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                            <item>
                <title>मुंबई :  उच्च राजस्व से आरबीआई की पीआईडीएफ योजना खत्म होने के असर की भरपाई होगी पेटीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेटीएम ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के समाप्त होने से होने वाले किसी भी प्रभाव की भरपाई समय के साथ राजस्व में बढ़ोतरी और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के जरिए की जा सकेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47193/paytm-to-offset-impact-of-end-of-rbis-pidf-scheme"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-23t183908.487.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :  </strong>पेटीएम ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के समाप्त होने से होने वाले किसी भी प्रभाव की भरपाई समय के साथ राजस्व में बढ़ोतरी और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के जरिए की जा सकेगी। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने कहा कि वह फिलहाल पीआईडीएफ योजना के तहत प्रोत्साहन आय को मान्यता दे रही है, जो साउंडबॉक्स और ईडीसी मशीनों जैसे भुगतान स्वीकृति उपकरणों पर किए गए खर्च से जुड़ी है।</p>
<p> </p>
<p>कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि यह योजना अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद आगे नहीं बढ़ाई जाती है, तो पेटीएम को उम्मीद है कि वह उच्च राजस्व और ज्यादा केंद्रित बिक्री रणनीति के संयोजन से इसके प्रभाव की समय के साथ काफी हद तक भरपाई कर लेगी। पीआईडीएफ योजना 31 दिसंबर 2025 तक मान्य है। इसका उद्देश्य टियर-3 से टियर-6 शहरों और पूर्वोत्तर सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है। 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों की अवधि में पेटीएम ने इस योजना के तहत 128 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन आय दर्ज की।</p>
<p>यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब पेटीएम के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार देखा जा रहा है। लागत नियंत्रण, ऑपरेटिंग लीवरेज और तिमाही-दर-तिमाही लाभप्रदता में सुधार से कंपनी को मजबूती मिली है। ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक इक्विटीज ने भी शुक्रवार को ऑफलाइन भुगतान के क्षेत्र में पेटीएम की मजबूत मौजूदगी और मर्चेंट अधिग्रहण में उसकी अग्रणी भूमिका की सराहना की। रिपोर्ट के अनुसार, साउंडबॉक्स में पेटीएम की 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि फिजिकल पीओएस में करीब 10 प्रतिशत और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे में 15 से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कंपनी बेहतर स्थिति में है।</p>
<p>ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि पेटीएम की तकनीकी क्षमताएं और व्यापारियों के साथ गहरे संबंध उसे दीर्घकालिक मूल्य निर्धारण की ताकत देते हैं और ग्राहकों के लिए स्विचिंग कॉस्ट को ऊंचा बनाते हैं। इस खुलासे के साथ पेटीएम ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि वह अपनी सतत विकास संभावनाओं को लेकर आश्वस्त है।<br /> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 18:42:03 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : अस्थि विसर्जन करने गए तीन लोग समुद्र में डूबे; दो की मौत एक अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>हाजी अली के पास स्थित लोटस जेट्टी पर अस्थि विसर्जन के दौरान एक दुखद घटना घटी, जहां तीन लोग समुद्र में डूब गए। यह हादसा उस समय हुआ जब मृतक की अस्थियों को धार्मिक रीति-रिवाज के तहत समुद्र में प्रवाहित किया जा रहा था। शनिवार शाम करीब 5:40 बजे यह घटना मनपा के आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट की गई। ताडदेव पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने स्थानीय मछुआरों की मदद से तीनों लोगों को समुद्र से बाहर निकाला और तुरंत मनपा संचालित नायर अस्पताल में भर्ती कराया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41750/mumbai--three-people-who-went-to-immerse-ashes-drowned-in-the-sea--two-died-and-one-admitted-in-hospital"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-29t114252.767.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :  </strong>हाजी अली के पास स्थित लोटस जेट्टी पर अस्थि विसर्जन के दौरान एक दुखद घटना घटी, जहां तीन लोग समुद्र में डूब गए। यह हादसा उस समय हुआ जब मृतक की अस्थियों को धार्मिक रीति-रिवाज के तहत समुद्र में प्रवाहित किया जा रहा था। शनिवार शाम करीब 5:40 बजे यह घटना मनपा के आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट की गई। ताडदेव पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने स्थानीय मछुआरों की मदद से तीनों लोगों को समुद्र से बाहर निकाला और तुरंत मनपा संचालित नायर अस्पताल में भर्ती कराया।</p>
<p> </p>
<p>हालांकि 51 वर्षीय संतोष विश्वेश्वर और 45 वर्षीय कुणाल कोकाटे को अस्पताल लाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया। तीसरे व्यक्ति की पहचान 58 वर्षीय संजय सरवणकर के रूप में हुई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। स्थानीय रहिवासी ने बताया कि संतोष विश्वेश्वर के नानी की मौत हो गई थी, जिनका शनिवार को 12 वां था। उनकी अस्थि को लेकर तीन से चार लोग समुद्र में गए थे। कुणाल कोकाटे विशेश्वर का पारिवारिक दोस्त था, जिसकी भी इस घटना में मौत हो गई। पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। चेतावनी के बावजूद वे पानी में उतरे और समुद्र की तेज लहरों में बह गए।</p>
<p><strong>मना करने पर भी पानी में गए थे</strong><br />प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संभवतः तीनों लोग अस्थि विसर्जन के दौरान समुद्र में काफी अंदर चले गए थे, जिससे यह दुर्घटना घटी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि विशेष रूप से मानसून के दौरान ऐसे धार्मिक कार्यक्रम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। ताड़देव पुलिस ने बताया कि डूबने वाले लोगों को पानी में न जाने की चेतावनी दी गई थी, क्योंकि वहां की चट्टानें फिसलन भरी थीं और समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही थीं। लेकिन इसके बावजूद वे पानी में जाने पर अड़े रहे। एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से बहस की और लिखित नियम दिखाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे अपनी दादी की अस्थियां विसर्जित करने आए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 11:44:07 +0530</pubDate>
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