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                <title>मुंबई: वोटर लिस्ट रिविजन में लापरवाही का आरोप, भिवंडी के बीएलओ पर हो सकती है आपराधिक कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन अभियान के दौरान काम में लापरवाही बरतने के आरोप में भिवंडी के एक बूथ लेवल ऑफिसर  पर आपराधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। चुनाव विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50838/6a5c6aed9ab44"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-19t114658.850.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन अभियान के दौरान काम में लापरवाही बरतने के आरोप में भिवंडी के एक बूथ लेवल ऑफिसर  पर आपराधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। चुनाव विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला भिवंडी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे बीएलओ पर आरोप है कि उन्होंने अपने निर्धारित कार्यों को सही तरीके से पूरा नहीं किया। चुनाव विभाग का कहना है कि मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>
<p> </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, भिवंडी निजामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की वार्ड कमिटी नंबर-2 से जुड़े क्लर्क अनंत शिवराम गारे को एसआईआर  अभियान के तहत भिवंडी ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए बूथ लेवल ऑफिसर नियुक्त किया गया था। बीएलओ की जिम्मेदारी मतदाताओं से संबंधित जानकारी का सत्यापन करना, योग्य मतदाताओं तक आवेदन फॉर्म पहुंचाना और प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराना होती है। अधिकारियों के मुताबिक, रिविजन प्रक्रिया के दौरान शिकायतें मिलीं कि अनंत शिवराम गारे अपने क्षेत्र के पात्र मतदाताओं को निर्धारित आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराने में विफल रहे। चुनाव कार्यक्रम के तहत बीएलओ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेजों तथा जानकारी के आधार पर मतदाता सूची को अपडेट करने में सहयोग करें।</p>
<p>चुनाव विभाग ने शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच कराई। जांच के दौरान कथित तौर पर यह सामने आया कि संबंधित अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारियों का अपेक्षित तरीके से निर्वहन नहीं किया। मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा होता है। इसमें नए मतदाताओं को जोड़ना, गलत या अपात्र नामों को हटाना और मतदाता विवरण में सुधार करना शामिल होता है। इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि वे सीधे मतदाताओं से संपर्क करते हैं और जमीनी स्तर पर सत्यापन का काम करते हैं।</p>
<p>चुनाव अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है। ऐसे में यदि कोई अधिकारी इस प्रक्रिया में लापरवाही करता है तो उसका असर चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित बीएलओ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।</p>
<p>चुनाव विभाग का यह कदम उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है, जो चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों में तैनात हैं। विभाग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। भिवंडी क्षेत्र में एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है। विभाग की टीमें इस बात की निगरानी कर रही हैं कि सभी बीएलओ अपने दायित्वों को समय पर और सही तरीके से पूरा करें। इस मामले के सामने आने के बाद चुनावी कार्यों में तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है।</p>
<p>चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया निष्पक्ष और त्रुटिरहित तरीके से पूरी हो। फिलहाल अनंत शिवराम गारे के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद तय की जाएगी। चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 11:48:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में एसआईआर की डेडलाइन सात दिन बढ़ा दी है। अब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी। पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ाने का एलान करते हुए आयोग ने जो नोटिस जारी किया है, इसके मुताबिक पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन 16 दिसंबर को होगा। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदाताओं के नाम दर्ज करने के लिए फॉर्म भरे जाने यानी इन्युमरेशन की अवधि 11 दिसंबर तक बढ़ाई गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45870/delhi-the-process-of-special-intensive-revision-of-voter-list"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-30t181222.846.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दिल्ली : </strong>चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में एसआईआर की डेडलाइन सात दिन बढ़ा दी है। अब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी। पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ाने का एलान करते हुए आयोग ने जो नोटिस जारी किया है, इसके मुताबिक पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन 16 दिसंबर को होगा। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदाताओं के नाम दर्ज करने के लिए फॉर्म भरे जाने यानी इन्युमरेशन की अवधि 11 दिसंबर तक बढ़ाई गई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>15 जनवरी तक आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे मतदाता</strong><br />आयोग ने मतदान केंद्र यानी पोलिंग बूथों के आवंटन की प्रक्रिया भी 11 दिसंबर तक पूरे कर लिए जाने की बात कही है। 30 नवंबर को जारी शेड्यूल के मुताबिक आयोग ने 12 से 15 दिसंबर के बीच कंट्रोल टेबल तैयार किए जाने की बात कही है। इसी अवधि में सभी 12 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की मसौदा सूची यानी ड्राफ्ट रोल भी तैयार कर लिए जाएंगे। मतदाता अपनी आपत्तियां 16 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच दर्ज करा सकेंगे। </p>
<p><strong>मतदाता सूची की जांच 10 फरवरी को, इसके बाद आएगी फाइनल वोटर लिस्ट</strong><br />चुनाव आयोग ने कहा है कि 16 दिसंबर से सात फरवरी के बीच सभी राज्यों के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर मतदाताओं की आपत्तियों पर सुनवाई करेंगे। इसी अवधि में चुनाव आयोग नोटिस जारी कर मतदाताओं से जवाब भी तलब करेगा। 10 फरवरी को सभी पैमानों पर मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल को परखा जाएगा। इसके बाद आयोग की तरफ से अंतिम सूची के प्रकाशन की अनुमति दी जाएगी।</p>
<p><strong>कोलकाता में विशेष कैंप लगाने का भी फैसला</strong><br />12 राज्यों में जारी एसआईर के बीच चुनाव आयोग ने कोलकाता के रेड-लाइट इलाकों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण  के दौरान समस्याओं का भी संज्ञान लिया है। चुनाव आयोग 2 और 3 दिसंबर को विशेष शिविर आयोजित करने का फैसला लिया है। निर्णय तीन संगठनों- सोसाइटी ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट एंड सोशल एक्शन, उषा मल्टीपर्पज को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और अमरा पदातिक की तरफ से उठाई गई चिंताओं के बाद लिया गया है। संगठनों ने बताया कि यौन कर्मियों को फॉर्म भरने में कठिनाई हो रही है।</p>
<p><strong>रेड-लाइट इलाके में कैंप पर राज्य निर्वाचन अधिकारी का बयान</strong><br />एसआईआर से जुड़ी चिंताओं के बीच राज्य निर्वाचन अधिकारी  मनोज अग्रवाल ने आश्वासन दिया है कि सोनागाछी सहित अन्य क्षेत्रों में विशेष सुनवाई का इंतजाम किया जाएगा। पात्र मतदाताओं की हरसंभव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा है कि वे खुद भी एक शिविर में शामिल हो सकते हैं। सीईओ मनोज अग्रवाल ने चुनाव आयोग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे रेड लाइट इलाकों में जाकर समस्याओं का समाधान करें।</p>
<p><strong>12 राज्यों में एस आय आर, राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर अलग से गणना</strong><br />निर्वाचन आयोग की तरफ से हर दिन शाम में बुलेटिन जारी कर एसआईआर के आंकड़े साझा किए जाते हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन बढ़ाने से पहले जो अंतिम आंकड़े जारी किए गए, उसके मुताबिक 29 नवंबर की शाम तीन बजे तक 12 राज्यों में 99.53 फीसदी इन्यूमरेशन फॉर्म बांटे जा चुके हैं। इनमें से 78.97 फीसदी फॉर्म्स को डिजिटाइज किया जा चुका है। इन आंकड़ों में राजस्थान की अंता विधानसभा सीट के आंकड़े शामिल नहीं हैं। इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव के कारण एस आय आर टाल दिया गया था। यहां मतदाताओं की गिनती का फेज 8 दिसंबर से शुरू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 18:14:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी है। भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को जानकारी दी कि लगभग 20 दिन में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 99.07 प्रतिशत मतदाता विशिष्ट गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण सबसे पहले हुआ है। अभी अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.83 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.69 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटे गए हैं। रविवार के मुकाबले पश्चिम बंगाल व अंडमान और निकोबार के आंकड़ों में कोई फेरबदल नहीं दिखा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45736/new-delhi-work-of-special-intensive-revision-sir-of-voter"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-24t181233.037.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी है। भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को जानकारी दी कि लगभग 20 दिन में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 99.07 प्रतिशत मतदाता विशिष्ट गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण सबसे पहले हुआ है। अभी अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.83 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.69 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटे गए हैं। रविवार के मुकाबले पश्चिम बंगाल व अंडमान और निकोबार के आंकड़ों में कोई फेरबदल नहीं दिखा है।</p>
<p> </p>
<p>चुनाव आयोग प्रतिदिन एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े जारी करता रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार, मतदाता संख्या के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 99.62 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हुआ है, जहां कुल मतदाता 15.44 करोड़ से अधिक हैं। पुडुचेरी में 95.58 प्रतिशत, तमिलनाडु में 96.22 प्रतिशत और केरल में 97.33 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटने का काम हुआ है। जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है, उनमें अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।</p>
<p>चुनाव आयोग के अनुसार, 12 राज्यों में 4 नवंबर से जारी एसआईआर प्रक्रिया के तहत कुल योग 50.97 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से अब तक कुल 50.50 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र बंट चुके हैं। एसआईआर की ऑनलाइन प्रक्रिया ने भी तेजी पकड़ी है और 12 राज्यों में अब तक 24.13 करोड़ से अधिक फॉर्म को अपलोड किया गया है, यानी कुल डिजिटाइजेशन रेट 47.35 प्रतिशत है।</p>
<p>ऑनलाइन प्रक्रिया के मामले में, लक्षद्वीप 96.81 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। उसके बाद गोवा में 76.89 प्रतिशत और राजस्थान में 72.20 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटाइजेशन हुआ है। केरल में सबसे कम डिजिटाइजेशन प्रोग्रेस (सिर्फ 23.72 प्रतिशत) रही है। उत्तर प्रदेश में 26.60 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45736/new-delhi-work-of-special-intensive-revision-sir-of-voter</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 18:10:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया; 10 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिहार में चल रही मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के खिलाफ एक तरफ विपक्षी दल मुखर हैं और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं, जिस पर 10 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना है। वहीं, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में एक नई जनहित याचिका दाखिल हुई है, जिसमें पूरे देश में नियमित अंतराल में विशेषकर लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव से पहले मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कराने का आदेश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि इससे सिर्फ भारतीय नागरिकों के देश की राजनीति और नीति तय करना सुनिश्चित होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41997/new-delhi--process-of-thorough-revision-of-voter-list--hearing-likely-on-july-10"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/image-23_1751871912.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>बिहार में चल रही मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के खिलाफ एक तरफ विपक्षी दल मुखर हैं और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं, जिस पर 10 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना है। वहीं, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में एक नई जनहित याचिका दाखिल हुई है, जिसमें पूरे देश में नियमित अंतराल में विशेषकर लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव से पहले मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कराने का आदेश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि इससे सिर्फ भारतीय नागरिकों के देश की राजनीति और नीति तय करना सुनिश्चित होगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>किसने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका?</strong><br />यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्वनी कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। उपाध्याय ने मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष याचिका का जिक्र करते हुए जल्दी सुनवाई का आग्रह किया, जिस पर कोर्ट ने कहा कि याचिका की खामियां दूर करिए मामला सुनवाई पर लगेगा। दाखिल जनहित याचिका में उपाध्याय ने कोर्ट से यह भी मांग की है कि कोर्ट सभी राज्यों को निर्देश दे कि वे उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कदम उठाए जो लोग विदेशी घुसपैठियों को गैर कानूनी और फर्जी दस्तावेज प्राप्त करने में मदद करते हैं।</p>
<p><strong>याचिका में किस पर जताई गई चिंता?</strong><br />याचिका में गैरकानूनी विदेशियों की घुसपैठ पर चिंता जताते हुए कहा गया है कि 200 जिलों और 1500 तहसीलों की जनसांख्यिकी गैरकानूनी घुसपैठ के कारण बदल गई है। याचिका में कहा गया है कि यह केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है कि वे सुनिश्चित करें कि सिर्फ वास्तविक भारतीय नागरिक ही लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव में वोट करें न कि विदेशी। इसके लिए समय-समय पर मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण किया जाना जरूरी है। याचिका में केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा चुनाव आयोग व विधि आयोग को पक्षकार बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/41997/new-delhi--process-of-thorough-revision-of-voter-list--hearing-likely-on-july-10</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 20:13:38 +0530</pubDate>
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