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                <title>Mandals - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>ठाणे में विसर्जन जुलूस के डीजे बैन पर भड़के मंडल... दही हांडी में मंजूरी तो यहां क्यों रोक?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस बार नगर निगम ने 22 फीट से बड़ी गणेश मूर्तियों को पारसिक घाट पर ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वहां एक फुट ओवर ब्रिज के कारण मूर्तियों के ले जाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके चलते कोलशेत विसर्जन घाट पर इन मूर्तियों का भार बढ़ेगा। लेकिन कोलशेत में जेटी का निर्माण कार्य, छोटा गेट और सीमित पार्किंग जैसी समस्याएं हैं, जिससे मंडल चिंतित हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42816/in-thane-the-mandal-dahi-handi-raging-on-the-dj"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download-(2)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ठाणे : </strong>शहर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर गणेशोत्सव मंडलों ने नाराजगी जताई है। मंगलवार को ठाणे मनपा द्वारा आयोजित समन्वय बैठक में मंडल पदाधिकारियों ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब दही हांडी जैसे आयोजनों में पूरे दिन डीजे बजते हैं, तो विसर्जन जुलूस में क्यों पाबंदी लगाई जाती है? मंडलों की इस कड़ी आपत्ति के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या डीजे बैन में कुछ ढील दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस बार नगर निगम ने 22 फीट से बड़ी गणेश मूर्तियों को पारसिक घाट पर ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वहां एक फुट ओवर ब्रिज के कारण मूर्तियों के ले जाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके चलते कोलशेत विसर्जन घाट पर इन मूर्तियों का भार बढ़ेगा। लेकिन कोलशेत में जेटी का निर्माण कार्य, छोटा गेट और सीमित पार्किंग जैसी समस्याएं हैं, जिससे मंडल चिंतित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने वैकल्पिक सुविधाओं की मांग की है। साथ ही, मोबाइल विसर्जन पद्धति को बढ़ाने की बात भी कही गई। मनपा सभागृह में आयोजित बैठक में आयुक्त सौरभराव, अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे, डीसीपी प्रशांत कदम, परिवहन डीसीपी पंकज शिरसाठ, महावितरण और टोरेंट पावर के अधिकारी मौजूद थे। मंडलों ने शिकायत की कि हर साल प्रशासन केवल 100 रुपये का बजट दिखाता है, जिसमें से ठेकेदार को केवल 20 रुपये मिलते हैं। इसके चलते मंडल कार्यकर्ताओं को ही देर रात तक काम करना पड़ता है। मनपा ने कोलशेत घाट पर दो पालियों में मानव बल देने, क्रेन लगाने और अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। पारसिक घाट पर बसों की संख्या बढ़ाने, पुलिस के लिए बैठने की सुविधा और रोशनी की समस्या सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 08:30:04 +0530</pubDate>
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