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                <title>connectivity - Rokthok Lekhani</title>
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                            <item>
                <title>भोपाल : 29 मार्च से भोपाल एयर कनेक्टिविटी में बदलाव, नवीं मुंबई की नई फ्लाइट शुरू, गोवा और अहमदाबाद की उड़ानों में कटौती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इस बार भोपाल की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने के बजाय कम होने जा रही है। एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने हाल ही में शुरू हुए नवीं मुंबई एयरपोर्ट से भोपाल के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा की है, लेकिन इसके साथ ही कंपनी मुंबई की अपनी एक मौजूदा उड़ान बंद करने जा रही है। इसके अलावा गोवा और अहमदाबाद की उड़ानों को भी बंद करने का प्रस्ताव सामने आया है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48222/bhopal-changes-in-bhopal-air-connectivity-from-march-29-new"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-06t113341.673.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल : </strong>29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इस बार भोपाल की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने के बजाय कम होने जा रही है। एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने हाल ही में शुरू हुए नवीं मुंबई एयरपोर्ट से भोपाल के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा की है, लेकिन इसके साथ ही कंपनी मुंबई की अपनी एक मौजूदा उड़ान बंद करने जा रही है। इसके अलावा गोवा और अहमदाबाद की उड़ानों को भी बंद करने का प्रस्ताव सामने आया है। </p>
<p> </p>
<p><strong>नवीं मुंबई से भोपाल के लिए नई उड़ान</strong><br />हाल ही में शुरू हुए नवीं मुंबई एयरपोर्ट से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें शुरू की गई हैं। अब इस सूची में भोपाल का नाम भी शामिल हो गया है। इंडिगो ने 29 मार्च से नवीं मुंबई और भोपाल के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा की है।</p>
<p>कंपनी ने इसके लिए स्लॉट भी ले लिया है और फ्लाइट का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। यात्रियों के लिए इस उड़ान की बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। इस नई उड़ान का शुरुआती किराया लगभग चार से पांच हजार रुपये के बीच रखा गया है। </p>
<p><strong>मुंबई की एक उड़ान होगी बंद</strong><br />नवीं मुंबई के लिए नई उड़ान शुरू करने के साथ ही इंडिगो ने भोपाल से मुंबई जाने वाली अपनी एक उड़ान बंद करने का निर्णय लिया है। इसके बाद 29 मार्च से भोपाल और मुंबई के बीच इंडिगो की केवल एक ही उड़ान संचालित होगी। </p>
<p><strong>गोवा और अहमदाबाद उड़ानों पर भी असर</strong><br />समर शेड्यूल में भोपाल से गोवा और अहमदाबाद की उड़ानों को बंद करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। गोवा की उड़ान करीब छह महीने पहले ही शुरू की गई थी, इसलिए इसे बंद किए जाने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। </p>
<p>ट्रेवल एजेंटों के अनुसार गोवा की इस उड़ान को लगभग 80 प्रतिशत यात्रियों का लोड मिल रहा था, इसके बावजूद इसे बंद करने का प्रस्ताव आश्चर्यजनक माना जा रहा है। </p>
<p><strong>एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों का शेड्यूल जारी नहीं</strong><br />एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी समर सीजन के लिए दो नई उड़ानें शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि अब तक इन उड़ानों का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है, जिससे यात्रियों को अभी इंतजार करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>नवीं मुंबई-भोपाल उड़ान का शेड्यूल</strong><br />उड़ान संख्या: 6-ई 397-753 <br />नवीं मुंबई से प्रस्थान - शाम 6:50 बजे<br />भोपाल आगमन - रात 8:10 बजे<br />भोपाल से प्रस्थान - रात 8:50 बजे<br />नवीं मुंबई आगमन - रात 10:20 बजे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 11:35:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अगले महीने उड़ान संचालन शुरू होने की उम्मीद; रेलवे बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ट्रेनों के शेड्यूल की योजना </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अगले महीने उड़ान संचालन शुरू होने की उम्मीद के साथ, रेलवे बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ट्रेनों के शेड्यूल की योजना बना रहा है। इस महीने से, नेरुल/बेलापुर-उरण कॉरिडोर पर 10 अतिरिक्त ट्रेनें चलेंगी, और दो नए रेलवे स्टेशन - तारघर और गव्हन - जल्द ही जनता के लिए खोल दिए जाने की उम्मीद है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45248/navi-mumbai-international-airport-expected-to-start-flight-operations-next"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-06t121433.525.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अगले महीने उड़ान संचालन शुरू होने की उम्मीद के साथ, रेलवे बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ट्रेनों के शेड्यूल की योजना बना रहा है। इस महीने से, नेरुल/बेलापुर-उरण कॉरिडोर पर 10 अतिरिक्त ट्रेनें चलेंगी, और दो नए रेलवे स्टेशन - तारघर और गव्हन - जल्द ही जनता के लिए खोल दिए जाने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि इस प्रणाली में इन अतिरिक्त स्टेशनों का उद्घाटन सप्ताहांत में होना था, लेकिन आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता के कारण अब इसे स्थगित कर दिया गया है। हालाँकि, एक अधिकारी ने कहा कि नए स्टेशन तैयार होने के बाद, औपचारिक उद्घाटन से पहले परिचालन शुरू हो सकता है।तारघर स्टेशन बेलापुर और बामनडोंगरी स्टेशनों के बीच बनाया जा रहा है, जबकि गव्हन स्टेशन खारकोपर और शेमटीखार के बीच है।</p>
<p> </p>
<p>मध्य रेलवे (सीआर) के अधिकारियों के अनुसार, इन नए स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग 95-96% पूरा हो चुका है। सरकार तारघर स्टेशन पर अंतिम-मील कनेक्टिविटी पर काम कर रही है, जो एनएमआईए से सबसे नज़दीक और पैदल दूरी पर होगा। छत पर पार्किंग, एकीकृत शटल सेवाओं, खुदरा दुकानों और तीन प्लेटफार्मों के साथ, तारघर स्टेशन को एनएमआईए कनेक्टिविटी योजना में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में डिज़ाइन किया गया है।2025 में सोने की कीमतों में उछाल - स्मार्ट व्यापारी पहले से ही इसमें शामिल हैंआउटडोर कपड़े | प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन किए गए। टिकाऊ।"अंतिम-मील कनेक्टिविटी के लिए, स्टेशन परिसर के बाहर बस और ऑटो रिक्शा स्टैंड की व्यवस्था की जा रही है। हम बहुत जल्द इस मार्ग पर 10 और ट्रेन सेवाएँ जोड़ेंगे। मांग बढ़ने और उसके बाद बुनियादी ढाँचा विकसित होने पर 15-डिब्बे वाली ट्रेनें शुरू करने की भी योजना है," सीआर के एक अधिकारी ने कहा।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि यह योजना अक्टूबर में रेलवे के वार्षिक समय सारिणी संशोधन का हिस्सा थी। वर्तमान में, नेरुल और उरण के बीच लोकल ट्रेनें व्यस्त समय में लगभग एक घंटे और गैर-व्यस्त समय में लगभग डेढ़ घंटे के अंतराल पर चलती हैं। इसी प्रकार, बेलापुर-उरण सेवा भी इसी समय-सारिणी पर चलती है। सेवाओं में वृद्धि से दोनों ट्रेनों के बीच का अंतराल औसतन 15 मिनट कम हो जाएगा। इससे भीड़भाड़ कम करने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान में, उरण मार्ग पर दिन भर में 40 ट्रेनें चलती हैं। नए समय-सारिणी के लागू होने के साथ, यह संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी।आने वाले महीनों में इस 27 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर सेवाओं को 40 से 50% तक बढ़ाने की योजनाएँ सक्रिय रूप से कार्यान्वित की जा रही हैं। यह कॉरिडोर – जो हार्बर लाइन से भी जुड़ता है – लगभग 33 लाख दैनिक यात्रियों को सेवा प्रदान करता है।नवंबर 2018 में रेल कॉरिडोर शुरू होने के बाद से सात वर्षों में ट्रेन सेवाओं में यह पहली वृद्धि होगी। उरण के लिए दो अलग-अलग प्रारंभिक बिंदु हैं - नेरुल और बेलापुर - जहाँ कुल नौ स्टेशन हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 12:15:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बीड : बाढ़ का कहर, सेना को बुलाया गया राहत बचाव के लिए, 5-6 गांव पूरी तरह से डूबे, सड़क संपर्क टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साल 2025 का मानसून देश के लिए आफतों भरा रहा. बाढ़, बारिश और भूस्खलन ने देश के ज्यादातर हिस्सों में कहर बरपाया. सेना पहले दिन से ही राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है. भारी बारिश के चलते अब महाराष्ट्र के बीड जिले के कुछ इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. बीड के अष्टी तालुका में लगातार भारी बारिश के चलते कड़ा, घाटपिंपरी और आसपास के इलाकों सहित 5-6 गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए. पानी का स्तर बढ़ने के चलते कनेक्टिंग रोड पूरी तरह से कट गए हैं. सेना के मुताबिक बीड के डीएम ने सेना से आधिकारिक तौर पर राहत बचाव के लिए अनुरोध किया. सेना ने तुरंत राहत बचाव के अपने ऑपरेशन को शुरू कर दिया, जिसमें तत्काल एरियल इवैक्यूएशन भी शामिल है. बाढ़ प्रभावित गांवों में लगभग 25-30 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू करना जरूरी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43922/beed--flood-wreaks-havoc--army-called-for-rescue--5-6-villages-completely-submerged--road-connectivity-disrupted"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/indian_army_rescue_ops_punjab_floods__1756451517233_1756451517491.webp" alt=""></a><br /><div><strong>बीड : </strong>साल 2025 का मानसून देश के लिए आफतों भरा रहा. बाढ़, बारिश और भूस्खलन ने देश के ज्यादातर हिस्सों में कहर बरपाया. सेना पहले दिन से ही राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है. भारी बारिश के चलते अब महाराष्ट्र के बीड जिले के कुछ इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. बीड के अष्टी तालुका में लगातार भारी बारिश के चलते कड़ा, घाटपिंपरी और आसपास के इलाकों सहित 5-6 गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए. पानी का स्तर बढ़ने के चलते कनेक्टिंग रोड पूरी तरह से कट गए हैं. सेना के मुताबिक बीड के डीएम ने सेना से आधिकारिक तौर पर राहत बचाव के लिए अनुरोध किया. सेना ने तुरंत राहत बचाव के अपने ऑपरेशन को शुरू कर दिया, जिसमें तत्काल एरियल इवैक्यूएशन भी शामिल है. बाढ़ प्रभावित गांवों में लगभग 25-30 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू करना जरूरी है.</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>आर्मी एविएशन के हेलिकॉप्टर तैनात</strong></div>
<div>पानी के बीच फंसे लोगों को बचाने के लिए नासिक से एक एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) और दो चेतक हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है. मौसम की हालातों के तहत तैनाती की गई है. इसके अलावा, अहमदनगर से एक बाढ़ राहत कॉलम बीड के बाढ़ ग्रस्त इलाके की तरफ बढ़ रही है. देर शाम तक इसके पहुंचने की उम्मीद है. इसके अलावा बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप से इंजीनियर टास्क फोर्स भी स्पेशलाइज्ड सपोर्ट के लिए राहत बचाव के ऑपरेशन में शामिल होगी.</div>
<div> </div>
<div><strong>सेना ने अब तक 21,500 से ज्यादा लोगों को बचाया</strong></div>
<div>अप्रैल 2025 में मानसून के मौसम की शुरुआत से ही, सेना के जवान 75 स्थानों पर मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मिशनों में लगातार जुटे हुए हैं. सेना ने कुल 126 रेस्क्यू कॉलम दिन-रात लगातार राहत और बचाव के काम में सक्रिय रखे. अपने रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी ने 21,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है. साथ ही लगभग 9,700 लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की है. सेना ने आपदा पीड़ितों को 23,500 किलोग्राम से ज्यादा राहत सामग्री भी पहुंचाई.</div>
<div> </div>
<div><strong>सड़कों की मरम्मत से कनेक्टिविटी बनाई रखी</strong></div>
<div>चाहे बाढ़ हो या फिर भूस्खलन, सड़कों को जबरदस्त नुकसान हुआ. कई इलाकों में तो सड़के पूरी तरह से टूट जाने के चलते राहत और बचाव के काम में भी दिक्कतें पेश आईं. लेकिन सेना ने कनेक्टिविटी बहाल करने और राहत कार्यों को जारी रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. आर्मी के इंजीनियरों ने कुल 29 पुलों का निर्माण किया है, जिसमें एक 110 फीट लंबा पुल भी शामिल है. इसके अलावा 12 जगहों पर बंधों को मजबूत किया है. आर्मी एविएशन के हेलीकॉप्टरों ने अब तक 500 से ज्यादा घंटों की उड़ान भरी और जोखिम भरे ऑपरेशन में लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया.</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 21:23:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  जाम से जूझ रहे शहरों को तोहफा! ऑफिस-कॉलेज जाने में नहीं होगी लेट, रिंग रोड और बाइपास से कनेक्टिविटी होगी बेहतर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शहरों में नेशनल हाईवे पर लगने वाले जाम से अब जल्द राहत मिलने वाली है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में एक में परामर्श कार्यशाला की अध्यक्षता की, जिसमें देश भर की राज्य सरकारों के अधिकारी और नगर निगम के आयुक्त शामिल हुए. इस बैठक में शहरों के आसपास नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए कई बड़े कदमों पर बात हुई. रवि सिंह के अनुसार, इनमें रिंग रोड और बाइपास बनाने, सड़क परियोजनाओं के लिए नए फंडिंग मॉडल अपनाने और शहरों के मास्टर प्लान के साथ सड़क योजनाओं को जोड़ने जैसे मुद्दे शामिल थे. इन कदमों से न सिर्फ जाम की समस्या कम होगी, बल्कि शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और उनका विकास योजनाबद्ध और सही तरीके से होगा.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43609/a-gift-to-cities-struggling-with-traffic-jams--you-will-not-be-late-in-reaching-office-or-college--connectivity-will-improve-with-ring-road-and-bypass"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-03t223329.220.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>दिल्ली : </strong>शहरों में नेशनल हाईवे पर लगने वाले जाम से अब जल्द राहत मिलने वाली है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में एक में परामर्श कार्यशाला की अध्यक्षता की, जिसमें देश भर की राज्य सरकारों के अधिकारी और नगर निगम के आयुक्त शामिल हुए. इस बैठक में शहरों के आसपास नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए कई बड़े कदमों पर बात हुई. रवि सिंह के अनुसार, इनमें रिंग रोड और बाइपास बनाने, सड़क परियोजनाओं के लिए नए फंडिंग मॉडल अपनाने और शहरों के मास्टर प्लान के साथ सड़क योजनाओं को जोड़ने जैसे मुद्दे शामिल थे. इन कदमों से न सिर्फ जाम की समस्या कम होगी, बल्कि शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और उनका विकास योजनाबद्ध और सही तरीके से होगा.</div>
<div> </div>
<div><strong>रिंग रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी</strong></div>
<div>नेशनल हाईवे पर जाम की समस्या देश के कई बड़े शहरों में आम है. खासकर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में भारी ट्रैफिक की वजह से लोग घंटों जाम में फंस जाते हैं. इससे समय, ईंधन भी बर्बाद होता है. इस समस्या को हल करने के लिए सरकार अब रिंग रोड और बाइपास पर जोर दे रही है. रिंग रोड और बाइपास का मतलब है कि भारी वाहनों और बाहर से आने वाले ट्रैफिक को शहर के अंदर घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे शहर की सड़कों पर दबाव कम होगा और स्थानीय लोग आसानी से सफर कर सकेंगे. दिल्ली में रिंग रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना है, जो ट्रैफिक को सुगम बनाएगी.</div>
<div> </div>
<div><strong>नए फंडिंग मॉडल से मिलेगी सुविधा</strong></div>
<div>बैठक में नए फंडिंग मॉडल पर भी चर्चा हुई. सड़क परियोजनाओं के लिए पैसा जुटाने के लिए सरकार अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) और हाइब्रिड एन्युटी मॉडल जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रही है. इन मॉडल्स में निजी कंपनियां सड़कें बनाती हैं और टोल के जरिए अपनी लागत वसूल करती हैं. सरकार भी इसमें कुछ हिस्सा देती है, ताकि परियोजनाएं जल्दी पूरी हों.</div>
<div>इससे न सिर्फ सड़कें तेजी से बनेंगी, बल्कि रखरखाव भी बेहतर होगा. साथ ही, शहरों के मास्टर प्लान के साथ सड़क योजनाओं को जोड़ने की बात हुई. इसका मतलब है कि सड़कों का निर्माण शहरों के भविष्य के विकास को ध्यान में रखकर होगा. इससे शहरों का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से होगा और जाम, प्रदूषण जैसी समस्याएं कम होंगी.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 22:35:06 +0530</pubDate>
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