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                <title>do - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई, पुणे, नागपुर समेत पूरे महाराष्ट्र में मराठी न बोलने वाले टैक्सी चालकों के लाइसेंस होंगे निरस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 जारी करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर से चलने वाली टैक्सियों के अधिकृत चालकों और परमिट धारकों दोनों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना जरूरी होगा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51372/licenses-of-taxi-drivers-who-do-not-speak-marathi-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/pratapsarnaik-2026-08-13-17-58-55.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 जारी करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर से चलने वाली टैक्सियों के अधिकृत चालकों और परमिट धारकों दोनों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना जरूरी होगा।</p>
<p> </p>
<p>सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स नियम, 1989 में संशोधन किया है। नियम 4 में 'पूर्ववृत्त' शब्द के बाद 'और मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान' जोड़ा गया है। नियम 22 का हाशिया बदलकर 'इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगी मोटर कैब के चालकों के लिए अतिरिक्त नियम' कर दिया गया है।</p>
<p><strong>एक महीने की नोटिस के बाद कैंसल होगा लाइसेंस</strong><br />सबसे अहम बदलाव नियम 24 में किया गया है। इसके तहत अब हर अधिकृत टैक्सी चालक को मराठी का कार्यसाधक ज्ञान होना अनिवार्य है। अगर किसी चालक के पास मराठी का ज्ञान नहीं है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी एक महीने का नोटिस देगी। इस एक महीने में चालक को मराठी सीखनी होगी। अगर तय समय में चालक नियम का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी लिखित कारण दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।</p>
<p>इसके तहत पहले ड्राइविंग लाइसेंस पर अधिकृतता तीन महीने तक निलंबित की जा सकती है। इसके बाद भी अनुपालन न होने पर उचित सुनवाई के बाद चालक का अधिकृत परमिट रद्द भी किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 10:45:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 'परिसीमन का आरक्षण से कोई संबंध नहीं', एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी का बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने परिसीमन और आरक्षण के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि दोनों विषयों का आपस में कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में आरक्षण से संबंधित विधेयक पहले ही संसद से पारित हो चुका है और उसे सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिला था। मीडिया से बातचीत में नसीम सिद्दीकी ने कहा, "परिसीमन का आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। इस देश में आरक्षण विधेयक पहले ही संसद में पारित हो चुका है और उसे सभी दलों का समर्थन मिला था।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50778/mumbai-delimitation-has-no-connection-with-reservation-statement-of-ncp"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-16t121740.990.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने परिसीमन और आरक्षण के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि दोनों विषयों का आपस में कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में आरक्षण से संबंधित विधेयक पहले ही संसद से पारित हो चुका है और उसे सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिला था। मीडिया से बातचीत में नसीम सिद्दीकी ने कहा, "परिसीमन का आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। इस देश में आरक्षण विधेयक पहले ही संसद में पारित हो चुका है और उसे सभी दलों का समर्थन मिला था।</p>
<p> </p>
<p>हमारी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ने भी उसका समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि परिसीमन और आरक्षण दो अलग-अलग संवैधानिक और विधायी विषय हैं, इसलिए दोनों को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, इन मुद्दों पर तथ्यों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।</p>
<p>हाल के दिनों में परिसीमन और आरक्षण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हुई है। इसी क्रम में एनसीपी (एसपी) की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है। सिद्दीकी ने दोहराया कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा संसद में पारित आरक्षण संबंधी विधेयक का समर्थन कर चुकी है। परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करना होता है, जबकि आरक्षण से जुड़े प्रावधान अलग संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत लागू किए जाते हैं। ऐसे में दोनों विषयों पर राजनीतिक चर्चा जारी है और अलग-अलग दल अपने-अपने दृष्टिकोण रख रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:17:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: पश्चिम रेलवे के 80 फीसदी कोच में नहीं हैं सीसीटीवी, लोकल के डिब्बों में टॉकबैक तो लगे, ज्यादातर हैं खराब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोकल ट्रेन में हुए मर्डर के बाद यात्री सुरक्षा का विषय एक बार फिर से गरमा गया है। करीब 30 लाख यात्री प्रतिदिन लोकल से यात्रा करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा आज एक बड़ा विषय बन चुका है। इसी कड़ी में महिलाओं की सुरक्षा को समझने के लिए एनबीटी की प्रतिनिधि ने स्वयं महिलाओं के डिब्बे में यात्रा कर टॉक बैक सिस्टम का जायजा लिया। यह चेकिंग 5 ट्रेनों में की गई, जिनमे से 3 ट्रेनों में कोई रिप्लाई नहीं आया, 1 ट्रेन में रिप्लाई आया पर कुछ मदद नहीं मिली। वही 1 लोकल में रिप्लाई के साथ -साथ मदद भी मिली। इसी के साथ ही करीब 80% लोकल के डिब्बों में (जनरल और महिला) में सीसीटीवी भी नहीं लगे है। </p><p><br /></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50400/80-percent-coaches-of-western-railways-do-not-have-cctv"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/cameras-to-keep-eye-on_d.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>लोकल ट्रेन में हुए मर्डर के बाद यात्री सुरक्षा का विषय एक बार फिर से गरमा गया है। करीब 30 लाख यात्री प्रतिदिन लोकल से यात्रा करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा आज एक बड़ा विषय बन चुका है। इसी कड़ी में महिलाओं की सुरक्षा को समझने के लिए एनबीटी की प्रतिनिधि ने स्वयं महिलाओं के डिब्बे में यात्रा कर टॉक बैक सिस्टम का जायजा लिया। यह चेकिंग 5 ट्रेनों में की गई, जिनमे से 3 ट्रेनों में कोई रिप्लाई नहीं आया, 1 ट्रेन में रिप्लाई आया पर कुछ मदद नहीं मिली। वही 1 लोकल में रिप्लाई के साथ -साथ मदद भी मिली। इसी के साथ ही करीब 80% लोकल के डिब्बों में (जनरल और महिला) में सीसीटीवी भी नहीं लगे है। <br /><strong></strong></p><p><strong><br /></strong></p><p><strong>1. 60 % टॉकबैक नहीं किया काम </strong><br />चर्चगेट से विरार जाने वाली ट्रेन शामिल: शाम के समय चर्चगेट से रवाना होने वाली 5: 12 की विरार फ़ास्ट में चढ़ने के बाद जांच के लिए टॉक बैक पर लगातार क्लिक करके मदद मांगी गई। लेकिन गॉर्ड की तरफ से मुंबई सेंट्रल आने तक कोई रिप्लाई नहीं किया गया - ऐसा ही 2 और लोकल में देखा गया। जहां मदद के तौर कोई हेल्प नहीं मिली। यहां तक की 'टॉक' का लाइट भी नहीं जल रहा था।<br /><strong></strong></p><p><strong>2. टॉकबैक पर गार्ड ने किया कनेक्ट</strong><br />रात 9 बजे का समय था। एसी लोकल चर्चगेट से रवाना हुई। इसी दौरान करीब चरनी रोड के एक मेंटली इल औरत ने ट्रेन में दस्तक दी। सभी महिलाओं को परेशान करने लगी। इस दौरान मुंबई सेंट्रल में टॉक बेक सिस्टम पर क्लिक कर जानकारी दी गई। तुरंत किसी का रिप्लाई नहीं आया, लेकिन दादर स्टेशन पर एक गार्ड की आवाज आई, क्या हुआ - उत्तर में सभी जवाब दिए गए। हालांकि मदद के रूप में कोई नहीं आया। यानी 20 फीसदी ऐसे मामले मिले।<br /><strong></strong></p><p><strong>3. 20% टॉक बैक ने किया काम, मिली मदद</strong><br />शाम की मलाड से चर्चगेट आ रही फास्ट लोकल में टॉक बैक ने किया काम साथ ही जरूरी मदद भी मिली। पड़ताल के दौरान प्रतिनिधि ने मुंबई सेंट्रल से यह ट्रेन 5 :22 बजे पकड़ी। टॉक बैक पर मदद के लिए जानकारी दी। वहां से रिप्लाई भी आया। गॉर्ड ने जानकारी ली और उसे कंट्रोल रूम तक पहुंचाया। अगले स्टेशन तक मदद मिल गई।<br /><strong></strong></p><p><strong>कैसे करता है टॉक बैक काम </strong><br />पश्चिम रेलवे के गार्ड (ट्रेन मैनेजर)अशोक अवघाड़े ने बताया कि, जब कोई टॉक बैक सिस्टम पर दिए गए बटन पर क्लिक करता है, तब गौरब केबिन में एक अलार्म बजता है और लाइट दिखती है। गॉर्ड भी अपने सिस्टम से यात्री से कनेक्ट करता है। समस्या जानने के बाद सीधे कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाता है और जीआरपी और आरपीएफ अगले स्टेशन पर मदद के लिए पहुंचती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:04:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : यहां व्यापार करने के लिए मराठी जानना ज़रूरी है  - प्रताप सरनाईक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य की परंपरा है कि जो ड्राइवर मराठी सीखने की इच्छा दिखाते हैं, उन्हें मौका दिया जाता है; हालांकि, नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, अगर आप महाराष्ट्र में बिजनेस करना चाहते हैं, तो सभी ने यह बात मान ली है कि मराठी भाषा जानना जरूरी है, ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ तौर पर कहा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49563/mumbai-it-is-important-to-know-marathi-to-do-business"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-29t122213.560.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>राज्य की परंपरा है कि जो ड्राइवर मराठी सीखने की इच्छा दिखाते हैं, उन्हें मौका दिया जाता है; हालांकि, नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, अगर आप महाराष्ट्र में बिजनेस करना चाहते हैं, तो सभी ने यह बात मान ली है कि मराठी भाषा जानना जरूरी है, ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ तौर पर कहा। प्रताप सरनाईक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। राज्य में रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य करने के फैसले को असरदार तरीके से लागू करने के लिए, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने 1 मई से 15 अगस्त तक एक खास वेरिफिकेशन कैंपेन चलाने का फैसला किया है। इस कैंपेन का नेतृत्व एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रवींद्र गायकवाड़ की अध्यक्षता में बनी एक कमेटी को सौंपा गया है, ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाईक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया।</p>
<p> </p>
<p>मराठी भाषा को अनिवार्य करने के फैसले पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि रिक्शा और टैक्सी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग में, सभी संगठनों ने मराठी भाषा को अनिवार्य करने के फैसले पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है और पूरा सपोर्ट दिखाया है। राज्य के सभी 59 आरटीओ को 1 मई से एक खास इंस्पेक्शन कैंपेन चलाने का निर्देश दिया गया है, जिसके तहत नियम तोड़ने वाले और गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सरनाइक ने यह भी बताया कि सिर्फ मराठी भाषा न जानने के आधार पर लाइसेंस कैंसिल नहीं किया जाएगा, बल्कि दूसरे कानूनी नियमों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>ड्राइवरों ने मराठी भाषा सीखने की इच्छा दिखाई मीरा-भायंदर में चलाए गए खास इंस्पेक्शन ड्राइव का जिक्र करते हुए, मंत्री सरनाइक ने कहा कि कुल 3,443 ऑटो-रिक्शा का इंस्पेक्शन किया गया। इनमें से 565 ड्राइवर मराठी का ज्ञान साबित नहीं कर पाए। हालांकि, इन ड्राइवरों ने मराठी सीखने की इच्छा दिखाई है। एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रवींद्र गायकवाड़ की अध्यक्षता में बनाई गई एक कमेटी रोजाना और हर हफ्ते इस ड्राइव का रिव्यू करेगी और इंस्पेक्शन रिपोर्ट के आधार पर आरटीओ को आगे की कार्रवाई के बारे में निर्देश देगी। मंत्री सरनाइक ने यह भी बताया कि इस कमेटी के जरिए पूरे ड्राइव की असरदार प्लानिंग और उसे लागू करना पक्का किया जाएगा।</p>
<p>इस बीच, मराठी सीखने में दिलचस्पी रखने वाले ड्राइवरों के लिए आरटीओ ऑफिस में सुविधाएं दी जाएंगी, और 'कोकण मराठी साहित्य परिषद' और 'मुंबई मराठी साहित्य संघ' के साथ मिलकर ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, मराठी सीखने के लिए बुकलेट और ई-बुकलेट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि मराठी भाषा सीखने वाले ड्राइवरों को राज्य सरकार की तरफ से एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा, और लाइसेंस रिन्यू कराते समय यह सर्टिफिकेट ज़रूरी होगा। उन्होंने आखिर में साफ किया कि इस 100 दिन के कैंपेन के बाद, 16 अगस्त को एक पूरी रिपोर्ट जमा की जाएगी, और उसी के हिसाब से आगे के पॉलिसी फैसले लिए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49563/mumbai-it-is-important-to-know-marathi-to-do-business</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:23:41 +0530</pubDate>
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