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                <title>The Bombay High Court - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>The Bombay High Court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बंबई उच्च न्यायालय ने ठुकराई महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री की याचिका , अनिल देशमुख को पेश होना होगा ED के सामने</title>
                                    <description><![CDATA[<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2021-10/images-2021-10-28t173523.8512.jpeg" alt="" width="739" height="415" class="aligncenter size-full wp-image-17302" /></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p></p> <p></p> <p>मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने कथित धनशोधन और भ्रष्टाचार के मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ जारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को खारिज करने का अनुरोध करने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।</p> <p>अदालत ने कहा कि देशमुख इन समन को रद्द करने के पक्ष में मामला बनाने में असफल रहे।</p> <p>उसने कहा कि पूर्व मंत्री की याचिका इस योग्य नहीं है कि उसके आधार पर निदेशालय या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को उनके खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई करने से रोका जाए।</p> <p>बहरहाल,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/6931/the-bombay-high-court-rejected-the-petition-of-the-former-home-minister-of-maharashtra-anil-deshmukh-has-to-appear-before-the-ed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2021-10/images-2021-10-28t173523.8511.jpeg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2021-10/images-2021-10-28t173523.8512.jpeg" alt="" width="739" height="415" class="aligncenter size-full wp-image-17302"></img></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p></p> <p></p> <p>मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने कथित धनशोधन और भ्रष्टाचार के मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ जारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को खारिज करने का अनुरोध करने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।</p> <p>अदालत ने कहा कि देशमुख इन समन को रद्द करने के पक्ष में मामला बनाने में असफल रहे।</p> <p>उसने कहा कि पूर्व मंत्री की याचिका इस योग्य नहीं है कि उसके आधार पर निदेशालय या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को उनके खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई करने से रोका जाए।</p> <p>बहरहाल, अदालत ने यह कहा कि यदि देशमुख को इस मामले में अपनी गिरफ्तारी की आशंका है, तो उनके पास किसी भी अन्य वादी की तरह उचित अदालत के पास जाकर राहत मांगने का अधिकार है।</p> <p>अदालत ने निदेशालय को निर्देश दिया कि वह देशमुख से पूछताछ के दौरान उनके वकील को केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में इतनी दूरी पर मौजूद रहने की अनुमति दे, जहां वह उन्हें ‘‘देख सके, लेकिन सुन नहीं सके।’’</p> <p>सीबीआई ने भ्रष्टाचार और अपने आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर इस साल 21 अगस्त को राकांपा नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद निदेशालय ने देशमुख एवं अन्य के खिलाफ जांच आरंभ की और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया।</p> <p>सीबीआई ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 19:43:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बंबई उच्च न्यायालय ने कहा सीबीआई का कर्तव्य है सिर्फ अनिल देशमुख ही नहीं भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों की जांच करे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2021-07/images-2021-07-05t182713.1101.jpeg" alt="The Bombay High Court said that it is the duty of the CBI to investigate not only Anil Deshmukh but all the people involved in corruption" width="739" height="415" class="aligncenter size-full wp-image-14563" /></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p>मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि यह सीबीआई का कर्तव्य है कि वह न केवल महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की बल्कि उनसे जुड़े मामले में कथित रूप से भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों की जांच करे। अदालत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता के खिलाफ चल रही जांच की प्रगति के बारे में भी बताने को कहा।</p> <p>न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से पूछा कि अप्रैल में देशमुख के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच कितनी आगे बढ़ी है। पीठ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/5503/the-bombay-high-court-said-that-it-is-the-duty-of-the-cbi-to-investigate-not-only-anil-deshmukh-but-all-the-people-involved-in-corruption"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2021-07/images-2021-07-05t182713.110.jpeg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2021-07/images-2021-07-05t182713.1101.jpeg" alt="The Bombay High Court said that it is the duty of the CBI to investigate not only Anil Deshmukh but all the people involved in corruption" width="739" height="415" class="aligncenter size-full wp-image-14563"></img></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p>मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि यह सीबीआई का कर्तव्य है कि वह न केवल महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की बल्कि उनसे जुड़े मामले में कथित रूप से भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों की जांच करे। अदालत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता के खिलाफ चल रही जांच की प्रगति के बारे में भी बताने को कहा।</p> <p>न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से पूछा कि अप्रैल में देशमुख के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच कितनी आगे बढ़ी है। पीठ ने कहा, ‘‘जांच की प्रगति क्या है? हम एक सीलबंद लिफाफे में प्रगति रिपोर्ट देखना चाहते हैं।’’</p> <p>पीठ राकांपा नेता द्वारा, 24 अप्रैल को भ्रष्टाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप में सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय के निर्देश पर एजेंसी द्वारा प्रारंभिक जांच किए जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई जांच का आदेश दिए जाने के बाद देशमुख ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। सीबीआई जांच एक वकील द्वारा मुंबई पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। </p> <p>इसमें मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उनके खिलाफ जांच का अनुरोध किया गया। जब देशमुख की ओर से वरिष्ठ वकील अमित देसाई सोमवार को बहस कर रहे थे तो पीठ ने सवाल किया कि क्या इस स्तर पर जब जांच अभी भी चल रही है, तब अदालत को मामले को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करनी चाहिए ?</p> <p>पीठ ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद प्रारंभिक जांच शुरू की गई और प्राथमिकी दर्ज की गई। सीबीआई की यह जिम्मेदारी है कि वह इसमें शामिल सभी लोगों की जांच करे। केवल याचिकाकर्ता (देशमुख) की ही नहीं। इसमें वे लोग भी शामिल हो सकते हैं जो उस समिति में थे जिसने (पूर्व पुलिसकर्मी) सचिन वाजे को बहाल किया था।’’</p> <p>वाजे इस समय ‘एंटीलिया’ के पास गाड़ी में मिले विस्फोटक और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में जेल में बंद है। आरोप है कि देशमुख ने वाजे को मुंबई के बार और रेस्तरां से करोड़ों रुपये की वसूली करने को कहा था। वाजे को एंटीलिया-हिरन मामले में गिरफ्तारी के बाद मई में पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।</p> <p>पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने ‘‘प्रशासन में जनता का विश्वास पैदा करने के लिए’’ पांच अप्रैल के अपने आदेश में सीबीआई को प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा, ‘‘इसलिए, यह केवल याचिकाकर्ता तक ही सीमित नहीं है बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जो प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों में शामिल हैं।’’</p> <p>पीठ ने सीबीआई से यह भी जानना चाहा कि प्राथमिकी के आरोपी कॉलम में शामिल ‘‘अज्ञात’’ व्यक्ति कौन थे। अदालत ने कहा, ‘‘चोरी और लूट के मामलों में आरोपी कॉलम में अमूमन अज्ञात व्यक्ति होते हैं। लेकिन इस मामले में प्रारंभिक जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी।’’ सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने उच्च न्यायालय से कहा कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर इन बिंदुओं पर अदालत को अवगत कराएंगे। अदालत मामले में सात जुलाई को आगे की सुनवाई करेगी।</p> <p><br /> </p> <p></p> <p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jul 2021 18:29:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे जिले के भिवंडी उपनगर में इमारत ढहने की घटना को बंबई उच्च न्यायालय ने ने ‘बेहद गंभीर’ बताया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी उपनगर में इमारत ढहने का बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे एक “बेहद गंभीर” घटना बताया। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्त की अध्यक्षता वाली पीठ ने महाराष्ट्र राज्य, बृहन्मुंबई महानगर पालिका तथा भिवंडी-निजामपुर, कल्याण-डोम्बिवली, ठाणे और नवी मुंबई की निकाय संस्थाओं को मामले में प्रतिवादी बनाया है।</p> <p>अदालत, कल्याण-डोम्बिवली में निर्माण के एक अन्य मामले की सुनवाई कर रही थी जब मुख्य न्यायाधीश दत्त ने कहा कि भिवंडी में की घटना में 40 लोग मारे गए थे और यह “बेहद गंभीर” मसला है। भिवंडी के पॉवरलूम कस्बे में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/4323/the-bombay-high-court-termed-the-building-collapse-in-bhiwandi-suburb-of-thane-district-as-very-serious"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2020-09/images-85.jpeg" alt=""></a><br /><p>ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी उपनगर में इमारत ढहने का बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे एक “बेहद गंभीर” घटना बताया। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्त की अध्यक्षता वाली पीठ ने महाराष्ट्र राज्य, बृहन्मुंबई महानगर पालिका तथा भिवंडी-निजामपुर, कल्याण-डोम्बिवली, ठाणे और नवी मुंबई की निकाय संस्थाओं को मामले में प्रतिवादी बनाया है।</p> <p>अदालत, कल्याण-डोम्बिवली में निर्माण के एक अन्य मामले की सुनवाई कर रही थी जब मुख्य न्यायाधीश दत्त ने कहा कि भिवंडी में की घटना में 40 लोग मारे गए थे और यह “बेहद गंभीर” मसला है। भिवंडी के पॉवरलूम कस्बे में तीन मंजिला इमारत सोमवार को ढह गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “भिवंडी में एक इमारत ढह गई जिसमें कई लोगों की जान चली गई। हमें बताया गया है कि मुंबई में भी स्थिति गंभीर है।”</p> <p>उन्होंने कहा, “हम राज्य और सभी निकाय संस्थाओं को प्रतिवादी बना रहे हैं और नोटिस जारी कर रहे हैं।”इसके साथ ही न्यायमूर्ति दत्त ने महाधिवक्ता आशुतोष कुम्भकोणी को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि राज्य और निकाय संस्थाओं द्वारा जवाब दाखिल किया जाए।<br /> अदालत ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल हो जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Sep 2020 16:35:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंबई उच्च न्यायालय ने एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर उस याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर उस याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें अनुरोध किया गया है कि मीडिया को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मुद्दों और मामले की जांच की रिपोर्टिंग करने से रोका जाए। बंबई उच्च न्यायालय में दायर यह ऐसी तीसरी अर्जी है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता के नेतृत्व वाली एक पीठ पहले से ही दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इसमें एक याचिका पुणे में रहने वाले फिल्म निर्माता नीलेश नवलखा और दो अन्य और दूसरी राज्य के आठ पूर्व पुलिस अधिकारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/4231/the-bombay-high-court-on-tuesday-issued-a-notice-to-the-central-government-on-that-petition-filed-by-an-ngo"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2020-09/img_20200915_185013.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर उस याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें अनुरोध किया गया है कि मीडिया को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मुद्दों और मामले की जांच की रिपोर्टिंग करने से रोका जाए। बंबई उच्च न्यायालय में दायर यह ऐसी तीसरी अर्जी है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता के नेतृत्व वाली एक पीठ पहले से ही दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इसमें एक याचिका पुणे में रहने वाले फिल्म निर्माता नीलेश नवलखा और दो अन्य और दूसरी राज्य के आठ पूर्व पुलिस अधिकारियों द्वारा दायर की गई है। अदालत ने अब इन तीनों याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई आठ अक्टूबर को निर्धारित की है।</p> <p>एनजीओ ‘इन परस्यूट ऑफ जस्टिस’ द्वारा दायर नवीनतम याचिका में अनुरोध किया गया है कि न्यायालय, अदालत की अवमानना अधिनियम के दायरे को विस्तारित करे, जिससे किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से न्याय के प्रशासन में किसी बाधा को इसमें शामिल किया जा सके। इसमें यह भी अनुरोध किया गया है कि मीडिया को तब तक मामले से संबंधित किसी सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से रोका जाए जब तक अर्जी पर उच्च न्यायालय द्वारा अंतिम फैसला नहीं किया जाता। याचिका में कहा गया है, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की असामयिक मृत्यु के मामले में मीडिया रिपोर्टिंग और घटना से जुड़े सभी मुद्दों और गैर-मुद्दों के बारे में मीडिया का व्यवहार काफी हद तक परेशान करने वाला है।</p> <p>उसने कहा, इससे मुक्त प्रेस और न्याय प्रशासन के बीच एक स्वीकृत संवैधानिक संतुलन खोजने की तत्काल जरूरत उत्पन्न हो गई है। अर्जी में यह भी कहा गया है कि प्रेस ने राजपूत के निजी चैट, आरोपियों एवं अस्पताल कर्मियों के बयान भी प्रकाशित किए हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसी रिपोर्टिंग ने पक्षकारों के अधिकारों का अतिक्रमण किया है और इससे मामले की जांच पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। अदालत ने अर्जी पर केंद्र को नोटिस जारी किया है और कहा, हम संबंधित मामलों पर एकसाथ सुनवाई करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2020 18:51:52 +0530</pubDate>
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