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                <title>Assam - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Assam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: जब असम की कीचड़ से सनी सड़कों पर बिस्तर उठाकर चले मुंबई के ये सोशल वर्कर, बाढ़ पीड़ितों ने पैर छूकर लगाया गले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51138/when-these-social-workers-of-mumbai-walked-on-the-mud"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/7l4ernvc_ju_625x300_05_august_26.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके. घुटनों तक भरे कीचड़ और फिसलन की परवाह किए बिना ये टीम पीड़ित परिवारों तक सोने के लिए बिस्तर और गद्दे पहुंचा रही है. </p>
<p> </p>
<p><strong>कीचड़ और पानी के बीच जब मदद की उम्मीद भी टूटने लगी </strong><br />हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में हुसैन और उनकी साथी टीम भारी लकड़ी के बेड उठाकर कीचड़ भरे रास्तों से गुजरते दिख रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि, रास्ता इतना फिसलन भरा था कि एक पल को हुसैन का बैलेंस बिगड़ा और वो गिरने ही वाले थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और अपना कदम पीछे नहीं खींचा. गांव-गांव जाकर टीम ने न सिर्फ पलंग लगाए, बल्कि उन पर साफ मैट और गद्दे भी बिछाकर दिए. ताकि लोगों को जमीन पर न सोना पड़े. जब बेघर हो चुके लोगों को सूखा बिस्तर मिला, तो कई बुजुर्गों और महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया. राहत भरी मदद मिलने की खुशी में कुछ लोगों ने हुसैन को गले से लगा लिया, तो इमोशनल होते हुए कई लोगों ने उनके पैर छूकर दुआएं दीं.</p>
<p>हुसैन ने ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट 'iamhussainmansuri' पर शेयर किया है, जो जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इमोशनल हो रहे हैं. असम में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है. इस तबाही में कई लोग अपनी गंवा चुके हैं. असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. राज्य सरकार भी एक्शन मोड में है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित परिवारों को 75 हजार रुपये की अंतरिम सहायता देनी शुरू कर दी है. फिलहाल प्रशासन 54 रिलीफ कैंपों के जरिए 13,700 से ज्यादा लोगों को खाना और आश्रय मुहैया करा रहा है.</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:21:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में असम सीएम हिमंत सरमा के खिलाफ एक और याचिका सूचीबद्ध, नफरती भाषण देने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ एक और याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। चार लोगों ने यह याचिका दायर की है। याचिका में मुख्यमंत्री पर एक समुदाय के लोगों के खिलाफ कथित नफरत भरे भाषण देने का आरोप लगाया है। मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग याचिका पर सुनवाई करने की बात कही थी। यह याचिका भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता एनी राजा ने दायर की थी। इसमें एक वायरल वीडियो का जिक्र है। वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री को एक समुदाय की ओर राइफल से निशाना लगाते और गोली चलाते दिखाया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47657/another-petition-listed-in-new-delhi-supreme-court-against-assam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-11t174508.937.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ एक और याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। चार लोगों ने यह याचिका दायर की है। याचिका में मुख्यमंत्री पर एक समुदाय के लोगों के खिलाफ कथित नफरत भरे भाषण देने का आरोप लगाया है। मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग याचिका पर सुनवाई करने की बात कही थी। यह याचिका भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता एनी राजा ने दायर की थी। इसमें एक वायरल वीडियो का जिक्र है। वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री को एक समुदाय की ओर राइफल से निशाना लगाते और गोली चलाते दिखाया गया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?</strong><br />बुधवार को कोर्ट से कहा गया कि नई याचिका को भी उसी मामले के साथ सूचीबद्ध किया जाए। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा, 'हम देखेंगे।'</p>
<p><strong>किन लोगों ने दायर की याचिका?</strong><br />नई याचिका पूर्व प्रोफेसर हिरेन गोहेन, असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरेकृष्ण डेका, वरिष्ठ पत्रकार परेश चंद्र मलाकर और वरिष्ठ वकील शांतनु बोरठाकुर ने दायर की है। </p>
<p><strong>याचिका में क्या कहा गया है?</strong><br />याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री (हिमंत बिस्व सरमा) ने कई बार विवादित बयान दिए हैं।<br />इन बयानों से असम में बंगाली मूल के मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार और हिंसा भड़क सकती है।<br />याचिका में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषणों और मीडिया बातचीत में धर्म, भाषा, जन्मस्थान और निवास के आधार पर दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा दिया।<br />याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बंगाली मूल के मुसलमानों के लिए 'मिया' और 'बांग्लादेशी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:46:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में अहम कदम </title>
                                    <description><![CDATA[<p>असम और मेघालय के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच विवादित सीमा क्षेत्रों में से एक में आज पहला सीमा स्तंभ खड़ा किया गया। देश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा की। सीमा स्तंभ को स्पष्टता और शांति का स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने उम्मीद जताई कि सीमा स्तंभ आखिरकार एक बार ग्रे क्षेत्रों में सरकार के शासन का एक नया रूप लाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41888/important-step-towards-resolving-the-border-dispute-between-assam-and-meghalaya"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/downloadsdfdsf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>असम : </strong>असम और मेघालय के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच विवादित सीमा क्षेत्रों में से एक में आज पहला सीमा स्तंभ खड़ा किया गया। देश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा की। सीमा स्तंभ को स्पष्टता और शांति का स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने उम्मीद जताई कि सीमा स्तंभ आखिरकार एक बार ग्रे क्षेत्रों में सरकार के शासन का एक नया रूप लाएगा।</p>
<p> </p>
<p>मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने एक्स में लिखा, "असम-मेघालय सीमा पर पहले सीमा स्तंभ का निर्माण - 2022 समझौते के कार्यान्वयन की दिशा में एक कदम"। हालांकि, मुख्यमंत्री ने सीमा स्तंभों के स्थान को निर्दिष्ट नहीं किया। पोस्ट में, उन्होंने कहा कि असम-मेघालय सीमा का एक बड़ा हिस्सा 1990 में असम से अलग होने के बाद से अस्पष्ट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता ने कई बार दोनों राज्यों के बीच तनाव पैदा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मेघालय के गठन के 50 साल बाद 2022 में एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि असम और मेघालय के बीच 12 विवादित क्षेत्रों में से छह क्षेत्रों में विवाद पहले ही सुलझा लिए गए हैं और एमओयू के परिणामस्वरूप अब पहला सीमा स्तंभ खड़ा कर दिया गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सीमा स्तंभ दोनों बहन राज्यों के बीच मैत्री का एक बेहतर पुल बनाएगा और उम्मीद है कि अब दोनों राज्यों के लोगों और प्रशासन के लिए सटीक न्यायिक सीमाएं स्पष्ट हो जाएंगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने पोस्ट में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा को भी टैग किया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने 2 जून को गुवाहाटी में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि स्वतंत्रता दिवस से पहले पांच विवादित क्षेत्रों में सीमा स्तंभ खड़े कर दिए जाएंगे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 19:49:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए देश की नागरिकता चाहिए तो इन बातों को मानना होगा- असम CM सरमा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सीएम ने अपने बयान में कहा कि अगर बांग्ला-भाषी मुसलमानों को राज्य का मूल निवासी बनना है तो उन्हें बाल-विवाह और बहुविवाह जैसी प्रथाओं को छोड़ना होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो ही राज्य के मूल निवासी ‘खिलोंजिया’ माने जाएंगे।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों को बच्चों को मदरसों की जगह स्कूल भेजना होगा ताकि वे डॉक्टर-इंजीनियर बनें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29742/if-bangladeshi-muslims-want-citizenship-of-the-country-then-they-will-have-to-accept-these-things---assam-cm-sarma"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(1)32.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की नागरिकता चाहिए तो इन बातों को मानना होगा, जानें असम CM सरमा ने बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए कौन सी शर्तें रखीं<br />असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बांग्ला-भाषी मुसलमानों को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है।  उन्होंने बांग्ला-भाषी मुसलमानों के असम का मूल निवासी बनने के लिए कुछ शर्तें रखीं।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम ने अपने बयान में कहा कि अगर बांग्ला-भाषी मुसलमानों को राज्य का मूल निवासी बनना है तो उन्हें बाल-विवाह और बहुविवाह जैसी प्रथाओं को छोड़ना होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो ही राज्य के मूल निवासी ‘खिलोंजिया’ माने जाएंगे।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों को बच्चों को मदरसों की जगह स्कूल भेजना होगा ताकि वे डॉक्टर-इंजीनियर बनें।<br /><br />असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इससे पहले राज्य के बांग्ला-भाषी मुस्लिम समुदाय को सामाजिक कुरीतियों के लिए जिम्मेदार बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि मियां (बांग्ला-भाषी मुसलमान) मूल निवासी हैं या नहीं यह एक अलग मामला है। हम यह कह रहे हैं कि अगर वे ‘मूल निवासी’ बनना चाहते हैं, तो हमें कोई समस्या नहीं है लेकिन इसके लिए उन्हें बाल विवाह और बहुविवाह को छोड़कर महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना होगा। राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बांग्ला भाषी मुसलमान असमिया रीति-रिवाजों का पालन कर सकते हैं, तो उन्हें भी 'स्वदेशी' माना जाएगा।<br /><br />सीएम ने कहा कि असमिया लोगों की एक संस्कृति है जिसमें लड़कियों की तुलना 'शक्ति' (देवी) से की जाती है और दो-तीन बार शादी करना असमिया संस्कृति नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “मैं उनसे हमेशा कहता हूं, 'मियां' के स्वदेशी होने में कोई समस्या नहीं है लेकिन वे दो-तीन पत्नियां नहीं रख सकते। यह असमिया संस्कृति नहीं है। कोई सत्र (वैष्णव मठ) भूमि का अतिक्रमण कर मूल निवासी कैसे बनना चाहता है?” <br /><br />सीएम ने कहा कि असम में मुसलमानों की आबादी महत्वपूर्ण है, 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य की कुल आबादी में मुसलमानों का आंकड़ा 34 प्रतिशत से अधिक है। इस आबादी में दो अलग-अलग जातियां शामिल हैं-बंगाली भाषी और बांग्लादेश मूल के प्रवासी मुसलमान और असमिया भाषी स्वदेशी मुसलमान। </p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sun, 24 Mar 2024 21:16:27 +0530</pubDate>
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