<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/28717/appointments" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>appointments - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/28717/rss</link>
                <description>appointments RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नई दिल्ली : 'चुनाव आयोग को नियुक्ति के पूरे अधिकार, नए आदेश की जरूरत नहीं'; टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से झटका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ झटका लगा है। चुनाव आयोग द्वारा वोटों की गिनती के लिए मुख्य रूप से केंद्र सरकार और पीएसयू के कर्मचारियों को तैनात करने के निर्देश के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस अहम मुद्दे को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज टीएमसी की याचिका पर सुनवाई की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49631/new-delhi-election-commission-has-full-powers-of-appointment-no"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t131314.131.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ झटका लगा है। चुनाव आयोग द्वारा वोटों की गिनती के लिए मुख्य रूप से केंद्र सरकार और पीएसयू के कर्मचारियों को तैनात करने के निर्देश के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस अहम मुद्दे को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज टीएमसी की याचिका पर सुनवाई की। विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी नया आदेश पारित करने से साफ इनकार कर दिया है। दरअसल, चुनाव आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया है कि वह अपने 13 अप्रैल के परिपत्र (सर्कुलर) का पूरी तरह से पालन करेगा।</p>
<p> </p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक, इस सर्कुलर में मतगणना प्रक्रिया में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य सरकार के कर्मचारियों की तैनाती का भी प्रावधान है। चुनाव आयोग के वकील के इस बयान के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने केवल यह दोहराया कि चुनौती दिए गए सर्कुलर को लागू किया जाएगा और मामले में आगे कोई अन्य आदेश देने से मना कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि चुनाव आयोग को नियुक्ति के पूरे अधिकार हैं।</p>
<p><strong>फर्क नहीं पड़ता कि अधिकारी केंद्र का है- सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी</strong><br />सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने यह भी कहा कि मतगणना के दौरान वहां हर राजनीतिक दल के चुनाव एजेंट मौजूद रहेंगे। इसलिए, इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता कि पर्यवेक्षक केंद्र सरकार का नामित अधिकारी है या नहीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की तैनाती पूरी तरह से चुनाव आयोग की अपनी संतुष्टि पर निर्भर करती है, क्योंकि वहां सभी पार्टियों के एजेंट मौजूद होंगे। <br />क्या है पूरा मामला?<br />यह पूरा मामला वोटों की गिनती करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया था कि बंगाल में वोटों की गिनती के लिए केंद्रीय कर्मचारियों को मतगणना पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) बनाया जाएगा। टीएमसी इस फैसले का विरोध कर रही है। उनका मानना है कि इस प्रक्रिया में राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी बराबर शामिल किया जाना चाहिए। इसी आदेश को चुनौती देने के लिए टीएमसी ने अर्जी दी थी, जिस पर जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई की। </p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट के जजों ने नियमों को लेकर क्या स्पष्ट किया? </strong><br />मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने नियमों को लेकर स्थिति साफ की।<br />उन्होंने कहा कि नियमों में यह विकल्प पूरी तरह से खुला है कि काउंटिंग सुपरवाइजर और काउंटिंग असिस्टेंट केंद्र सरकार के भी हो सकते हैं और राज्य सरकार के भी।<br />कोर्ट ने कहा कि जब यह विकल्प खुला हुआ है, तो हम यह बिल्कुल नहीं कह सकते कि चुनाव आयोग का यह नोटिफिकेशन नियमों के खिलाफ है।<br />जस्टिस बागची ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के पास यह अधिकार है कि वह कह सकता है कि दोनों अधिकारी केंद्र सरकार के ही होंगे। <br /> कपिल सिब्बल ने कोर्ट में क्या दलील दी? <br />टीएमसी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग के सर्कुलर (परिपत्र) पर सवाल उठाए।<br />सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि चुनाव आयोग के सर्कुलर में खुद ऐसा स्पष्ट तौर पर नहीं कहा गया है कि केवल केंद्रीय कर्मचारी ही होंगे।<br />टीएमसी का तर्क है कि चुनाव आयोग का यह कदम जानबूझकर राज्य सरकार के कर्मचारियों को गिनती से दूर रखने के लिए उठाया गया है। <br />सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की दलीलों पर क्या जवाब दिया?<br />वकील सिब्बल की दलीलों पर जस्टिस बागची ने तुरंत अपना पक्ष रखा। उन्होंने ने कहा कि अगर चुनाव आयोग ने ऐसा कहा भी होता, तब भी हम उन्हें इस बात के लिए गलत नहीं ठहरा सकते थे। इसका मुख्य कारण यह है कि नियम साफ तौर पर कहते हैं कि मगणना के लिए केंद्र सरकार या राज्य सरकार के अधिकारियों को नियुक्त किया जा सकता है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49631/new-delhi-election-commission-has-full-powers-of-appointment-no</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49631/new-delhi-election-commission-has-full-powers-of-appointment-no</guid>
                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:15:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/download---2026-05-02t131314.131.jpg"                         length="11673"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में प्रोफेसरों की सभी नियुक्ति; कानूनी बाधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) प्रशासन द्वारा अपने चार मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में प्रोफेसरों की सभी नियुक्तियों के लिए व्यापक अनुमति की माँग को राज्य सरकार के विधि विभाग से एक बाधा का सामना करना पड़ा है। बीएमसी द्वारा अपने मेडिकल कॉलेजों में 700 से अधिक शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को राज्य शहरी विकास विभाग ने मंजूरी दे दी है, हालाँकि कानूनी बाधा के कारण अभी तक विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42323/mumbai--all-future-appointments-of-professors-in-medical-colleges--legal-hurdle"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/images---2025-07-21t105723.340.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) प्रशासन द्वारा अपने चार मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में प्रोफेसरों की सभी नियुक्तियों के लिए व्यापक अनुमति की माँग को राज्य सरकार के विधि विभाग से एक बाधा का सामना करना पड़ा है। बीएमसी द्वारा अपने मेडिकल कॉलेजों में 700 से अधिक शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को राज्य शहरी विकास विभाग ने मंजूरी दे दी है, हालाँकि कानूनी बाधा के कारण अभी तक विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण कर्मचारियों (प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और व्याख्याता जो शिक्षण अस्पतालों में डॉक्टर के रूप में भी काम करते हैं) के लगभग 829 पद हैं, हालाँकि केवल लगभग 200 पूर्णकालिक कर्मचारी हैं जबकि लगभग 350 संविदा कर्मचारी हैं। शेष पद रिक्त हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ रहा है।</p>
<p>"शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया लंबी है। बीएमसी ने विज्ञापन प्रकाशित करने और प्रोफेसरों की नियुक्तियों के लिए यूडी विभाग से व्यापक अनुमति मांगी थी, जो सभी मानदंडों का पालन करते हुए की जाएगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (जो यूडी मंत्रालय के प्रमुख हैं) ने अपनी मंजूरी दे दी है, हालांकि, सरकारी प्रस्ताव प्रकाशित नहीं किया गया है क्योंकि कानूनी विभाग निगम को व्यापक अनुमति देने में हिचकिचा रहा है," नियुक्तियों से अवगत एक वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी ने कहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/42323/mumbai--all-future-appointments-of-professors-in-medical-colleges--legal-hurdle</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/42323/mumbai--all-future-appointments-of-professors-in-medical-colleges--legal-hurdle</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 10:58:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-07/images---2025-07-21t105723.340.jpg"                         length="6108"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        