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                <title>MW - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>MW RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई :  बिजली कटौती से मिलेगा छुटकारा, अदाणी एनर्जी की 1,000 मेगावॉट एचवीडीसी पावर लाइन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई और वृहद मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बिजली सप्लाई सुविधा की मजबूती की दिशा में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने कुदूस और आरे के बीच 1,000 मेगावॉट की हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट ट्रांसमिशन लिंक को चालू कर दिया है. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49235/mumbai-will-get-relief-from-power-cuts-adani-energys-1000"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-15t133529.488.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई और वृहद मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बिजली सप्लाई सुविधा की मजबूती की दिशा में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने कुदूस और आरे के बीच 1,000 मेगावॉट की हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट ट्रांसमिशन लिंक को चालू कर दिया है. </p>
<p> </p>
<p><strong>30किमी ओवरहेड, 50किमी अंडरग्राउंड लाइन</strong><br />इस प्रोजेक्ट के तहत 30 किलोमीटर लंबी ओवरहेड लाइन और 50 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाया गया है. इसे खासतौर से मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसकी एक बड़ी खासियत इसमें लगा दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट एचवीडीसी सबस्टेशन है. अक्टूबर 2020 में मुंबई में हुए ब्लैकआउट के बाद इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना की गई थी.</p>
<p><strong>अक्षय ऊर्जा के लिए भी हो सकेगा इस्तेमाल</strong><br />इस एचवीडीसी ट्रांसमिशन लाइन के जरिए अब मुंबई और एमएमआर के इलाकों में बाहर से ज्यादा बिजली लेकर सप्लाई की जा सकेगी. रिन्यूएबल एनर्जी के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा. वैसे तो मुंबई पहले से ही नेशनल ग्रिड से जुड़ा हुआ है, लेकिन एचवीडीसी लिंक के जरिए कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो सकेगी. खासतौर से अक्षय ऊर्जा के मामले में इसका काफी फायदा होगा. </p>
<p><strong>ग्रिड होगा मजबूत, बिजली कटौती होगी कम</strong><br />मुंबई महानगरीय इलाका ऊर्जा की खपत के लिहाज से सबसे प्रमुख क्षेत्रों में से एक है. AEMIL के इस प्रोजेक्ट से बिजली सप्लाई सुविधा में बड़ा सुधार होगा, शहर में पैदा होने वाली बिजली पर निर्भरता घटेगी और 1,000 मेगावॉट की अतिरिक्त बिजली बाहर से लाई जा सकेगी. इससे ग्रिड मजबूत होगा और बड़े पैमाने पर बिजली कटौती की आशंका कम हो सकेगी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49235/mumbai-will-get-relief-from-power-cuts-adani-energys-1000</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:36:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: तानसा और मोदक सागर बांधों पर 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाएगी बीएमसी; सालाना 219 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मिडिल वैतरणा प्रोजेक्ट के बाद, बीएमसी अब तानसा और मोदक सागर बांधों पर 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाएगी। महात्मा फुले रिन्यूएबल एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी लिमिटेड (महाप्रीत) द्वारा 25 सालों तक डेवलप और मेंटेन किए जाने वाले इस प्लांट से सालाना 219 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है और इससे बीएमसी को सब्सिडाइज्ड बिजली के ज़रिए लगभग 165.51 करोड़ रुपये की बचत होगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45064/mumbai-bmc-to-set-up-100-mw-floating-solar-power"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-30t121647.709.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मिडिल वैतरणा प्रोजेक्ट के बाद, बीएमसी अब तानसा और मोदक सागर बांधों पर 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाएगी। महात्मा फुले रिन्यूएबल एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी लिमिटेड (महाप्रीत) द्वारा 25 सालों तक डेवलप और मेंटेन किए जाने वाले इस प्लांट से सालाना 219 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है और इससे बीएमसी को सब्सिडाइज्ड बिजली के ज़रिए लगभग 165.51 करोड़ रुपये की बचत होगी।</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी और महाप्रीत के बीच समझौता कुछ महीने पहले महाप्रीत और सिविक अधिकारियों के बीच एक जॉइंट मीटिंग में यह तय हुआ था कि महाप्रीत 25 साल के “बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट, एंड ट्रांसफर” मॉडल के तहत तानसा और मोदक सागर में 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट डेवलप करेगा।</p>
<p>तानसा, मोदक सागर, विहार, तुलसी और पवई झीलों को कवर करने वाली एक बड़ी पहल के हिस्से के तौर पर, इस प्रोजेक्ट को महाप्रीत पूरी तरह से फंड करेगा, जिसकी अनुमानित लागत 546.07 करोड़ रुपये है। पैदा होने वाली बिजली एमएसईडीसीएल के इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए ओपन एक्सेस से सप्लाई की जाएगी और एमएसईडीसीएल गाइडलाइंस के मुताबिक, पीसे पंजरापुर और भांडुप कॉम्प्लेक्स जैसी ज़्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाली जगहों को टैरिफ का फायदा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 12:18:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नयी दिल्ली : 3,600 मेगावाट संयुक्त क्षमता जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए समझौते पर हस्ताक्षर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>अवाडा समूह ने महाराष्ट्र सरकार के साथ राज्य में दो पंप भंडारण जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए एक शुरूआती समझौते पर हस्ताक्षर करने की जानकारी दी। इन परियोजनाओं की संयुक्त क्षमता 3,600 मेगावाट होगी। कंपनी बयान के अनुसार, दो प्रमुख पंप भंडारण परियोजनाओं.. 2,400 मेगावाट पवना फल्यान और 1,200 मेगावाट सिरसाला में कुल 15,100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40195/new-delhi--agreement-signed-for-development-of-3-600-mw-combined-capacity-hydropower-projects"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download---2025-04-30t113045.613.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली : </strong>अवाडा समूह ने महाराष्ट्र सरकार के साथ राज्य में दो पंप भंडारण जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए एक शुरूआती समझौते पर हस्ताक्षर करने की जानकारी दी। इन परियोजनाओं की संयुक्त क्षमता 3,600 मेगावाट होगी। कंपनी बयान के अनुसार, दो प्रमुख पंप भंडारण परियोजनाओं.. 2,400 मेगावाट पवना फल्यान और 1,200 मेगावाट सिरसाला में कुल 15,100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इन परियोजनाओं से रोजगार के 3,800 से अधिक प्रत्यक्ष अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।</p>
<p> </p>
<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भारत की स्वच्छ ऊर्जा राजधानी बनने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। फडणवीस ने कहा, ‘‘ महाराष्ट्र का लक्ष्य भारत का हरित ऊर्जा केंद्र बनना है। सभी हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों को जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित किया जाना चाहिए। सरकार इन परिवर्तनकारी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण समर्थन सुनिश्चित करेगी।’’</p>
<p>अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा, ‘‘ यह समझौता भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम है। पंप स्टोरेज समाधान ग्रिड विश्वसनीयता बनाए रखने और चौबीसों घंटे नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/40195/new-delhi--agreement-signed-for-development-of-3-600-mw-combined-capacity-hydropower-projects</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 11:32:17 +0530</pubDate>
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