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                <title>spending - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>spending RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली : खर्च करने में मुंबई-दिल्ली छूटे पीछे, ये है देश की सबसे ज्यादा खर्चीली शहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत में जब ज्यादा खर्च करने वाले शहरों की बात होती है, तो आमतौरपर मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों का नाम सामने आता है. लेकिन एक नई रिपोर्ट ने इस तस्वीर को थोड़ा बदल दिया है. प्रति परिवार औसत खर्च के मामले में छोटे और मझोले शहर कई बड़े महानगरों से आगे निकल गए हैं. 'द मेनी अर्बन इंडियाज' रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ सबसे ऊपर है, जबकि तिरुवनंतपुरम दूसरे नंबर पर है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51831/this-is-the-most-expensive-city-of-the-country-leaving"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-14t112020.469.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दिल्ली : </strong>भारत में जब ज्यादा खर्च करने वाले शहरों की बात होती है, तो आमतौरपर मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों का नाम सामने आता है. लेकिन एक नई रिपोर्ट ने इस तस्वीर को थोड़ा बदल दिया है. प्रति परिवार औसत खर्च के मामले में छोटे और मझोले शहर कई बड़े महानगरों से आगे निकल गए हैं. 'द मेनी अर्बन इंडियाज' रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ सबसे ऊपर है, जबकि तिरुवनंतपुरम दूसरे नंबर पर है.<br />हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर, अहमदाबाद और जबलपुर में भी परिवारों का औसत खर्च मुंबई के परिवारों से काफी ज्यादा है. लेकिन कुल उपभोग बाजार के मामले में बड़े महानगर अभी भी आगे हैं, क्योंकि वहां परिवारों की संख्या ज्यादा है.</p>
<p> </p>
<p><strong>सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शहर कौन से हैं?</strong><br />चंडीगढ़ प्रति परिवार औसत उपभोग के मामले में सबसे आगे है. वहीं, तिरुवनंतपुरम अभी दूसरे स्थान पर है. अमृतसर, अहमदाबाद और जबलपुर में भी औसत घरेलू खर्च मुंबई से ज्यादा बताया गया है. हालांकि, चंडीगढ़ की औसत सालाना घरेलू आय करीब 28.3 लाख रुपये बताई गई है. यहां परिवारों का खर्च भी देश के दूसरे शहरों के मुकाबले में काफी ज्यादा है. </p>
<p><strong>मुंबई-दिल्ली क्यों नहीं हैं टॉप पर?</strong><br />इस रिपोर्ट का मतलब यह नहीं है कि मुंबई या दिल्ली की खर्च करने की क्षमता कम हो गई है. आबादी और ज्यादा कमाई वाले परिवारों की संख्या बहुत ज्यादा होने की वजह से यह देश के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में शामिल हैं. बताया जा रहा है कि मुंबई में एक औसत परिवार की सालाना आय करीब 24.2 लाख रुपये है और वह करीब 14 लाख रुपये खर्च करता है. दिल्ली-एनसीआर में करीब 75 लाख परिवार हैं, जबकि मुंबई में करीब 46-47 लाख परिवार हैं. इसी बड़े परिवार के आधार की वजह से महानगर कुल खर्च के मामले में आगे रहते हैं. </p>
<p><strong>भारत के 100 शहरों में कितना होता है खर्च?</strong><br />रिपोर्ट के मुताबिक, देश के टॉप 100 शहर मिलकर सालाना करीब 844 अरब डॉलर का उपभोक्ता बाजार बनाते हैं. बड़ी बात यह है कि भारत की कुल आबादी का करीब 19% हिस्सा इन शहरों में रहता है, लेकिन ये शहर देश की इनकम और खपत में काफी बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं. वहीं आंकड़े में बताया गया कि इन 100 शहरों में एक औसत परिवार का सालाना घरेलू खर्च करीब 12.1 लाख रुपये है. यानी भारत की शहरी अर्थव्यवस्था में अब सिर्फ बड़े महानगर ही नहीं, बल्कि छोटे और तेजी से विकसित शहर भी शामिल हैं. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:21:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद, ट्रेनों में भीड़; दुर्घटनाओं का खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोकल ट्रेनों में भीड़ कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। इस परियोजना का लक्ष्य यात्रियों के लिए उपनगरीय रेल यात्रा को सुरक्षित और समयबद्ध बनाना था। हालांकि, इस पहल पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद, ट्रेनों में भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं का खतरा आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई महत्वपूर्ण कार्य जो इस परियोजना का हिस्सा थे, वे वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिससे इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43772/mumbai--despite-spending-thousands-of-crores-of-rupees--trains-are-crowded--prone-to-accidents"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-10t123730.071.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>लोकल ट्रेनों में भीड़ कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। इस परियोजना का लक्ष्य यात्रियों के लिए उपनगरीय रेल यात्रा को सुरक्षित और समयबद्ध बनाना था। हालांकि, इस पहल पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद, ट्रेनों में भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं का खतरा आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई महत्वपूर्ण कार्य जो इस परियोजना का हिस्सा थे, वे वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिससे इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।</p>
<p> </p>
<p>इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भीड़ कम करना, दुर्घटनाओं के जोखिम को नियंत्रित करना और ट्रेनों के देरी से चलने की समस्या को हल करना था। लेकिन  मुंबई शहरी परिवहन परियोजना  प्रोजेक्‍ट पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ और अव्यवस्था कम नहीं हो रही है। यात्रियों को अभी भी उसी तरह की असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे परियोजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। मुंबई में स्थानीय रेल यात्रियों को मौजूदा समय में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि शहर की कई महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं या फिर उन पर काम रुका हुआ है। इससे उपनगरीय ट्रेनों में भीड़ और असुविधाएं बनी हुई हैं।</p>
<p>मुंबई शहरी परिवहन परियोजना   प्रोजक्‍ट पर अब तक कितना खर्च हो चुका है और प्रोजेक्‍ट की है स्थिति?  मुंबई शहरी परिवहन परियोजना  4-1 4,500 करोड़ , 2003 के मध्‍य में शुरू हुआ और 2011 के मध्‍य में पूरा हुआ  मुंबई शहरी परिवहन परियोजना  -2 5,300 करोड़, 2027 में शुरू हुआ और 2027 में पूरा होने की संभावना है।  मुंबई शहरी परिवहन परियोजना  -3 10, 947 करोड़ खर्च, कुछ काम शुरू हुआ, बहुत प्रोजेक्‍ट अभी बाकी है।  मुंबई शहरी परिवहन परियोजना  -3B 33,690 करोड़ खर्च होंगे, मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है निविद प्र‍क्रिया लंबित है। कुर्ला-सीसएमटी का पांचवें सहायक मार्ग पर 7 हजार करोड़ खर्च होना है, अभी कार्य कागज पर ही है।  मुंबई शहरी परिवहन परियोजना   - 440 हजार करोड़ खर्च हो चुके हैं और मौजूदा स्थिति अभी अभ्‍यास व योजनाएं लंबित हैं। मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरणकी योजनाओं में एसी ट्रेन ओर नई रेलवे लाइन मुंबई शहरी परिवहन परियोजना  के तीसरे चरण, विशेषकर  मुंबई शहरी परिवहन परियोजना  -3A और 3B के विस्तार पर काफी ध्यान दिया गया है।</p>
<p>केंद्र और राज्य सरकारों ने संयुक्त रूप से 238 वातानुकूलित लोकल ट्रेनों की खरीद को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, लगभग 136 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन नई लाइनों में बदलापुर-कर्जत और असनगांव-काशारा जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर शामिल हैं, जिनका उद्देश्य मुंबई की उपनगरीय रेल व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। ये परियोजनाएँ मुंबई रेल विकास निगम  की देखरेख में हैं। मुंबई रेल विकास निगम  ने 15,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना भी घोषित की है, जो मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण (3B) का हिस्सा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मालगाड़ियों और लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक बनाना है, जिससे लोकल ट्रेनों को भीड़ और देरी से बचाया जा सके।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 12:38:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे : पैसे खर्च करने पर बन जाते हैं फर्जी दस्तावेज ! पांच साल में 509 घुसपैठिए गिरफ्तार...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ठाणे और आसपास के इलाकों में बां-ग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती संख्या अब चिंता का विषय बन गई है। पिछले पांच वर्षों में ठाणे सिटी पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 509 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। ये लोग न केवल फर्जी दस्तावेज़ों से आधार कार्ड बनवाते हैं, बल्कि कई आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल पाए गए हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39769/thane--fake-documents-can-be-made-by-spending-money--509-infiltrators-arrested-in-five-years"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download-(2)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ठाणे : </strong>ठाणे और आसपास के इलाकों में बां-ग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती संख्या अब चिंता का विषय बन गई है। पिछले पांच वर्षों में ठाणे सिटी पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 509 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। ये लोग न केवल फर्जी दस्तावेज़ों से आधार कार्ड बनवाते हैं, बल्कि कई आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल पाए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि हाल ही में अभिनेता सैफ अली खान के घर पर एक बांग्लादेशी द्वारा हमला किए जाने की घटना ने प्र-शासन को झकझोर दिया। इसके बाद ठाणे और मुंबई में बांग्लादेशियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज कर दी गई। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि ये घुसपैठिए बांग्लादेश से भारत की सीमा पार कर पश्चिम बंगाल और मेघालय के रास्ते देश में दाखिल होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल 5 से 20 हजार रुपये देकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते हैं, जिससे वे आसानी से आधार कार्ड बनवा लेते हैं और भारतीय नागरिक की तरह जीवन बिताने लगते हैं। घुसपैठ के बाद अधिकतर पुरुष निर्माण स्थलों पर मजदूरी करते हैं, जबकि महिलाएं बार, होटल और कभी-कभी देह व्यापार में भी शामिल हो जाती हैं। इनकी मौजूदगी न केवल सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है, बल्कि स्थानीय संसाधनों पर भी दबाव बढ़ा रही है।<br /><br />आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 से मार्च 2025 तक कुल 154 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें 509 बांग्लादेशी पकड़े गए। अकेले 2025 के पहले तीन महीनों में ही 43 नए मामले सामने आए हैं और 86 घुसपैठिए गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस द्वारा तलाशी अभियान लगातार जारी है और प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 10:27:22 +0530</pubDate>
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