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                <title>Adalat - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>बेलापुर : लोक अदालत के दौरान तलाक की याचिका वापस लेने का फैसला; सात अलग हुए जोड़ों को प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया</title>
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                        <![CDATA[<p>बेलापुर फैमिली कोर्ट में लोक अदालत के दौरान तलाक की याचिका वापस लेने और फिर से एकजुट होने का फैसला करने वाले सात अलग हुए जोड़ों को नवी मुंबई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा "नंदा सौख्यभारे" (आपको सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं) प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43877/belapur--decision-to-withdraw-divorce-petition-during-lok-adalat--seven-separated-couples-were-felicitated-with-certificates-and-gifts"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-14t114309.598.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेलापुर : </strong>बेलापुर फैमिली कोर्ट में लोक अदालत के दौरान तलाक की याचिका वापस लेने और फिर से एकजुट होने का फैसला करने वाले सात अलग हुए जोड़ों को नवी मुंबई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा "नंदा सौख्यभारे" (आपको सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं) प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। लोक अदालत के समक्ष कुल 98 वैवाहिक विवाद सूचीबद्ध थे, जिनमें से सात जोड़ों ने सुलह का विकल्प चुना, जिससे उनके परिवारों और बच्चों को राहत मिली। न्यायाधीशों ने अलग होने के बजाय एक साथ अपना जीवन फिर से बनाने का विकल्प चुनने के लिए जोड़ों की सराहना की।</p>
<p> </p>
<p>कार्यवाही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष एस.बी. अग्रवाल, बेलापुर तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष और जिला न्यायाधीश-1 सी.वी. मराठे, पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश सुभाष आर. काफरे और डीएलएसए सचिव रवींद्र पजनकर के मार्गदर्शन में हुई। इनमें से 98 मामले इस लोक अदालत में लिए गए, जिसमें जिला न्यायाधीश-3 और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी.ए. साने और अधिवक्ता डिंपल चंद्रा पैनल सदस्य के रूप में शामिल थे, एसोसिएशन ने बताया।</p>
<p>इस कार्यक्रम में नवी मुंबई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील मोकल, उपाध्यक्ष संदीप रामकर, सचिव विकास म्हात्रे और कोषाध्यक्ष तुषार राउत के नेतृत्व में फैमिली कोर्ट के सहायक कर्मचारियों के साथ-साथ फैमिली कोर्ट के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Sep 2025 11:43:40 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 सितंबर और 13 दिसंबर को </title>
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                        <![CDATA[<p>अगर आपके पास पुराने ट्रैफिक चालान पड़े हैं या कोई छोटा-मोटा केस फंसा हुआ है, तो आज आपके लिए राहत का दिन है। शनिवार 13 सितंबर को दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी नेशनल लोक अदालत का आयोजन कर रही हैं। इसमें ट्रैफिक चालानों समेत कई मामलों का निपटारा आसानी से किया जा सकेगा।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43848/mumbai--national-lok-adalat-to-be-held-on-13-september-and-13-december"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-13t112408.490.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अगर आपके पास पुराने ट्रैफिक चालान पड़े हैं या कोई छोटा-मोटा केस फंसा हुआ है, तो आज आपके लिए राहत का दिन है। शनिवार 13 सितंबर को दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी नेशनल लोक अदालत का आयोजन कर रही हैं। इसमें ट्रैफिक चालानों समेत कई मामलों का निपटारा आसानी से किया जा सकेगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>दिल्ली में कहां और कैसे लगेगी लोक अदालत?</strong><br />लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी। ये सिर्फ दिल्ली हाईकोर्ट तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सभी जिला अदालतों, डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल्स, कंज्यूमर डिस्प्यूट्स कमीशंस और परमानेंट लोक अदालतों में भी होगी। यहां केस जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। खास बात ये है कि कोर्ट फीस वापस मिलती है और फैसला तुरंत मान्य हो जाता है।</p>
<p><strong>किस तरह के चालान निपटेंगे?</strong><br />लोक अदालत में इस बार खास ध्यान ट्रैफिक चालानों पर है। केवल 31 मई 2025 तक के कंपाउंडेबल चालान या नोटिस ही शामिल होंगे। इन्हें डाउनलोड करने के लिए लिंक भी है। हर दिन 60,000 चालान डाउनलोड किए जा सकते हैं और कुल लिमिट 1.8 लाख चालानों की है। चालान स्लिप पर ही कोर्ट कॉम्प्लेक्स, कोर्ट नंबर और टाइमिंग लिखी होगी।</p>
<p><strong>कितनी मिलेगी राहत?</strong><br />लोक अदालत में चालान पर अच्छी-खासी छूट मिलती है। आमतौर पर 30% से 75% तक की राहत दी जाती है। कितना डिस्काउंट मिलेगा, ये केस और जज के निर्णय पर निर्भर करता है। यहां माहौल सामान्य अदालत जैसा नहीं होता, बल्कि अधिकारी और वकील समझौते की दिशा में काम करते हैं। तय रकम भरते ही चालान या केस तुरंत बंद हो जाता है।</p>
<p><strong>महाराष्ट्र में भी लगेगी लोक अदालत</strong><br />दिल्ली के साथ-साथ मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी आज लोक अदालत आयोजित हो रही है। महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के अनुसार लोक अदालतें 13 सितंबर और 13 दिसंबर को लगनी तय हैं।</p>
<p><strong>क्यों है खास?</strong><br />लोक अदालत का सबसे बड़ा फायदा है कि इसमें केस का निपटारा जल्दी, सस्ता और बिना झंझट के होता है। खासतौर पर ट्रैफिक चालान जैसे मामलों में ये बेहद मददगार है। अगर आपके पास पुराने चालान पड़े हैं, तो आज का दिन उन्हें आधी-तिहाई रकम में निपटाने का सुनहरा मौका है।</p>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 11:25:17 +0530</pubDate>
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