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                <title>2005 - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>नालासोपारा : 26 जुलाई 2005 में आई बाढ़ जैसे हालात</title>
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                        <![CDATA[<p>पालघर जिले की वसई तालुका में बीते दिनों से शुरू हुई मूसलाधार बारिश मंगलवार को भी जारी रही। भारी जलभराव से ज्यादातर इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है। यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। कई जगह रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से ट्रेनों का परिचालन लगभग रोक दिया गया है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43194/nallasopara--flood-like-situation-on-26-july-2005"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-19t221808.604.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>पालघर जिले की वसई तालुका में बीते दिनों से शुरू हुई मूसलाधार बारिश मंगलवार को भी जारी रही। भारी जलभराव से ज्यादातर इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है। यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। कई जगह रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से ट्रेनों का परिचालन लगभग रोक दिया गया है। बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। ज्यादातर नाले उल्टी दिशा में बह रहे हैं। कई गांवों का सम्पर्क टूट गया है। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित नालासोपारा हुआ है। यहां 26 जुलाई 2005 में आई बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व मनपा की ओर से राहत व बचाव कार्य जारी है। जानकारी के अनुसार बीते चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को वसई तालुका में बाढ़ का रूप ले लिया है। रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।</p>
<p> </p>
<p>सुबह के वक्त घरों से निकल चुके यात्रियों को दोपहर बाद तक रेलवे ट्रैक पर जलभराव के बीच पैदल चलकर घरों की ओर लौटते हुए देखा गया। बस, ऑटो सेवाएं भी बंद हैं। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित नालासोपारा हुआ है। यहां 26 जुलाई 2005 में आई बाढ़ जैसे हालात हैं। नालासोपारा के सेंट्रलपार्क, तुलिंज, विजय नगर, स्टेशन रोड, संतोष भुवन, धनिवबाग, आचोले, एवरशाइन, लिंक रोड क्षेत्र में स्थिति ज्यादा खराब है। कई इलाकों के घरों में 3 से 4 फुट पानी भर गया है। नालासोपारा के तुलिंज पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया है, यहां एक से डेढ़ फीट जलभराव के बीच पुलिसकर्मी डयूटी करते देखे गए। घरों में पानी भरने की सूचना पर कई इलाकों की बिजली काट दी गयी है।</p>
<p>बिजली विभाग का कहना है कि अधिक जलभराव वाले इलाकों में सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद की गयी है। सबसे बुरा असर दुकानदारों पर पड़ा है। दुकानों में पानी भर जाने से करोड़ों रुपये का नुकसान होना बताया जा रहा है। बारिश के दौरान समुद्र में हाई टाइड से नाले उल्टी दिशा में बह रहे हैं। मूसलाधार बारिश की वजह से डैम, नदी, नाले फिर से उफान पर हैं। भारी जल जमाव वाले क्षेत्रों में जाने वाले वाहन चालकों को रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षित रहने की अपील की है। फिलहाल कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। खबर लिखे जाने तक बारिश जारी थी।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Aug 2025 22:18:41 +0530</pubDate>
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                <title> मुंबई : वाटर टैंकर एसोसिएशन के सेवाएं बहाल न करने पर; नगर निगम ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 लागू करने का फैसला </title>
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                        <![CDATA[<p>झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर उच्च श्रेणी के आवासीय परिसरों तक, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेकर अस्पतालों तक और सभी सरकारी कार्यालयों से लेकर निर्माण स्थलों तक सभी जगह पानी की गंभीर समस्या है, क्योंकि सरकारी अधिकारी मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन द्वारा आहूत हड़ताल को समाप्त करने का कोई समाधान नहीं ढूंढ पाए हैं।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39779/mumbai--municipal-corporation-decides-to-invoke-disaster-management-act--2005-after-water-tanker-association-does-not-resume-services"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download---2025-04-14t114915.388.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर उच्च श्रेणी के आवासीय परिसरों तक, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेकर अस्पतालों तक और सभी सरकारी कार्यालयों से लेकर निर्माण स्थलों तक सभी जगह पानी की गंभीर समस्या है, क्योंकि सरकारी अधिकारी मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन द्वारा आहूत हड़ताल को समाप्त करने का कोई समाधान नहीं ढूंढ पाए हैं। हड़ताल के चौथे दिन और मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन के सेवाएं बहाल न करने पर अड़े रहने के बाद नगर निगम ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 लागू करने का फैसला किया और शहर में सभी पानी के टैंकरों और बोरवेल का संचालन अपने हाथ में ले लिया।</p>
<p> </p>
<p>यह मुंबई के निवासियों और कार्यालय जाने वालों के लिए राहत की बात है, क्योंकि वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए टैंकर से पानी की आपूर्ति की उम्मीद कर सकते हैं। बीएमसी द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले नियमित पानी के अलावा, MWTA प्रतिदिन मुंबई को लगभग 300 MLD पानी की आपूर्ति करता है, जिसके अंतर्गत लगभग 3000 पानी के टैंकर हैं।</p>
<p>एमडब्ल्यूटीए ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के 2020 दिशा-निर्देशों को लागू करने के लिए बीएमसी द्वारा भेजे गए नोटिस के विरोध में 10 अप्रैल से अनिश्चितकालीन सेवाएं बंद करने की घोषणा की थी, जिसके अनुसार तब अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। एमडब्ल्यूटीए के प्रवक्ता अंकुर ठाकुर ने कहा, "हम जेल नहीं जाना चाहते। मुंबई जैसे शहर में सभी दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित करना संभव नहीं है। साथ ही मीरा भयंदर, नवी मुंबई और अन्य शहरों के अधिकार क्षेत्र में नोटिस क्यों नहीं जारी किए जाते हैं।"</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 11:50:39 +0530</pubDate>
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