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                <title>introduce - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई मेट्रो वन आज से घाटकोपर-अंधेरी शॉर्ट-लूप ट्रेनें शुरू करेगा ताकि पीक आवर्स में यात्रा बेहतर हो सके</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई मेट्रो वन सोमवार, 10 अगस्त से वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर पर एक नया मिक्स्ड-लूप ऑपरेटिंग पैटर्न शुरू करेगा, जिसका मकसद शाम के पीक आवर्स में ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी और कैरीइंग कैपेसिटी बढ़ाना है।  बदले हुए अरेंजमेंट के तहत, ट्रेनें घाटकोपर और अंधेरी को जोड़ने वाले एक शॉर्ट लूप और घाटकोपर और वर्सोवा के बीच मौजूदा फुल लूप के बीच बारी-बारी से चलेंगी। इस बदलाव से खासकर अंधेरी और घाटकोपर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को फायदा होने की उम्मीद है, जो 11.4 किमी के कॉरिडोर के सबसे व्यस्त सेक्शन में से एक है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51254/mumbai-metro-one-to-launch-ghatkopar-andheri-short-loop-trains-from-today"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/imagesdsf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई मेट्रो वन सोमवार, 10 अगस्त से वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर पर एक नया मिक्स्ड-लूप ऑपरेटिंग पैटर्न शुरू करेगा, जिसका मकसद शाम के पीक आवर्स में ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी और कैरीइंग कैपेसिटी बढ़ाना है।  बदले हुए अरेंजमेंट के तहत, ट्रेनें घाटकोपर और अंधेरी को जोड़ने वाले एक शॉर्ट लूप और घाटकोपर और वर्सोवा के बीच मौजूदा फुल लूप के बीच बारी-बारी से चलेंगी। इस बदलाव से खासकर अंधेरी और घाटकोपर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को फायदा होने की उम्मीद है, जो 11.4 किमी के कॉरिडोर के सबसे व्यस्त सेक्शन में से एक है।</p>
<p> </p>
<p>शाम के पीक टाइम में, एक ट्रेन शॉर्ट घाटकोपर-अंधेरी लूप पर चलेगी, उसके बाद रेगुलर घाटकोपर-वर्सोवा रूट पर एक ट्रेन चलेगी। मुंबई मेट्रो वन ने कहा कि यह अरेंजमेंट सर्विस फ्रीक्वेंसी में सुधार करते हुए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल करेगा। इस बदले हुए ऑपरेशन से अंधेरी और घाटकोपर के बीच पीक-आवर हेडवे 3 मिनट 20 सेकंड से घटकर 3 मिनट हो जाएगा। ऑपरेटर के मुताबिक, इससे सेक्शन पर कैरीइंग कैपेसिटी 20 परसेंट से ज़्यादा बढ़ जाएगी, जो लगभग 28,000 एक्स्ट्रा कम्यूटर कैपेसिटी के बराबर है। ऑपरेटर ने कहा कि इस बदलाव से घाटकोपर और अंधेरी के बीच यात्रा करने वाले मुंबई मेट्रो वन के 85 परसेंट से ज़्यादा यात्रियों को फ़ायदा होने की उम्मीद है।</p>
<p>नए इंतज़ाम के तहत, वर्सोवा और आज़ाद नगर के बीच पीक-आवर हेडवे 362 सेकंड होगा। हफ़्ते के दिनों में चलने वाली कुल सर्विस की संख्या भी अभी के 476 ट्रिप से बढ़कर 484 ट्रिप हो जाएगी। शॉर्ट-लूप सर्विस शाम के पीक आवर्स में चलेंगी। पहली शॉर्ट-लूप ट्रेन अंधेरी डाउन प्लेटफ़ॉर्म से शाम 6:23 बजे निकलेगी, जबकि आखिरी ट्रेन रात 8:23 बजे निकलेगी। लोकमत टाइम्स के मुताबिक, मुंबई मेट्रो वन के सीईओ श्यामंतक चौधरी ने कहा कि मिक्स्ड-लूप ऑपरेशन मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर की कैपेसिटी को ज़्यादा से ज़्यादा करने की कोशिशों का हिस्सा है। नए पैटर्न का मकसद वेटिंग टाइम कम करना, कैरीइंग कैपेसिटी बढ़ाना और पीक आवर्स में तेज़ और ज़्यादा भरोसेमंद सर्विस देना है। ऑपरेटर को उम्मीद है कि बदले हुए पैटर्न से बिज़ी अंधेरी-घाटकोपर सेक्शन पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी, वेटिंग टाइम कम होगा और ज़्यादा कैरीइंग कैपेसिटी मिलेगी, साथ ही मौजूदा मेट्रो नेटवर्क का ज़्यादा अच्छे से इस्तेमाल होगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 12:19:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई, बेंगलुरु... सरकार लाने जा रही है 25% एथेनॉल वाला पेट्रोल, 2030 तक E100 का प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देशभर में एक अप्रैल से E20 पेट्रोल (20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल) बेचने को अनिवार्य करने के बाद सरकार अब E25 पेट्रोल (25 फीसदी एथेनॉल और 75 फीसदी पेट्रोल) ला रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, जिसे बस अंतिम रूप दिया जा रहा है। <br />E25 अभी सभी गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता। इसे देखते हुए कुछ ही दिनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत देश के कुछ पेट्रोल पंपों से की जाएगी। जिसमें दिल्ली और एनसीआर के सभी शहर गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद के अलावा मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कुछ अन्य बड़े शहर भी इस लिस्ट में शामिल किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49514/delhi-noida-gurugram-mumbai-bengaluru-government-is-going-to-bring"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t132628.339.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>देशभर में एक अप्रैल से E20 पेट्रोल (20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल) बेचने को अनिवार्य करने के बाद सरकार अब E25 पेट्रोल (25 फीसदी एथेनॉल और 75 फीसदी पेट्रोल) ला रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, जिसे बस अंतिम रूप दिया जा रहा है। <br />E25 अभी सभी गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता। इसे देखते हुए कुछ ही दिनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत देश के कुछ पेट्रोल पंपों से की जाएगी। जिसमें दिल्ली और एनसीआर के सभी शहर गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद के अलावा मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कुछ अन्य बड़े शहर भी इस लिस्ट में शामिल किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>अभी चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ही मिलेगा</strong><br />सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के तहत एथेनॉल को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत E-20 आने के बाद अब E-25 लाने पर काम किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर समेत देश की तमाम मेट्रो सिटी के कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों से इसे बेचना शुरू किया जाएगा। इसमें पेट्रोल पंपों के एक-एक पेट्रोल टैंकों को E25 पेट्रोल में कन्वर्ट किया जाएगा, सभी को नहीं। ताकि लोगों को ई-20 पेट्रोल की कोई कमी ना रहे। </p>
<p><strong>सरकार रख सकती है कीमत कम</strong><br />उम्मीद जताई जा रही है कि ई-25 को बढ़ावा देने के लिए सरकार शुरू में इसे कुछ सस्ता रख सकती है। इसमें तेल कंपनियों की रजामंदी भी जरूरी है।<br />इसके लिए IOC और बीपीसी समेत तमाम तेल कंपनियों से भी बातचीत जारी है। इसके तहत दिल्ली में पूसा इंस्टीट्यूट की तरफ और राजधानी के एक-दो अन्य पेट्रोल पंपों से इसे बेचना शुरू किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि उम्मीद है कि कुछ दिनों बाद कुछ पेट्रोल पंपों से ई-25 पेट्रोल लोगों को मिलना भी शुरू हो जाए। </p>
<p><strong>क्या पड़ेगा आप पर असर?</strong><br />E-25 फ्यूल से ना केवल लोगों की जेब कम ढीली होगी, बल्कि इससे प्रदूषण भी कम होगा। इससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।<br />इसके अलावा सरकार की कच्चे तेल को इंपोर्ट करने पर निर्भरता और कम होगी।<br />किसानों को भी इसका बड़ा लाभ होगा। हालांकि, इसे बड़े स्तर पर लागू करने से पहले सरकार इसके चैलेंज को भी समझना चाह रही है। ताकि कुछ पेट्रोल पंपों से इसकी शुरुआत कर इसकी तकनीकी बारीकियों को भी समझा जा सके।  </p>
<p><strong>सभी गाड़ियों में नहीं डाला जाएगा E-25</strong><br />ई-25 बेचने से पहले सरकार और तेल कंपनियां इस फ्यूल ट्रांजिशन को लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियों समेत सभी स्टेकहोल्डर से भी बात कर रही हैं। इसका मकसद यह पता लगाना है कि सड़कों पर दौड़ रही गाड़ियों में से कौन-कौन से मॉडल में ई-25 पेट्रोल भरा जा सकता है और किसमें नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:27:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  22 भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें पेश करेगा नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय शिक्षा और साक्षरता मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने शहर में नेशनल कला उत्सव 2025 के समापन समारोह के दौरान कहा कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक तैयार कर रहा है, और राज्यों से उन्हें अपनाने और लागू करने के लिए कहा जाएगा ताकि पूरे देश में एक जैसा सिलेबस हो सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46454/mumbai-national-council-of-educational-research-and-training-to-launch"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-25t141517.598.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>केंद्रीय शिक्षा और साक्षरता मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने शहर में नेशनल कला उत्सव 2025 के समापन समारोह के दौरान कहा कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक तैयार कर रहा है, और राज्यों से उन्हें अपनाने और लागू करने के लिए कहा जाएगा ताकि पूरे देश में एक जैसा सिलेबस हो सके। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक पर काम कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि सभी राज्यों को इन्हें अपनाने का निर्देश दिया गया है ताकि देश के हर कोने में एक जैसी पढ़ाई हो सके।इस कदम का मकसद देश भर के छात्रों को सीखने के समान अवसर देना है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा, “ नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्टबुक पर काम कर रहा है। सभी राज्यों को इन्हें अपनाने का निर्देश दिया गया है ताकि देश के हर कोने में एक जैसी पढ़ाई हो सके,” और साथ ही कहा कि शिक्षकों को छात्रों की जिज्ञासा को बढ़ावा देना चाहिए और ऐसी क्लासरूम बनानी चाहिए जहाँ सवालों का स्वागत हो। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा महाराष्ट्र राज्य स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर आयोजित चार दिवसीय नेशनल कला उत्सव, यशवंतराव चव्हाण एकेडमी ऑफ डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन में समाप्त हुआ।</p>
<p>इस कार्यक्रम में पूरे भारत के 32,000 स्कूलों ने हिस्सा लिया, जिसमें 895 फाइनलिस्ट मौजूद थे।छात्रों को संबोधित करते हुए, कुमार ने कहा कि कला नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का एक अहम हिस्सा है और प्रतिभागियों से भीडेवाड़ा में सावित्रीबाई फुले के पहले स्कूल और यरवदा जेल जाने का आग्रह किया, जहाँ महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा लिखी थी।उन्होंने कहा, “यहाँ हर छात्र विजेता है। हिस्सा लेना ही एक उपलब्धि है।”नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने इस कार्यक्रम को “कला का महाकुंभ” बताया और कलाकारों की यात्रा को ट्रैक करने और राज्य स्तर पर इसी तरह के कला उत्सव आयोजित करने के लिए एक सिस्टम बनाने का सुझाव दिया।</p>
<p>ग्रुप सिंगिंग, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स और रिदम परफॉर्मेंस सहित बारह कला रूपों को मान्यता दी गई। पुरस्कार विजेता छात्रों ने बालगंधर्व ऑडिटोरियम में भी प्रदर्शन किया।इस कार्यक्रम के दौरान कुल 51 पुरस्कार दिए गए। महाराष्ट्र ने सबसे ज़्यादा सात पुरस्कार जीते, उसके बाद केरल (छह), ओडिशा और असम (पाँच-पाँच)। केवीएस, एनवीएस और ईएमआरएस सहित कई अन्य राज्यों और संस्थानों ने भी पुरस्कार जीते। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 14:16:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : प्राइवेट वृद्धाश्रम बिना रजिस्ट्रेशन या रेगुलेशन के बढ़ते जा रहे हैं; रेगुलेट करने के लिए एक व्यापक पॉलिसी लाएगी महाराष्ट्र सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जैसे-जैसे प्राइवेट वृद्धाश्रम बिना रजिस्ट्रेशन या रेगुलेशन के बढ़ते जा रहे हैं, महाराष्ट्र सरकार जल्द ही पूरे राज्य में ऐसी सुविधाओं को रेगुलेट करने के लिए एक व्यापक पॉलिसी लाएगी, जिससे सीनियर सिटीजन की सुरक्षा, सम्मान और भलाई सुनिश्चित हो सकेगी, अधिकारियों ने कहा। सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की कमिश्नर दीपा मुधोल-मुंडे ने बताया कि प्राइवेट वृद्धाश्रमों को रेगुलेट करने का एक प्रस्ताव अक्टूबर या नवंबर में प्रधान सचिव को सौंपा गया था। उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि यह प्रस्ताव अगले कुछ महीनों में मंजूर और लागू हो जाएगा।"प्रस्तावित पॉलिसी के तहत, प्राइवेट ऑपरेटरों को वृद्धाश्रम खोलने से पहले विभाग की अनुमति लेनी होगी। मुधोल-मुंडे ने बताया, "</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46209/mumbai-private-old-age-homes-are-increasing-without-registration-or"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-15t120721.518.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जैसे-जैसे प्राइवेट वृद्धाश्रम बिना रजिस्ट्रेशन या रेगुलेशन के बढ़ते जा रहे हैं, महाराष्ट्र सरकार जल्द ही पूरे राज्य में ऐसी सुविधाओं को रेगुलेट करने के लिए एक व्यापक पॉलिसी लाएगी, जिससे सीनियर सिटीजन की सुरक्षा, सम्मान और भलाई सुनिश्चित हो सकेगी, अधिकारियों ने कहा। सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की कमिश्नर दीपा मुधोल-मुंडे ने बताया कि प्राइवेट वृद्धाश्रमों को रेगुलेट करने का एक प्रस्ताव अक्टूबर या नवंबर में प्रधान सचिव को सौंपा गया था। उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि यह प्रस्ताव अगले कुछ महीनों में मंजूर और लागू हो जाएगा।"प्रस्तावित पॉलिसी के तहत, प्राइवेट ऑपरेटरों को वृद्धाश्रम खोलने से पहले विभाग की अनुमति लेनी होगी। मुधोल-मुंडे ने बताया, "</p>
<p> </p>
<p>अनुमोदन प्राप्त करने के लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड होंगे, जिसमें बुनियादी ढांचे, बुनियादी सुविधाओं और बुजुर्ग निवासियों को प्रदान की जाने वाली चिकित्सा देखभाल के लिए न्यूनतम मानक शामिल होंगे। मजबूत रेगुलेशन की आवश्यकता 20 नवंबर, 2025 की एक हालिया घटना से उजागर हुई, जब सामाजिक न्याय विभाग ने पाया कि आस्क ओल्ड एज होम अनाथालय के 12 बुजुर्ग निवासी लगभग एक महीने से घोरपड़ी में अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे थे। फंड की कमी के कारण शेल्टर होम ने फुर्सुंगी में अपनी किराए की जगह खाली कर दी थी, जिससे रहने वाले अमानवीय परिस्थितियों में और बिना उचित चिकित्सा देखभाल के रह रहे थे।वर्तमान में, राज्य सरकार कई प्राइवेट सरकारी सहायता प्राप्त घरों के अलावा 59 बुजुर्गों के घर चलाती है। पुणे की घटना के बाद, अधिकारियों ने सभी सरकारी बुजुर्गों के घरों की एक सूची पुलिस विभाग को सौंपी है, अधिकारियों ने पुष्टि की।अधिकारियों के अनुसार, कई NGO खुद को चैरिटी कमिश्नरेट में रजिस्टर करते हैं और फिर बुजुर्गों के घर या शेल्टर होम स्थापित करते हैं।</p>
<p>हालांकि, इन सुविधाओं में अक्सर पर्याप्त बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षित कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं तक नियमित पहुंच की कमी होती है। चूंकि वे सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग के साथ रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसलिए वे नियमित निरीक्षण और निगरानी से बाहर रहते हैं।मुधोल-मुंडे ने आगे कहा कि उम्मीद है कि यह पॉलिसी जनवरी में लागू हो जाएगी।उन्होंने कहा, "एक बार जब ये घर हमारे साथ रजिस्टर्ड हो जाएंगे, तो उनका नियमित निरीक्षण किया जाएगा, और विभाग का उन पर रेगुलेटरी नियंत्रण होगा। रजिस्टर्ड बुजुर्गों के घर भी कुछ प्रकार की सरकारी सहायता के लिए पात्र हो सकते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 12:08:52 +0530</pubDate>
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