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                <title>rolls - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>rolls RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई :वेस्टर्न रेलवे का बड़ा बदलाव: ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन रोल आम लोगों के लिए खुला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50514/mumbai-western-railways-big-change-automatic-ticket-vending-machine-roll"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/untitled-design-2026-02-03t145139.716-1280x720.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय को स्टेशन पर टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सरल और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे यात्रियों को अनरिज़र्व्ड सबअर्बन टिकट लेने में आसानी होगी और सेल्फ-टिकटिंग सिस्टम के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p> </p>
<p>वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय को स्टेशन पर टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सरल और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे यात्रियों को अनरिज़र्व्ड सबअर्बन टिकट लेने में आसानी होगी और सेल्फ-टिकटिंग सिस्टम के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>इस नई व्यवस्था के तहत अब आम नागरिक भी इस भूमिका के लिए आवेदन कर सकते हैं। वेस्टर्न रेलवे ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी स्थानीय निवासी, जिसने कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो, इस पद के लिए पात्र होगा। इससे पहले तक यह सुविधा केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। लेकिन अब इसे व्यापक रूप देते हुए आम जनता को भी इस प्रणाली में शामिल किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।</p>
<p>रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग सिस्टम से जोड़ना और स्टेशनों पर भीड़ को कम करना है। ATVM फैसिलिटेटर यात्रियों को मशीनों के उपयोग में मदद करेंगे, खासकर उन लोगों को जिन्हें डिजिटल सिस्टम का कम अनुभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल टिकटिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर कार्यक्षमता भी बढ़ाएगा। इसके साथ ही यह डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा, क्योंकि इससे अधिक लोग स्वचालित टिकटिंग सिस्टम की ओर प्रेरित होंगे।</p>
<p>चर्चगेट-दहानू कॉरिडोर जैसे व्यस्त सबअर्बन रूट पर इस व्यवस्था से यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। कुल मिलाकर, वेस्टर्न रेलवे का यह निर्णय पारंपरिक टिकटिंग व्यवस्था से डिजिटल और सहयोगी मॉडल की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को फायदा होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी है। भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को जानकारी दी कि लगभग 20 दिन में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 99.07 प्रतिशत मतदाता विशिष्ट गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण सबसे पहले हुआ है। अभी अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.83 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.69 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटे गए हैं। रविवार के मुकाबले पश्चिम बंगाल व अंडमान और निकोबार के आंकड़ों में कोई फेरबदल नहीं दिखा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45736/new-delhi-work-of-special-intensive-revision-sir-of-voter"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-24t181233.037.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी है। भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को जानकारी दी कि लगभग 20 दिन में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 99.07 प्रतिशत मतदाता विशिष्ट गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण सबसे पहले हुआ है। अभी अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.83 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.69 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटे गए हैं। रविवार के मुकाबले पश्चिम बंगाल व अंडमान और निकोबार के आंकड़ों में कोई फेरबदल नहीं दिखा है।</p>
<p> </p>
<p>चुनाव आयोग प्रतिदिन एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े जारी करता रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार, मतदाता संख्या के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 99.62 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हुआ है, जहां कुल मतदाता 15.44 करोड़ से अधिक हैं। पुडुचेरी में 95.58 प्रतिशत, तमिलनाडु में 96.22 प्रतिशत और केरल में 97.33 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटने का काम हुआ है। जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है, उनमें अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।</p>
<p>चुनाव आयोग के अनुसार, 12 राज्यों में 4 नवंबर से जारी एसआईआर प्रक्रिया के तहत कुल योग 50.97 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से अब तक कुल 50.50 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र बंट चुके हैं। एसआईआर की ऑनलाइन प्रक्रिया ने भी तेजी पकड़ी है और 12 राज्यों में अब तक 24.13 करोड़ से अधिक फॉर्म को अपलोड किया गया है, यानी कुल डिजिटाइजेशन रेट 47.35 प्रतिशत है।</p>
<p>ऑनलाइन प्रक्रिया के मामले में, लक्षद्वीप 96.81 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। उसके बाद गोवा में 76.89 प्रतिशत और राजस्थान में 72.20 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटाइजेशन हुआ है। केरल में सबसे कम डिजिटाइजेशन प्रोग्रेस (सिर्फ 23.72 प्रतिशत) रही है। उत्तर प्रदेश में 26.60 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 18:10:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : हाइजीन को लेकर गंभीर लापरवाही; पनीर रोल के ट्रे के पास कॉकरोच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मशहूर बेकरी ब्रांड Theobroma का नाम इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह उनके ब्राउनी या कुकीज़ नहीं, बल्कि हाइजीन को लेकर गंभीर लापरवाही है. Reddit पर एक यूजर ने मुंबई के मुलुंड वेस्ट स्थित Runwal Greens आउटलेट से एक वीडियो साझा किया, जिसमें पनीर रोल के ट्रे के पास एक कॉकरोच खुलेआम घूमता नजर आ रहा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41147/mumbai--serious-negligence-regarding-hygiene--cockroaches-near-tray-of-paneer-rolls"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/ce5smagc_viral-video_625x300_07_june_25dv.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मशहूर बेकरी ब्रांड Theobroma का नाम इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह उनके ब्राउनी या कुकीज़ नहीं, बल्कि हाइजीन को लेकर गंभीर लापरवाही है. Reddit पर एक यूजर ने मुंबई के मुलुंड वेस्ट स्थित Runwal Greens आउटलेट से एक वीडियो साझा किया, जिसमें पनीर रोल के ट्रे के पास एक कॉकरोच खुलेआम घूमता नजर आ रहा है. यूजर ने यह भी बताया कि वो और उनका दोस्त इस आउटलेट में ऑर्डर करने ही वाले थे, लेकिन तभी यह दृश्य उनकी नजरों में आया. जब उन्होंने स्टाफ को इसकी जानकारी दी तो ट्रे को हटा लिया गया, लेकिन इसके बाद क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं है.</p>
<p> </p>
<p>इस पोस्ट ने तुरंत सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया. Reddit पर कई यूजर्स ने अपने खुद के खराब रेस्टोरेंट और कैफे अनुभव भी शेयर करने शुरू कर दिए. एक यूजर ने बताया कि वो एक फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट में गए थे, जहां कुर्सियों पर लाल चींटियां थीं. उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट छोड़ दिया. एक और यूजर ने कहा कि फ्रेंचाइज़ी मॉडल के चलते ब्रांड्स क्वालिटी पर नियंत्रण नहीं रख पाते. ब्रांड केवल स्टोर खोलते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं कर पाते कि ऑनर और स्टाफ जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं या नहीं.</p>
<p><strong>पनीर रोल पर मंडराते दिखे कॉकरोच </strong><br />इस घटना के बाद भी अब तक Theobroma की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इस ब्रांड पर सवाल उठे हों. दक्षिण दिल्ली के एक यूजर ने लिखा कि, उन्हें ब्राउनी में प्लास्टिक का टुकड़ा मिला, जिसे गलती से उन्होंने खा भी लिया, क्योंकि वह गर्म चॉकलेट से ढंका हुआ था. यह घटनाएं उपभोक्ताओं के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं. क्या प्रसिद्ध ब्रांड्स भी अब भरोसेमंद नहीं रह गए?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 20:12:49 +0530</pubDate>
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