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                <title>alternatives - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title> नई दिल्ली : 'मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र को खतरे में डाला', मतदान से ठीक पहले ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल में चुनावी शोर के बीच सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ी और झकझोर देने वाली खबर आई है. अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के आचरण पर बेहद सख्त और तीखी टिप्पणी की है. जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने ममता बनर्जी को फटकार लगाते हुए कहा कि जांच के बीच में हस्तक्षेप करना गंभीर मामला है. यह पूरा विवाद कोलकाता में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की सर्च कार्रवाई से जुड़ा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49396/new-delhi-chief-minister-endangered-democracy-supreme-court-reprimands-mamata"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t184419.024.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>पश्चिम बंगाल में चुनावी शोर के बीच सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ी और झकझोर देने वाली खबर आई है. अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के आचरण पर बेहद सख्त और तीखी टिप्पणी की है. जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने ममता बनर्जी को फटकार लगाते हुए कहा कि जांच के बीच में हस्तक्षेप करना गंभीर मामला है. यह पूरा विवाद कोलकाता में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की सर्च कार्रवाई से जुड़ा है. कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री जांच की प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकता. इस मामले ने अब कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट की ये टिप्पणियां ममता सरकार के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>‘मुख्यमंत्री ने जांच के बीच दखल देकर सिस्टम को खतरे में डाला’</strong><br />सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद हैरान करने वाली बात कही है. बेंच ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि देश में ऐसा दिन भी आएगा जब कोई मुख्यमंत्री खुद जांच के बीच में दखल देगा. कोर्ट के मुताबिक यह राज्य बनाम केंद्र का विवाद बिल्कुल नहीं है. यह एक ऐसा मामला है जहां एक व्यक्ति, जो मुख्यमंत्री के पद पर है, वह जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है.</p>
<p>अदालत ने इसे सीधे तौर पर लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया है. जस्टिस मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कृत्य ने पूरे सिस्टम को जोखिम में डाल दिया है.<br />सुनवाई के दौरान टीएमसी की ओर से दलील दी गई कि यह मामला संघीय विवाद से जुड़ा है. हालांकि कोर्ट इस तर्क से बिल्कुल सहमत नजर नहीं आया. कोर्ट ने </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:45:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिवंडी के 51 स्कूलों में सीसीटीवी लगाने की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49343/preparation-to-install-cctv-in-51-schools-of-bhiwandi-questions"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t134455.239.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भिवंडी : </strong>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद, जिनमें स्कूलों में सीसीटीवी सर्विलांस अनिवार्य करने की बात कही गई है, भिवंडी के कई सिविक स्कूल अभी भी बुनियादी सुरक्षा ढांचे के बिना संचालित हो रहे हैं। कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इससे हजारों छात्रों और स्कूल संपत्तियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। फिलहाल, बीएनएमसी कुल 97 स्कूलों का संचालन कर रही है, जिनमें 46 भवनों में 86 प्राथमिक और 11 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में कुल 24,563 छात्र पढ़ते हैं। लेकिन कई स्कूलों में चोरी, तोड़फोड़ और अनधिकृत प्रवेश की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।</p>
<p>स्कूल अधिकारियों के अनुसार स्थिति गंभीर होती जा रही है। एक शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण जरूरी सामान अक्सर सुरक्षा के लिए स्कूल परिसर के बाहर रखा जाता है। वहीं एक सेंटर हेड ने बताया कि आसपास के बच्चे बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश कर खेलते हैं, जिससे भवन और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचता है। कई मामलों में सेंधमारी के बाद कंप्यूटर और अन्य कीमती सामान भी चोरी हो चुके हैं।</p>
<p>हालांकि स्थानीय पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों को खुद आगे आकर स्थिति संभालनी पड़ रही है। कुछ जगहों पर लोगों ने अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था शुरू की है। नारली तालाब भवन में, जहां छह सिविक स्कूल संचालित होते हैं, शिक्षकों ने मिलकर अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।</p>
<p>इसी तरह एक पूर्व छात्र ने स्कूल नंबर 45 में कैमरे लगाने के लिए आर्थिक मदद दी, जो यह दिखाता है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की कमी के कारण स्थानीय स्तर पर पहल करनी पड़ रही है। इस पूरे मामले ने भिवंडी के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद फंडिंग और गार्ड्स की नियुक्ति पर निर्णय न होने से स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:45:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महिला आरक्षण बिल पास न होने पर एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर साधा निशाना, पीएम मोदी के कदम की सराहना की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को महिला आरक्षण बिल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की। साथ ही, उन्होंने लोकसभा में इस बिल के पास न हो पाने को लेकर विपक्ष की कड़ी आलोचना की और इसे "इतिहास का काला दिन" करार दिया। बिल पेश किए जाने का ज़िक्र करते हुए शिंदे ने कहा, "सबसे पहले, मैं महिला आरक्षण बिल लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद और बधाई देता हूँ।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49325/mumbai-womens-reservation-bill-not-passed-eknath-shinde-targets-opposition"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(27).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को महिला आरक्षण बिल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की। साथ ही, उन्होंने लोकसभा में इस बिल के पास न हो पाने को लेकर विपक्ष की कड़ी आलोचना की और इसे "इतिहास का काला दिन" करार दिया। बिल पेश किए जाने का ज़िक्र करते हुए शिंदे ने कहा, "सबसे पहले, मैं महिला आरक्षण बिल लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद और बधाई देता हूँ।" उन्होंने आगे ज़ोर देकर कहा कि विपक्ष ने महिलाओं का सम्मान करने का एक अहम मौका गँवा दिया है। शिंदे ने कहा, "यह विपक्ष के लिए महिलाओं का सम्मान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक मौका था, जिसे उन्होंने गँवा दिया। यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।" इस कानून के महत्व को रेखांकित करते हुए और विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने कहा, "यह बिल हमारे देश की 50 प्रतिशत महिलाओं—यानी लगभग 70 करोड़ महिलाओं—के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता।"</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल महिला-विरोधी हैं और देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "यह महिलाओं को सशक्त बनाने का एक मौका था, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अपना असली महिला-विरोधी चेहरा दिखा दिया है। मैं उनकी कड़ी निंदा और भर्त्सना करता हूँ। देश कह रहा है कि भारत महिलाओं के सम्मान का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के हितों के खिलाफ काम किया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने बिल्कुल सही कहा है कि यह महिलाओं की आकांक्षाओं की हत्या जैसा है। विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार छीनने और लोकतंत्र को कमज़ोर करने का काम किया है।" चुनावी नतीजों से तुलना करते हुए शिंदे ने कहा, "जिस तरह 'लाडली बहना' योजना ने महाराष्ट्र में विपक्ष को सबक सिखाया, उसी तरह पूरे देश की महिलाएं नरेंद्र मोदी जी का समर्थन करेंगी और विपक्ष को सबक सिखाएंगी।"</p>
<p>प्रस्तावित बिल का उद्देश्य मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना और इसी तरह के प्रावधान राज्य विधानसभाओं, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेशों—जिनमें पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं—तक विस्तारित करना था। एक अन्य सदस्य, विल्सन ने कहा कि आरक्षण स्थायी होना चाहिए, न कि भविष्य की प्रक्रियाओं पर निर्भर। शुक्रवार को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। इसके पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट। विधेयक के पारित न हो पाने के बाद सरकार ने कहा कि वह इससे जुड़े दो अन्य विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:49:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त, 52.3 लाख से अधिक सिलेंडर डिलीवर हुए: केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में शनिवार को 52.3 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हुई है और देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है। साथ ही, किसी भी वितरक के पास से गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं मिली है। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से रविवार को दी गई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि देश में पीएनजी कनेक्शन को लेकर कार्य तेजी से चल रहा है और मार्च 2026 से 4.24 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शंस को गैस की आपूर्ति शुरू की गई है और 4.66 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने नए कनेक्शंस से लिए पंजीकृत किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49172/mumbai-lpg-supply-adequate-in-the-country-more-than-523"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t132510.560.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देश में शनिवार को 52.3 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हुई है और देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है। साथ ही, किसी भी वितरक के पास से गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं मिली है। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से रविवार को दी गई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि देश में पीएनजी कनेक्शन को लेकर कार्य तेजी से चल रहा है और मार्च 2026 से 4.24 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शंस को गैस की आपूर्ति शुरू की गई है और 4.66 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने नए कनेक्शंस से लिए पंजीकृत किया है।</p>
<p> </p>
<p>सरकार ने बताया कि तेल वितरक कंपनियां प्रवासी मजदूरों को 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं और बीते आठ दिनों में 3,300 से ज्यादा जागरूकता शिविर लगाए जा चुके हैं, जहां 35,800 पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की बिक्री की गई है। शनिवार को भी एक लाख से ज्यादा 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर्स की बिक्री की गई है, जो कि फरवरी 2026 के औसत 77,000 से काफी अधिक है। 23 मार्च से अब तक 13 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की बिक्री हो चुकी है।</p>
<p>मंत्रालय ने बताया कि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर से 70 प्रतिशत बनी हुई है, जिसमें 10 प्रतिशत का सुधार से जुड़ा आवंटन शामिल है। 14 मार्च 2026 से अब तक कुल 1,20,898 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम के 63.6 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने कहा कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49172/mumbai-lpg-supply-adequate-in-the-country-more-than-523</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:25:51 +0530</pubDate>
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