूथ पर आकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस को नाइट विजन ड्रोन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन कुछ माह से ड्रोन से निगरानी बंद कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51760/stone-pelting-again-in-madhya-pradesh-on-delhi-mumbai-expressway-many</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:16:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात में भारी बारिश से आफत, सूरत-मुंबई रेल सेवा पूरी तरह ठप; कई सड़कें बंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर द्वारा 23 जुलाई 2026 को सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य के दक्षिण गुजरात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई है। मात्र 6 घंटों के भीतर कई तालुकाओं में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50905/due-to-heavy-rains-in-gujarat-surat-mumbai-rail-service-completely"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/the-protestors-rued-that-the-government-proposed-c_16928953675731.webp" alt=""></a><br /><p><strong>सूरत : </strong>गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर द्वारा 23 जुलाई 2026 को सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य के दक्षिण गुजरात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई है। मात्र 6 घंटों के भीतर कई तालुकाओं में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>उमरपाड़ा और उमरगाम में रिकॉर्ड बारिश</strong><br />बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सूरत जिले का उमरपाड़ा तालुका सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 बजे के बीच कुल 283 मिलीमीटर (11.14 इंच) बारिश दर्ज की गई। वलसाड जिले के उमरगाम में भी कुदरत का कहर देखने को मिला, जहां 251 मिलीमीटर (9.88 इंच) वर्षा हुई।<br />इसके अलावा भरूच के नेत्रंग में 175 मिलीमीटर (6.89 इंच) बारिश के साथ जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।</p>
<p><strong>दक्षिण गुजरात के अन्य प्रभावित क्षेत्र</strong><br />वलसाड और नवसारी जिलों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है। वलसाड के पारडी में 168 मिलीमीटर, नानी पोंढा में 138 मिलीमीटर और कपराडा में 123 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। नवसारी के खेरगाम तालुका में 164 मिलीमीटर और वांसदा में 113 मिलीमीटर वर्षा हुई है। तापी जिले के उकाई और व्यारा में क्रमशः 125 मिलीमीटर और 116 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि डांग के वघई में 125 मिलीमीटर वर्षा हुई है।</p>
<p><strong>अहमदाबाद और अन्य शहरों की स्थिति</strong><br />गुजरात के मुख्य शहरों में भी बारिश ने अपनी रफ्तार पकड़ी है। अहमदाबाद शहर में दोपहर 12:00 बजे तक कुल 66 मिलीमीटर (2.60 इंच) बारिश दर्ज की गई है। वहीं, सूरत शहर में 49 मिलीमीटर, वडोदरा में 16 मिलीमीटर और राज्य की राजधानी गांधीनगर में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। उत्तर गुजरात के महेसाणा जिले के बेचराजी में भी 130 मिलीमीटर (5.12 इंच) की भारी वर्षा दर्ज की गई है। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50905/due-to-heavy-rains-in-gujarat-surat-mumbai-rail-service-completely</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 20:36:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 16 घंटे बाद पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' पर ट्रैफिक फिर से हुआ शुरू, सुबह हुआ था लैंडस्लाइड</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक की टनल 2 को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के कार्यालय ने यह बड़ा अपडेट साझा किया है। सोमवार सुबह लैंडस्लाइड के बाद ट्रैफिक को बंद कर दिया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50582/mumbai-traffic-resumes-on-missing-link-of-pune-mumbai-expressway-after"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-07t125812.884.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक की टनल 2 को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के कार्यालय ने यह बड़ा अपडेट साझा किया है। सोमवार सुबह लैंडस्लाइड के बाद ट्रैफिक को बंद कर दिया गया था। भारी बारिश के कारण काफी सारा मलबा टनल और सड़क पर गिर गया था। MSRDC की तरफ से युद्ध स्तर पर सड़क को क्लीन किए जाने के बाद रात करीब 11 बजे फिर से ट्रैफिक के लिए टनल को खोला गया। मिसिंग लिंक पर खंडाला के पास बड़ा लैंडस्लाइड हुआ था। इससे इससे टनल-2 एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था।</p>
<p> </p>
<p><strong>महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने साझा किया अपडेट</strong><br />महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक शुरु होने का अपडेट साझा किया है। एमएसआरडीसी ने कहा है कि पुणे-मुंबई कनेक्टिंग लिंक रोड पर ट्रैफ़िक फिर से शुरू हो गया है। सुरक्षा के बड़े ऑपरेशन पूरे होने के बाद गाड़ियों की आवाजाही बहाल कर दी गई है। कॉरपोरेशन ने बताया है कि भारी बारिश, तेज हवाएं और कम विजिबिलिटी के बाद के बावजूद महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की टीमों ने रास्ते को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने के लिए लगातार काम किया।</p>
<p><strong>टेक्निकल जांच के बाद खोला गया ट्रैफिक</strong><br />महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने बताया है कि इसके लिए मिसिंग लिंक (अब कनेक्टिंग लिंक) के प्रभावित हिस्से से मलबा हटाया गया। इसके बाद खास उपकरणों का इस्तेमाल करके सड़क को अच्छी तरह साफ़ किया गया। टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने टनल 2 और उससे जुड़ी ढलान का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि यह पक्का किया जा सके कि कोई ढीला मटीरियल खतरा न पैदा करे। इसके बाद ड्रोन सर्वे की कोशिश की गई, हालांकि, घने कोहरे, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण हवाई ऑपरेशन नहीं हो पाए। जरूरी सुरक्षा और टेक्निकल जांच पूरी होने के बाद ही ट्रैफिक बहाल किया गया है।</p>
<p><strong>गैरजरूरी यात्रा नहीं करने की सलाह</strong><br />एमएसआरडीसी ने यात्रियों से गुजारिश है कि वे जारी भारी मॉनसून के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें और अधिकारियों द्वारा जारी ट्रैफ़िक एडवाइज़री का सख्ती से पालन करें। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यह भारी लैंडस्लाइड (भूस्खलन) 'मिसिंग लिंक' सेक्शन पर खंडाला एग्जिट के पास हुआ था। भूस्खलन के कारण पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे मुंबई की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:59:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय; आखिर कब थमेगा मौत और हादसों का सिलसिला?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>देश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने गए हैं। तय सीमा से अधिक रफ्तार, कमजोर निगरानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे तमाम कारणों से इस एक्सप्रेस-वे पर आए-दिन एक्सीडेंट हो रहे है। इसी वजह से लोग अब इसे एक्सप्रेस-वे की जगह 'डेथ-वे' यानि मौत का रास्ता तक कहने लगे हैं। हर हादसे के बाद रोकथाम के दावे किए गए, लेकिन ये दावे सरकारी फाइलों से बाहर नहीं निकले।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49621/increasing-road-accidents-on-delhi-mumbai-expressway-is-a-matter-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/images-(67).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने गए हैं। तय सीमा से अधिक रफ्तार, कमजोर निगरानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे तमाम कारणों से इस एक्सप्रेस-वे पर आए-दिन एक्सीडेंट हो रहे है। इसी वजह से लोग अब इसे एक्सप्रेस-वे की जगह 'डेथ-वे' यानि मौत का रास्ता तक कहने लगे हैं। हर हादसे के बाद रोकथाम के दावे किए गए, लेकिन ये दावे सरकारी फाइलों से बाहर नहीं निकले।</p>
<p> </p>
<p>हाल यह है कि रोक के बावजूद इस पर दुपहिया वाहन दौड़ते हैं। आवारा पशु तक एक्सप्रेस-वे पर आ जाते हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और कम समय में लंबी दूरी तय करने के दावे के साथ शुरू किया गया यह एक्सप्रेस-वे सुरक्षा के मोर्चे पर सवालों के घेरे में है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे ने जहां यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाया है, वहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी इसे आम लोगों के लिए खतरनाक भी बना रही है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हादसों का यह सिलसिला और अधिक भयावह हो सकता है।<br />विशेषज्ञों के अनुसार इन हादसों के लिए तय गति सीमा से अधिक रफ्तार, लेन डिसिप्लेन का पालन न होना और तकनीकी निगरानी की विफलता इसके प्रमुख कारण है। यह परियोजना इस दावे के साथ शुरू की गई थी कि इससे यात्रा का समय घटेगा, व्यापार को गति मिलेगी और सड़क परिवहन सुरक्षित होगा। जिस एक्सप्रेस-वे को सुविधा और रफ्तार का प्रतीक होना था, वह अब लगातार हो रहे हादसों का प्रतीक बनती जा रही है। यह एक्सप्रेस-वे देश के आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रतीक माना जाता है। बीते कुछ दिनों में इस एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं है, बल्कि व्यवस्था की असफलता का आईना है।<br />चालकों को सतर्क रहने की सलाह<br />एएसपी प्रियंका रघुवंशी ने ऐसे हादसों से बचाव के लिए वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में सीएनजी वाहनों की समय-समय पर फिटनेस और लीकेज जांच कराना बेहद जरूरी है। लंबी यात्रा के दौरान गाड़ी को लगातार चलाने से इंजन और गैस सिस्टम पर दबाव बढ़ता है, जिससे हादसे की आशंका रहती है। बीच-बीच में वाहन रोककर इंजन को ठंडा होने देना चाहिए। साथ ही किसी भी तरह की गैस की गंध, ओवर हीटिंग या तकनीकी खराबी महसूस होने पर तुरंत गाड़ी रोककर जांच कराएं।<br />आखिर कब थमेगा मौत और हादसों का यह सिलसिला?<br />-29 अप्रेल की रात अलवर के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार में आग लगने से इसमें सवार दंपती, उनकी 6 साल की बेटी, सास और सास की बहन जिंदा जल गए। चालक जान बचाने के लिए कार से कूदा, लेकिन वह मौत को नहीं हरा सका। उसे पहले अलवर और फिर जयपुर रेफर किया गया। जयपुर में उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।<br />-14 अप्रेल को अलवर जिले के पिनान इंटरचेंज की पुलिया नंबर 128 को पार करते समय मध्यप्रदेश के उज्जैन से दिल्ली जा रही स्लीपर कोच बस आगे चल रहे ट्रक से टकराने के बाद मिडवे जोन के एंगल से जा टकराई थी। इस हादसे में बस चालक उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद निवासी मोनू यादव (32), उसकी पत्नी रीना (31) व बेटी शक्ति उर्फ डोली (8) की मौत हो गई थी। इस हादसे में 31 यात्री घायल हो गए थे। इनमें से दो घायलों ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 14:02:59 +0530</pubDate>
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