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                <title>the state - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>the state RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई : अब 24 घंटे पूरे राज्य में रेत परिवहन की अनुमति दी जाएगी</title>
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                        <![CDATA[<p>अवैध रेत परिवहन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य विधानसभा को सूचित किया कि अब पूरे राज्य में रेत परिवहन की अनुमति 24 घंटे, सप्ताह में 7 दिन दी जाएगी। यह निर्णय अवैध रेत खनन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने और रेत परिवहन में पारदर्शिता बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41872/mumbai--now-sand-transportation-will-be-allowed-24-hours-a-day-across-the-state"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/download---2025-07-04t104732.909.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अवैध रेत परिवहन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य विधानसभा को सूचित किया कि अब पूरे राज्य में रेत परिवहन की अनुमति 24 घंटे, सप्ताह में 7 दिन दी जाएगी। यह निर्णय अवैध रेत खनन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने और रेत परिवहन में पारदर्शिता बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। बावनकुले राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक नाना पटोले द्वारा उठाए गए मुद्दे पर जवाब दे रहे थे। "वर्तमान में, रेत उत्खनन की अनुमति केवल सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक है। हालांकि, दिन के दौरान संग्रहीत रेत को रात में परिवहन नहीं किया जा सकता है, जिससे परिवहन क्षमता का अकुशल उपयोग होता है और अवैध रेत परिवहन को बढ़ावा मिलता है। इस समस्या से निपटने के लिए, सरकार ने महाखनिज पोर्टल के माध्यम से 24 घंटे की ईटीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर परमिट) प्रणाली शुरू की है, बावनकुले ने कहा।</p>
<p> </p>
<p>सरकार ने रेत परिवहन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय भी किए हैं। अब हर रेत खदान को जियोफेंस किया जाएगा और खनन स्थलों और परिवहन मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, रेत परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। प्राकृतिक भंडारों की रक्षा करते हुए रेत की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने कृत्रिम रेत नीति लागू करने का फैसला किया है। योजनाओं में हर जिले में 50 क्रशर इकाइयां स्थापित करना शामिल है, जिसमें प्रत्येक इकाई के लिए 5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। अगले तीन महीनों के भीतर 1000 क्रशर इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 10:48:52 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई:  लंदन में नीलाम हुई राजे रघुजी भोसले की ऐतिहासिक तलवार राज्य सरकार ने खरीद ली</title>
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                        <![CDATA[<p>मराठा साम्राज्य के विस्तार में आमूल्य योगदान देने वाले राजे रघुजी भोसले की तलवार को नीलामी में खरीद लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा साम्राज्य की यह धरोहर फिर से वापस मिलने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि नागपुर के भोसले परिवार के संस्थापक लंदन में नीलाम हुई ऐतिहासिक तलवार राज्य सरकार ने खरीद ली है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40205/mumbai--the-state-government-bought-the-historical-sword-of-raje-raghuji-bhosle-which-was-auctioned-in-london"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/images---2025-04-30t121706.578.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> मराठा साम्राज्य के विस्तार में आमूल्य योगदान देने वाले राजे रघुजी भोसले की तलवार को नीलामी में खरीद लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा साम्राज्य की यह धरोहर फिर से वापस मिलने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि नागपुर के भोसले परिवार के संस्थापक लंदन में नीलाम हुई ऐतिहासिक तलवार राज्य सरकार ने खरीद ली है। फडणवीस ने लिखा है कि हमारे मराठा साम्राज्य की मूल और ऐतिहासिक धरोहर अब महाराष्ट्र में आएगी। पिछले साल जुलाई में 350 सालों बाद छत्रपति शिवाजी महराज के बाघ नख को भारत वापस आए थे।</p>
<p> </p>
<p><strong>कौन थे रघुजी भोसले?</strong><br />फडणवीस ने लिखा कि छत्रपति शाहू महाराज के समय में रघुजी भोसले मराठा सेना में एक महत्वपूर्ण नेता थे। अपनी युद्ध नीति और शौर्य से प्रसन्न होकर छत्रपति शाहू महाराज ने उन्हें 'सेनासाहेबसुभा' की उपाधि दी थी। रघुजी भोसले ने मराठा साम्राज्य का बंगाल, ओडिशा तक विस्तार किया था, 1745 में बंगाल के नवाबों के खिलाफ युद्ध अभियान चलाया था। दक्षिण भारत में भी उन्होंने अपना सैन्य और राजनीतिक दबदबा बना लिया था।</p>
<p><strong>47.15 लाख में नीलामी</strong><br />फडणवीस ने कहा कि हमारे सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, अपर मुख्य सचिव सांस्कृतिक कार्य विभाग एवं मेरे अपने कार्यालय में कार्यरत विकास खरगे ने इस काम को गंभीरता से लेकर पूरा किया है। इसमें कुछ तकनीकी समस्याएं थीं, इसलिए इसे हस्तक्षेप के माध्यम से खरीदा गया था। राज्य सरकार इसके लिए 47.15 लाख रुपये देने जा रही है।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 12:24:04 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>परभणी:  सात लाख करोड़ रुपये के बजट में से राज्य सरकार 3.5 लाख करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ऋण पर खर्च - अजित पवार</title>
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                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने परभणी के दौरे के दौरान बजट के पैसों का वितरण कैसे हो रहा है, इस बात का खुलासा किया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने  कहा कि सात लाख करोड़ रुपये के बजट में से राज्य सरकार 3.5 लाख करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ऋण पर खर्च कर रही है, जबकि 65,000 करोड़ रुपये लाडकी बहिन योजना और किसानों के लिए बिजली माफी योजना पर खर्च किए जा रहे हैं।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40126/parbhani--out-of-the-budget-of-rs-7-lakh-crore--the-state-government-spends-rs-3-5-lakh-crore-on-salaries--pensions-and-loans-of-employees---ajit-pawar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download---2025-04-27t112216.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>परभणी: </strong>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने परभणी के दौरे के दौरान बजट के पैसों का वितरण कैसे हो रहा है, इस बात का खुलासा किया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने  कहा कि सात लाख करोड़ रुपये के बजट में से राज्य सरकार 3.5 लाख करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ऋण पर खर्च कर रही है, जबकि 65,000 करोड़ रुपये लाडकी बहिन योजना और किसानों के लिए बिजली माफी योजना पर खर्च किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि इन मदों के तहत 4.15 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बाद शेष राशि विकास कार्यों में खर्च की जा रही है। परभणी में अपनी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की एक बैठक को संबोधित करते हुए पवार ने यह भी कहा कि पार्टी के जो कार्यकर्ता राजनीतिक नेता बनना चाहते हैं, उन्हें (सरकारी कार्यों के लिए) ठेकेदार नहीं बनना चाहिए।<br />बिजली माफी योजना के तहत वितरण<br />राज्य सरकार के व्यय के बारे में बात करते हुए, वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा, “सरकार किसानों के लिए बिजली बिल माफी योजना के तहत महाराष्ट्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) को 17,000 से 20,000 करोड़ रुपये दे रही है। राज्य को एक साल में लाडकी बहिन योजना के लिए 45,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “राज्य का बजट परिव्यय 7 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से 3.5 लाख करोड़ रुपये वेतन, पेंशन और ऋण चुकाने पर खर्च किए जाते हैं, जबकि 65,000 करोड़ रुपये उपरोक्त दो (लाडकी बहिन और बिल माफी) योजनाओं पर खर्च किए जाते हैं। शेष राशि से हम राज्य के विकास कार्यों में खर्च करने की कोशिश कर रहे हैं।” </p>
<p><strong>शिक्षा और कृषि क्षेत्र पर ध्यान</strong><br />अजित पवार ने कहा हम शिक्षा और कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्र सरकार महाराष्ट्र को 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण देने जा रही है। सरकार ने बिजली बिलों की माफी की पेशकश की है ताकि हमारे किसान खुशी से रह सकें। इसके लिए राज्य सरकार को अपने खजाने से महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को 17 से 20 हजार करोड़ रुपये देने होंगे। लेकिन हम हर तरह से सहयोग करते रहेंगे, उन्होंने अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की। </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 11:23:37 +0530</pubDate>
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