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                <title>142 - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई: कबूतरों को दाना डालने पर अब तक 142 लोगों पर जुर्माना; 68,700 रुपये वसूले</title>
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                        <![CDATA[<p>मुंबई में कबूतरों को दाना डालने पर हाईकोर्ट ने जब से रोक लगाई है तब से बीएमसी एक्शन में है। बीएमसी ने कबूतरों को दाना डालने पर अब तक 142 लोगों पर जुर्माना लगाकर करीब 68,700 रुपये वसूले हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने दाना खिलाने पर लगी रोक को लेकर याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी थी। इस सब के बीच जैन समाज पांबदी को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42937/mumbai--142-people-fined-so-far-for-feeding-pigeons--rs-68-700-collected"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-11t132518.992.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में कबूतरों को दाना डालने पर हाईकोर्ट ने जब से रोक लगाई है तब से बीएमसी एक्शन में है। बीएमसी ने कबूतरों को दाना डालने पर अब तक 142 लोगों पर जुर्माना लगाकर करीब 68,700 रुपये वसूले हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने दाना खिलाने पर लगी रोक को लेकर याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी थी। इस सब के बीच जैन समाज पांबदी को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है। अदालती रोक तथा पुलिस और महानगर पालिका की निरंतर चल रही कार्रवाई के बाद भी जैन समुदाय के लोग दादर सहित अन्य कबूतरखानों के आसपास पक्षियों को दाना डालने पहुंच रहे हैं। इनता ही नहीं जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर शस्त्र भी उठाएंगे। उन्होंने कहा है कि धर्म के खिलाफ किसी की नहीं सुनेंगे। </p>
<p> </p>
<p><strong>भूख हड़ताल की चेतावनी</strong><br />जैन मुनि ने जहां अपने स्टैंड को साफ कर दिया है तो वहीं दूसरी भूख हड़ताल की तैयारी भी हो रही है। जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय के अनुसार कबूतरखाना बंद करने के फैसले के खिलाफ जैन समाज 13 तारीख से भूख हड़ताल पर बैठेगा। उन्होंने कहा कि यदि अदालत धर्म के खिलाफ जाएगी तो हम नहीं मानेंगे। इसके साथ-साथ ये चेतावनी भी दी है कि यदि जरूरत पड़ी तो हमारा शांतिप्रिय समाज हथियार भी उठाएगा। मुनि ने यह चेतावनी ऐसे वक्त पर दी है जब यह पूरा मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में है। अभी तक कोर्ट ने कबूतर खाने को बंद करने तथा पक्षियों को दाना न डालने के आदेश को बरकरार रखा है।<br />मुनि बोले-हम शांत नहीं बैठेंगे</p>
<p>ऐसे में जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय ने कहा है कि हम सत्याग्रह और भूख हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे. उन्होंने कहा जरूरत पड़ी तो हम धर्म के लिए हथियार उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हम भारत के संविधान, अदालत और देवेंद्र फडणवीस का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि बात हमारे धर्म के खिलाफ होगी तो हम अदालत का भी सम्मान नहीं करेंगे। मुनि ने कहा कि हम पर्युषण पर्व की समाप्ति होने के बाद अगला निर्णय लेंगे। अब हम शांत नहीं बैठेंगे। हम 13 तारीख को 10 लाख जैन बंधु भूख हड़ताल शुरू करेंगे।</p>
<p><strong>क्या है कबूतरखाना विवाद?</strong><br />यह पूरा विवाद मुंबई में तब शुरू हुआ था जब बीएमसी ने दादर इलाके के एक कबूतरखाने में तिरपाल डाल दिया था। जैन समुदाय के लोग कबूतरों को खाना डालने को अपने धर्म का हिस्सा मानते हैं। वे इस जीव दया के तौर पर देखते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीएमसी से कहा कि सीमित तरीके से दाना डालने की अनुमति दी जाए। कबूतरों का दाना डालने पर पाबंदी के समर्थकों कहना है कि इनसे इंसानों को कई गंभीर बीमारियां होती है। मुंबई में 51 कबूतरखाने हैं। कोर्ट ने रोक लगाने के साथ एक्सपर्ट कमेटी से सुझाव मांगे हैं। लोगों के आंदोलित होने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक भी गरमा रही है, लेकिन पूरे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट के एंट्री के बाद नेता संभलकर बोल रहे हैं, अब देखना यह है कि कोर्ट का अंतिम फैसला क्या होता है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 13:27:02 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना; 142 एकड़ जमीन पर बने घरों को फिर से बनाया जाएगा</title>
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                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ने अडानी ग्रुप के साथ एक समझौता किया। यह समझौता गोरेगांव (पश्चिम) में मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना के लिए है। इस परियोजना में 142 एकड़ जमीन पर बने घरों को फिर से बनाया जाएगा। लगभग 3,700 लोग यहां रहते हैं। उन्हें 1,600 वर्ग फुट के अल्ट्रा मॉडर्न अपार्टमेंट में फिर से बसाया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा पुनर्विकास प्रोजेक्ट है। इसे कंस्ट्रक्शन-एंड-डेवलपमेंट  मॉडल के जरिए पूरा किया जाएगा।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42018/mumbai--motilal-nagar-redevelopment-project--houses-built-on-142-acres-of-land-will-be-rebuilt"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/download---2025-07-09t175347.642.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ने अडानी ग्रुप के साथ एक समझौता किया। यह समझौता गोरेगांव (पश्चिम) में मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना के लिए है। इस परियोजना में 142 एकड़ जमीन पर बने घरों को फिर से बनाया जाएगा। लगभग 3,700 लोग यहां रहते हैं। उन्हें 1,600 वर्ग फुट के अल्ट्रा मॉडर्न अपार्टमेंट में फिर से बसाया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा पुनर्विकास प्रोजेक्ट है। इसे कंस्ट्रक्शन-एंड-डेवलपमेंट  मॉडल के जरिए पूरा किया जाएगा। कंस्ट्रक्शन-एंड-डेवलपमेंट  मॉडल का मतलब है, पहले निर्माण करो और फिर विकास करो। <br />म्हाडा को डिवेलपर से लगभग 4 लाख वर्ग मीटर का निर्माण क्षेत्र मिलेगा। म्हाडा का कहना है कि इससे भविष्य में उसके पास घरों की संख्या काफी बढ़ जाएगी। यह समझौता महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के बांद्रा मुख्यालय में हुआ। इस मौके पर महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के उपाध्यक्ष और सीईओ संजीव जायसवाल और अडानी प्रॉपर्टीज के निदेशक प्रणव अडानी मौजूद थे।</p>
<p> </p>
<p><strong>7 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट</strong><br />म्हाडा ने बताया कि मोतीलाल नगर 1, 2 और 3 में 3,700 घर हैं। यहां रहने वाले लोगों को 5.8 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फिर से बसाया जाएगा। जो लोग यहां किराए पर रहते हैं, उन्हें 987 वर्ग फुट की कमर्शियल जगह दी जाएगी। इन घरों को लगभग सात साल में पूरा करने का लक्ष्य है। <br />प्रोजेक्ट प्लान की जानकारी देते हुए, जायसवाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को धन्यवाद दिया। एकनाथ शिंदे हाउसिंग मिनिस्टर भी हैं। जायसवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि यह देश का सबसे अच्छा पुनर्विकास प्रोजेक्ट बने। हम पारदर्शिता और क्वालिटी का पूरा ध्यान रखेंगे। इस प्रोजेक्ट के जरिए महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी लोगों को आधुनिक, सुरक्षित और अच्छी तरह से बने घर देगा। </p>
<p><strong>कुछ लोग विरोध में</strong><br />हालांकि, यहां के निवासियों की कुछ संस्थाएं इस समझौते से खुश नहीं हैं। वे 1,600-2,000 वर्ग फुट का कारपेट एरिया मांग रहे थे। मोतीलाल नगर विकास समिति के अध्यक्ष युवराज मोहिते ने कहा कि हम निराश हैं और इस समझौते का विरोध करते हैं। यह फैसला निवासियों से बिना पूछे लिया गया है। हमने मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी दोनों को कई बार लिखकर और मिलकर 2,000 वर्ग फुट का कारपेट एरिया मांगा था, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई। समझौते में 1,600 वर्ग फुट का बिल्ट-अप एरिया लिखा है। हम विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं।   </p>]]>
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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 17:54:46 +0530</pubDate>
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