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                            <item>
                <title>मुंबई : जरूरी खबर, पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया तो 30 जून के बाद एलपीजी सप्लाई बंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ईरान-इस्रायल-अमेरिका युद्ध के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट से मुकाबले के लिए सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस के कनेक्शन पर जोर दे रही है। जिन इलाकों में या जिन इमारतों में पीएनजी की लाइन उपलब्ध है, वहां के लोग यदि इसका कनेक्शन नहीं लेते है, तो उनकी एलपीजी सिलिंडर आपूर्ति 3 महीने यानी 30 जून 2026 के बाद बंद कर दी जाएगी। हालांकि, जिन इलाकों में पीएनजी का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, वहां यह नियम लागू नहीं होगा और एलपीजी सप्लाई शुरू रहेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49017/mumbai-important-news-if-png-connection-is-not-taken-then"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(60).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ईरान-इस्रायल-अमेरिका युद्ध के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट से मुकाबले के लिए सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस के कनेक्शन पर जोर दे रही है। जिन इलाकों में या जिन इमारतों में पीएनजी की लाइन उपलब्ध है, वहां के लोग यदि इसका कनेक्शन नहीं लेते है, तो उनकी एलपीजी सिलिंडर आपूर्ति 3 महीने यानी 30 जून 2026 के बाद बंद कर दी जाएगी। हालांकि, जिन इलाकों में पीएनजी का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, वहां यह नियम लागू नहीं होगा और एलपीजी सप्लाई शुरू रहेगी।</p>
<p> </p>
<p>मंत्रालय में पीआईबी के अधिकारियों ने कहा, मुंबई, नागपुर, अहिल्यानगर में पीएनजी की बड़े पैमाने पर सप्लाई है। राज्य के 20-22 जिलों में पीएनजी नेटवर्क पहुंचा है अन्य जिलों में इसे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p><strong>महाराष्ट्र में 43.4 लाख पीएनजी कनेक्शन</strong><br />आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में 43.4 लाख पीएनजी कनेक्शन है। यह देश में कुल पीएनजी कनेक्शन का करीब 26% है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कनेक्शन की संख्या में इजाफा होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के जरिए गाइडलाइंस जारी की है।</p>
<p><strong>मुंबई के स्लम में पीएनजी पहुंचाना बड़ी चुनौती</strong><br />मुंबई में लगभग 60% आबादी स्लम में रहती है, वहां पीएनजी पहुंचाना चुनौती है। इस सवाल के जवाब में अधिकारी ने कहा, सभी जगह पीएनजी पहुंचाना मुश्किल है। जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर संभव है वहां पीएनजी का जाल बिछाया जाएगा। </p>
<p><strong>बारिश में भी लाइन के लिए हो सकेगी खुदाई</strong><br />सरकार का कहना है कि मुंबई में पीएनजी लाइन के लिए बारिश के दिनों में भी खुदाई का काम शुरू रह सकता है। पाइपलाइन बिछाने के लिए बीएमसी, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य एजेसियों को अप्लाई करने के 24 घंटे के भीतर परमिशन देनी होगी। </p>
<p><strong>कालाबाज़ारी रोकने को कार्रवाई</strong><br />8 मार्च से राज्य में एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए कई कदम उठाए गए है। इस दौरान 14,329 इंस्पेक्शन हुए। 21 गाड़ियां सीज, 2 गैस टैकर पकड़े गए, 3,628 सिलिंडर सीज, वही 71,565 किलो गैस सीज, 53 प्राथमिकी दर्ज, 36 गिरफ्तारियां हुई रव 2.38 करोड़ रुपये कुल सीज किए गए। </p>
<p><strong>इन इलाकों में होती है आपूर्ति</strong><br />एमजीएल वर्तमान में मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोबिवली, अंबरनाथ, बदलापुर, पनवेल, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर, धाराशिव, चित्रदुर्ग और दावणगेरे जैसे क्षेत्रों में पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति कर रही है। कंपनी का कहना है कि केंद्र, राज्य और स्थानीय प्रशासन द्वारा हाल ही में जारी नई गाइडलाइन और अनुमति प्रक्रियाओं में सुधार से पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को और गति मिलेगी। </p>
<p><strong>कुछ क्षेत्रों में अनुमति मिलते ही शुरू होगी</strong><br />कुछ इलाको में तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियों के कारण काम में देरी हो रही है। इनमें गहरे नाले, चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, ट्रैफिक की समस्या, संकरी गलिया, अतिक्रमण और भूमिगत हाईटेंशन केबल्स जैसी बाधाएं शामिल है। कंपनी का कहना है कि इन सभी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा मानको और आम जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:31:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : अगर शादीशुदा ज़िंदगी में झगड़े की वजह से पति सुसाइड कर लेता है तो पत्नी ज़िम्मेदार नहीं होगी - हाई कोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>शादीशुदा ज़िंदगी में पति-पत्नी के बीच झगड़े आम बात है। इसलिए, अगर ऐसे झगड़े की वजह से पति सुसाइड कर लेता है, तो इसके लिए पत्नी को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, ऐसा एक फ़ैसला आया है। हाई कोर्ट नागपुर की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के बेंच ने एक केस में फ़ैसला सुनाया। यह केस अमरावती का है। 26 नवंबर, 2019 को पति के सुसाइड करने के बाद, राजापेठ पुलिस ने ससुर की शिकायत पर पत्नी के ख़िलाफ़ सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था। पत्नी अपने पति को गाली-गलौज और मारपीट कर रही थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48896/mumbai-if-husband-commits-suicide-due-to-quarrel-in-married"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-02t104726.740.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शादीशुदा ज़िंदगी में पति-पत्नी के बीच झगड़े आम बात है। इसलिए, अगर ऐसे झगड़े की वजह से पति सुसाइड कर लेता है, तो इसके लिए पत्नी को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, ऐसा एक फ़ैसला आया है। हाई कोर्ट नागपुर की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के बेंच ने एक केस में फ़ैसला सुनाया। यह केस अमरावती का है। 26 नवंबर, 2019 को पति के सुसाइड करने के बाद, राजापेठ पुलिस ने ससुर की शिकायत पर पत्नी के ख़िलाफ़ सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था। पत्नी अपने पति को गाली-गलौज और मारपीट कर रही थी।</p>
<p> </p>
<p>छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करके वह अपनी मां के घर जा रही थी। वह अपने पति को झूठे जुर्म में फंसाने की धमकी दे रही थी। वह पैसे मांग रही थी। उसका एक्स्ट्रा मैरिटल अफ़ेयर भी था। इसलिए, पति ने ट्रेन के नीचे कूदकर सुसाइड कर लिया, ऐसा शिकायत में कहा गया था। कोर्ट ने साफ़ किया कि सिर्फ़ इन आरोपों के आधार पर पत्नी को अपने पति के सुसाइड के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कपल के बीच गहरे मतभेद थे। सुसाइड की घटना से पहले दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।</p>
<p>पत्नी ने कहा कि उसका पति उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर भी करता है और उसके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर भी हैं। हालांकि, पुलिस जांच में यह नहीं पाया गया कि उसका इरादा अपने पति को सुसाइड करवाने का था और उसने अपने पति के लिए सुसाइड के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं छोड़ा था। साथ ही, कोर्ट ने कहा कि अगर ससुर की शिकायत को वैसे ही मान भी लिया जाए, तो भी ऐसा नहीं लगता कि पत्नी ने अपने पति को सुसाइड के लिए उकसाने के लिए कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट एक्शन लिया हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 10:48:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : ईरान को समर्थन न देने से भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा: राज ठाकरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा ईरान को समर्थन न देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे पर। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भरोसेमंद सहयोगी का साथ न देने से भारत को गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में गुड़ी पड़वा के अवसर पर दिए अपने भाषण में ठाकरे ने यह बात कही।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48569/mumbai-india-will-suffer-huge-losses-by-not-supporting-iran"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-20t111029.120.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा ईरान को समर्थन न देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे पर। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भरोसेमंद सहयोगी का साथ न देने से भारत को गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में गुड़ी पड़वा के अवसर पर दिए अपने भाषण में ठाकरे ने यह बात कही।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत का अधिकांश तेल ईरान से आता है और ईरान ने इसे रुपए में आपूर्ति की है। उन्होंने कहा कि जब ईरान पर हमला हुआ, तो हमारे प्रधानमंत्री ने समर्थन में एक भी बयान जारी नहीं किया। खामेनेई के निधन के बाद भी शोक या विरोध का कोई आधिकारिक संदेश नहीं आया। एमएनएस की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर ठाकरे ने इस उपलब्धि को 'दिव्य संकेत' बताया और विश्वास व्यक्त किया कि उनकी पार्टी अंततः सत्ता में आकर महाराष्ट्र की 'खोई हुई शान' को पुनर्स्थापित करेगी। </p>
<p>अपने विस्तृत भाषण में उन्होंने राज्य के बढ़ते कर्ज, बिगड़ते शहरी बुनियादी ढांचे के बारे में बात की और ईरान-इजराइल संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की। बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों में एमएनएस की करारी हार के बाद यह उनका पहला भाषण था, जिसमें उन्होंने मराठी गौरव और मराठी मानुष के हितों की रक्षा के मुद्दों पर अपने चचेरे भाई और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हाथ मिलाया था।</p>
<p>घरेलू मामलों की ओर मुड़ते हुए, ठाकरे ने महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में 2014 में राज्य का कर्ज लगभग 2 लाख करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और विकास की बात करते हैं, लेकिन राज्य कर्ज में डूब रहा है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:11:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: ट्रांसपोर्ट यूनियन और प्रशासन की बैठक; यदि  मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे राज्य में हड़ताल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में ई-चालान व्यवस्था को लेकर ट्रांसपोर्ट संगठनों में बढ़ते आक्रोश के बीच महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमिटी ने गुरुवार 5 मार्च से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। कमिटी की ओर से राज्य सरकार को पत्र देकर बताया गया है कि गुरुवार को दोपहर 12 बजे मुंबई के आजाद मैदान में अहम बैठक होगी। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे राज्य में हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार ट्रक, बस, ऑटो रिक्शा, स्कूल बस, टेम्पो सहित तमाम वाहन चक्का जाम आंदोलन में शामिल होंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48190/meeting-of-mumbai-transport-union-and-administration-if-demands-are"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-05t095649.912.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में ई-चालान व्यवस्था को लेकर ट्रांसपोर्ट संगठनों में बढ़ते आक्रोश के बीच महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमिटी ने गुरुवार 5 मार्च से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। कमिटी की ओर से राज्य सरकार को पत्र देकर बताया गया है कि गुरुवार को दोपहर 12 बजे मुंबई के आजाद मैदान में अहम बैठक होगी। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे राज्य में हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार ट्रक, बस, ऑटो रिक्शा, स्कूल बस, टेम्पो सहित तमाम वाहन चक्का जाम आंदोलन में शामिल होंगे।</p>
<p> </p>
<p>संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो राज्यभर में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इससे माल परिवहन, सार्वजनिक परिवहन और रोजमर्रा की आवाजाही पर व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल गुरुवार को होनेवाली बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ट्रांसपोर्टरों से हड़ताल में शामिल न होने की आपील की है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए उनकी मांगों का उचित हल निकालने के लिए राज्य सरकार सकारात्मक है।</p>
<p>यह मुद्दा विधानसभा में भी गूंजा था। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने कहा कि 2017 में लागू की गई ई-चालान व्यवस्था के कारण वाहन मालिकों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई वाहनों पर लाखों रुपए तक का जुर्माना लगाया गया है। जबकि कई मामलों में वाहनों की कीमत ही इतनी नहीं है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिकों के साथ अन्याय हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48190/meeting-of-mumbai-transport-union-and-administration-if-demands-are</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 09:57:42 +0530</pubDate>
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