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                <title>project - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>project RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : मेट्रो-6 के काम में आई तेजी, परियोजना में भारी स्टील स्पैन की स्थापना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेट्रो-6 परियोजना के काम को रफ्तार मिली है। एमएमआरडीए ने रेलवे ट्रैक के ऊपर जोगेश्वरी में अपने सबसे चुनौतीपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। लगभग 168 टन वजनी विशाल स्टील स्पैन को स्थापित कर दिया गया है। अब तक परियोजना का काम 87.7 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परियोजना के आगे बढ़ने से मुंबई वासियों को जल्द तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा की सौगात मिलने की उम्मीद है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49527/mumbai-metro-6-work-speeded-up-installation-of-heavy-steel-span"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t175056.804.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मेट्रो-6 परियोजना के काम को रफ्तार मिली है। एमएमआरडीए ने रेलवे ट्रैक के ऊपर जोगेश्वरी में अपने सबसे चुनौतीपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। लगभग 168 टन वजनी विशाल स्टील स्पैन को स्थापित कर दिया गया है। अब तक परियोजना का काम 87.7 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परियोजना के आगे बढ़ने से मुंबई वासियों को जल्द तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा की सौगात मिलने की उम्मीद है। मेट्रो-6 परियोजना का काम पूरा होने पर शहर की पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत आधार मिलेगा। जोगेश्वरी में पश्चिम रेलवे ट्रैक के ऊपर 42 मीटर लंबे और लगभग 168.96 टन वजनी स्टील स्पैन की सफल स्थापना की गई है। लगभग 14.5 किलोमीटर लंबी पूरी तरह एलिवेटेड ‘पिंक लाइन’ के रूप में विकसित हो रही मेट्रो लाइन 6 में कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं। कांजूरमार्ग में 15.2 हेक्टेयर क्षेत्र में डिपो का निर्माण किया जा रहा है, जबकि जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड पर डबल डेकर फ्लाईओवर इस परियोजना की खासियत है।</p>
<p> </p>
<p>इस उपलब्धि की शुरुआत पियर पी124 के निर्माण से हुई, जो पश्चिम रेलवे के अत्यंत व्यस्त अप और डाउन ट्रैक के बीच स्थित है. पियर पी123 और पी124 के बीच 42 मीटर लंबे स्टील कॉम्पोजिट स्पैन को स्थापित किया गया, जिसे 10 घंटे के निर्धारित रेलवे ब्लॉक के भीतर सफलतापूर्वक फिट किया गया। इस जटिल ऑपरेशन में 500 और 600 टन क्षमता वाले हाइड्रोलिक क्रेनों का समन्वित उपयोग किया गया।</p>
<p>मेट्रो लाइन 6 के शुरू होने के बाद जोगेश्वरी से विक्रोली तक पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को बड़ा बल मिलेगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा, जेवीएलआर पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और शहर में सार्वजनिक परिवहन को नई गति मिलेगी। साथ ही अन्य मेट्रो लाइनों और उपनगरीय रेल नेटवर्क से बेहतर इंटरचेंज सुविधा भी उपलब्ध होगी। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक में कमी आएगी। एमएमआरडीए के आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने बताया कि मेट्रो लाइन 6 मुंबईकरों के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। हम इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं, ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:51:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : पुनर्निर्माण की महाक्रांति! मोतीलाल नगर में म्हाडा का पहला मेगा टाउनशिप प्रोजेक्ट धमाका...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">म्हाडा की पहचान मुख्य रूप से किफायती आवास योजनाओं और छोटे स्तर के पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स तक सीमित रही है। लेकिन बदलते समय और मुंबई की बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए संस्था ने अपनी कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया है। यह नया टाउनशिप प्रोजेक्ट इस परिवर्तन का प्रतीक है, जिसमें एक ही स्थान पर हजारों परिवारों के लिए आधुनिक और व्यवस्थित आवास तैयार किए जाएंगे। इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट से न केवल निर्माण कार्य में तेजी आएगी, बल्कि शहर के अव्यवस्थित और पुराने इलाकों को व्यवस्थित रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी। यह मॉडल भविष्य में मुंबई के अन्य पुराने आवासीय क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49251/mhadas-first-mega-township-project-blast-in-motilal-nagar-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/err.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आवास संकट के बीच महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अपने पहले बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। यह महत्वाकांक्षी योजना मोतीलाल नगर, गोरेगांव में 143 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विकसित की जाएगी। यह परियोजना केवल इमारतों के पुनर्निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इलाके को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखती है। अधिकारियों के अनुसार, आगामी 2 से 4 दिनों के भीतर इस प्रोजेक्ट का विस्तृत खाका आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।<br /><br />अब तक म्हाडा की पहचान मुख्य रूप से किफायती आवास योजनाओं और छोटे स्तर के पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स तक सीमित रही है। लेकिन बदलते समय और मुंबई की बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए संस्था ने अपनी कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया है। यह नया टाउनशिप प्रोजेक्ट इस परिवर्तन का प्रतीक है, जिसमें एक ही स्थान पर हजारों परिवारों के लिए आधुनिक और व्यवस्थित आवास तैयार किए जाएंगे। इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट से न केवल निर्माण कार्य में तेजी आएगी, बल्कि शहर के अव्यवस्थित और पुराने इलाकों को व्यवस्थित रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी। यह मॉडल भविष्य में मुंबई के अन्य पुराने आवासीय क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकता है।<br /><br />इस परियोजना का सबसे आकर्षक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वर्तमान में छोटे और सीमित जगह में रहने वाले परिवारों को बड़े और आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। अभी मोतीलाल नगर में कई परिवार लगभग 230 वर्ग फुट के छोटे घरों में रहते हैं, जहां जगह की कमी, खराब वेंटिलेशन और सीमित सुविधाएं आम समस्या हैं। रीडेवलपमेंट के बाद इन्हीं परिवारों को लगभग 1600 वर्ग फुट तक के विशाल फ्लैट मिलेंगे, जिसमें बेहतर वेंटिलेशन, प्राकृतिक रोशनी, अलग-अलग कमरे, आधुनिक रसोई और सुरक्षित संरचना जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे न केवल उनके रहने का स्तर सुधरेगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।<br /><br />म्हाडा इस प्रोजेक्ट को केवल आवासीय इमारतों तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसे एक पूर्ण विकसित टाउनशिप के रूप में तैयार किया जाएगा। इस योजना में चौड़ी और सुव्यवस्थित सड़कें, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, हरित क्षेत्र और पार्क, बच्चों के खेलने के लिए स्थान, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं, पर्याप्त पार्किंग और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था शामिल होगी। इसके अलावा, टाउनशिप के भीतर ही स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग सेंटर, कम्युनिटी हॉल और मनोरंजन के साधन विकसित किए जाएंगे, जिससे निवासियों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। यह प्रोजेक्ट ‘वॉक-टू-वर्क’ और ‘वॉक-टू-लाइफ’ की अवधारणा को भी बढ़ावा देगा, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।<br /><br />म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल ने इस प्रोजेक्ट को संस्था के लिए एक नया अध्याय बताया है। उनके अनुसार, म्हाडा अब केवल सस्ते घर उपलब्ध कराने वाली संस्था नहीं रह गई है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण के साथ आवास क्षेत्र में नई पहचान बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से म्हाडा यह दिखाना चाहती है कि सरकारी एजेंसियां भी निजी डेवलपर्स की तरह उच्च स्तर के और आकर्षक प्रोजेक्ट विकसित कर सकती हैं। इससे लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा और भविष्य में ऐसे और प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन मिलेगा।<br /><br />विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स से मुंबई के रियल एस्टेट सेक्टर में सकारात्मक बदलाव आएगा। जहां एक ओर पुराने और जर्जर भवनों की जगह सुरक्षित और आधुनिक इमारतें बनेंगी, वहीं दूसरी ओर शहर के बुनियादी ढांचे पर भी दबाव कम होगा। इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, क्योंकि निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों, इंजीनियरों और अन्य पेशेवरों की आवश्यकता होगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।<br /><br />हालांकि यह प्रोजेक्ट काफी महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए कई चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले निवासियों की सहमति लेना आवश्यक होगा, क्योंकि रीडिवेलपमेंट में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। इसके बाद पर्यावरणीय मंजूरी, कानूनी प्रक्रियाएं और वित्तीय व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी समयबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट पूरा करना एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, यदि सभी चरण सही तरीके से पूरे किए जाते हैं, तो यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में मुंबई के सबसे सफल और आदर्श टाउनशिप प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकता है।<br /><br />गोरेगांव का मोतीलाल नगर रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट केवल एक निर्माण योजना नहीं, बल्कि मुंबई के शहरी विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह प्रोजेक्ट न केवल हजारों परिवारों के जीवन को बेहतर बनाएगा, बल्कि शहर के समग्र विकास को भी नई गति देगा। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो भविष्य में मुंबई के अन्य पुराने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी इसी तरह के बड़े और सुव्यवस्थित टाउनशिप प्रोजेक्ट्स लागू किए जा सकते हैं, जिससे शहर को एक नया और आधुनिक स्वरूप मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:45:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण का जोरों पर; जनवरी 2027 तक मेट्रो सेवा आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t123513.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे: </strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो के शुरू होने के बाद ठाणे शहर से गुजरने वाली एक और मेट्रो लाइन पर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। ठाणे और भिवंडी को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 5 (ऑरेंज लाइन) का निर्माण कई सालों से चल रहा है। आखिरकार इस प्रोजेक्ट के लिए एक नई डेडलाइन तय कर दी गई है। इस टाइमलाइन के मुताबिक, ठाणे-भिवंडी मेट्रो के इस आने वाले दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके जनवरी 2027 तक यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है।</p>
<p> </p>
<p><strong>दहिसर-काशीगांव मेट्रो से मिली राहत</strong><br />अभी कुछ ही दिन पहले दहिसर-काशीगांव मेट्रो का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया था। यह ठाणे शहर के अंदर और हार्बर लाइन कॉरिडोर के साथ चलने वाली पहली मेट्रो लाइन है। पहले ही दिन से मेट्रो को यात्रियों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। शाम के समय काशीगांव मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि ठाणे शहर के अंदर एक मेट्रो सिस्टम की कितनी ज्यादा जरूरत है। फिलहाल, ठाणे और भिवंडी के बीच सफर करने वाले लोगों को बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। ये बसें अक्सर आधे घंटे तक की देरी से आती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।<br />भिवंडी के लोगों को फायदा<br />इसके अलावा शाम के समय ट्रैफिक जाम की वजह से यात्रियों को अक्सर बसों के अंदर घंटों फंसे रहना पड़ता है। दूसरा विकल्प यह है कि जो यात्री ट्रेन से सफर करना चाहते हैं, उन्हें दिवा रेलवे स्टेशन से मेमू सेवा लेनी पड़ती है। हालांकि इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी काफी कम है। नतीजतन पिछले कई सालों से लोग ठाणे और भिवंडी के बीच एक सीधी मेट्रो लिंक की मांग कर रहे हैं।<br />यह रूट कैसा दिखेगा?<br />मेट्रो लाइन 5 एक 25 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जो ठाणे, भिवंडी और कल्याण को जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में ठाणे-भिवंडी सेक्शन को पूरा किया जा रहा है और इस हिस्से पर काम फिहाल जोर-शोर से चल रहा है। बीजेपी विधायक महेश चौघुले की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मेट्रो लाइन के लिए जमीनी काम और सभी तकनीकी ऑपरेशन फिलहाल अपने अंतिम चरण में हैं। गुरुवार को भिवंडी नगर निगम, एमएमआरडीए और मेट्रो अथॉरिटी के अधिकारियों ने चल रहे कामों का निरीक्षण किया। उस समय उन्होंने बताया था कि यह काम दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। अभी भिवंडी से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है। नतीजतन, यात्रियों को मुंबई पहुंचने के लिए रोजाना बस से ठाणे और कल्याण होते हुए सफर करना पड़ता है। जब मेट्रो लाइन 5 चालू हो जाएगी, तो भिवंडी के लोगों को काफी राहत मिलेगी और उनके सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा।<br />2017 में मंजूरी मिली<br />एमएमआरडीए ने 2017 में मेट्रो लाइन 5 प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसका उद्घाटन किए जाने के बाद 2020 में असल निर्माण कार्य शुरू हुआ। हालांकि तब से छह साल बीत जाने के बाद भी काम अभी तक अधूरा है। इस देरी से यात्रियों में असंतोष फैल गया है। जहां पहले चरण का काम अब जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। वहीं दूसरे चरण का निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हुआ है। जो कल्याण तक जाएगा। नतीजतन लोगों को पूरी मेट्रो लाइन 5 के पूरी तरह से चालू होने के लिए अभी कई और साल इंतजार करना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49174/the-first-phase-of-thane-bhiwandi-kalyan-metro-project-is-in-full</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:27:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई स्लम फ्री; प्राइवेट डेवलपर्स और शिवशाही पुनर्वास प्रोजेक्ट लिमिटेड के बीच स्पेशल पर्पस व्हीकल्स बनाने को मंज़ूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक कदम उठाया है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे शहरी जन कल्याण अभियान की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्विकास में तेजी लाना है और साथ ही नए अवैध अतिक्रमणों को रोकने के लिए एडवांस एनईटीआरएम (नेटवर्क फॉर एनक्रोचमेंट ट्रैकिंग एंड रिपोर्टिंग फॉर मुंबई) तकनीक को लागू करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48847/approval-to-form-special-purpose-vehicles-between-mumbai-slum-free"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-31t132315.335.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक कदम उठाया है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे शहरी जन कल्याण अभियान की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्विकास में तेजी लाना है और साथ ही नए अवैध अतिक्रमणों को रोकने के लिए एडवांस एनईटीआरएम (नेटवर्क फॉर एनक्रोचमेंट ट्रैकिंग एंड रिपोर्टिंग फॉर मुंबई) तकनीक को लागू करना है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के दौरान शुरू किया गया यह महत्वपूर्ण अभियान, दिवंगत नेता के शहर के लिए दृष्टिकोण को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है। </p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार के इस फैसले से झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास प्रक्रिया को काफी गति मिलने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों के लिए सुसज्जित और सुरक्षित आवासों में स्थानांतरित होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि हम इस मिशन के माध्यम से बालासाहेब ठाकरे के झुग्गी-मुक्त मुंबई के सपने को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। </p>
<p><strong>ऐसे इलाकों को प्राथमिकता</strong><br />उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अनुसार, इस अभियान में 50 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां 51 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र झुग्गी-झोपड़ी वाला है। झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर पुनर्विकास योजना को झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण द्वारा निजी, सरकारी और अर्ध-सरकारी भूमि के बड़े भूखंडों पर लागू किया जाएगा।</p>
<p><strong>मैपिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन</strong><br />सभी झुग्गीवासियों का सटीक मानचित्रण और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और महाप्रीत जैसी एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। </p>
<p>निवासियों के लिए एक बड़ी राहत देते हुए सरकार ने पुनर्निर्मित मकानों का न्यूनतम आकार बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब सभी पात्र निवासियों को 300 वर्ग फुट के अपार्टमेंट मिलेंगे। मौजूदा पुरानी परियोजनाओं को भी इन नए मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबईमें नई झुग्गियों के निर्माण को रोकने के लिए सरकार एनईटीआरएम योजना शुरू कर रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:25:09 +0530</pubDate>
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